Software क्या है और इसके प्रकार क्या हैं?

आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे की सॉफ्टवेयर क्या है (What is software in Hindi)? अभी इंसान हर वक़्त मोबाइल, लैपटॉप, tab  में लगा रहता है.  जितने भी काम है सारे इन devices की मदद से ही करते हैं. लेकिन कभी आपने सोचा है की आखिर ये डिवाइस काम कैसे करते हैं?

नहीं !…..

तो मैं आपको बता दू की ये सभी डिवाइस सॉफ्टवेयर की वजह से ही काम करते हैं. हर काम के लिए अलग S/W होता है. सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं (Types of software in Hindi)? और ये कैसे काम करते हैं ? ये भी हम आगे जानेंगे. आज से अगर कुछ वक़्त पीछे की बात करे जब कंप्यूटर इतनी चलन में नहीं था. हम मनोरंजन करने के लिए T.V देखा करते थे और म्यूजिक सिस्टम में गाने सुना करते थे. लेकिन आज स्मार्टफोन में ही म्यूजिक प्लेयर और MX प्लेयर में ही मूवीज और सांग सब देख सुन लेते हैं.

ऑनलाइन बात करने के लिए Whatsapp, fb messanger सॉफ्टवेयर use करते हैं. Important notes हम स्मार्टफोन के नोटबुक या MS Word में लिख लेते हैं. किसी भी नए जगह में घूमने के लिए गूगल map का use करते हैं. डिजाइनिंग के लिए photoshop और Picsart का use करते हैं. जॉब के लिए अप्लाई करना हो तो घर बैठे ही Naukri.com के App से resume submit करते हैं. ये सब सिर्फ और सिर्फ SW की वजह से possible हो सका है. बस आपको सोचना है की आप क्या काम करना चाहते हैं सभी के लिए SW पहले से बने हुए हैं.  अब आप भी ये जानने को उत्सुक हो गए होंगे की आखिर सॉफ्टवेयर क्या होता है software in Hindi language ? और इतने सारे काम कैसे कर लेता है. ये कितने प्रकार का होता है? तो बिना देरी किये हुए चलिए शुरू करते हैं.

सॉफ्टवेयर क्या है – What is Software in Hindi

Software Kya hai- What is software in Hindi

Definition of Software in English:

“Software is a set of instructions or programmes instructing a computer to do specific tasks.”

हिंदी में सॉफ्टवेयर की परिभाषा क्या है? ये भी जान लेते हैं.  सॉफ्टवेयर बहुत सारे instruction या programmes का सेट होता है जो कंप्यूटर को ख़ास काम करने के निर्देश देता है.

कंप्यूटर या स्मार्टफोन में हम जितने भी काम करते हैं उन हर एक काम के लिए अलग अलग SW होता है. उदाहरण के लिए हम रोज़ इंटरनेट use करते हैं उसके लिए Google chrome और UC browser use करते हैं. Documents बनाने के लिए MS word, फोटोज एडिट करने के लिए Photoshop, वीडियो चलाने के लिए VLC media player का इस्तेमाल करते हैं.

अब आप ही बताओ ये सब काम जिस के जरिये आप करते हैं वो सब क्या है? जी हाँ आपने सही समझा Google Chrome, Photoshop, PicsArt, UC browser. ये सभी SW हैं. कंप्यूटर और मोबाइल में जो operating system होता है वो भी प्रोग्राम है जिसके बिना कंप्यूटर start भी नहीं हो सकता.

सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को किसी काम को perform करने के लिए  instructions देता है और कंप्यूटर उस काम को पूरा करता है. SW ऐसी चीज़ है जो physically available नहीं होता।  इसे हम टच नहीं कर सकते है. SW को बनाने के लिए High-level programming language का use किया जाता है. अब आपके मन में बहुत सारे सवाल आ रहे होंगे की आखिर ये programs या instruction  क्या होते हैं programming language का use कैसे करते हैं. तो चलिए जानते हैं इन सभी facts को और भी विस्तार में.

Instructions and Programmes

Instruction एक आर्डर होता है जो कंप्यूटर program, कंप्यूटर processor को देता है. हर instruction 0 और 1 के sequence से बना हुआ होता है. यही instruction कंप्यूटर को physical काम करने के लिए निर्देश देता है जैसे की (addition या जोड़ना ). जब हम दो नंबर्स को Add करना चाहते हैं तो कंप्यूटर के memory में save किया हुआ instruction काम करता है और हमारे दोनों नंबर्स को जोड़ कर हमे शो कर देता है. इस तरह अलग अलग काम के लिए अलग अलग instruction memory में save रहते हैं.

जब कई सारे instruction एक साथ मिलते हैं तो जाकर एक प्रोग्राम बनता है. ये समझने में आपको ज्यादा दिक्कत नहीं होनी चाहिए की किसी सॉफ्टवेयर में अलग अलग function होते हैं. चलिए इसे एक उदाहरण से समझते हैं. MS Word अगर आप उसे करते होंगे तो आपको इसमें बहुत सरे फीचर्स मिलते हैं. जैसे नई फाइल बनाना, Picture add, Heading डालना, resume बना के उसे प्रिंट करना.

तो MS Word एक SW है जिसमे बहुत सारे programmes हैं. और हर एक प्रोग्राम छोटे छोटे instruction को मिलकर बना हुआ होता है. मान लीजिये हमे MS Word में फोटो से जुड़ा कोई  काम करना है. इसके लिए फोटो से जुड़ा एक प्रोग्राम लिखा हुआ रहता है. और फोटो से जुड़े काम जैसे फोटो के साइज को छोटा बड़ा करना फोटो को क्रॉप करना, फोटो के lighting को सेट करना. इनके लिए अलग अलग बहुत सारे instruction लिखे हुए रहते हैं.

अब आप instruction और प्रोग्राम क्या है समझ गए होंगे. तो अब आप ये जानना चाहते होंगे की आखिर ये instruction और प्रोग्राम कैसे लिखे जाते हैं. Instruction और प्रोग्राम लिखने के लिए programming language का use किया जाता है. तो चलिए जान लेते हैं की programming language क्या होता है? और इस से किसी instruction और प्रोग्राम को कैसे लिखा जाता है.

Programming Language

कंप्यूटर हमारी भाषा नहीं समझता. कंप्यूटर सिर्फ programming language को समझता है. तो हम अपनी बात कंप्यूटर को समझाने के लिए programming language का इस्तेमाल करते हैं. इसका मतलब आप समझ गए होंगे की programming language का उपयोग हम कंप्यूटर से बात करने के लिए करते हैं.

Programming language कीवर्ड्स के सेट, syntax, symbols aur semantics का उपयोग कर के instruction लिखने के लिए प्रयोग किए जाते हैं. तो जब हमे कुछ काम करना होता है तो उसके अनुसार ही उसके लिए keywords, symbols और syntax का use कर के instruction लिखे जाते हैं जिससे एक प्रोग्राम बन जाता है. और बहुत सारे programmes तैयार कर के एक सॉफ्टवेयर बन जाता है. programming language बहुत सारे हैं जिनके इस्तेमाल से बड़े बड़े सॉफ्टवेयर बनाये जाते हैं. जैसे JAVA, Oracle, Fox Pro, DBase, COBOL, MySQL, PHP, .NET अलग अलग programming langauge हैं.

सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं?

हम पहले ही ये जान चुके हैं की सॉफ्टवेयर क्या है. इसको बनाने के लिए programming language का नॉलेज होना बहुत जरुरी है. क्यों की SW बहुत सारे instruction और प्रोग्राम्स का सेट होता है. इसके अंदर जरुरत के अनुसार function के लिए instruction के रूप में codes लिखे जाते हैं. ये प्रोग्रामर ही कर सकते हैं. जिन्हे programming language का अच्छा ज्ञान होता है.

जो programming language की पढाई कर के knowledge रखते हैं वो सॉफ्टवेयर Developer यानि आईटी कम्पनीज में जॉब करते हैं. जैसा SW की जरुरत होती है उसके अनुसार programmers का ग्रुप बनाकर एक SW में मिलकर काम करते हैं.

तो इस तरह एक अकेला प्रोग्रामर भी SW बना सकता है लेकिन इसमें काफी टाइम लगता है. लेकिन group of programmers इसी काम को जल्दी कर लेता है. कम्पनियां एक फिक्स टाइम दे देती है की जिस डेट में उस प्रोजेक्ट को पूरा कर लेना होता है. सॉफ्टवेयर बनाने वाली आईटी कंपनियों में Infosys, TCS और WIPRO बहुत फेमस हैं.

सॉफ्टवेयर के प्रकार क्या है – Types of Software in Hindi

हम रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में बहुत सारे SW का इस्तेमाल कर के अपना काम चुटकी बजाकर कर लेते हैं. चाहे वो सिंपल कैलकुलेटर हो या फिर IRCTC App का use कर के घर बैठे टिकट बुक करना हो. हर काम में हम SW का ही सहारा लेते हैं. लेकिन ये सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं?  तो मैं बता दूँ की सॉफ्टवेयर 2 प्रकार के होते हैं.

  1. System Software
  2. Application Software

सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या है – System Software in Hindi

सॉफ्टवेयर जिसकी मदद से कंप्यूटर काम करता है. यानि इन सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर खुद काम नहीं कर सकता वैसे SW को सिस्टम सॉफ्टवेयर बोलते हैं.  सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर और इसके अलावा सभी इनपुट और आउटपुट devices को भी चलाने के लिए काम करता है. जैसा की आप कंप्यूटर में कोई प्रिंटर कनेक्ट करते हैं तो उसके लिए ड्राइवर इनस्टॉल करना पड़ता है. जिसकी वजह से कंप्यूटर उस डिवाइस के साथ जुड़ पाता है और उसे भी काम करने में मदद करता है.

सिस्टम सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर खुद भी नहीं चल सकता और न ही उससे जुड़ा कोई हार्डवेयर जैसे इनपुट और आउटपुट डिवाइस काम कर सकता है. जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम Mac OS, Linux, Android, Windows 7 , Windows 8 ये सभी ऑपरेटिंग सिस्टम हैं. इन के बिना कंप्यूटर या मोबाइल ON भी नहीं हो सकता.

सिस्टम SW एक प्लेटफार्म है जिसके जरिये सारे devices काम करते हैं. सिस्टम सॉफ्टवेयर जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम के ऊपर हम दूसरे SW इनस्टॉल कर सकते हैं. जिस पर normally हम काम करते हैं. ये भी डिफरेंट types के होते हैं तो चलिए जानते हैं विस्तार से.

Operating System

ऑपरेटिंग सिस्टम अगर कहा जाये की ये कंप्यूटर की आत्मा है तो गलत नहीं होगा. जिसके बिना कंप्यूटर हार्डवेयर किसी काम के नहीं. ऑपरेटिंग सिस्टम ही वो जरिया है जिसकी मदद से हम कंप्यूटर के हर हार्डवेयर तक पहुँच पाते हैं. या फिर हार्डवेयर को काम करने के लिए निर्देश दे पाते हैं.

ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर और कंप्यूटर के बिच इंटरफ़ेस यानि एक ब्रिज की तरह काम करता है. जैसे की Windows 10 कंप्यूटर का एक ऑपरेटिंग सिस्टम है. इस तरह के कई ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं. एंड्राइड मोबाइल के लिए use होने वाला सबसे पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम है. ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली फेमस कम्पनिया Microsoft, Google और Apple हैं.

Device Drivers

मैंने आपको पहले ही बताया है की किसी भी इनपुट/आउटपुट डिवाइस को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए ड्राइवर इनस्टॉल करना पड़ता है. ड्राइवर्स ऑपरेटिंग सिस्टम को बताता है की डिवाइस क्या है और उसे पहचानने में मदद करता है. ड्राइवर्स के बिना कंप्यूटर का OS किसी भी हार्डवेयर को सपोर्ट नहीं कर पाता.

Language Translators

Transaltor एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है High और Low level language को machine language में translate करता है. जैसे assambler, interpreter और compiler ये कुछ translators हैं. Assambler low level language को translate करता है. जब की compiler हाई लेवल लैंग्वेज को translate करता है और interpreter line by line एक एक कर के translate करता है. इसके कुछ उदाहरण हैं C++, Java, COBOL.

Utility Programs

Utility program सिस्टम सॉफ्टवेयर होते हैं जो कंप्यूटर का विश्लेषण, configuration, optimization और maintain करने के लिए use किये जाते हैं. ये कंप्यूटर infrastructure को सपोर्ट करता है. ये directly task को perform करते हैं जिससे users को सपोर्ट मिलता है. इसके उदाहरण हैं Antivirus, Memory testers, Network utilities, Screensavers,  Disk checkers, Backup SW ये सभी प्रोग्राम्स कंप्यूटर को किसी भी तरह से सपोर्ट ही करते हैं.

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है – Application Software in Hindi

कंप्यूटर बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? ये किस लिए बनाया गया. जी हाँ ये हमारे काम को आसान करने के लिए बनाया गया है. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ऐसे SW होते हैं जिन पर हम अपना काम करते हैं. जबकि सिस्टम सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में काम करते हैं. जिसकी वजह से एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उसके ऊपर सपोर्ट कर पाते हैं.

तो कुल मिलकर आप ये समझ ले की जिस SW से कंप्यूटर काम करता है और जो बैकग्राउंड में run कर के कंप्यूटर को चलता है वो सिस्टम सॉफ्टवेयर है. जबकि वैसे SW जिस पर हम और आप काम करते हैं उसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बोलते हैं.

Application SW भी run करने के लिए सिस्टम SW पर निर्भर करते हैं. हम जो SW हर दिन use  करते हैं उसे मोबाइल के लिए Apps के नाम से भी जानते हैं.  ये एक तरह से हमारी ज़रूरत को पूरा करता है. तो चलिए जानते हैं की एप्लीकेशन SW कितने तरह के होते हैं.

Word Processing Software

डॉक्यूमेंट से जुड़े सारे काम करने के लिए word processing software का इस्तेमाल करते हैं. इस तरह के SW ज़्यादातर ऑफिस  में इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे SW का उपयोग किसी भी डॉक्यूमेंट को create कर सकते हैं. उसमे सुधार करने के लिए उसे एडिट कर सकते हैं. Microsoft office word processing के लिए सबसे ज्यादा प्रयोग होता है. इसके अलावा Wordpad और Notepad का भी प्रयोग करते हैं.

Database Software

इस तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हम डेटाबेस को create और manage करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसमें हम बहुत सारी जानकारी को एक साथ रख कर उसे मैनेज कर सकते हैं. इसको हम शार्ट में DBMS यानि database Management System भी कहते हैं. DBMS के रूप में use होने वाले SW Fox Pro, DBase, MS-Excel, Oracle हैं.

Multimedia Software

हम जो हर रोज़ गाने सुनते हैं और वीडियोस देखते हैं उसके लिए कंप्यूटर में हम बहुत सारे multimedia SW का इस्तेमाल करते हैं. अलग अलग extension के लिए हम अलग अलग multimedia players SW होते हैं. इसके कुछ उदाहरण Windows media player, VLC Media player, KM Player हैं.

Presentation Software

जब हमे project related कुछ काम करना होता है और उसे दुसरो लोगो के सामने शो करना होता है. तो ऐसे में हम presentation SW का इस्तेमाल करते हैं. presentation सॉफ्टवेयर में हम एक एक टॉपिक के लिए अलग से slides बनाकर उसे अपने clients को शो करते हैं. जैसे Microsoft Powerpoint, Keynotes इस के लिए use होने वाले SW हैं.

Educational Software

ऐसे केटेगरी के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हम अपनी पढाई के लिए करते हैं. इस के अंतर्गत Dictionaries Encarta, Britannica Mathematical, MATLAB, Google Earth, NASA World wind आते हैं.

Internet Browser

दुनिया में हर रोज़ बहुत सारे लोग इंटरनेट से जानकारी निकालते हैं. इंटरनेट एक्सेस करने के लिए जिस SW या एप्लीकेशन का प्रयोग करते हैं उसे वेब ब्राउज़र बोला जाता है. कंप्यूटर और मोबाइल जैसे हर तरह के प्लेटफार्म के लिए browser का इस्तेमाल करते हैं. Google Chrome, UC browser, Mozilla Firefox, Internet Explorer Internet browser के उदाहरण  हैं.

Designing Software

ग्राफ़िक डिजाइनिंग और मल्टीमीडिया रिलेटेड डिजाइनिंग के लिए हम डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. इसमें घर का नक्शा, animation, मशीन डिज़ाइन इत्यादि काम करते हैं. इस तरह की केटेगरी में जो सॉफ्टवेयर आते हैं उसके कुछ उदाहरण ये हैं जैसे Auto CAD, MAYA 3D, SolidWorks etc.

सॉफ्टवेयर कैसे ख़रीदे – How to Purchase Software in Hindi

सॉफ्टवेयर को हम कई तरह से खरीद सकते हैं.

Shareware –  Shareware में सॉफ्टवेयर को फ्री या ट्रायल के रूप में बांटा जाता है जिसमे कुछ वक़्त के लिए फ्री में इस्तेमाल करने दिया जाता है उसके बाद लाइफटाइम यूज़ करने के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं.

Liteware – ये भी एक तरह का shareware होता है जिस में सिर्फ कुछ features दिए जाते हैं. अगर आपको सारा feature चाहिए तो फिर आपको उस सॉफ्टवेयर का premium version पैसे देकर खरीदना होगा.

Freeware – इस तरह से सॉफ्टवेयर को बिलकुल फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन इस में restriction होता है.

Public Domain Software – इस तरह के सॉफ्टवेयर बिना किसी retriction के डाउनलोड कर सकते हैं.

Open Source – इस में source code furnished कर दिया जाता है जिस में यूजर इस बात की सहमति करते हैं improvements limit नहीं करता है.

संक्षेप में

दोस्तों आज की ये जानकारी सॉफ्टवेयर क्या है (What is software in Hindi) आपको जरूर अच्छी लगी होगी. इसके साथ ही आपको ये भी जानने को मिला की सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं  और इसके प्रकार क्या क्या होते हैं.  इस पोस्ट के माध्यम से हमने सॉफ्टवेयर इन हिंदी लैंग्वेज बताने की कोशिश की है और हम सभी जानते हैं की अपने हर तरह के काम के लिए हम अनगिनत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. ये सभी सॉफ्टवेयर हमारे बहुत सरे काम को आसानी से करने में हमारी मदद करते हैं.

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10 COMMENTS

  1. Hello wasim bhai,
    You are doing great work
    Kya main jaam skta hai Mobile ke liye notepad++ jaisa koi android app hai.

    Keep it up

  2. sir maine c language sikhi hai or ab java sikna chahta hu .kya aap bata sakte hai .java ka source code ki pdf ya koi book jisse self study kar saku .

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