रातो रात इंग्लिश बोलना सीखें! कैसे ?

आज का जमाना इंग्लिश का है और जिसे देखो यह जानना चाहता है कि कैसे इंग्लिश बोलना सीखे?. मज़े की बात तो ये है की कई लोग आपको ऐसे मिलेंगे जो आपको आमंत्रित करेंगे और कहेंगे की रातों रात इंग्लिश बोलना सीखें. लेकिन क्या ये सच में संभव है? ये भी हम आपको यहाँ बताएँगे. क्या सुनकर इंग्लिश बोलना सीखा जा सकता है?

जो भी इंसान इंग्लिश में बातचीत कर लेता है उससे यह पूछना नहीं पड़ता है कि भाई तुमने कितनी पढ़ाई की है क्योंकि अंग्रेजी भाषा उसके क्वालिफिकेशन को कवर कर देता है साथ ही उसकी पर्सनालिटी को निखार देता है. लेकिन इंग्लिश बोलना कैसे सीखे ये सवाल बार बार आता है.

इंग्लिश बोलना सीखना चाहते हैं तो सबसे पहले भूल जाएँ की आपको कॉपी और पेन की जरुरत है. बोलना है न की पढ़ना और लिखना. इसीलिए हर रोज़ आईने के सामने खड़े होकर खुद से बात करें, कस्टमर केयर से अंग्रेजी में बात करें, इंग्लिश भाषा की गाने को सुने एवं इंग्लिश भाषा की वीडियोस और लेक्चर सुने.

पढ़ाई के महत्व को तो सभी जानते हैं लेकिन साथ ही जिसे इंग्लिश में बातचीत करना आता है वह एक तरह से सोने पर सुहागा की तरह काम करता है. यही वजह है कि लोग स्कूल की पढ़ाई के साथ साथ इंग्लिश सीखने का तरीका भी अपनाते हैं जिससे कि वह अच्छी तरीके से इंग्लिश पढ़ना, लिखना और बोलना सीख सकें.

हम आपको यह बताएंगे कि इंग्लिश बोलने का एप्प्स और सॉफ्टवेयर कौन-कौन से हैं जिससे आप अपने स्मार्टफोन से भी प्रैक्टिस कर सकते हैं. आप देखेंगे कि कुछ ही दिनों में आपकी अंग्रेजी में काफी इम्प्रूवमेंट आ गया है. फिर जब आप भी ऐसे जगह में जाएंगे जहां पर इंग्लिश भाषा का प्रयोग होता हो तो आप वहां पर अपनी पहचान बता सकते हैं कि आप भी किसी से कम नहीं है.

इंग्लिश बोलना कैसे सीखे?

English bolna kaise sikhe

आप अपने पास पड़ोस में देखते होंगे की अंग्रेजी बोलने वालों की काफी इज्जत की जाती है. भले ही इंसान ज्यादा पढ़ा लिखा ना हो लेकिन अगर उसे इंग्लिश बोलनी आती है फिर तो उसका सम्मान हर जगह ही किया जाता है. अंग्रेजी एक अंतर्राष्ट्रीय भाषा है जिसे पूरी दुनिया में बहुत सारे लोग बोलते हैं.

यह दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है. इसका मतलब यह है कि आप दुनिया के किसी भी हिस्से में चले जाएं अगर आप इस भाषा को जानते हैं तो आपको उस देश में भी बहुत सारे ऐसे लोग मिल जाएंगे जिन्हें अंग्रेजी जरूर आती होगी.

जो लोग हिंदी मीडियम से पढ़ कर आते हैं उन्हें इसमें काफी हिचकिचाहट होती है और उन्हें लगता है कि उनके लिए अंग्रेजी बोल पाना बहुत ही टेढ़ी खीर है. लेकिन मैं आपको बता दूं कि अगर आप ठान ले तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है.

इसका उदाहरण मैं आपको खुद के बारे में देना चाहता हूं कि मैंने खुद ही हिंदी मीडियम से शुरू से ही पढ़ाई किया है और दसवीं के बाद मैंने इंग्लिश बोलने को लेकर काफी मेहनत की और फाइनली मैं बातचीत कर लेता हूं.

यहां मैं अपने एक्सपीरियंस भी शेयर करूंगा जो मैंने इस दौरान अंग्रेजी भाषा बोलने के लिए सीखने में इस्तेमाल किए हैं. और भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो आपको हिंदी बैकग्राउंड से ही मिलेंगे लेकिन आज वो फराटे दार इंग्लिश ऐसी बोलते हैं जिसे देखकर कोई नहीं बता सकता कि बचपन से इसका बैकग्राउंड इंग्लिश का ना रहा हो.

नोट: मैं यहां पर आपको एक बात और बता देना चाहता हूं की अंग्रेजी बोलना, अंग्रेजी पढ़ने और लिखने से काफी अलग है. आपने अक्सर देखा होगा कि कई लड़के ऐसे होते हैं जो अंग्रेजी पढ़ना और लिखना बहुत अच्छे से जानते हैं लेकिन वह बोल नहीं पाते हैं इसका कारण क्या है.

इसका कारण यह है कि हमारी मातृभाषा हिंदी है और पैदा होने से लेकर स्कूल जाने तक हम अपनी मातृभाषा से ही जुड़े रहते हैं दूसरी भाषा सुन भी नहीं पाते.  इसीलिए हमे हिंदी बहुत अच्छे तरीके से आती है या फिर कोई क्षेत्रीय भाषा हो तो वह हमें बहुत अच्छे से बोलनी आती है.

चलिए एक उदाहरण द्वारा समझते हैं, मान लीजिए एक बच्चा भारत में मध्यमवर्ग परिवार में पैदा हुआ जहां परिवार के लोग हिंदी बोलते हैं. वहीं दूसरा बच्चा अमेरिका में अंग्रेजी बोलने वाले परिवार में पैदा हुआ है. 3-4 साल बाद जब आप इनसे बात करेंगे तो भारत का जो बच्चा होगा वह आपसे हिंदी में बात करेगा तो उसकी हिंदी बहुत अच्छी रहेगी.

वहीं अमेरिका का जो बच्चा होगा उससे जब आप मिलेंगे तो आप से अंग्रेजी में बात करेगा. अब आप मुझे बताइए क्या वह लोग स्कूल में जाकर हिंदी और अंग्रेजी सीखें. आप उनसे उनकी भाषा लिखने या फिर पढ़ने के लिए बोल दे तो उनको वही भाषा ना तो पढ़ना और और ना ही लिखना जायेगा, जब तक की वो कोई स्कूल नहीं जाकर सीखेंगे. लेकिन फिर भी वह अपनी भाषा यानी कि हिंदी और इंग्लिश बोल रहे हैं. तो अब बताइए आप यहां से क्या समझे?

भाषा ऐसी चीज होती है जो सिर्फ इंसान सुनकर सीखता है और फिर बोलते हैं. भले ही आप उस भाषा को पढ़ना या लिखना ना जानते हो लेकिन आप उसे बोल सकते हैं.

इसीलिए आप इस बात की गांठ बांध ले की अगर आपको अंग्रेजी भाषा बोलनी है तो फिर आपको आज से इसे बोलना शुरू करना होगा आप भले ही कितना भी पेन और पेपर लेकर इसे पढ़े और लिखें, आप इसे पढ़ने और लिखने में भले ही विद्वान क्यों ना बन जाए लेकिन जब तक आप मुंह नहीं खोलेंगे तब तक आप इंग्लिश नहीं बोल सकेंगे.

भले ही हम हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़कर निकले हैं लेकिन हमें उस वक्त से इतनी इंग्लिश सिखाई जा चुकी होती है जो हमारे इंग्लिश बोलने के लिए काफी होती हैं. हम जो बेसिक इस्तेमाल होने वाले इंग्लिश वर्ड होते हैं वह भी स्कूल के समय से ही याद कर के रहते हैं.

थोड़ी बहुत ग्रामर भी हमें आती जरूर है. इसलिए अभी से आप इंग्लिश बोलना शुरू करने के लिए तैयार हैं, बस आपको अपनी झिझक खत्म करनी है और थोड़ा इंग्लिश के मामले में बेशरम बन जाना है.

अंग्रेजी बोलना सीखने का तरीका?

भले ही आप कितनी भी पढ़ाई क्यों ना करें कम्युनिकेशन स्किल का होना बहुत जरूरी है. आज के समय में कम्युनिकेशन स्किल के अंतर्गत इंग्लिश में बातचीत करना काफी महत्वपूर्ण है.

जब आप किसी जॉब के इंटरव्यू के लिए जाते हैं तो भी आपके कम्युनिकेशन स्किल को चेक किया जाता है. कंपनी चाहती है कि वह जिसे काम पर रखे उसे फ्लूएंट इंग्लिश बोलना आता हो ताकि वह अपने क्लाइंट से अच्छे से बात कर सके और कंपनी की तरफ से अच्छी इंप्रेशन छोड़ सके.

हमारे देश भारत की जनसंख्या वैसे भी बहुत ज्यादा है और शुरू से ही अधिकतर बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाया जाता है जो की हिंदी मीडियम में होती है. इसकी वजह से इंग्लिश थोड़ी कमजोर होती है.

इसलिए आजकल हर गार्जियन चाहता है की बच्चे स्कूल के शुरू से ही इंग्लिश बोलना सीखे साथ ही इंग्लिश अच्छे से पढ़ना और लिखना सीख जाएं. देखिये कोई भी रातो रात इंग्लिश नहीं सीख सकता है इसीलिए बच्चों को शुरुआत से ही इस विषय में भी ध्यान देना पड़ेगा जिसके लिए उसके अभिभावक को साथ में मेहनत करनी पड़ेगी.

अंग्रेजी बोलना सीखने के लिए सबसे पहले आपको एक बच्चे की तरह इस भाषा को भी सुनना और समझना पड़ेगा और हाव-भाव तथा बॉडी लैंग्वेज का ऑब्जरवेशन करना सीखना होगा.

इसके साथ साथ आपको ऐसा माहौल भी चाहिए होगा जहां पर आप लोगों से बातचीत कर सके. अक्सर आप यह सोच कर चिंतित हो जाते होंगे कि आप के आस पास वैसे लोग हैं नहीं जिनसे कि आप इंग्लिश में बात कर सके तो इसका सॉल्यूशन भी है हमारे पास जो हम आपको आगे बताएंगे. अंग्रेजी भाषा बोलना सीखने के लिए हम सिर्फ 2 steps का इस्तेमाल करेंगे पहला है अंग्रेजी का अच्छा सुनने वाला बनना और दूसरा अंग्रेजी बोलने के लिए शुरू करना.

सबसे पहले अच्छा लिसनर/आब्जर्वर बने

एक अच्छा लेसनर बनने के लिए क्या करना चाहिए कुछ जरूरी बातें हम नीचे बता रहे हैं आप इसे जरूर फॉलो करें.

इंग्लिश फिल्में सबटाइटल्स के साथ देखें

मैंने पहले ही आपको बताया कि छोटे बच्चे अपने मां बाप से उनकी भाषा को सुनकर सीखते हैं. बच्चे उनके हाव-भाव, उनके बॉडी लैंग्वेज से समझते हैं कि वह कौन से शब्दों के द्वारा क्या बात बोलना चाहते हैं. लेकिन यहां पर ना तो आप बच्चे हैं और ना ही आपके माता पिता अभी आपको अंग्रेजी सिखाएंगे.

लेकिन हम इसी तरीके को इंग्लिश फिल्मों के माध्यम से सीख सकते हैं. आपको करना क्या है कि हर रोज थोड़ी देर के लिए सबटाइटल्स के साथ इंग्लिश मूवी देखें. ज्यादा बेहतर यह होगा कि आप ब्रिटिश लैंग्वेज में बनी हुई फिल्मों को कलेक्ट करें और उन्हें रोक रोक कर देखें और समझे.

आपके घर में टीवी तो जरूर होगा और उस पर केवल का कनेक्शन या फिर डीटीएच जरूर लगा हुआ होगा. अगर आप की केबल या फिर डीटीएच में इंग्लिश मूवी चैनल का पैक नहीं है तो उसे एक्टिवेट करा ले.

हर रोज आप इंग्लिश मूवी चैनल में कुछ देर तक फिल्में जरूर देखें. टीवी चैनल्स में अंग्रेजी फिल्में सबटाइटल्स के साथ दिखाए जाते हैं जो अंग्रेजी सीखने वालों के लिए काफी फायदेमंद है. आप उनके एक्शन को पकड़ते हैं उनके हाव-भाव को समझ कर उनकी भाषा को सीखने की कोशिश करते हैं जो कि एक नया बच्चा अपनी मां बाप से सीखते वक्त करता है.

यहां पर मुख्य बात यह है कि आपको हर लाइन समझने की कोशिश करनी है कि वह क्या बोल रहे हैं. अगर आपके पास स्मार्टफोन है या फिर लैपटॉप  तो फिर आप बहुत ही आसानी से कर सकते हैं.

हेडफोन लगाएं और ऐसी फिल्मों को देखने की आदत डालें क्योंकि अच्छा स्पीकर बनने के लिए आपको अच्छा लिस्नर बनना होगा. अब जितना वक्त इस पर देंगे आपको उतना ज्यादा फायदा नजर आएगा. इसमें जब आपको कोई शब्द नया सुनने को मिले तो उसे अपने डायरी में लिखे और इसकी हिंदी मीनिंग भी लिखिए. इससे आपकी वोकैबुलरी भी मजबूत होती चली जाएगी.

हर रोज टीवी पर इंग्लिश न्यूज़ सुने

आप न्यूज़ तो हर रोज सुनते ही होंगे लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपकी अंग्रेजी बेहतर हो तो इसके लिए टीवी पर इंग्लिश न्यूज़ चैनल देखें और उन्हें समझने की कोशिश करें. यह आपकी इंग्लिश में सुनने की क्षमता को विकसित करता है. आपको बहुत सारे अंग्रेजी के एक्सपोर्ट मिल जाएंगे जो आपको इसकी राय जरूर देंगे. यह बहुत ही कारगर तरीका है जिससे कि आप अंग्रेजी में बहुत अच्छे लिसनर बन जाते हैं.

इंग्लिश गाने सुने

किसी भी कल्चर या फिर भाषा को सीखने के लिए उस पर पूरी तरह से उतरना जरूरी है. हमने पहले जान लिया है की अंग्रेजी में अच्छी लिसनिंग पावर बनाने के लिए हमें इंग्लिश फिल्में और न्यूज़ सुनना पड़ता है. इसके अलावा एक जरूरी चीज जो कहा जाता है वह है म्यूजिक की. वैसे तो अक्सर बोला जाता है कि म्यूजिक की कोई भाषा नहीं होती लेकिन यहां पर हम म्यूजिक में इस्तेमाल होने वाले शब्दों की भाषा को सुनने और समझने की कोशिश करेंगे की. इसके लिए जरूरी है कि इंग्लिश में बने हुए गाने सुने जाए.

आप सबसे पहले तो यह कीजिए कि आपके पास अगर कोई मोबाइल या स्मार्टफोन है जिसमें गानों की लिस्ट है तो सभी हिंदी गाने डिलीट कर दें और सिर्फ इंग्लिश गाने डालें. और हर रोज गाने सुनने में भी समय बिताएं और उसे समझने की कोशिश करें कि इस गाने में यह सिंगर बोल क्या रहे हैं. इसके अलावा म्यूजिक वीडियोस भी डाउनलोड करें और उनमें भी सबटाइटल लगाकर उन वीडियोस को देखें और गाने को सुनें.

स्पोकन इंग्लिश/ इंग्लिश बोलने की प्रैक्टिस करें

इंग्लिश बोलने की प्रैक्टिस करने के लिए एक अच्छे माहौल की जरूरत होती है. जो हमारे सोसायटी पर निर्भर करती है और साथ ही यहां पर रह रहे आसपास के लोगों पर भी निर्भर होती है. लेकिन सीखने के लिए किसी पर निर्भर होना सबसे बड़ी कमजोरी है. हम यहां पर कुछ ऐसे ही उपाय बताने जा रहे हैं,  जिसके लिए आपको किसी पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ेगा और आप की प्रेक्टिस भी जबरदस्त हो जायेगी.

कस्टमर केयर में फोन लगा कर बात कीजिए

आपके पास मोबाइल फोन तो जरूर होगा जिस पर आप किसी नेटवर्क का इस्तेमाल करते ही होंगे. आप अपने कस्टमर केयर नंबर पर फोन कीजिए और इंग्लिश भाषा में बात करने की ऑप्शन को चुनकर उनसे बात करें.

आज हर किसी के पास कम से कम 2 से 3 नेटवर्क के सिम कार्ड जरूर होते हैं यानी कि आप हर रोज 2-3 कस्टमर केयर में फोन लगाकर उनसे बात कर सकते हैं और सवाल पूछ सकते हैं. सबसे पहले आप एक लिस्ट तैयार कर ले कि आपको कौन-कौन से सवाल पूछने हैं. उसके बाद एक एक करके सवाल पूछते जाए और बीच-बीच में डाउट भी क्लियर करने के लिए उनसे बोले.

आपने पूछने के लिए जो सवाल सेट किए हैं आप उन्हीं को सारे नेटवर्क के कस्टमर केयर से पूछें. यही सवाल आप हर रोज  कुछ दिनों के लिए पूछ  सकते हैं. तो जो भी सवाल आप उनसे पूछेंगे वह आपकी जबान पर पूरी तरह से सेट हो जाएंगे और आपकी स्पीड भी बढ़ती जाएगी. फिर कुछ दिनों के बाद सवालों को बदल दें.

अब यहां पर सबसे मुख्य चीज ये है की जैसे आपको उनसे अंग्रेजी में बात करनी है लेकिन क्या बात करें तो वह भी बता देते हैं.  कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से आप अलग-अलग तरह के ऑफर के बारे में पूछ सकते हैं.

साथ ही इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग प्लान के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं. यहां पर आपको ना तो बात करने में शर्म महसूस होगी और ना ही उनसे कुछ जबरदस्ती करनी पड़ेगी कि भाई मेरे से बात इंग्लिश में करो.

वह आपसे अंग्रेजी में ही बात करेंगे इसलिए आप की अंग्रेजी की प्रैक्टिस आराम से हो जाएगी. अब जितनी देरी तक हो सके उनसे बात करने की कोशिश करें. ऐसी बात ना करें जिससे की ये नहीं लगे कि आप उनका टाइम खराब कर रहे हैं. आप उनसे सही तरीके से बात करें और किसी समस्या से संबंधित सवाल ही पूछे जिनसे उन्हें लगे कि आप सच में किसी परेशानी में हैं और उनसे मदद मांग रहे हैं.

अब हर रोज जितनी ज्यादा देर हो सके उनसे बात करने की कोशिश करें. जब भी आप कॉल करेंगे तो हर बार कोई नया कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव आपका फोन उठाएगा. इसीलिए आपको टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है बस आपको इस तरीके से हर रोज इंग्लिश बोलने की प्रैक्टिस करते जाना है.

हर रोज न्यूज़ पेपर / मैगजीन / नोबेल पढ़ें

इंग्लिश स्पोकन की प्रैक्टिस करने में एक और जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह यह है कि आप हर रोज रीडिंग करें. लेकिन इसे करने का तरीका यह है कि आप आवाज निकाल कर लाउडली पढ़ें और खुद इसे सुनें.

आप अगर न्यूज़ पेपर पढ़ रहे हैं तो एक पैराग्राफ को कम से कम 10 बार रिपीट करके पढ़ें. हर रोज आपको नया न्यूज़ पेपर पढ़ने की जरूरत नहीं है बल्कि अगर आपके पास एक भी न्यूज़ पेपर है उसके 1 ही पैराग्राफ को कई दिनों तक रिपीट करके पढ़ सकते हैं.

यह बस हम स्पोकन इंग्लिश की प्रैक्टिस के लिए पढ़ रहे हैं ना कि समाचार जानने के लिए. बस आप को ध्यान इस बात का देना है कि आप जो भी पढ़े उसे लाउड आवाज में पढ़े जो आपके कानों तक पहुंचे.

इसके अलावा आप हर शब्द को तेज आवाज में पढ़ने के साथ उसका उच्चारण सही करने की कोशिश करें. हर रोज ऐसा करने से यह आपके जबान पर भी फिट बैठने लगेगा. साथ ही आप हर दिन जो पैराग्राफ न्यूज़पेपर या फिर मैगजीन वगैरह में पढ़ें सिर्फ दो शब्द वहां से निकाले जिसकी मीनिंग आप नहीं जानते. उसे अपनी डायरी में लिखे और उसके मीनिंग को भी लिख ले.

उस दिन आपको चाहे जो भी काम कर रहे हो उन दोनों शब्दों के बारे में सोचना है कि आपने जो शब्द लिखे हैं उनकी मीनिंग क्या है. आप उन्हें अपने काम से जोड़ने की कोशिश करें फिर वह शब्द आपके दिमाग में ऐसे बैठेंगे जैसे पत्थर पर लकीर. जो 2 शब्दों को हम याद करेंगे वह आप हर दिन इसी तरीके से करें. हर हफ्ते में एक बार अपनी डायरी के सारे शब्दों को जरूर रिवाइज कर ले.

आईने के सामने खड़े होकर खुद से बात करें

जब मैं इंग्लिश स्पोकन की क्लास करता था तो मुझे अपनी क्लास में इसके बारे में बताया गया कि आप के पास कोई ऐसा दोस्त तो नहीं है जिससे आप बात कर सके तो सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप शीशे के सामने खड़े हो जाएं और खुद से सवाल पूछे फिर उसका जवाब दें. तो मैं भी अपने घर पर हर रोज 30 मिनट से 1 घंटे तक शीशे के सामने खड़े होकर जोर जोर से चिल्ला कर बातें किया करता था.

जिसके लिए घरवाले मुझ पर हंसा भी करते थे. लेकिन मुझे पता था कि मैं क्या कर रहा हूं और इस मेहनत से मुझे क्या मिलेगा. इस दरमियान आप शीशे पर अपनी आंखों और नाक पर ध्यान देकर देखें और बात करें जिससे आपका कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ेगा और किसी भी इंसान से बात करने में थोड़ी सी भी हिचकिचाहट नहीं होगी.

अब यहां पर आप पूछेंगे कि खुद से क्या बात करें चलिए मैं आपको इसके लिए एक टेक्निक बता देता हूं आप हर रोज इसमें Verb (क्रिया) को चेंज करें और इस फॉर्मेट को फॉलो करके खुद से सवाल पूछे और जवाब भी दे.

Q. Do you go to school?
A. Yes I go to school.
A. No I don’t go to school.

Q. Do you run everyday?
A. Yes I run everyday
A. No I don’t run everyday.

यहां पर मैंने बस प्रेक्टिस करने के लिए Simple present Tense का एक स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया है. आप इसी तरीके से सभी Tense के हर पार्ट से सेंटेंस स्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

अंग्रेजी बोलने के लिए सिखाने वाले एप्प्स

वैसे तो आपको गूगल प्ले स्टोर पर बहुत सारे एप मिल जाएंगे जिनके जरिए आप स्पोकन इंग्लिश सीख सकते हैं और साथ ही उसमें दिए गए एक्सरसाइज को पूरा करके ट्रेनिंग भी ले सकते हैं. मैं आपको यहां पर कुछ एप की लिस्ट दे रहा हूं जिसे आप अपने मोबाइल में डाउनलोड करके इनका इस्तेमाल स्पोकन के लिए कर सकते हैं.

सिर्फ एप इंस्टॉल कर लेने से आप इंग्लिश नहीं सीख जाएंगे बल्कि आपको पहले तो दिल से पक्का इरादा करना पड़ेगा कि आप  सीखना चाहते हैं और आपको यहां पर बताए गए सभी  स्टेप्स को फॉलो करना है.

एप्लीकेशन 1

एप्लीकेशन 2

एप्लीकेशन 3

संक्षेप में

अंग्रेजी में बात करना आज के हर युवक की ख्वाइश होती है और एक तरफ से बहुत बड़ा ड्रीम होता है कि वह भी एक अच्छे स्पीकर बने. इसलिए आज के पोस्ट में हमने आपको बताया कि कैसे इंग्लिश बोलना सीखे (how to speak english). इस पोस्ट को तैयार करने में मैंने अपने खुद के एक्सपीरियंस को भी इसमें इस्तेमाल किया है तथा बताया की सुनकर इंग्लिश बोलना कैसे सीखें? इसके अलावा भी और सभी तरीके बताए हैं जो बहुत ही कारगर हैं. इन्हीं की मदद से बचपन से हिंदी मीडियम में पढ़ने वाले बच्चे भी आज इंग्लिश में ऐसी फ्लुएंसी के साथ बोलते हैं जिसे सुनकर कोई यह नहीं बता सकता कि हिंदी मीडियम का स्टूडेंट हुआ करता था.

मैंने आपको पहले ही बता दिया था कि अंग्रेजी बोलना अंग्रेजी पढ़ने और लिखने से काफी अलग है. यह कोई जरूरी नहीं कि जो अंग्रेजी पढ़ने और लिखने में बहुत अच्छा हो वह अंग्रेजी बोल सकता है. इस भाषा को सीखने के लिए हमें उस तरह का वातावरण खुद-ब-खुद तैयार करना पड़ता है साथ ही मेंटली इसके लिए मजबूत इरादा बनाने की भी जरूरत है. जब आप एक बार ठान लेंगे कि हमें इंग्लिश का बहुत अच्छा है स्पीकर बनना है तो फिर आप को इसमें सफलता जरूर मिलेगी. इस पोस्ट में हमने आपको इंग्लिश बोलने का एप्स के बारे में भी बताया जिसकी मदद से आप इंग्लिश के लिए प्रैक्टिस कर सकते हैं.

अब आप बेहतर तरीके से समझ गए होंगे कि सुनकर इंग्लिश सीखने का तरीका क्या है और हम अपने इंग्लिश को कैसे सुधारें. इस पोस्ट के माध्यम से अच्छे से समझ गए होंगे कि अंग्रेजी बोलना कैसे सीखते हैं. उम्मीद करते हैं कि आपको इस पोस्ट से काफी मदद मिली होगी. अगर आपको यह पोस्टअच्छी लगी हो तो इसे अधिक से अधिक अपने दोस्तों के साथ फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप में शेयर करें.

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