Study Time Table कैसे बनायें?

क्या इस बार आप के बोर्ड के एग्जाम है और आप अपने एग्जाम में बहुत अच्छा नंबर लाना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि Study Time Table कैसे बनायें (how to make time table for study in Hindi).

चाहे पढ़ाई हो या फिर किसी तरह का बिजनेस या फिर जॉब हर जगह टाइम मैनेजमेंट बहुत ही जरूरी फैक्टर होता है. आपके दिमाग में अक्सर यह ख्याल आता होगा कि आखिर यह लड़का पढ़ने में इतना तेज कैसे है और क्यों यह हर बार टॉपर बन जाता है. इसके पीछे कोई जादू नहीं है बल्कि हार्ड वर्क तो होता ही है लेकिन इसके साथ ही स्मार्ट वर्क भी करना जरूरी होता है.

आप देखते हैं कि जो लड़के टॉपर होते हैं वह हर काम करते हैं और समय पर अपने रूटीन को भी फॉलो करते हैं और पूरा करते हैं. यही वजह है उनके टॉपर होने की.

अगर आप भी चाहते हैं कि टाइम टेबल के साथ आप पढ़ाई करें और आपको नहीं आता की टाइम टेबल कैसे बनाएं तो इस पोस्ट के माध्यम से आप जान जाएंगे की स्टडी करने का टाइम टेबल कैसे बनाएं और स्टडी करने वाले हर स्टूडेंट के लिए यह क्यों जरूरी है.

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पढ़ने का टाइम टेबल कैसे बनाए? 

study karne ka time table kaise banaye

क्या आप भी उन छात्रों में से एक हैं जो यह सोचते हैं कि आप कल से पढ़ाई शुरू कर लेंगे. और कल फिर यही सोचते हैं कि अरे एक ही दिन तो हुआ है 1 दिन अगर नहीं पड़ेंगे तो क्या दिक्कत है अगले दिन से पढ़ाई चालू कर लेंगे.

तो मैं आपको बता दूं कि इस तरह कि सोच रखने से आपको सफलता बिल्कुल नहीं मिल सकती है. और एक एक करके सारे दिन निकल जाएंगे. फिर आप पाओगे कि आप की तैयारी कुछ भी नहीं हुई और एग्जाम का समय नजदीक आ गया. उस वक्त जो टेंशन होगी फिर उस टेंशन में आप पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर सकेंगे.

आप ऐसा तो नहीं करते होंगे ना कि 1 हफ्ते का खाना एक ही दिन में खा लेते होंगे. आप अगर 1 दिन में तीन वक्त का खाना खाते हैं और उसमें एक वक्त का खाना भी छूट जाता है तो आपको भूख लग ही जाती होगी.

पढ़ाई भी ठीक इसी तरीके से है हमारा दिमाग हमारी सोच के अनुसार सेट हुआ रहता है. हम भी नहीं चाहते कि हम एक ही दिन में बहुत पढ़ाई कर ले और इस वजह से दिमाग भी उतना कैप्चर नहीं कर पाता है.

वहीं अगर हम हर दिन रूटीन के अनुसार थोड़े-थोड़े घंटे पर पढ़ाई करते हैं तो हमारा दिमाग भी उसको कैप्चर कर लेता है और सारी बातें याद रह जाती हैं. जिस तरह  थोड़ा थोड़ा खाना खा कर के हमारे शरीर को ताकत मिलती है और हम हर दिन काम कर पाते हैं.

ठीक उसी तरह से थोड़ी थोड़ी पढ़ाई करने से हमारे साल भर की एग्जाम की तैयारी भी बहुत अच्छी हो जाती है और हमारा दिमाग बहुत सारी बातों को आसानी से याद भी कर लेता है और एग्जाम में कोई परेशानी भी नहीं होती है.

देखिए भले ही आपको सारे विषयों में इंटरेस्ट लगे चाहे ना लगे पढ़ाई तो करनी होती और हर विषय में पास होना जरूरी है. लेकिन कोई भी सिर्फ पास होने के लिए पढ़ाई नहीं करता है वह अच्छे से अच्छे नंबर लाने के लिए कड़ी मेहनत करता है और जो स्मार्ट तरीके से तैयारी करते हैं.

इसके साथ स्टडी टाइम टेबल को पूरे साल फॉलो करके पढ़ाई करते हैं तो फिर उन्हें अच्छे नंबर जरूर आते हैं. जिन सब्जेक्ट में आपकी इंटरेस्ट नहीं है उसके लिए भी कुछ तो मेथड अपनाना पड़ता है जिससे कि उस विषय की अच्छे से तैयारी हो सके.

चलिए हम इन्हीं तरीकों के बारे में जानते हैं कि किस तरह पढ़ाई करने के लिए एक अच्छा टाइम टेबल बनाते हैं और किस तरह से फॉलो करते हैं. तो चलिए अब जान लेते हैं कि पढ़ाई करने के लिए टाइम टेबल बनाना हो तो उसमें किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.

स्टडी करने का टाइम टेबल कैसे बनाएं?

एक Schedule तैयार करें:

अगर आपको यह पता हो जाए कि आप क्या पाना चाहते हैं तो आपके लिए एक शेडूल का बनाना काफी आसान हो सकता है. इससे आपको यह भी पता चलेगा कि आप को किस क्षेत्र पर ज्यादा फोकस करना है और किस पर कम करना है.

1. पढ़ाई के लिए शॉर्ट टर्म और लोंग टर्म गोल बनाएं

यहां पर हमने शॉर्ट टर्म और लोंग टर्म के बारे में बताया है. शॉर्ट टर्म का मतलब यह है कि मान लीजिए आपका टेस्ट एक हफ्ते बाद है, या फिर आपको किसी प्रेजेंटेशन को याद करना है और उसके लिए सिर्फ 7 दिन बचे हुए हैं.

इस स्थिति में हम छोटे समय के लिए शेड्यूल तैयार करते हैं. 

लोंग टर्म का मतलब यह है कि हम जब हम किसी अकैडमी ईयर की तैयारी करते हैं या फिर एक सेमेस्टर के लिए हमें पढ़ाई करनी होती है तो इस सूरत में हम एक ऐसा शेडूल बनाते हैं जिसे हम लंबे समय के लिए फॉलो करते हैं.

अब यहां पर आपको यह डिसाइड करना है कि आपको इनमें से किस तरह का शेड्यूल तैयार करना है.

अगर आप बोर्ड का एग्जाम लिखने जा रहे हैं तो आपको पूरे 1 साल के लिए शेड्यूल तैयार करना है और पूरे साल उसी टाइम टेबल को फॉलो करके पढ़ाई करना है.

2. सिलेबस के अनुसार सभी सब्जेक्ट की लिस्ट बनाएं

अब यहां बात आती है कि हमें पहला काम क्या करना है जिससे हम अपने टाइम टेबल वाले काम को शुरू कर सकें. तो आप जान ले की सबसे पहले आपको एक लिस्ट बनानी है और अपने सभी विषय को उस लिस्ट मे लिखना है.

जब आप अपने सभी विषयों की लिस्ट तैयार कर लेते हैं जिनको आप को पढ़ना है तो अब आपको यह जानना है कि उनका सिलेबस क्या है उसमें क्या क्या टॉपिक पढ़ने हैं.

आपको किस विषय के लिए कौन से एक्स्ट्रा बुक्स की जरूरत है वह भी नोट कर ले और सारे टेक्स्ट बुक और गाइड कलेक्ट करके रखें.

3. अपने सब्जेक्ट की नॉलेज के स्ट्रैंथ के अनुसार प्रायरिटी सेट करें

अब आपको यह समझना है कि आपके लिए कौन सा विषय हार्ड है और कौन सा आसान है.

यह आपके सिवा और कोई नहीं बता सकता क्योंकि आप खुद के बारे में सबसे अच्छा जानते हैं. आपको हर विषय में अलग अलग से समय देना है और हर विषय पर ध्यान देना है भले ही वह आसान हो उसकी भी आपको पढ़ाई करना है.

ये नहीं कि यह सब्जेक्ट आप के लिए आसान है तो आप उस किताब को बिल्कुल ही नहीं देखेंगे. अकैडमी शुरू होते ही रूटीन के साथ पढ़ाई करने का यही फायदा है कि आप हर विषय में उसके लिए पर्याप्त समय दे सकेंगे.

यहां पर आपको उन विषयों को चुनना है जिनमें आप कमज़ोर हैं या फिर आपको वह सब्जेक्ट बहुत हार्ड लगते हैं. उनको अपने लिस्ट में सबसे ऊपर रखें और उस पर ज्यादा समय प्लान करें.

लेकिन जैसा मैंने बताया कि हर विषय पर आपको समय देना है. ऐसा नहीं कि जिस सब्जेक्ट में आप कमजोर हैं बस उसी को पढ़ रहे हैं और बाकियों को आपने पढ़ना छोड़ दिया है.

यह गलत तरीका है इससे आपके अच्छे विषय होने के बावजूद भी उनमे मार्क कम हो सकता है.

ऐसा देखा जाता है कि जो लड़के जिस विषय में बहुत अच्छे होते हैं उसी में खराब परफॉर्मेंस कर देते हैं.

इसकी सबसे बड़ी वजह होती हैं ओवर कॉन्फिडेंस और उस विषय को इग्नोर करना, उस पर समय ना देना. यह तो आप जानते ही होंगे कि समुद्र में वही डूबते हैं जिन्हें तैरना आता है, जो तैरना नहीं जानते वो तो समुद्र में उतरते भी नहीं.

हर विषय को उसकी कठिनता के अनुसार समय दें और उसी के अनुसार उसकी पढ़ाई करें.

4. पढ़ाई के अलावा भी अपना समय निर्धारित करें

एग्जाम की तैयारी करने का यह मतलब नहीं होता है कि आप 24 घंटे बाद पढ़ाई-पढ़ाई और बस पढ़ाई करते रहे. जब आपका शरीर और दिमाग दोनों फ्रेश होता है तभी अच्छे तरीके से पढ़ाई कर सकते हैं.

अगर आप कोई गेम खेलते हैं जैसे क्रिकेट, फुटबॉल या फिर कोई इनडोर गेम जैसे टेनिस इत्यादि तो उसके लिए भी आप समय शेडूल में टाइम सेट कर दे.

खेलकूद हमारे शरीर को तो मजबूत करते ही हैं यह हमारे दिमाग को भी फ्रेश कर देते हैं और हमारे जो पढ़ाई के बोझ होते हैं और टेंशन होती है उसको भी कम करते हैं.

घर में रहते हुए आपको घर के बहुत सारे काम भी करने होते हैं जैसे किसी इवेंट में जाना, किसी फंक्शन को अटेंड करना, घर के किसी फैमिली मेंबर को हेल्प करना, यह सारी मैनेजमेंट भी आपको खुद ही देखनी पड़ेगी और इनके टाइम को भी आपको इसमें इंक्लूड करके ही शेडूल को तैयार करना होता है.

5. हर रोज किए जाने वाले एक्टिविटी के लिए एक चेक शीट बना ले

आप एक बड़े पेपर को ले ले और उस पर 1 महीने का यानी कि 30 दिनों का ब्लॉक बना ले. 

हर दिन आप जो चैप्टर पढ़ रहे हैं और जो क्वेश्चन आंसर याद कर रहे हैं उनको वहां पर लिखते जाए.

इससे आपको पता चल जाएगा कि आप दिन भर में कितनी पढ़ाई कर रहे हैं. इससे आपको अंदाजा हो जाएगा कि आप की मेमोरी कैसी है.

1 दिन में आप अधिक से अधिक कितने क्वेश्चन आंसर सॉल्व कर सकते हैं या फिर याद कर सकते हैं.

जब आप दिन भर पढ़ाई करते हैं और शाम तक कुछ अपने दिमाग के अंदर डाल लेते हैं तो आपको बहुत खुशी महसूस होती है और इससे अगले दिन की पढ़ाई करने के लिए काफी कॉन्फिडेंस भी बढ़ जाता है. 

इस तरह आपको पता चल जाता है कि आपकी एबिलिटी क्या है और आपकी दिमाग की कैपेसिटी कितनी है. आप किस स्पीड से पढ़ाई करेंगे कि आपकी तैयारी समय रहते पूरी हो जाएगी.

6. प्रतिदिन रिवीजन करने का समय भी निर्धारित करें

आप पढ़ाई कितनी भी कर ले और अगर इसे एक बार भी रिवीजन कर लेते हैं तो फिर आपकी मेमोरी में यह परमानेंट तरीके से बैठ जाती है और पढ़ा हुआ टॉपिक याद हो जाती है.

मेरी राय में जो स्टूडेंट रिवीजन नहीं करते हैं वह एग्जाम के दिन पढ़े हुए टॉपिक भी अच्छी तरह से कंप्लीट नहीं कर पाते हैं.

इसीलिए साल के शुरुआत से ही पढ़ाई के साथ-साथ रिवीजन पर भी ध्यान दें तो फिर हर टॉपिक कंप्लीट तरीके से पूरी हो जाती है और दिमाग से बाहर नहीं निकलती.

7. अच्छी नींद को भी अपने शेडूल में डालें – हर दिन अच्छी नींद लें

जैसे कि मैंने आपको पहले ही बताया कि खेलकूद हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है साथ ही साथ हमारे दिमाग को भी फ्रेश रखते हैं.

इसके अलावा एक और चीज सबसे जरूरी है वह है अच्छी नींद का होना. क्योंकि कोई भी मशीन लगातार काम नहीं कर सकती है.

उसी तरीके से इंसानों का दिमाग भी लगातार काम नहीं कर सकता है. इसके लिए रेस्ट करना जरूरी है और इसी वजह से नींद को बहुत ही महत्व दिया जाता है.

हर इंसान को अच्छी नींद लेनी जरूरी होती है क्योंकि इसके बिना ना तो दिमाग फ्रेश रहेगा और ना तो शरीर ठीक से काम कर पाएगा. उल्टा अगर आप किसी रोज ठीक से नींद नहीं ले पाते हैं तो वह पूरा दिन आपका बेकार जा सकता है.

ना तो आपको पढ़ाई में मन लगेगा और ना ही कोई चीज याद होगी.

अच्छी नींद नहीं लेने से आपके पढ़ाई में बस नुकसान ही होगा और कुछ नहीं.

अपने व्यक्तित्व और आदत को पहचाने:

जैसा कि हम पहले ही जान चुके हैं कि हर इंसान एक दूसरे से अलग होता है और उनकी क्षमताएं भी अलग-अलग होती हैं.

जब आप पढ़ाई करते हैं तो खुद ही यह चीज समझते हैं कि किसी टॉपिक को पूरी तरह से कंप्लीट करने में आपको कितना समय लगता है.

अगर आप मैथ का कैलकुलेशन कर रहे हैं तो उसके फार्मूले आपको कितनी देर में याद होते हैं और आप एक क्वेश्चन बनाने में कितना समय लगाते हैं इस चीज को आप से बेहतर कोई नहीं जानता.

8. बनाए गए शेडूल का आकलन करें

आप अपने बनाए गए शेडूल को देखें कि यह आपके लिए फिट बैठ रहा है या नहीं. आपको इसमें कुछ बदलाव करने की जरूरत है या नहीं है.

अगर आपको लगता है कि आपके टाइम टेबल में कुछ बदलाव करने की जरूरत है तो उसे जरूर करें जो आपके लिए बेहतर. 

हो सकता है जो टाइम टेबल दूसरे के लिए बहुत अच्छा है वह आपके लिए फिट ना बैठ रहा हो और आप इस टाइम टेबल पर कुछ बदलाव करना चाहते हैं तो इसे बेशक करें क्योंकि जब तक आप कंफर्टेबल नहीं होंगे तब तक आपको इसे फॉलो करने में भी फायदा नहीं होगा.

9. अपने पढ़ाई करने के तरीके को समझें और उसमें सुधार करें 

हर इंसान के पढ़ाई करने का तरीका अलग होता है. कुछ लोग मैथमेटिक्स बहुत आसानी से समझ लेते हैं और कुछ लोगों को यह बहुत परेशानी भरा लगता है.

कुछ ऐसे स्टूडेंट होते हैं जिनकी मेमोरी बहुत अच्छी होती है और कोई भी टॉपिक वह बहुत जल्दी याद कर लेते हैं. वहीं कुछ ऐसे स्टूडेंट्स भी होते हैं जिन्हें टॉपिक जल्दी याद नहीं होते.

तो आप भी अपने पढ़ने के तरीके को समझें और इस बात का आकलन करें कि क्या यह काफी है यह इसमें कुछ बदलाव करने की जरूरत है.

अगर आप किसी टॉपर को देखते हैं और उसके पढ़ने के तरीके को देखते हैं तो हो सकता है कि आप उसके तरीके को फॉलो  ना कर सके क्योंकि आपके IQ लेवल और उसके IQ लेवल में डिफरेंस हो सकता है.

इसका मतलब यह नहीं कि अगर वह टॉपर है तो आप टॉपर नहीं बन सकते बिल्कुल बन सकते हैं लेकिन आपको अपने तरीके से पढ़ाई करनी होगी.

अगर आपकी याददाश्त कमजोर है, आप याद नहीं कर पाते हैं भूल जाते हैं. तो मेरी एक सलाह है कि आप हर रोज सोने के पहले पानी में बादाम भीगा ले और सुबह उठकर उसे खाएं.

आपकी याददाश्त तेज हो जाएगी यह मेरा खुद का आजमाया हुआ तरीका है और मैं इसे सिर्फ परीक्षा के समय में ही इस्तेमाल किया करता था. वैसे आप इसका इस्तेमाल हमेशा कर सकते हैं.

जिन्हे सवाल जवाब याद करने में दिक्कत होती है वो ये पोस्ट जरूर पढ़े और समझे की अच्छी तरह सवाल जवाब याद कैसे करे?

10. अपनी पढ़ाई के महत्व को समझें

अगर आप  स्कूल के स्टूडेंट है तो हो सकता है आपको यह बात समझ में ना आई हो की पढ़ाई का क्या महत्व है और अगर आप एक कॉलेज के स्टूडेंट है तो फिर आपको यह अच्छे से समझ में आता होगा कि हर इंसान के लिए पढ़ाई कितनी जरूरी है.

जब तक आप अच्छे से पढ़ाई नहीं करते तब तक आप को परीक्षा में सफलता नहीं मिल सकती है.

अपने बनाए गए Schedule को फॉलो करें:

11. शेडूल के टाइम का सदुपयोग करें

जब आप एक शेड्यूल तैयार कर लेते हैं और उसको फॉलो करना भी शुरू कर देते हैं तो उसमें कभी-कभी आपका दिया गया समय ज्यादा लगने लगता है यानी कि आपको कोई टॉपिक पढ़ना है और आप उसे समय से पहले पूरा कर लेते हैं तो इस बीच आपको काफी समय भी बच जाता है.

इसका मतलब यह नहीं है कि आप उस बचे हुए समय को वेस्ट करें. यहां सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप उस बचे हुए समय में कोई पुराने टॉपिक का रिवीजन कर ले.

यानी कि 1 मिनट भी आपके लिए कीमती होता है और उस कीमती समय का हमेशा सही उपयोग करें.

12. छोटे-छोटे ब्रेक लेकर पढ़ाई करें

कभी भी लगातार घंटों तक पढ़ाई ना करें. अक्सर देखा जाता है कि कुछ बच्चे लगातार घंटों तक पढ़ाई करते हैं. इस तरह ज्यादा देर पढ़ने से जो टॉपिक बच्चा पढता है वह ठीक से कंप्लीट भी नहीं हो पाता है.

इसकी वजह यह है कि हम दिमाग को बीच में रेस्ट नहीं देते हैं. आप को इस बात का हमेशा ध्यान रखना है कि हर 1-2 घंटे पढ़ने के बाद 5 से 10 मिनट का ब्रेक जरूर ले. इससे लंबा ब्रेक भी ना ले.

13. शेडूल को हंड्रेड परसेंट फॉलो करने की कोशिश करें

पढ़ाई के लिए अगर टाइम टेबल बनाते हैं तो उसे फॉलो करना भी जरूरी है.

टाइम टेबल बना लिया और उसे फॉलो कर ही नहीं रहे हैं और फिर सोचेंगे कि अच्छा रिजल्ट आ जाए तो यह कैसे मुमकिन हो सकता है.

स्टूडेंट प्लानिंग तो कर लेते हैं लेकिन टाइम टेबल को फॉलो करने में ही कोताही करते हैं जिसकी वजह से समय बीतता जाता है और एग्जाम के समय में वह अच्छा परफॉर्मेंस नहीं दे पाते हैं.

इसीलिए शेड्यूल को हंड्रेड परसेंट फॉलो करें. इसके लिए स्ट्रांग डिटरमिनेशन बनाकर रखें कि आपको यह शेड्यूल फॉलो करना है और इसके अनुसार ही पढ़ाई करनी है.

14. अपने दोस्तों के साथ ही अपने डेली रूटीन के बारे में डिस्कस करें

अपने शेड्यूल के बारे में दोस्तों के साथ डिस्कस करें. जब हमारा एग्जाम होता है और हम पढ़ाई करते हैं उसी बीच हमारे कई दोस्त ऐसे भी होते हैं जो बार-बार पढ़ाई के दौरान बुलाते हैं जिसने हमारा ध्यान भी भटक जाता है.

यहां पर सब से ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि आप अपने दोस्त के साथ अपना शेडूल जरूर शेयर करें और उसे बताएं कि आप किस वक्त फ्री होते हैं और किस वक्त आप उनसे बात कर सकते हैं. इससे आपको डिस्टरबेंस नहीं होगा और आप अच्छे से पढ़ाई कर सकेंगे.

पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाने के फायदे

  • हमें अपने गोल तक पहुंचने में मदद करते हैं.
  • एग्जाम की अच्छी तैयारी हो जाती है.
  • अधिक से अधिक टॉपिक आसानी से कवर हो जाता है.
  • अच्छा रिजल्ट मिलता है
  • टाइम मिसमैनेजमेंट को ट्रैक करने में मदद मिलता है.
  • लोंग टर्म पढ़ाई में बहुत फायदा होते हैं
  • पढ़ाई में हो रहे हैं प्रोग्रेस का अंदाजा मिल जाता है.
  • टाइम का अच्छा उपयोग होता है.

संक्षेप में

एक स्टूडेंट के लिए पढ़ाई करने के लिए डेली रूटीन को फॉलो करना कितना जरूरी है यह भी आप बहुत अच्छे तरीके से समझ गए होंगे. हार्ड वर्क करने वाले बहुत होते हैं लेकिन जो स्मार्ट वर्क करते हैं सफलता उन्हीं के लिए होती है.

जब कोई टाइम टेबल बनाता है और उस पर लिखे गए प्रोसेस के अनुसार अपने कामों को करता है. हर विषय पर उसके अनुसार समय देता है तो इससे काफी अच्छी तैयारी हो जाती है. जिसकी वजह से एग्जाम के समय में ना ज्यादा टेंशन होता है और ना ही हड़बड़ी होती है.

इस पोस्ट के माध्यम से आप को यह बताया की शेड्यूल तैयार करके पढ़ाई करने में कितने फायदे हैं. इसके अलावा आपने यह भी जाना की पढ़ाई के दौरान सिर्फ पढ़ाई करने से नहीं होता बल्कि उसके अलावा भी कई एक्टिविटीज होती हैं जो महत्वपूर्ण होती है जैसे कि अच्छी नींद का होना और साथ में अपने शरीर को फिट रखने के लिए खेलकूद भी करना.

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको अपने डेली रूटीन बनाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी.

अगर आप इस पोस्ट को फॉलो करते हैं तो आप भी अपनी पढ़ाई के लिए एक अच्छा टाइम टेबल बना सकते हैं और फिर उसे फॉलो करके पढ़ाई में टॉप भी कर सकते हैं. इसीलिए आज के पोस्ट में आप ने जाना कि पढ़ने का टाइम टेबल कैसे बनाए.

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