स्मरण शक्ति कैसे बढ़ाएं?

शिक्षा में के क्षेत्र में याद अच्छी स्मरण शक्ति का होना काफी महत्वपूर्ण होता है. एक सामान्य मनुष्य में अच्छी याददाश्त तो होती ही है लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो सामान्य होते हुए भी अच्छी स्मरण शक्ति नहीं रखते. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की स्मरण शक्ति कैसे बढ़ाएं?

पढ़ने वाले छात्रों के लिए बहुत मुश्किल हो जाती है अगर उनकी याददाश्त कमजोर है. कमजोर याददाश्त वाले बच्चों को सवाल-जवाब को याद करने में काफी परेशानी होती है यहां तक कि उन्हें शिक्षक से प्रतिदिन सजा भी मिलती है.

हम सभी ने स्कूल में पढ़ा है और अगर आप एक विद्यार्थी हैं तो अभी स्कूल में पढ़ते हुए कई बच्चों को ऐसे जरूर देखते होंगे जो कम स्मरण शक्ति के कारण अपने वर्ग में शिक्षक के द्वारा काफी डांट सुनते होंगे. लेकिन यह कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है अगर इस पर ध्यान दिया जाए तो इस समस्या पर विजय प्राप्त किया जा सकता है.

इस लेख के माध्यम से हम आपको वह तरीके बताएंगे जिसके माध्यम से आप अपने स्मरण शक्ति को बढ़ा सकते हैं. अगर आप इस लेख को ध्यान से पढ़ते हैं तो आप अंत तक समझ जाएंगे की याद करने की शक्ति कैसे बढ़ाएं?

याद करने की शक्ति कैसे बढ़ाएं – How to improve Memory Power in Hindi?

याद करने की शक्ति कैसे बढ़ाएं
याद करने की शक्ति कैसे बढ़ाएं

पहले तो आपको यह समझना होगा कि हमारा दिमाग किस प्रकार से काम करता है अगर आप इसके कार्य करने की विधि को समझ जाते हैं तो आपके लिए यह आसान हो जाता है कि आप किस प्रकार से अपने मस्तिष्क को इस्तेमाल करना चाहते हैं.

कॉन्शियस माइंड

यह दिमाग का ऐसा भाग होता है जो हम वर्तमान में अपने शरीर को निर्देश देने के लिए इस्तेमाल करते हैं. जैसे मैंने यह निर्णय लिया है कि मैं अभी पढ़ने बैठूंगा और इस चैप्टर को खत्म करूंगा तो हो सकता है यह दिमाग इसके लिए तैयार हो जाए या फिर ऐसा भी महसूस करेगा कि अभी पढ़ने का बिल्कुल भी मन नहीं है.

लेकिन इस दिमाग को हम थोड़ा बहुत नियंत्रित आसानी से कर सकते हैं.

सबकॉन्शियस माइंड

यह हमारे दिमाग का एक ऐसा भाग होता है जो हमेशा सोया हुआ होता है लेकिन यह सबसे अधिक बलशाली होता है.

हमारे बोलने का तरीका, चलने का तरीका, हमारी आदतें यह सभी हमारे इस भाग में दिमाग के इस भाग में स्टोर या फिर कैसे सुरक्षित होता है और इसी के अनुसार हमारा शरीर भी प्रतिदिन वाले कार्य को करता है

दिमाग के इस भाग पर नियंत्रण एक ही तरीके से किया जा सकता है वह है कॉन्शियस माइंड. लेकिन फोन से स्माइल्ड को भी नियंत्रित करना इतना आसान नहीं है लेकिन हम अपने दृढ़ निश्चय से प्रतिदिन उस पर कमांड देकर उसे भी सबकॉन्शियस माइंड में पहुंचा सकते हैं. एक तरह से यूं कहें तो सबकॉन्शियस माइंड का जो रास्ता है उसका दरवाजा कॉन्शियस माइंड ही है.

यानी कि अगर हम अपने रोजाना के आदत को बदलना चाहते हैं और उसे सुधारना चाहते हैं तो हमें अपने कौन से माइंड को रोज यह बताना होगा कि मुझे यह काम इस तरह से करना है तब जाकर कुछ दिनों बाद हमारे सबकॉन्शियस माइंड में यह नई वाली आदत जुड़ जाएगी.

दिमाग कैसे काम करता है?

हमने ऊपर मैं आपको यह बताया कि दिमाग के काम करने का जो तरीका होता है वह दो भागों में बटा हुआ होता है जिसमें हमने आपको यह बताया कि कौन सा स्माइल्ड हमारे वर्तमान वाले काम को नियंत्रित करता है वही हमारे जो सबकॉन्शियस माइंड होती है वह सबसे शक्तिशाली भाग होता है.

हर इंसान के पास दिमाग होता है लेकिन कोई इसका इस्तेमाल कम मात्रा में करता है और कोई इसका इस्तेमाल अधिक मात्रा में करता है. जिस प्रकार हर इंसान के पास हाथ और पैर होते हैं फिर भी सबके दौड़ने की गति एक समान नहीं हो सकती तेज दौड़ता है तो कोई धीमी गति से दौड़ता है. तो जो धीमी गति से दौड़ते हैं वह हर रोज अभ्यास करने के लिए दौड़कर प्रयास करते हैं और इस प्रकार से अपनी गति को बढ़ाते हैं.

इसी प्रकार हम अपने दिमाग के याददाश्त को भी रोज के अभ्यास से बढ़ा सकते हैं जी हां यह बिल्कुल संभव है यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि अभ्यास पर निर्भर करता है. हम यहां पर आपको उन्हीं तरीकों के बारे में बताएंगे जिनको आपको अभ्यास करना है और आपका दिमाग भी अच्छी याददाश्त रखने में माहिर हो जाएगा.

याद करने की शक्ति बढ़ाने के लिए बेहतरीन उपाय

अभी तक तो हमने यह समझ लिया था कि दिमाग किस प्रकार से काम करता है वह और यह कितने भागों में विभाजित है इन के क्या कार्य हैं.

चलिए अब जान लेते हैं कि वह कौन से तरीके हैं जिनके द्वारा कोई भी इंसान अपने दिमाग की कार्य करने की क्षमता को बढ़ा सकता है.

1. सुबह जल्दी उठे और देर रात तक ना जागे

यहां पहले पॉइंट में हमने आपको बता ही दिया कि आपको हर दिन 7 से 8 घंटों की अच्छी नींद लेनी है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप सुबह 10:00 तक सोए रहे.

इंग्लिश में एक कहावत है अर्ली टू बेड एंड अर्ली टू राइज इसका अर्थ है कि जल्दी सोइए और जल्दी जागीर अगर आप हर रोज 9:00 से 10:00 के बीच में सो जाते हैं तो 5:00 से 6:00 के बीच आप सुबह में उठ सकते हैं और आपकी नींद पूरी हो जाएगी.

2. प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद ले

हमारा शरीर एक मशीन है और इसकी भी सीमाएं हैं. हमारे पास हर दिन 24 घंटे होते हैं जिसमें 7 से 8 घंटे अगर आप अच्छी नींद लेते हैं आपके दिमाग को अच्छी आधार देने में क्या पहला महत्वपूर्ण कदम होगा. पूरा शरीर अच्छी तरह से काम करें इसके लिए दिमाग को भी आराम देना जरूरी है.

अगर आप किसी डॉक्टर के पास भी जाएं और आपकी दिमाग से जुड़ी कोई शिकायत हो तो उनकी भी पहली सलाह यही होगी कि आप अच्छी नींद ले.

अच्छी नींद लेने के बाद जब कोई इंसान सुबह उठता है तो पूरी ताजगी के साथ उड़ता है और दिमाग भी फ्रेश हो जाता है. लेकिन यह सिर्फ 1 दिन नहीं करना है आपको हर दिन प्रकार की रूटीन को फॉलो करना है आपका पहला कदम सफलतापूर्वक साथ दे.

3. कंसंट्रेशन शीट के द्वारा अभ्यास करें

आप मार्केट जाए और किताब की दुकान में जाकर कंसंट्रेशन सीट खरीदें. एक प्रकार की रंगीन सीट होती है जिसमें डायग्राम बने हुए होते हैं. यह आपके दिमाग के विभिन्न भागों को एक्टिवेट करने का काम करते हैं.

जी हां मैंने इसका इस्तेमाल किया है और इसके प्रभाव को भी मैंने महसूस किया है. मैंने अपनी पढ़ाई के दौरान अपने कमरे के अंदर दीवार पर इस कंसंट्रेशन शीट को चिपकाकर प्रतिदिन इस्तेमाल किया है. इसके गजब के प्रभाव देखने को मिले मुझे.

लगातार आधे घंटे तक इस सीट को देखने पर अलग-अलग तरह की आकृतियां नजर आती है. जब आप इतनी देर तक उस सीट देखते रहेंगे तो विभिन्न कई प्रकार की आकृतियां उस सीट में दिखाई देंगी.

4. इंटरेस्ट पैदा करें

जब आप अपनी किसी पसंदीदा फिल्म को देखते होंगे तो क्या आप उसकी स्टोरी याद नहीं रखते? बिल्कुल आपको बहुत सारे डायलॉग भी याद हो जाते होंगे. क्या आपने उस वक्त याद करने की कोशिश की थी जब आप फिल्म देख रहे थे. जी नहीं.

आपको उस मूवी में इतनी ज्यादा इंटरेस्ट थी और इतना अधिक पसंद था कि वह आपको ऐसे ही बस देखकर याद हो गया. यह सबसे बड़ी वजह है रुचि. आप उस फिल्म को काफी रूचि से देख रहे थे जिसकी वजह से आपको बिना मेहनत किए हुए उसकी कहानी भी याद हो गई और उसके कई डायलॉग भी याद हो गए.

अगर आप यही रूचि अपने पढ़ाई में जगा लेंगे तो क्या आपको पढ़ाई से जुड़े हुए विषय याद नहीं होंगे. बिल्कुल याद होंगे बस आपको यह अपने दिमाग में बैठा लेना है कि. आपको यह पसंद है और आप यह सीखना चाहते हैं.

5. टॉपिक को वीडियो के माध्यम से देखें

मुझे जहां तक अनुभव हुआ है उससे यही पता चला है कि किताब पढ़ने से ज्यादा लोगों को विजुअल देखने किसी टॉपिक को अधिक समझ आती है. जिस प्रकार से पहले वाले पॉइंट में हमने आपको बताया कि मूवी देखने दो उसकी स्टोरी समझ में आ जाती है

जब किताबें पढ़ते हैं तो हमको नींद आती है. जूना क्यों ना जिस टॉपिक को पढ़ रहे हैं उस वीडियो ही देख कर भी उसे समझ ले

जी हां बिल्कुल आपको यह टॉपिक अच्छे से समझ में आ जाएगी. मान लीजिए बहुत सारे ऐसे टॉपिक भी होंगे जिसके बारे में आपको बिल्कुल कोई वीडियो नहीं मिलने वाला तो यहां पर आप एक काम कर सकते हैं कि उस टॉपिक को अपने आवाज में बोलकर रिकॉर्ड कर लीजिए और अपने मोबाइल फोन में उसे स्टोर करके रखिए पढ़े और जब जरूरत पड़े उसे खुद सुनिए.

6. विजुलाइजेश यानी कि दृश्य की रचना करें

क्या आपने अपने बचपन के समय में कभी अपने दादी या फिर नानी से कहानियां सुननी है. जब हम बचपन में होते हैं और कहानियां सुनते हैं तो सिर्फ सुनकर ही उसे विजुलाइज कर लेते हैं.

जी हां बिल्कुल एक फिल्म की तरह ही हमारे दिमाग में उसकी फोटो बनने लगती है. इस वजह से वह कहानी जो हमें हमारी दादी या नानी सुनाती है वह भी अच्छे ढंग से याद हो जाती है.

जब भी कभी उस कहानी को याद करते हैं या फिर दूसरे को बताते हैं तो वही दृश्य वापस लौट कर सामने आ जाते हैं. इसी को हम विजुलाइजेशन कहते हैं.

अगर आप आज के समय में इस विजुलाइजेशन तकनीक का उपयोग करते हैं तो आपको किसी भी प्रकार के टॉपिक को याद करने में आसानी हो जाएगी. चाहे फिर वह मैथ का फार्मूला हो या फिर केमिस्ट्री का कोई इक्वेशन.

7. स्मरण शक्ति बढ़ाने वाले चीजों को खाने में शामिल करें

दिमाग की याददाश्त को बढ़ाने के लिए खाने की चीजें बहुत ही फायदेमंद होती हैं, पत्तेदार हरी सब्जियां,, लहसुन दाल, दही पत्ता गोभी फूल गोभी सॉन्ग तरबूज गाजर लौकी चुकंदर शामिल है.

इसके अलावा इन सब में बादाम जरूर खाएं क्योंकि बादाम मेमोरी बढ़ाने में सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है.

निष्कर्ष

पढ़ने वाले बच्चों के लिए याददाश्त का अच्छा होना बहुत जरूरी है क्योंकि जब किसी याद नहीं रहती तो ना तो पढ़ाई अच्छी होती है और ना ही पढ़ने में मन लगता है.

हर इंसान अपने याद के अनुसार ही अपने कामों को भी कर पाता है. इस तरह की समस्याएं एक आम इंसान को भी हो सकती हैं जिसका दिमाग आमतौर पर सामान्य ही काम करता है. कभी-कभी ऐसी समस्याएं देखने को मिलती हैं क्योंकि वह अपने दिमाग से कोशिश ही नहीं करना चाहते.

इसीलिए आज के इस पोस्ट में हमने यह जानकारी दी कि याद करने की शक्ति कैसे बढ़ाएं. स्मरण शक्ति बढ़ाने के विभिन्न तरीकों के बारे में अभी हमने आपकी जानकारी थी. हम उम्मीद करते हैं कि यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा होगा.

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