Google क्या है और किसने बनाया है?

ऐसा जमाना आ चुका है जहां आप किसी को नहीं कह सकते हैं कि यह मेरे से कम जानते हैं इसका सबसे बड़ा कारण है इंटरनेट और इसमें सबसे अहम भूमिका है गूगल की. आपको भी जरूर मालूम होगा कि आखिर यह गूगल क्या है और यह किस देश की कंपनी है.

जिसके पास स्मार्टफोन है वह इसका इस्तेमाल करता है और चुटकी बजाते ही किसी भी जानकारी तक पहुंच जाता है. भले ही दुनिया के किसी हिस्से में भी कोई घटना घटी हो उसकी जानकारी भी हमें यह दे देता है लेकिन आज भी कई ऐसे लोग हैं जिन्हें सच में नहीं पता कि गूगल क्या चीज है तो मैं आपको बता दूं कि.

गूगल एक सर्च इंजन है जिसमें हम किसी भी तरह के जानकारी को उसके कीवर्ड या शब्द के द्वारा ढूंढ कर निकालते हैं या खोजते हैं. इसीलि इसे एक सर्च इंजन कहा जाता है.

मनोरंजन जे लिए हम यूट्यूब में रोज़ कुछ वीडियोस देखते हैं, जानकारी के लिए गूगल में ही सर्च करते हैं और किसी नए जगह में घूमने के लिए गूगल मैप की मदद लेते हैं. इन सभी एक कॉमन चीज़ है वो है गूगल. तो आइए अब हम जानते हैं इसके बारे में की गूगल किसने बनाया है इन हिंदी और गूगल कैसे काम करता है.

Google kya hai hindi

गूगल क्या है – What is Google in Hindi?

Google एक अमेरिकन Multinational public Company है. इसके अलावा ये एक सर्च इंजन भी है और इसीलिए हम सभी के बीच गूगल सर्च इंजन के नाम से पॉपुलर है. जो सर्च इंजन के साथ ही और भी सेवाएं देता है जैसे हम और आप ईमेल एड्रेस, स्टोरेज ड्राइव, मैप, प्ले स्टोर, एक्ससेल शीट, वर्ड डॉक्यूमेंट, विज्ञापन, यूट्यूब के रूप में भी इसका प्रयोग करते हैं. 

ये तो आप भी मानेंगे की आजकल हमलोग हर वक़्त गूगल से जुड़े हुए रहते हैं. आप अगर एंड्राइड का स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो जो की गूगल के द्वारा दी जाने वाली सेवा है.

भारत में जब से इंटरनेट की सेवा सस्ती हुई है तब से लोगों के ऑनलाइन वीडियो देखना भी आसान हो चूका है और लोग मनोरंजन के लिए हर दिन यूट्यूब में अपनी मनपसंद वीडियो देखते हैं.

इंटरनेट की दुनिया में गूगल को राजा कहा जाये तो गलत नहीं होगा. Alexa दुनिया के सभी वेबसाइट की ट्रैफिक के अनुसार लिस्ट बनाती है जिसमे गूगल नंबर 1 पर है क्यों की इसे सबसे ज्यादा visit किया जाता है.

इसके प्रोडक्ट जैसे यूट्यूब नंबर 2 पर और ब्लॉगर के साथ बाकि सभी इस लिस्ट में टॉप 100 में ही होते है.

Google में हर सेकंड 40,000 कीवर्ड सर्च किये जाते है.  जिसका मतलब है की एक दिन में 5.7 करोड़ सर्च queries ये प्रोसेस करता है.

अब तो आप समझ गए होंगे की इसे सबसे ज्यादा ट्रैफिक कैसे मिलती है. गूगल के माध्यम से लोगों को अनेक तरह जानकारी सर्च करने की सुविधा दी जाती है. गूगल हमे वेबसाइट, फोटो, न्यूज़, मैप इत्यादि बहुत तरह के जानकारी लाकर के देता है.

जब हम Google.com का होमपेज खोलते हैं तो देखने में बहुत ही साधारण इंटरफ़ेस लगता है. लेकिन इस साधारण इंटरफ़ेस के साथ ये अभी पुरे दुनिया में हर जगह सबसे अधिक खुलने वाला वेबसाइट है जिससे लोग बहुत तरीके से मदद लेते हैं और अपना काम पूरा करते हैं.

भले ही अपने घर के अंदर बैठ कर कंप्यूटर या फोन में कुछ कर रहे हों, ऑफिस में काम करते समय कुछ जानकारी लेनी हो, कहीं पर भी घूमते वक़्त गूगल मैप में लोकेशन देखना हो, हर तरह से गूगल का ही इस्तेमाल करते हैं.

आज इंटरनेट की दुनिया में गूगल राजा है.  ये इंटरनेट से जुड़ी हर तरह की सेवा देता है जिससे लोगो को फायदा होता है. इसीलिए ये कंपनी सबसे आगे है.

लोगों की जरूरत के अनुसार उनकी संतुष्टि के लिए कई प्रयोग किए और नई-नई सेवाओं के साथ यह कस्टमर्स को रिझाने में कामयाब होता है.

यह अपने ग्राहकों को और सुधरे हुए और नई तकनीक से भरपूर सेवाओं को प्रदान करता है जिससे कि कंस्यूमर को फायदा हो सके और उनका काम भी आसान हो सके.

यही वजह है गूगल के नंबर वन बने रहने का. जो समय के साथ परिवर्तन करता है वही मार्केट में टिका हुआ होता है और यह गूगल हमेशा से करता आया है और उम्मीद है करता रहेगा.

लेकिन इसे किसने बनाया इसकी शुरुआत कब कैसे और कहाँ से हुई ये बहुत कम लोग जानते हैं. जिसमे आज आप भी शामिल हो जाएंगे.

गूगल किसने बनाया है?

ये बहुत लोग जानने को उत्सुक होते हैं की आखिर जो हमारे सवालों का जवाब पलक झपकने के पहले हमारे सामने लाकर रख देता है, ऐसी वेबसाइट बनाने का ख्याल किसके दिमाग में आया था.

आखिर वो कौन सी स्थिति थी जिससे प्रेरित होकर गूगल का आविष्कार किया गया.

तो अब मैं आपको बता देता हूँ गूगल को 2 लड़को ने मिलकर बनाया है जिनके नाम Larry Page और Sergey Brian है.

यही दोनों गूगल के संस्थापक और आविष्कारक है. इन दोनों की बदौलत ही लोगों की जीवन शैली बदल चुकी है. हर जानकारी का खज़ाना हाथों में पहुंचा गया, काम करने का तरीका बदल गया और बहुत सी चीज़ें आसानी से हासिल होने लगी.

जब दोनों कैलिफ़ोर्निया में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स थे और अपनी पीएचडी की पढाई कर रहे थे तब उन्होंने गूगल को अपने प्रोजेक्ट के रूप में लिया और काम करना शुरू कर दिया.

Larry Page और Sergey Brian का उस वक़्त का बस एक प्रोजेक्ट इतनी बड़ी कंपनी के रूप में बनकर उभरेगा इसकी कल्पना तो उन्होंने ने भी नहीं की होगी. इसमें कोई शक नहीं इंटरनेट के इतिहास में से एक गूगल सबसे बड़ा अविष्कार है.

गूगल के CEO कौन है?

गूगल के CEO भारतीय मूल के सुन्दर पिचाई हैं.  जब कोई इंसान दुनिया के ऑनलाइन इतने बड़े कंपनी में काम करता है तो जरा सोचिये की उनकी साल भर की कमाई कितनी होगी.

जी हाँ आप भी जानकार चौंक जायेंगे की सुन्दर पिचाई की हर साल करीब 1200-1300 करोड़ रूपये की कमाई होती है.

 गूगल किस देश की कंपनी है?

कई लोगों के मन में ये सवाल अक्सर आता है की गूगल किस देश की कंपनी है. इस में आपको कंफ्यूज होने की बिलकुल भी जरुरत नहीं है  क्यों की आज आप इसके बारे में जान जायेंगे.

गूगल अमेरिका की कंपनी है जो इसके राज्य कैलिफ़ोर्निया में स्थित है.

गूगल भारत में किस तरह पॉपुलर हुआ?

वैसे तो इस अमेरिकन कंपनी ने पुरे भारत में अपना सिक्का जमा रखा है लेकिन क्या सभी को पता है की ये भारत में कब से इस्तेमाल होना शुरू हुआ है.

शायद नहीं..

इंटरनेट को भारत में आये हुए 24 साल हो गए हैं. पहली बार 15 अगस्त 1995 को भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल किया गया था.

लेकिन जब मैं पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए एक साइबर कैफ़े गया तो वहां पर मुझे सुनने को मिला की याहू में ईमेल ID बनाना पड़ेगा.

उस वक़्त हमारे देश में याहू काफी प्रसिद्ध हुआ करता था और सब उसी का इस्तेमाल करते थे.

चैटिंग करने के लिए भी लोग याहू चैटरूम का इस्तेमाल करते रहते हैं. इंटरनेट या साइबर कैफ़े में उस वक़्त हर घंटे के 10-20Rs  चार्ज देने पड़ते थे.

उस वक़्त इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ कंप्यूटर सिस्टम में ही करने  सुविधा थी. टेलीफोन लैंडलाइन के जरिये ब्रॉडबैंड इंटरनेट चलता था. उस वक़्त भारत में विदेश संचार निगम लिमिटेड इंटरनेट की सुविधा लेकर आया.

पहली बार  गूगल के बारे में तब पता चला एयरटेल की तरफ से मिलने वाले मोबाइल में मोबाइल ऑफिस के नाम से सेटिंग को सेव करना होता था.

उसके होमपेज में google.com का address डालना होता था. उसी वक़्त से मैंने गूगल को जाना और इस तरह एयरटेल प्रयोग करने वाले हर यूजर को गूगल के बारे में पता चलने लगा.

जैसा की हम हर दिन देख रहे हैं गूगल नई नई सेवाएं ला रहा है. हर साल ये कुछ न कुछ नयी सेवा जरूर लेकर आता है. चलिए जानते है की गूगल किस तरह पूरी दुनिया में छा चूका है.

गूगल अपनी कमाई कैसे करती है – How does Google earn in Hindi

गूगल अपनी किसी भी सेवा को लोगों को देने के लिए पैसे चार्ज नहीं करता.

भले आप इसके सर्च बॉक्स में जाकर जो भी सर्च  करो आपको ये उसके वेबसाइट तक पहुंचा देता है, यूट्यूब में अनगिनत वीडियोस देखते हैं (paid छोड़कर) प्ले स्टोर से मनचाहा एप्प  डाउनलोड करते हैं, मेल भेजने और रिसीव करने के लिए जीमेल सेवा ये सभी बिलकुल मुफ्त में हमे मिलता है.

सोचने वाली बात ये है की आखिर इतनी सारी अनगिनत सेवाएं देने के बावजूद भी गूगल कमाई करने में नंबर 1 कैसे है?

तो इसका जवाब है इसकी कमाई का जरिया भी आप ही हैं. जी हाँ “आप” वो कैसे चलिए मैं आपको समझाता हूँ. गूगल एक बहुत advertising कंपनी है और इसके सबसे बड़े प्रोडक्ट आप ही हैं.

इसकी 96% जो कमाई होती है वो advertisiment यानि विज्ञापन के माध्यम से ही होता है. हर दिन गूगल सर्च क्वेरीज के रूप में 1 billion रिजल्ट पूरी दुनिया के लोगों को दिखाता है.

इसके साथ ही ये कई billion विज्ञापन भी साथ में लोगों को दिखाता है.  का राज़ इनके काम करने के scale में छुपा हुआ है.

जब आप ऑनलाइन किसी प्रोडक्ट के बारे में सर्च करते हैं और वहां से वापस भी आ जाते हैं तो वो उसे sense कर लेता हैं.

और आप जब तक ऑनलाइन रहेंगे वो आपके इंटरेस्ट के अनुसार  पर आधारित विज्ञापन दिखाएंगे और इस तरह आप उस प्रोडक्ट या फिर सेवा को खरीद लेते हैं. दुनिया में इतनी जनसँख्या है और हर हर कोई अपने सभी कामों को ऑनलाइन करने की सोचते हैं.

वो आपकी इंटरेस्ट को समझकर आपकी सेवा में लग जाता है और जहाँ भी जाते हैं आपके इच्छा के अनुसार recommendation देता है. ये  विज्ञापन या advertisiement सेवा कैसे देती है चलिए इस पर एक नज़र डाल लेते हैं.

Google Ads/Adwords

कंपनियां अपनी सेवा को लोगों तक पहुँचाने के लिए सर्च रिजल्ट में खुद का प्रचार करना चाहते हैं.

वो Ads में जाकर अपनी कंपनी से जुड़े सभी जानकारी देते हैं फिर सर्च रिजल्ट के माध्यम से कंपनी की केटेगरी के अनुसार उनके विज्ञापन उनमे इंटरेस्ट रखने वाले लोगों को दिखाए जाते हैं.

जिन में लोगों के क्लिक करने के बाद ही उसे पैसे मिलते हैं.

Google Adsense

एडसेंस पब्लिशर को ये अनुमति देता है की वो इससे जुड़ सके और अपने वेबसाइट पर विज्ञापनों को लोगों को दिखाये. आज कल बहुत सारे न्यूज़ वेबसाइट और ब्लॉगर अपनी वेबसाइट में इसके विज्ञापन को दिखाते हैं.

इस तरह के advertisement में cost per thousand impression के रूप में पैसे लेती है. साथ ही पब्लिशर को भी इसमें कुछ शेयर मिलता है.

गूगल का इतिहास क्या है और इसका अविष्कार कब हुआ?

इंटरनेट के शुरूआती दौर से ही सर्च इंजन की मौजूदगी है. लेकिन गूगल इस वर्ल्ड वाइड वेब की दुनिया में काफी देरी से आया लेकिन इसने अपने पांव ऐसे पसार चूका है जिसकी कल्पना उन्होंने खुद भी नहीं किया होगा जब उन्होंने गूगल की रचना की थी.

गूगल को बनाने के पीछे जो पहला कारण था वो  सर्च  इंजन का निर्माण करना जो वेबसाइट को बेहतर तरीके से ढूंढ कर लाये.

आज ये इतनी बड़ी कंपनी न होती अगर इसकी शुरुआत सर्च इंजन के साथ न होता. पहले आप ये ही जान लें की आखिर सर्च इंजन होता क्या है?

सर्च इंजन की परिभाषा:

सर्च इंजन एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो आपके द्वारा डाले गए कीवर्ड के आधार पर इंटरनेट में सर्च करता है आपके लिए वेब पेजेज को ढूंढ कर लाता है.

  • सर्च इंजन के प्रोग्राम में boolen operators, search filed और display format होता है.
  • इंटरनेट में जितने भी वेबपेजेस होते हैं उन्हें spider या web crawlers read करते हैं.
  • सर्च इंजन डेटाबेस का भी इस्तेमाल करता है.
  • कीवर्ड के relevancy के आधार पर algorithm का इस्तेमाल कर के रिजल्ट को ranking देता है.

गूगल नाम कैसे चुना गया?

Edward Kasner और James Newman के द्वारा लिखे गए किताब Mathematics and Imagination में लिखे गए शब्द googol के से प्रेरित होकर Larry Page और Sergey Brian ने अपने सर्च इंजन का नाम चुना. Googol का मतलब होता है 1 के पीछे 100 zero.

Backrub, Pagerank और सर्च रिजल्ट की शुरुआत

इन सब की शुरुआत 1995 के गर्मी के मौसम में हुई थी जब Larry Page और Sergey Brian की मुलाक़ात स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई.

से दोनों ही बहुत इंटेलीजेंट थे इसीलिए उस वक़्त उन के विचार मिलते नहीं थे लेकिन फिर भी दोनों काफी डिस्कशन करते थे. और अंत में दोनों का झगड़ा पार्टनरशिप पर आकर के ख़तम हुआ.

दोनो ने मिलकर सर्च इंजन बनाया जो पेज को रैंक देने के लिए बैकलिंक को जरुरी मानते थे. इसीलिए उन्होंने इसे BACKRUB नाम दिया.

ये उन पेजेज को हाई रैंक देता था जो शब्द (words) सबसे ज्यादा बार सर्च किये जाते थे और वो जिस पेज में होते थे. इसके अलावा भी ये उन पेजेज को रैंक देते थे जिन के बैकलिंक्स अधिक होते.

1997 में दोनों ने BACKRUB का नाम बदल के Googol शब्द से प्रेरित होकर जैसा की हमने पहले ही बताया है, Google कर दिया.

अगस्त 1998 में SUN Microsystems के Andy Bechtosheim ने Larry और Brian को $100000 का चेक दिया जिससे ऑफिसियल Google Inc. कंपनी बनी और garage से निकल के अपने पहले ऑफिस तक पहुंची.

फिर 1998 में अपना पहले Doodle लांच किया जो  Burning Man festival in Navada के रूप में था. तब से लगातार ये नए थीम्स और सेलेबटरेशन Doodle के रूप में हमें दिखता है.

google kya hai hindi - google ke products

इस ने 2001  में अपना पहला इंटरनेशनल ऑफिस टोक्यो में बनाया और फिर 3 साल बाद नया हेडक्वॉर्टर बना जिसे आज हम Googleplex के नाम से जानते हैं.

इसके बाद से कंपनी ने पीछे मुड़ के कभी नहीं देखा. इसने एक के बाद एक नयी सेवाएं लांच की जो सिर्फ users के फायदे के लिए थी. इसी में जीमेल सर्विस भी शामिल है. जिसमे डाटा स्टोर करने के लिए काफी स्पेस दिया गया.

2005 से ये लगातार नयी नयी सर्विस लांच करता रहा है जैसे Maps और Analytics और 2006 में गूगल Calender और Translator.

इस की मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्राइड 2007 में लांच की गयी. और अभी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ब्राउज़र क्रोम को 2008 में शुरू किया गया.

इसी बीच गूगल ने सबसे बड़े वीडियो शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब को 2006 में खरीदकर अपने बिज़नेस को और आगे बढा दिया.

इस ने एक लैब को लांच किया जिसे गूगल X  के नाम से जाना जाता है, जो delivery drones और self driving cars को डेवेलोप करने का काम करती है.

इस तरह ये दुनिया का सबसे पॉपुलर सर्च इंजन बन गया. यहाँ तक की गूगल शब्द को लेक्सिकन में एक “Verb” के रूप में शामिल किया गया.

इसका मतलब होता है “वर्ल्ड वाइड वेब में कुछ सर्च करना.”

गूगल से जुड़े कुछ तथ्य

google kya hai hindi

  • जब गूगल को लॉन्च किया गया तो उसके पहले से ही करीब दो हजार Doodles गूगल ने तैयार कर रखें ताकि उनका हर यूजर उनके डूडल देखकर सेटिस्फाइड हैं.
  • जब हमें गूगल खोलना होता है तो साधारण तौर पर हम google टाइप करते हैं लेकिन अगर आप googel, gooogle, gogle करके भी इसे खोलेंगे तो गूगल ही खुलेगा.
  • गूगल तो पूरी दुनिया इस्तेमाल करती है इसीलिए उसे अलग-अलग 80 भाषाओं में लोग उपयोग कर सकते हैं.
  • गूगल पर ट्रांसलेट करने वाला ऐप करीब 100 भाषा में लोगों को अनुवाद कर सकता है.
  • Yahoo कंपनी की CEO गूगल में काम करने वाली पहली महिला बनी.
  • विश्व में सबसे अधिक उपयोग होने वाला सर्च इंजन गूगल है लेकिन दूसरे नंबर पर जो सर्चिंग इंजन आता है वह है यूट्यूब और यह गूगल का ही प्रोडक्ट बन चुका है.
  • गूगल अपनी कर्मचारियों के लिए जो भी खाना तैयार कर आता है वह 200 फीट की दूरी पर ही होता है.

गूगल के फायदे:

  • हमे हर तरह की जानकारी हमे अपने स्मार्टफोन में आसानी से मिल जाती है बस हमे सर्च बॉक्स में लिखना है की हम किसकी जानकारी लेना चाहते हैं.
  • अगर हमे किसी नए जगह में जाना होता है तो गूगल मैप की मदद से उस जगह पर बिना किसी परेशानी के पहुँच सकते हैं.
  • अगर हम कोई बिज़नेस करते हैं और उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना चाहते हैं तो इसके ads के माध्यम से अपने बिज़नेस को फैला सकते हैं.
  • यूटूबर, ब्लॉगर, मोबाइल एप्प डेवलपर इसके माध्यम से अपने कंटेंट को लोगों तक पहुंचा के पैसे कमा सकते हैं.

संक्षेप में

दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ की आपको ये  जानकारी बहुत पसंद आई होगी. अब आप किसी को भी इस से जुड़े सवालो जैसे  गूगल क्या है (What is Google in Hindi) और इस का इतिहास (History of Google in Hindi) का जवाब दे सकते है.  साथ ही गूगल किस देश की कंपनी है ये भी आपने जाना.

गूगल किसने बनाया है इन हिंदी और से जुड़े किसी भी प्रश्न का उत्तर पाने के लिए हमे नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं.  ये इतनी बड़ी कंपनी है की हर कोई इससे जुड़ना चाहता है. वैसे गूगल अपने लैब में अब ऑटोमेशन में भी काम कर के कुछ अलग करने में लगा है.

52 COMMENTS

    • बहुत बगत धन्यवाद आप जैसे हिंदी पाठकों की वजह से ही हिंदी में और अच्छा और मेहनत कर के लिखने की प्रेरणा मिलती है।

  1. Gugoole par sabhi to naho par अधिक गलत लोग अपनी साईट छोड़ते है क्या गूगल वाले इनको बंद नहीं कर सकते है अगर नहीं तो फिर क्यु इंडिया को पागल बनाते हो सब के सामने बताना मेरे नम्बर है 7737233386 और कोई इसे समझे तो बात करना लेकिन शायद कोई नहीं पड़ पायेगा आप शोरी पड़ नहीं पायेगे

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