Employee PF Scheme: पेंशन पाने के लिए कब तक करना होगा कंट्रीब्‍यूशन?

आज के हमारे इस आर्टिकल का टॉपिक है एंप्लॉय पेंशन स्कीम। आज का हमारे आर्टिकल प्रत्येक कर्मचारी के लिए बहुत ही ज्यादा खास होने वाला है इसलिए यदि आप कर्मचारी है या फिर आपके संबंध का कोई व्यक्ति यदि कर्मचारी है तो आपके लिए आर्टिकल बेहद ही खास होने वाला है। 

यदि आप भी इससे संबंधित सभी जानकारियां प्राप्त करने के इच्छुक है तो आपके लिए बेहद ही आवश्यक है कि हमारे article को आगे तक जरूर पढ़ें क्योंकि हमने इस आर्टिकल में एंप्लॉय पेंशन स्कीम के विषय में जानकारियां साझा की है। 

पेंशन क्या होता है, इसकी आवश्यकता क्यों:-

पेंशन एक वित्तीय सहायता होती है जिसे प्रति विशेष को नियमित रूप से प्रदान किया जाता है। यदि पेंशन की बात करें तो प्रत्येक व्यक्ति को नहीं दी जाती है। पेंशन केवल कुछ ही लोगों को प्रदान किया जाता है आपको हम यह भी बताएंगे कि कि नहीं पेंशन प्रदान की जाती है तो आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। 

पेंशन में व्यक्ति विशेष के लाभार्थी को आर्थिक सहायता नियमित रूप से सालाना या फिर मासिक प्रदान की जाती है इसके अतिरिक्त वित्तीय सहायता लाभार्थियों को आजीवन प्रदान की जाती है। कहने का तात्पर्य यह है कि जब पेंशन प्रदान करने की समय अवधि प्रारंभ हो जाती है तत्पश्चात उसके मृत्यु तक उसे पेंशन प्रदान किया जाता है। 

लोगों को पेंशन प्रदान किया जाता है जिससे कि वह अपने बुढ़ापे में या फिर अपने सेवानिवृत्त हो जाने के पश्चात किसी भी प्रकार की आर्थिक तंगी का सामना ना करें। पेंशन देने का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि उन्हें सेवानिवृत्त हो जाने के पश्चात जाकर वृद्ध हो जाने के पश्चात आर्थिक रूप से समस्या ना

क्या केवल कर्मचारियों को ही मिलता है पेंशन :-

न जाने किस प्रकार से यह मानसिकता बन चुकी है कि केवल कर्मचारियों को ही पेंशन की सुविधाएं प्रदान की जाती है। किंतु हम आपको यह बात सुनिश्चित कर दें कि ऐसा हरगिज नहीं है। यदि आप चाहे तो आपको भी पेंशन की प्राप्ति हो सकती है। 

इसके लिए आपको पीपीएफ अकाउंट अर्थात पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट खुलवाना होगा। इसमें आप ₹500 से लेकर के ₹150000 तक की धनराशि जमा कर सकते हैं और पेंशन के हकदार बन सकते हैं। यदि आप सोच रहे होंगे कि भला या अकाउंट कहां खुलवाएं तो हम आपको बता दें कि आप अपने नजदीकी किसी भी पोस्ट या फिर बैंक में जाकर आसानी से पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं। 

इपीएफ अकाउंट से जुड़ी कुछ आवश्यक बातें :-

यदि आप भी कर्मचारी हैं तो आपको यह बात अवश्य पता होगी कि किसी भी कंपनी में यदि 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है तो उन सभी का ईपीएफओ संगठन के तहत इपीएफ अकाउंट खुलवाना अनिवार्य होता है। 

ईपीएफओ के नियमों के अनुसार पीएफ अकाउंट में कर्मचारी की जमा की जाने वाली राशि का कुछ हिस्सा उसके पेंशन अकाउंट में डाल दिया जाता है। इस अकाउंट को इपीएफ अकाउंट कहा जाता है। यह रकम कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट के समय दिया जाता है। 

इसी रकम को पेंशन के नाम से जाना जाता है। किंतु आपका यह जान लेना भी अति आवश्यक है कि आप पेंशन प्राप्ति हेतु पात्र है अथवा नहीं। इसके साथ ही आपको यह भी ज्ञात होना अति आवश्यक है क्या आपको कितना पैसा टेंशन के तौर पर प्रदान किया जाएगा। 

तो हम आपको बता दें कि आपको कितने रुपयों की पेंशन प्रदान की जाएगी यह बात पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप ने कितने सालों तक नौकरी करी है। इसके अतिरिक्त नौकरी के दौरान आपका कितना पैसा पीएफ अकाउंट में जमा हो रहा है ।  यह भी आवश्यक है। यदि आपका पैसा हर महीने पीएफ अकाउंट में जाता है तो आपको पेंशन उसी के अनुरूप प्रदान किया जाएगा। 

कैसे होता है कैलकुलेशन :-

यदि पेंशन को कैलकुलेट करने का प्रयास करें तो इसके लिए कर्मचारी की बेसिक सैलरी + डी ए का 12% हिस्सा प्रतिमाह पीएफ अकाउंट में डाला जाता है। जिसमें से 8.33% हिस्सा उसके पेंशन अकाउंट में जमा कर दिया जाता है। इसके साथ ही 3.67% हर महीने इपीएफ में ट्रांसफर कर दिया जाता है। 

इसी पेंशन अकाउंट में साल दर साल जमा पड़ी यही रकम बाद में रिटायरमेंट के समय वन पेंशन के तौर पर प्रदान की जाती है। पीएफ पेंशन की कैलकुलेशन की अधिक बात करें तो पीएफ में पेंशन राशि , सदस्य के पेंशन योग्य वेतन तथा कितने साल नौकरी की गई है पर निर्भर करता है। यदि आप अपनी पेंशन को कैलकुलेट करने के इच्छुक हैं तो आपको निम्न फार्मूले को उपयोग में लाना होगा। 

पेंशन के लिए पात्रता की जांच किस प्रकार करें :-

  • यदि आप पेंशन प्राप्ति हेतु इच्छुक है तो इसके लिए सर्वप्रथम सच तो यही है कि आपको ईपीएओ संगठन का सदस्य होना आवश्यक है। 
  • इसके वास्ते आपको कम से कम 10 वर्षों तक नौकरी करनी पड़ेगी ही पड़ेगी। किंतु यदि आप सोच रहे हैं कि पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाने के पश्चात उसके पैसे डूब जाते हैं तो ऐसा नहीं है। 
  • उसकी मृत्यु के पश्चात उसके पेंशन को परिवार जनों को दे दिया जाता है। 
  • पेंशन पाने के वास्ते कर्मचारी का 58 वर्षों का होना आवश्यक है। किंतु यदि कर्मचारी 50 वर्ष की आयु होने पर भी ईपीएफओ से पैसे निकालना चाहता है तो उसे इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी किंतु पेंशन कम मिलने लगेगी। 
  • इसके बाद से कर्मचारियों को फॉर्म 10D को भरना पड़ेगा। 
  • इसके अतिरिक्त यदि कर्मचारी 60 वर्ष की आयु तक अर्थात 2 साल के लिए अपनी पेंशन को स्थगित भी कर देता है तो इस पर भी उसे हर वर्ष 4% तक अतिरिक्त दर से पेंशन प्रदान की जाएगी। 

निष्कर्ष :-

आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आप सभी पाठकों के साथ पेंशन स्कीम के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारियां साझा की है। हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा प्रदान की गई है सभी जानकारी आपको बेहद ही पसंद आई होगी। यदि आप हमसे कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं अथवा हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो यह कार्य आप कमेंट आसानी से कर सकते हैं। 

इसके अतिरिक्त आप सभी प्रिय पाठकों से हमारा सादर अनुरोध है कि हमारे article को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ जरूर शेयर करें। 

आप सभी प्रिय पाठकों का सप्रेम धन्यवाद।

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Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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