पीडब्ल्यूडी ऑफिसर कैसे बने?

पीडब्ल्यूडी का मतलब पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट होता है यह एक सिविल इंजीनियरिंग कोर्स है जिसके तहत इस क्षेत्र में डिग्री हासिल करके पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट ऑफिसर बना जा सकता है या पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट की जॉब ज्वाइन की जा सकती है पर पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट क्या है पीडब्ल्यूडी ऑफिसर कैसे बने पी डब्लू डी ऑफिसर बनने के लिए क्या-क्या करना होता है वह आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको इन सभी के बारे में जानकारी देंगे

पीडब्ल्यूडी सिविल इंजीनियरिंग कोर्स काफी बेहतर कोर्ट माना जा रहा है क्योंकि आज के समय में इस सिविल इंजीनियरिंग कोर्स की बहुत ज्यादा डिमांड बढ़ रही है हर क्षेत्र में सिविल से जुड़े कोई न कोई कार्य या कोई प्रोजेक्ट चालू रहते हैं.

और उनमें काम करने वाले सिविल इंजीनियर होते हैं ऐसे में अगर कोई बंदा पीडब्ल्यूडी सिविल इंजीनियरिंग पोस्ट करता है और पीडब्ल्यूडी ऑफिसर बनता है तो इन फ्यूचर उसको अच्छी जॉब मिलने की चांसेस रहती है इसके साथ ही वह अच्छे पैसे भी कमा सकता है

पीडब्ल्यूडी सिविल इंजीनियर बनने के लिए कुछ सालों तक कॉलेज में रिकॉर्ड करना होता है उसको को अच्छे से पास करने के बाद तथा कॉलेज में सिविल इंजीनियर के प्रोजेक्ट के तहत प्रैक्टिस भी कराई जाती है ऐसे करके सिविल इंजीनियर कोर्स पास करके सिविल इंजीनियर में पीडब्ल्यूडी ऑफिसर बना जा सकता है –

पीडब्ल्यूडी में सिविल इंजीनियर कैसे बने

सिविल इंजीनियर बनने के लिए विद्यार्थियों को बहुत कड़ी मेहनत करनी होती है। दसवीं तथा बारहवीं की क्वालिफिकेशन हासिल करने के बाद सिविल इंजीनियर का 3 साल का कोर्स करना होता है। जो साधारण तो हर कॉलेज में यह कोर्स उपलब्ध होता है। यह कोर्स 2 तरीके से कर सकते हैं। सिविल इंजीनियर कोर्स पूरा करके सिविल इंजीनियर बन सकते हैं। और पीडब्ल्यूडी ऑफिसर बनने के लिए गवर्नमेंट द्वारा निकाली गई वैकेंसी में फॉर्म भर के तथा उस परीक्षा को उचित अंकों के साथ पास करके पी डब्लू डी ऑफिसर बना जा सकता है। अब इस जॉब को आप कैसे पा सकते है इसके लिए आर्टिकल को अंत तक पढ़े-

ये भी जाने –

1. जूनियर सिविल इंजीनियर

सिविल इंजीनियर क्षेत्र का यह कोर्स 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 2 साल का पॉलिटेक्निक डिप्लोमा करके हासिल किया जा सकता है। इस कोर्ट को जूनियर सिविल इंजीनियर इसलिए कहते हैं।क्योंकि यह दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सिर्फ 2 साल पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के साथ कंप्लीट होता है। और यह कोर्ट कंप्लीट करने के बाद आप जूनियर सिविल इंजीनियर बन सकते हैं। इस सिविल इंजीनियर कोर्स के पश्चात पीडब्ल्यूडी नहीं बन सकते पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में अपनी जॉब हासिल कर सकते हैं।

2. सीनियर सिविल इंजीनियर

यह कोर्स 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात होता है। इसमें 12वीं कक्षा में 60 फीट भी अंक होने जरूरी होते हैं। उसके पश्चात आपको सिविल इंजीनियर के इस कोर्स को करने की अनुमति प्रदान होती है। यह कोर्स 3 साल का होता है। इस कोर्स को करने के पश्चात आप सिविल इंजीनियर बन सकते हैं। इसे सीनियर सिविल इंजीनियर कोर्स इसीलिए कहते हैं।

क्योंकि यह बारहवीं कक्षा के पश्चात आने वाला कोर्स है। इस कोर्स के तहत आपको कई सारे प्रोजेक्ट में भी जाने का मौका मिलता है। और प्रैक्टिकल तौर पर सिविल इंजीनियर बनने का मौका मिलता है।इस कोर्स को करने के पश्चात आप पीडब्ल्यूडी ऑफिसर के लिए अपना आवेदन भर सकते हैं।और पी डब्लू डी ऑफिसर वैकेंसी में पास होकर पीडब्ल्यूडी ऑफिसर बन सकते हैं। इसके अलावा सिविल इंजीनियर के कई और भी कोर्स होते हैं जो 3 से 4 साल के बीच पूरे होते हैं।

जो स्टूडेंट बीटेक का कोर्स पूरा कर लेता है। वह चाहे तो एमटेक का कोर्स तो पूरा कर सकता है।इसके अलावा जो विद्यार्थी रिसर्च तथा शिक्षामित्र में प्रवेश करना चाहते हैं। वह विद्यार्थी सिविल इंजीनियर में पीएचडी भी कर सकते हैं। सिविल इंजीनियर में पीएचडी करने वाले विद्यार्थी सिविल इंजीनियर के आने वाले स्टूडेंट को पढ़ा सकते हैं।तथा सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में सिविल इंजीनियर लेक्चरर बन सकते हैं।

पीडब्ल्यूडी सिविल इंजीनियर के कौन-कौन से कोर्स है

सिविल इंजीनियर के लिए कुछ कोर्स 3 साल के होते हैं। तो कुछ और 4 साल के होते हैं और दसवीं के बाद पॉलिटेक्निकल कोर्स सिर्फ 2 साल का ही होता है। लेकिन पॉलिटेक्निकल कोर्स करके आप पी डब्लू डी ऑफिसर नहीं बन सकते बाकी सभी को जो 3 साल के और 4 साल के हैं उन्हे पुरा करके पी डब्लू डी ऑफिसर बना जा सकता है।

  • डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन सिविल इंजीनियरिं
  • एमटेक इन सिविल इंजीनियरिं
  • बी ई इन सिविल इंजीनियरिं
  • एम ई इन सिविल इंजीनियरिंग
  • पीएचडी इन सिविल इंजीनियरिंग
  • सर्टिफिकेट कोर्स इन बिल्डिंग डिज़ाइन
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स इन कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
  • पोस्ट ग्रेजुएट इन सिविल इंजीनियरिंग
  • ग्रेजुएशन इन सिविल इंजीनियरिंग
  • सर्टिफिकेट कोर्स इन कंस्ट्रुक्शन्स सुपरवाइजर
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा ( 10th के बाद)

पीडब्ल्यूडी क्या है पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट ऑफिसर का क्या काम होता है

पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट एक सरकारी ऑर्गेनाइजेशन यह संगठन है। जो राज्य स्तर पर कई सार्वजनिक कार्य तथा सरकारी कार्य जैसे सड़कें, पुल, बिल्डिंग बनाना ,उसके साथ ही फ्लोर रोड और अन्य सभी सरकारी काम इस डिपार्टमेंट में किए जाते हैं।पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत शहरों में शुद्ध पानी की व्यवस्था करना। टूटी सड़कों को ठीक करना। फटे पाइपलाइन को चेंज करके पानी की व्यवस्था को सुनिश्चित करना। विद्यालय निर्माण, अस्पताल निर्माण तथा पुरानी बिल्डिंगों में मर मत व नव निर्माण का कार्य भी पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है।

पीडब्ल्यूडी का पूरा नाम पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट है। इसका हिंदी में अर्थ लोक निर्माण विभाग है। यह एक ऐसा कार्य है जो सेंट्रल गवर्नमेंट के अंतर्गत आता है। और अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग डिपार्टमेंट के साथ संपन्न किया जाता है।

पीडब्ल्यूडी से कौन-कौन से इंजीनियर जुड़े होते हैं

पीडब्ल्यूडी में कई प्रकार के इंजीनियर शामिल होते हैं पीडब्ल्यूडी में इलेक्ट्रिक इंजीनियर, सॉफ्टवेयर – हार्डवेयर इंजीनियर, एग्रीकल्चर इंजीनियर,मैकेनिकल इंजीनियर, सिविल इंजीनियर इत्यादि इस डिपार्टमेंट से जुड़े रहते हैं सिविल इंजीनियर भी एक इंजीनियर का ही भाग है इसके अंदर कंस्ट्रक्शन से जुड़े सभी कार्य संपन्न होते हैं। कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में सड़कों से लेकर रेलवे लाइन तक का काम सिविल इंजीनियर के अंतर्गत ही आता है।

पीडब्ल्यूडी में सिविल इंजीनियर का क्या काम होता है

पीडब्ल्यूडी में सिविल इंजीनियर कंस्ट्रक्शन का काम करता है। जैसे कोई बिल्डिंग जांच घर का नक्शा तैयार करना कोई मैप बनाना। इस कार्य में कितना समय लगता है इसका मूल्यांकन करना। इस कार्य में कितना खर्चा आता है इसका मूल्यांकन करना। कौन-कौन से मटेरियल यूज़ होंगे इसका मूल्यांकन करना ।सारी कैलकुलेशन करना।

इस प्रकार के सारे काम सिविल इंजीनियर करता है। और पीडब्ल्यूडी में सिविल इंजीनियर कंस्ट्रक्शन के तौर पर यह सभी काम संपन्न करता है। सिविल इंजीनियर लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर काम करवाता है। यह ऐसे कार्य सरकार के आदेश के बाद ही ध्यान पूर्व तथा बड़ी सावधानी के साथ संपन्न होते हैं और संभले जाते हैं।

पीडब्ल्यूडी में रोजगार के क्या-क्या अवसर है

इस फील्ड में सिविल इंजीनियर के बहुत सारे अवसर प्रदान होते हैं। पीडब्ल्यूडी सिविल इंजीनियर के क्षेत्र में बहुत सारे कार्य को हैंडल करता है। और इस क्षेत्र में कार्यरत होने के लिए बहुत ज्यादा रोजगार का अवसर प्रदान होता है। सिविल इंजीनियर को अच्छी खासी सैलरी दी जाती है। सिविल इंजीनियर के पोस्ट पर जॉब पाने के लिए बहुत ज्यादा वैकेंसी निकाली जाती है।

क्योंकि एक राज्य में एक साथ हजारों जगह पर काम सरकार द्वारा संपन्न होता है। इतना सारा काम संभालने के लिए बहुत सारे सिविल इंजीनियर की जरूरत होती है। यहां तक कि गवर्नमेंट हो या प्राइवेट क्षेत्र दोनों में भी सिविल इंजीनियर की बहुत ज्यादा अहमियत होती है। और ज्यादा संख्या में रोजगार पाने का अवसर प्रदान होता है।क्योंकि कंस्ट्रक्शन का काम एक ऐसा काम है जो किसी भी समय बारिश को छोड़कर बंद नहीं होता है। इसलिए इस क्षेत्र में लगातार रोजगार के अवसर भी उपलब्ध है।

कृषि क्षेत्र में गवर्नमेंट हर साल सिविल इंजीनियर के कुछ पदों के लिए वैकेंसी निकलती है। भारत के गवर्नमेंट हर साल जहां से 5000 भर्तियां सिविल इंजीनियर के लिए निकालते हैं इसका आवेदन आप ऑनलाइन कर सकते हैं।

हर वक्त पीडब्ल्यूडी वैकेंसी कब निकलती है। जिसमें बड़ी संख्या में कैंडिडेट अप्लाई करते हैं। और इस एग्जाम की तैयारियां करते हैं। हालांकि एग्जाम की तैयारी करना तथा उस वैकेंसी में अपना सलेक्शन करवाना काफी डिफिकल्ट भी है। क्योंकि 5000 पदों की भर्तियों पर बहुत ज्यादा अभ्यर्थी फॉर्म भरते हैं।पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट के अलावा किसी दूसरी फील्ड में जॉब भी सिविल इंजीनियर 5 सकते हैं। जैसे रेलवे डिपार्टमेंट यहां कोई प्राइवेट डिपार्टमेंट रेलवे डिपार्टमेंट भी एक गवर्नमेंट डिपार्टमेंट है। लेकिन यह एक सेपरेट डिपार्टमेंट है।

पीडब्ल्यूडी सिविल इंजीनियर को कितनी मिलती है सैलरी

पी डब्ल्यू सिविल इंजीनियर चाहे जूनियर हो या सीनियर अधिकारी सैलेरी कमा सकता है।पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में काम करने वाले जूनियर इंजीनियर की सैलरी 12000 से 15000 प्रति माह तक मिलती है। तथा दोस्त सीनियर सिविल इंजीनियर है। उनकी सैलरी 20000 से 25000 प्रतिमाह मिलती है। और जो कैंडिडेट सीनियर सिविल इंजीनियर के तहत पीडब्लूडी ऑफिसर बन जाते हैं उनकी सैलरी 60000 से 70000 प्रतिमाह मिल जाती है।

कई विदेशी कंपनियां बी पी डब्लू डी ऑफिसर को दूसरे देश के लिए हायर करती है ऐसे में उसकी सैलरी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और भारतीय रुपयों में उनकी सैलरी 200000 से 300000 के करीब होती हैं।

इसके साथ ही और भी कई ऐसी फैसलिटी होती है जो इस पद पर चयनित होने वाले व्यक्ति की प्रदान की जाती है. अच्छी सैलरी और अच्छी फैसलिटी के कारण काफी युवा आज इस सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते है इस वजह से इसमें कम्पटीशन भी काफी बढ़ गया है सो अब अगर आप इस नौकरी को पाना चाहते है और इस मुकाम को हासिल करना चाहते है तो बेहतर ढंग से इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दे. तभी आप इस कम्पटीशन लेवल को तोड़ते हुए यहाँ तक पहुंचने में सफलता हासिल कर सकते है. और अपने सपनो को पूरा कर सकते है.

निष्कर्ष

आज नई इमारतों का निर्माण काफी किया जा रहा है इसलिए अगर आप इस जॉब को पाना चाहते है तो यह आपके कैरियर के लिए काफी अच्छा विकल्प है लेकिन जैसा कि दोस्तों आज किसी भी एग्जाम को पास करना काफी मुश्किल होता जा रहा है।

क्योकि आज देश का हर युवा नौकरीं पाने के लिए काफी मेहनत करता नजर आ रहा है जिस कारण सरकारी नौकरी के साथ – साथ प्राइवेट नौकरी में भी काफी कंपटीशन बढ़ता जा रहा है।

तो ऐसे में अगर आप pwd ऑफिसर बनना चाहते है तो इसके लिए आपको काफी मेहनत करनी होगी तभी आप इसके परीक्षा को पास कर सकते हिउ।

बाकी इस नौकरीं के बारे में लगभग हम आपको सभी जानकरी दे चुके है जो कि आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। आशा करता हूँ कि दी गयी जानकारी आपके लिए मह्त्वपूर्ण साबित हुई होगी। आप हमे कमेंट करके भी बता सकते है कि आज का यह आर्टिकल आपके लिए किस प्रकार हेल्पफुल रहा है, और अगर कुछ पूछना चाहते है तो कॉमेंन्ट करके पूछ भी सकते है। धन्यवाद।

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