Internet क्या है और इसे किसने बनाया है? इसके फायदे और नुकसान।

क्या आपको मालूम है की आखिर ये इंटरनेट क्या है (What is internet in hindi). कभी आपने सोचा है की हर वक़्त आप जिस इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं आखिर वो शुरू कैसे हुआ इंटरनेट के जनक कौन हैं और इंटरनेट किसने बनाया?  साथ ही कभी ये जानने की कोशिश की इंटरनेट का मालिक कौन है? आज का वक़्त ऐसा है की अगर आपके पास सिर्फ मोबाइल है और उसमे इंटरनेट नहीं तो फिर वो किसी काम का नहीं है.

क्यों?

इस सवाल का जवाब मुझे देने की जरुरत नहीं है. इसका जवाब आपके पास ही है.

आज लोग मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ बात करने के लिए ही नहीं करते. जो काम नार्मल कंप्यूटर करते हैं ठीक वही काम एक स्मार्टफोन भी कर सकता है. अगर थोड़े बहुत काम को छोड़ दे तो. आज के पोस्ट में आप इंटरनेट के बारे में पुरे विस्तार से जानेंगे. आजकल लोग हर प्रॉब्लम को तो मैनेज कर लेते हैं. लेकिन अगर मोबाइल में बैटरी और खासकर इंटरनेट न हो फिर तो जैसे दुनिया उसके लिए बेकार ही है. कुछ लोगो के लिए इसके बगैर जीना भी मुश्किल है.  आज का युथ ऐसा हो चूका है की उसके पास कुछ हो चाहे न हो मोबाइल में नेट जरूर होना चाहिए. एक वक़्त बिना खाना के रह सकते हैं लेकिन इंटरनेट के बिना नहीं रह सकते.

पहले का वक़्त हुआ करता था जब लोगों के पास वक़्त गुजरने के लिए कुछ नहीं था. लोग तरह तरह के एक्टिविटीज गेम्स या फिर एंटरटेनमेंट के लिए कुछ किया करते थे. लेकिन अभी लोगो के पास टाइम ही नहीं है. नेट और मोबाइल में वक़्त कब गुजरता है पता भी नहीं चलता. अब हर सवाल का जवाब हमे नेट पर जरूर मिल जाता है. तो आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे की इंटरनेट के फायदे और नुकसान क्या क्या हैं. लेकिन इससे पहले जान लेते हैं की इंटरनेट क्या होता है और इसका इतिहास क्या है. 

इंटरनेट क्या है (What is Internet in Hindi)

इंटरनेट किसे कहते है इस सवाल का जवाब अगर आसान शब्दों में कहे तो इंटरनेट एक दूसरे से जुड़े कई कम्प्यूटर्स का बहुत बड़ा जाल है जो पूरी दुनिया में फैला हुआ है. ये नेटवर्क और सर्वर के माध्यम से किसी भी कंप्यूटर को एक साथ जोड़ता है. टेक्निकल भाषा में कहे तो इंटरनेट पूरी दुनिया को जोड़ने वाला ऐसा नेटवर्क सिस्टम है जो डाटा को अलग अलग जगहों से TCP/IP का इस्तेमाल कर के पूरी दुनिया के कम्प्यूटर्स में transmit करता है. जब पूरी दुनिया के कंप्यूटर जुड़ के एक नेटवर्क बनाते हैं तो उसे Globel network बोला जाता है.

आप जो वेबसाइट खोलते हैं उसमे आर्टिकल पढ़ते हैं वीडियोस देखते हैं वो दुनिया की किसी भी हिस्से से हो सकता है. और वो डाटा दुनिया के किसी भी कोने से देखा जा सकता है. डाटा के रूप में video,audio,text.image कुछ भी हो सकता है. दुनिया में जितने भी वेबसाइट होते हैं उनके सारे डाटा को नेट में सेव या स्टोर कर के रखा जाता है. जिस जगह स्टोर कर के रखा जाता है उसे ही वेब होस्टिंग कहा जाता है.

अगर आपको नहीं पता की वेब होस्टिंग क्या है और कैसे काम करता है तो आप इसे यहाँ से पढ़ सकते हैं. नेट में डाटा को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए router और server का इस्तेमाल करते हैं.

Internet kya hai What is Internet in Hindi

Internet Definition in Hindi (इंटरनेट की परिभाषा)

यहाँ मैं आपको इंटरनेट से जुडी कुछ रोचक बातें बता रहा हूँ. जिससे आपको इंटरनेट क्या है? ये समझने में आसानी होगी. आपके नेट के बारे में नॉलेज इसको पढ़ के थोड़ी और बढ़ जाएगी.

  • इंटरनेट पूरी दुनिया के कम्प्यूटर्स से जुड़ने के बाद बना हुआ बहुत बड़ा नेटवर्क है.
  • इससे डाटा को एक कम्प्यूटर से दुनिया के किसी भी कंप्यूटर में भेज और रिसीव कर सकते हैं.
  • जब कुछ कम्प्यूटर्स को एक साथ जोड़ा जाता है तो उसे नेटवर्क बोलते हैं. इस तरह के बहुत सारे छोटे नेटवर्क जब मिलकर एक नेटवर्क बनते हैं तो ये ग्लोबल नेटवर्क बन जाता है.
  • इसे दूसरे वर्ड्स में वर्ल्ड वाइड नेटवर्क भी बोल सकते हैं.
  • नेट से जुड़े हुए हर कंप्यूटर की अलग अलग पहचान होती है. इस स्पेशल पहचान को ही IP Address (Internet Protocal) बोलते हैं. IP Address नंबर्स का एक यूनिक सेट होता है. हर कंप्यूटर के लोकेशन को डिफाइन करता है जैसे (202.165.12.114).
  • इस IP Address को डोमेन नाम के इस्तेमाल से एक नाम दे दिया जाता है जैसे example.com एक नाम है.
  • अब यहाँ सवाल ये उठता है की हम तो कम्प्यूटर्स को switch off भी करते हैं जबकि वेबसाइट को कभी भी खोलते हैं तो खुल जाता है.
  • तो यहाँ जानने वाली बात ये है की जो कम्प्यूटर्स वेबसाइट को स्टोर करते हैं उसे सर्वर कहा जाता है. सर्वर ऐसे कंप्यूटर होते हैं जो हमेशा ON रहता है. 24/7 वेबसाइट चलती रहे इसके लिए सर्वर को हर वक़्त चालू रखा जाता है.
  • मैंने बैंगलोर की एक होस्टिंग प्रोवाइडर कंपनी के सर्वर रूम को खुद भी देखा है. सर्वर रूम साइज में काफी बड़े होता हैं जहाँ पर सर्वर्स सिस्टम को रेक में रखा जाता है. ये सर्वर 24 hours लगातार काम करते रहते हैं.

इंटरनेट किसने बनाया और इसके जनक ( Father of Internet in Hindi)

बहुत से लोगों को ये US Department of Defense ने ARPANET प्रोजेक्ट के जरिये इंटरनेट की बुनियाद रखी. इस प्रोजेक्ट को develop करने में मुख्य योगदान Robert Taylor और Lawrence Roberts ने दिया. 1969 में पहली बार ARPANET के जरिये मैसेज भेजा गया. जिसके लिए California University (Los Angeles) के प्रोफेसर Leonard Kleinrock के laboratory से दूसरे नेटवर्क स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टिट्यूट को जोड़ के नेटवर्क की रचना की गई.

1970 में Internet Protocol Suite (TCP/IP) को Robert E. Kahn और Vint Cerf ने develop किया था जो की ARPANET में standard internet protocol बन गया. अगर सही मायने में कहा जाये की इंटरनेट किसने बनाया है या अभी जो नेट हम इस्तेमाल करते हैं वो कहाँ से आया. तो मैं आपको बता दूँ की इंटरनेट के जनक, father of internet Robert E. Kahn और Vint Cerf  हैं.

Internet का इतिहास ( History of Internet in Hindi)

अगर हम यहाँ बात करेंगे की इंटरनेट कब शुरू हुआ था तो वो साल था 1969. ये वही दिन था जब पहली बार एक से ज्यादा कंप्यूटर को जोड़ कर एक नेटवर्क तैयार किया गया. और इन नेटवर्क के बिच मैसेज को send किया गया. इसके बाद क्या था बस ये विकसित होता चला गया. और आज 5g का युग आ चूका है आगे भी ये बढ़ता रहेगा. तो चलिए एक नज़र डाल लेते हैं की इंटरनेट शुरू होने के बाद से अब तक हमारे पास कैसे पहुंचा.

  • इंटरनेट के लिए पहली बार ARPANET के नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया गया. Advance Research Project Agency Network नाम से इसको American defense department ने 1969 में develop किया.
  • ARPANET को सीक्रेट रूप से war के बिच मैसेज भेजने के लिए बनाया गया था.
  • 1972 में Retamolins ने पहली बार ईमेल मैसेज सेंड किया. इस तरह से ईमेल मैसेज का उपयोग बढ़ता चला गया. इस तरह ये नेटवर्क बहुत ही पॉपुलर हो गया.
  • इसके बाद 1979 में पहली बार इंटरनेट का ब्रिटिश पोस्ट ऑफिस में टेक्नोलॉजी के रूप में इस्तेमाल किया गया.
  • धीरे धीरे 1984 के आने तक इस नेटवर्क से 1000 कम्प्यूटर्स जुड़ चुके थे.
  • अब ऐसा होने लगा की इसका इस्तेमाल दूसरे सेक्टर्स में भी होने लगा और इसका नेटवर्क फैलता चला गया.
  • फिर 1986 में इंटरनेट को NSFNET नाम दिया गया. और इसने पूरी दुनिया में अपने महत्व को साबित कर दिया था.

Internet के फायदे और नुकसान (advantages and disadvantages of internet in hindi)

इंसानो के लिए खाना जरुरी है लेकिन ज्यादा खा लेने से पेट ख़राब हो जाता है. ठीक उसी तरह नेट सही इस्तेमाल करने से फायदा बहुत है. लेकिन ज्यादा और गलत इस्तेमाल से इससे नुकसान भी बहुत है. तो चलिए जानते हैं की इंटरनेट के लाभ और नुकसान क्या क्या है.

इंटरनेट के फायदे या लाभ (Advantages of Internet in Hindi)

इंटरनेट के बारे में सभी वैसी ही बात बोलते हैं जो हर चीज़ के लिए बोली जाती है. किसी भी चीज़ को जरुरत के हिसाब से इस्तेमाल करने से बहुत सारे फायदे हैं. नेट से फायदे इतने हैं की इसकी कोई सीमा नहीं है. अभी के वक़्त में तो नेट में नॉलेज का भंडार छुपा हुआ है. साथ ही साथ नेट से घर बैठे बैठे बहुत सारे काम भी पुरे हो जाते हैं. चलिए थोड़ा डिटेल में जाने.

  • आज के वक़्त में फेसबुक और व्हाट्सएप्प ऐसी सर्विसेज हैं जो हर स्मार्टफोन यूजर जरूर इस्तेमाल करता है.  इन सर्विसेज के फायदे इतने हैं की voice message और video से भी बात कर सकते हैं. इसका सबसे अनोखा लाभ ये है की लोगो के बीच की दूरी ख़तम हो चुकी है.
  • एजुकेशन के एरिया में नेट बहुत फायदा देता है. दुनिया में बहुत सी वेबसाइट हैं जो फ्री और पेड है और जो एजुकेशन के लिए courses भी करवाती है.
  • एक बहुत बड़ा उपयोग जो इसका किया जाता है वो हैं एंटरटेनमेंट. MP3 songs, video,movies सभी नेट में आसानी से देखे जा सकते हैं.
  • यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म में millions of videos, songs, movies हैं जिससे लोग अपना मनोरंजन करते हैं.
  • Amazon, Flipkart, Snapdeal जैसी बहुत सारी कम्पनीज हैं जो ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों को होम डिलीवरी की सर्विस देते हैं.
  • नेट के जरिये हम अपने बिज़नेस को लाखों क्रोरो लोगों तक कुछ ही दिनों में पहुंचा सकते हैं.
  • इस का लाभ हमें Gas bill, electricity bill,credit card bill,Mobile bill, DTH bill pay करने में भी मिलता है.
  • Blogging, Youtube videos, affiliate marketing और ऑनलाइन survey कर के लोग लाखों रूपए घर से ही कमाते हैं.

इंटरनेट के नुकसान (Disadvantage of Internet in Hindi)

दोस्तों दुनिया में हर चीज़ की एक सीमा होती है. लिमिट से आगे बढ़ने का मतलब है की हम फिर नियम का उल्लंघन कर रहे हैं. ठीक उसी तरह इसके भी हज़ारो लाखों फायदे हैं इससे बहुत सारे लाभ मिलते हैं. लेकिन हर सिक्के के जैसे 2 पहलु होते हैं ठीक उसी तरह इंटरनेट के साथ भी है.

  • कुछ लोगो को नेट की इतनी बुरी लत लग जाती है की उसे किसी काम का ख्याल नहीं रहता. और ऐसे में लोग बस अपने वक़्त की बर्बादी करते हैं.
  • हम सोशल मीडिया में अपने बारे में बहुत सारी डिटेल्स डालते हैं. जो की कभी कभी बुरे लोगो के जरिये access कर ली जाती है. जो हमारे लिए बहुत हानिकारक हो सकता है.
  • हमारे अकाउंट का गलत उपयोग भी नेट में किया जा सकता है.
  • कभी कभी कुछ लोग rumors भी फैला देते हैं. भले ही वो wrong information हो नेट में उसे वायरल होने में बिलकुल भी टाइम नहीं लगता है.
  • जब से नेट बना है तबसे वायरस अटैक होता रहा है. ये सबसे बड़ा खतरा है जो किसी भी इनफार्मेशन को destroy कर के लाखो करोड़ों का नुकसान कर सकता है.
  • आजकल बच्चों को भी मोबाइल दे दिया जाता है. मोबाइल में पोर्नोग्राफी कंटेंट्स को access करना बहुत आसान है. इससे बच्चों पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है.
  • कभी कभी सोशल मीडिया साइट्स और ग्रुप्स में अकाउंट को access कर के बुरे messages को छोड़ दिया जाता. ये messages ऐसे भी होते हैं जो समाज पर बुरा असर डालते हैं.

मेरी अंतिम राय इस लेख पर

मैं आशा करता हूँ आपको ये पोस्ट  इंटरनेट क्या है (What is internet in Hindi) पसंद आयी होगी. इंटरनेट आज पूरी दुनिया में कोने कोने में इस्तेमाल किया जाता है. पहले इसका इस्तेमाल कम होता था लेकिन अब सबके हाथ में ये उपलब्ध है. इस पोस्ट में आपने ये भी जाना की इंटरनेट का इतिहास क्या है. इंटरनेट किसने बनाया और इटरनेट के फायदे और नुकसान क्या हैं.

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Internet क्या है और इसे किसने बनाया है? इसके फायदे और नुकसान।
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16 Comments

  1. Banibrata Das September 5, 2018
  2. Deepanshu September 5, 2018
    • wasim akram September 5, 2018
  3. Vishal September 5, 2018
    • Wasim akram September 5, 2018
  4. Satyabrat September 6, 2018
    • wasim akram September 6, 2018
  5. Tanmoy September 20, 2018
  6. Dipanshu September 20, 2018
  7. Amar November 12, 2018
    • wasim akram November 12, 2018
  8. Akhilesh November 13, 2018

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