EPFO Pension Release: जारी हो गया EPF Pension का calculator, ऐसे पता करें पेंशन का हिसाब-किताब

यदि आप एक सरकारी कर्मचारी है अथवा एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी हत्या आर्टिकल आपके लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होने वाला है। यदि आपका पीएफ अकाउंट है और उसमें पैसे कट कर जमा होते हैं तो आर्टिकल आपके लिए अवश्य रूप से मुस्कान का पात्र बनेगा।

आज के हमारे artical टॉपिक ईपीएफओ पेंशन स्कीम से जुड़ा हुआ है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको ईपीएफ पेंशन के केलकुलेटर के विषय में विस्तार पूर्वक बताएंगे कि किस प्रकार से हिसाब किताब किया जाता है।

जिसके सहायता से आप घर बैठे बैठे ही अपने खाते में जमा धनराशि पर मिलने वाले ब्याज दर के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। तो चले बिना किसी विलंब के आज के इस टॉपिक को प्रारंभ करते हैं। 

इपीएफ अकाउंट क्या होता:-

इपीएफ अकाउंट ईपीएफओ संगठन अर्थात कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत प्रत्येक कर्मचारी का खुलवाए जाने वाला एक पीएफ अकाउंट होता है। इस अकाउंट को इपीएफ अर्थात एम्पलाई प्रोविडेंट फंड के नाम से जाना जाता है। 

इस पीएफ अकाउंट में हर महीने कर्मचारियों के वेतन में से कुछ रुपए को काटकर जमा कर लिया जाता है तथा इस प्रकार से धीरे-धीरे करके इसमें जमा धनराशि बढ़ने लगती है। जितने अधिक धनराशि पीएफ अकाउंट में होगी उधर ही अधिक ब्याज प्राप्त किया जा सकता है। 

जी हां पीएफ अकाउंट में जमा धनराशि के ऊपर कंपनी अपनी ओर से भी ब्याज प्रदान करती है जिससे कि जब पीएफ अकाउंट का पैसा कर्मचारियों का प्रदान किया जाता है तो वह उनके द्वारा जमा किए गए धनराशि की तुलना में थोड़ा अधिक होता है।  इस बात से भी अवगत करा दें कि हमारे देश में प्रत्येक कंपनी में जहां पर भी 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं तो उनका पीएफ अकाउंट खुलवाना अनिवार्य है। 

ईपीएफओ एक नजर करीब से:-

जैसा कि हमने बता दिया है कि ईपीएफओ एक संस्था है जिसके तहत पीएफ अकाउंट खोले जाते हैं केवल इस संस्था में कर्मचारियों के ही पीएफ अकाउंट खोले जाते हैं और उन्हें इसके ऊपर ब्याज प्रदान किया जाता है। 

एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन अर्थात ईपीएफओ साल 1995 में एक नई पेंशन योजना को लेकर आया , जिसके अंतर्गत पीएफ धारकों को पेंशन प्रदान किया जाता है। 

हाल फिलहाल में है ईपीएफओ ने अपने आधिकारिक वेबसाइट में pension कैलकुलेट करने की बात बताई है। जिसके माध्यम से आप आसानी से अपने पेंशन अमाउंट को कैलकुलेट करके प्रसन्नता महसूस कर सकते हैं। 

रिटायरमेंट के पश्चात आपको कितना अमाउंट प्रदान किया जाएगा:-

पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि व्यक्ति के सेवानिवृत्त हो जाने के पश्चात तथा उसके कार्य क्षमता के end  हो जाने के पश्चात उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। 

किंतु अलग-अलग पेंशन योजना के तहत पेंशन प्राप्ति हेतु अलग-अलग आयु सीमा का निर्धारण किया जाता है। यदि आप 50 वर्ष की आयु में पेंशन देना प्रारंभ कर देते हैं तो इसके तहत आपको कितने पैसे मिलेंगे इस विषय में भी तो आपके मन में प्रश्न आवश्यकता होगा। 

तो आपको बता दें कि e.p.f. केलकुलेटर का इस्तेमाल करके वे सभी लोग इस बात की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जिन्होंने 1 अप्रैल 2014 इसके बाद से पेंशन मिलना प्रारंभ हो चुका है। 

यदि आप की पेंशन ₹540 बनती है उसके पश्चात भी आपको ₹1000 पेंशन प्रदान करेगा। 

सभी नेताओं को दर्ज करने के पश्चात आपको आपकी मंथली पेंशन कैलकुलेटर आपको समान रूप से दिखाई देने लगेगी।ईपीएफओ के अनुसार 1 सितंबर 2014 से पेंशन धारक को कम से कम ₹1000 पेंशन धनराशि की प्रदान की जाती है। 

अर्थात यदि आप की पेंशन ₹540 भी है तो इपीएफ आपको ₹1000 की पेंशन ही देगी। 

पेंशन चेक करने का प्रोसेस जान ले:-

  • आपको वेबसाइट पर जाकर पेंशन धारक की तो जन्मतिथि डालनी होगी। इपीएफ से जुड़े सदस्य की आयु की गणना 1 अप्रैल 2011 को यदि 58 वर्ष पूर्ण हो गई है तो इस केलकुलेटर को यूज़ करके सर्वप्रथम जन्म तिथि 1 अप्रैल 1953 अथवा इसके बाद की होनी चाहिए। 
  • जन्म दिनांक को दर्ज करने के पश्चात आपको केलकुलेटर में जॉइनिंग तथा सर्विस एनजीटी अर्थात रिटायरमेंट की डेट की डिटेल को यहां पर लिखने की आवश्यकता होगी। ईपीएफओ के नियम के अनुसार सर्विस की जॉइनिंग डेट 16 नवंबर 1995 या पश्चात की होनी आवश्यक है। 
  • इसके पश्चात आपको एनसीपी डे की संख्या दर्ज करने की आवश्यकता होगी तत्पश्चात आपको एनसीपी अर्थात नॉन-कांट्रिब्यूटरी पीरियड इसका अर्थ होता है आपको उन दिनों में आए नहीं हुई अथवा कंपनी की तरफ से मेंबर का इपीएफ कंट्रीब्यूशन नहीं प्रदान किया गया। एक अन्य तरीके से भी समझा जा सकता है कि जिस दिन आप छुट्टी पर होते हैं तो यह उनका नॉन-कॉन्ट्रिब्यूटरी पीरियड होता है। एलसीडी की यदि बात की जाए तो यह दो प्रकार के होते हैं। एनसीपी-1 मैं कर्मचारी को अपने 31 अगस्त 2014 तक के एनसीपी डेट को दर्ज करना होता है। भाई अभी एनसीपी-2 की बात की जाए तो या 31 अगस्त 2014 के बाद के एनसीपी डेट को दर्ज करता है।
  • ईपीएफओ के अनुसार यदि कोई सदस्य से अधिक जहां पर काम करता है तो उन सभी को जोड़ सकता है। यदि आपने 2 साल किसी अन्य कंपनी में कार्य किया था 36 साल कोई और  कंपनी में कार्य किया है तो ईपीएफओ के अनुसार आपके सर्विस पीरियड के दोनों कंपनियों में दर्ज किया जाएगा। 
  • इन सब के पश्चात आपको pension शुरू करने की तारीख स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी। वहां उस दिनांक को दर्ज करें जब आपको पहले पेंशन मिल चुकी थी। 
  • इसके पश्चात आपको आप pension वेतन लिखा हुआ दिखाई देने लगेगा। यहां पर आपको अपना वेतन दर्ज कर देना है यदि आप की पेंशन 31 अगस्त 2014 अथवा इससे पहले शुरू हो चुकी है तो प्रिंसिपल सैलेरी पिछले 12 महीनों की एवरेज इनकम संभवत हो सकती है। यदि पेंशन इस तारीख के बाद शुरू होती है तो 7 महीने की एवरेज इनकम होगी। 
  • ईपीएफओ के नए नियमों के अनुसार 31 अगस्त 2014 को पेंशन इनकम कि ज्यादातर सीमा ₹6500 की निर्धारित की गई थी। इसके पश्चात की तारीख के स्वास्थ्य ₹15000 तक निर्धारित की गई थी। कहने का तात्पर्य है कि इस केलकुलेटर का उपयोग करने के वास्ते 1 सितंबर 2015 तक ₹15000 तक तथा 21 अगस्त 2014 तक ज्यादातर आय ₹6500 की होनी चाहिए। 

निष्कर्ष:-

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको EPFO Pension : जारी हो गया EPF Pension का calculator, ऐसे पता करें पेंशन का हिसाब-किताब के विषय में विस्तार पूर्वक बताया है। हम उम्मीद करना कि हमारे आर्टिकल आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। 

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Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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