जिला शिक्षा अधिकारी कैसे बने?

आज के समय मे देश व दूनिया मे शिक्षा का महत्व काफी बढ़ गया है और उसी के साथ ही शिक्षा प्राप्त करने का तरिका भी बदल चुका है.

शिक्षा के क्षेत्र मे कई ऐसे कार्य है जो किसी भी देश का नागरिक कर सकता है. इस आर्टिकल के माध्यम से आप जान सकेंगे की जिला शिक्षा अधिकारी कैसे बने?

शिक्षा के क्षेत्र मे एक तृतीय श्रेणी शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक सब का काफी महत्व है जो शिक्षा के रूप मे उत्कृष्ट कार्य करते है.

इन सब से एक जिला शिक्षा अधिकारी का भी पद काफी महत्वपूर्ण है जिसके बारे मे आपको इस लेख के माध्यम से बताया जा रहा है.

आप इस लेख को अंत तक पढे ताकि आपको इसके बारे मे पूरी जानकारी मिल सके. 

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जिला शिक्षा अधिकारी कौन होता है?

जिला शिक्षा अधिकारी जिला का सबसे बडा शिक्षा अधिकारी होता है.

यह पूरे जिले अलग अलग शिक्षा के क्षेत्रो मे उत्कृष्ट कार्य करने हेतु एक बेहतर ढंग से प्रयास करता है.

जिला शिक्षा अधिकारी के भी पद कई राज्यों मे अलग-अलग नाम से जाने जाते है. जिला शिक्षा अधिकारी के भी पद कई राज्यों मे अलग-अलग नाम से जाने जाते है.

जैसे कई राज्यों मे खंड शिक्षा अधिकारी के नाम से तो कई राज्यों मे जिला शिक्षाधिकारी के नाम से जाने जाते है.

एक जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए एक प्रार्थी के पास कुछ सामान्य योग्यताएं एवं कुछ विशेष योग्यताएं होनी चाहिए.

इन योग्यताओं मे एक अभियार्थी के पास जरूरी शिक्षा भी होनी चाहिए जिससे यह पता चल सके की क्या अभियार्थी वास्तव मे कामगार है या नही. 

जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए योग्यताएं – Eligibility for District Education Officer

जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए कुछ योग्यताओ का होना भी जरूरी है जो की उस अभ्यार्थी की योग्यताओं को साबित कर सकें. 

निवासी

एक अभ्यार्थी जो जिला शिक्षा अधिकारी बनने की चाहत रखते है उनके लिए यह जरूरी है की वो उस राज्य का मूल निवासी जिस राज्य के लिए व आवेदन करना चाहता है, हालांकि कुछ राज्यों मे दूसरे राज्यों के प्रार्थी भी आवेदन कर सकते है. 

आयु

आवेदन जो इस पद के लिए आवेदन करना चाहते है उनकी आयु कम से कम 21 वर्ष व अधिक से अधिक 45 वर्ष होनी चाहिए. इसके राज्यों के नियमानुसार आरक्षणानुसार छूट भी दी जाती है.

शिक्षा

अभ्यार्थी जो इस पद के लिए आवेदन करना चाहते है उनका स्नातक होना जरूरी है वही कुछ श्रेणियों मे स्नातकोत्तर का होना जरूरी है वही इसके साथ बी.एड एवं सीटेट, नेट जैसी परीक्छाओं का पास होना भी जरूरी होता है. 

अनुभव

अभ्यार्थी जो इस पोस्ट के लिए आवेदन करना चाहता है उनके लिए यह जरूरी है की वै उस विषय मे दक्ष हो जिस विषय के लिए वे आवेदन करना चाहते है.

हालांकि कई राज्यों मे इस योग्यता को ज्यादा बढावा नही दिया जाता है.

जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी

एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी भी कई राज्यों मे अलग-अलग है परन्तु एक सामान्य औसत देखा जाये तो एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी 45,000 से 65,000 के मध्य हो सकती है.

एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी भी कई निर्धारित करने के लिए कई फैक्टर होते है जो निम्न प्रकार है:

अनुभव

एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी निर्धारित करने के कई सारे फैक्टर है जिसमे से यह एक अनुभव भी शामिल है इसके अंतर्गत अभ्यार्थी को जितना अनुभव होगा उसके अनुसार उसे सैलेरी दी जायेगी. 

पैय स्केल

जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी निर्धारित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पेय स्केल भी काम मे ली जाती है.

रैंक

एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी उसकी रैंक भी निर्धारित करती है जो की काफी आवश्यक है. 

जिला शिक्षा अधिकारी की चयन प्रक्रिया

जिला शिक्षा अधिकारी के चयन की प्रक्रिया को दो भागों मे बाँटा जा सकता है जिसमे एक सीधी भर्ती और दूसरा विभागीय भर्ती, सीधी भर्ती मे योग्य विद्यार्थी आवेदन कर सकते है जिनको परीक्षा पास करनी होती है वही विभागीय वाले अभियार्थियों के लिए विभाग द्वारा आंतरिक परीक्षा होती है. 

सीधी भर्ती के माध्यम से चयन – अभ्यार्थी जो इस पोस्ट के लिए सीधी भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते है उनके लिए जरूरी है की वे इस परीक्षा मे मांगी कई योग्यताओं को पूरा करें एवं इस परीक्षा मे अभ्याथी इन निम्न चरणों को पूरा करें. 

प्रारंभिक परीक्षा

जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए सबसे पहले परीक्षार्थीओं को प्रारंभिक परीक्षा उत्र्तीण करनी होती है जिसमे वे सब अभ्यार्थी परीक्षा मे बैठ सकते है जो इस परीक्षा के लिए पूर्व मे आवेदन कर चुके है.

इस परीक्षा मे बैठने के लिए अभ्यार्थीओं को कुछ योग्यताओ को पूरा करना होता है जो इस लेख मे पूर्व मे बताई गई है. इस परीक्षा मे जो भी पेपर होते है उनमे विषयात्मक प्रश्न पूछे जाते है. 

मुख्य परीक्षा

जो अभ्यार्थी इस प्रारंभिक परीक्षा को उत्र्तीण कर लेते है वे अभ्यार्थी इस मुख्य परीक्षा मे बैठ सकते है. इस परीक्षा मे बैठने के लिए प्राम्भ्भिक परीक्षा को पूर्व मे उत्र्तीण कर चुके हो. यह परीक्षा सब्जेक्टिव टाइप की होती है. इस परीक्षा मे जो भी पेपर होते है उनमे विषयात्मक प्रश्न पूछे जाते है. 

साक्षात्कार

जो भी अभ्यार्थी इस मुख्य परीक्षा को उत्र्तीण कर लेते है वे अभ्यार्थी साक्षात्कार के लिए बुलाए जाते है और उनके साक्षात्कार शिक्षा विभाग द्वारा बनी बोर्ड कमेटी द्वारा लिया जाता है. 

फाइनल मेरिट

जो भी परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा ओर साक्षात्कार देते है उनके दोनो के नंबरों को मिलाकर एक मुख्य मेरिट लिस्ट बनाई जाती है जिसके बाद अभ्यार्थीयों का चयन होता है. 

विभागीय भर्ती

इस प्रोसेस मे उन सब परीक्षार्थीओं को रखा जाता है जो की पूर्व मे शिक्षा विभाग से जुडे हो एवं शिक्षा के क्षेत्र मे एक शिक्षक के रूप मे कार्यरत हो.

इस प्रक्रिया वे उन सब परीक्षार्थीओं को भी रखा जाता है जो शिक्षा के क्षेत्र मे किसी भी श्रेणी के शिक्षक के पद पर हो.

इन अभियार्थिाओं के लिए विभाग द्वारा एक आंतरिक परीक्षा ली जाती है जिसके आधार पर मेरिट बना कर शिक्षा के क्षेत्र मे जिला शिक्षा अधिकारी बनाते है.

इसमे कुछ राज्यों मे प्रोमोशन के माध्यम से भी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया जा सकता है.

इस प्रकार से कोई पूर्व मे शिक्षा विभाग से जुडे कार्मिक को भी जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर भेजा जा सकता है. 

जिला शिक्षा अधिकारी परीक्षा के लिए सैलेबस

इस परीक्षा मे भारत का इतिहास, भारत का भूगोल, संविधान, शिक्षा नीति, शिक्षा पाठन विधि, सामान्य ज्ञान इत्यादि से संबंधित जानकारी पूछी जाती है.

इस परीक्षा मे हिन्दी व अंग्रेजी विषयो का काफी ज्यादा विस्तार रहता है क्योंकि यह भी सामान्य रूप से जरूरी होती है एक जिला शिक्षा अधिकारी के लिए.

इस परीक्षा के लिए सैलेसब हर राज्य के लिए अलग-अलग हो सकता है क्योंकि कूछ राज्यों यह परीक्षा लोक सेवा आयोग द्वारा करवाई जाती है वही कूछ राज्यों मे कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित करवाई जाती है. 

निष्कर्ष

शिक्षा के क्षेत्र मे जिले की सबसे बडी पोस्ट जिला शिक्षा अधिकारी की होती है. जिला शिक्षा अधिकारी के भी पद कई राज्यों मे अलग-अलग नाम से जाने जाते है.

जिला शिक्षा अधिकारी के भी पद कई राज्यों मे अलग – अलग नाम से जाने जाते है, जैसे कई राज्यों मे खंड शिक्षा अधिकारी के नाम से तो कई राज्यों मे जिला शिक्षाधिकारी के नाम से जाने जाते है.

एक जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए एक प्रार्थी के पास कुछ सामान्य योग्यताएं एवं कुछ विशेष योग्यताएं होनी चाहिए. एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी 45,000 से 65,000 के मध्य हो सकती है. उम्मीद करते है आपको यह लेख पसंद आया होगा. 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1 – जिला शिक्षा अधिकारी कौन होता है ?

उत्तर – जिला शिक्षा अधिकारी जिला का सबसे बडा शिक्षा अधिकारी होता है. यह पूरे जिले अलग अलग शिक्षा के क्षेत्रो मे उत्कृष्ट कार्य करने हेतु एक बेहतर ढंग से प्रयास करता है. एक जिला शिक्षा अधिकारी का भी पद काफी महत्वपूर्ण है. जो शिक्षा के रूप मे उत्कृष्ट कार्य करते है

प्रश्न 2 – जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए योग्यताएं?

उत्तर -जिला शिक्षा अधिकारी बनने के लिए कुछ योग्यताओ का होना भी जरूरी है जिसमे आवेदक की नागरिकता, शैक्षणिक योग्यता, उम्र इत्यादि शामिल है जो की एक आवेदक के पास होनी चाहिए. 

प्रश्न 3 – एक जिला शिक्षा अधिकारी का चयन किस प्रकार होता है ?

उत्तर – जिला शिक्षा अधिकारी ( District Education Officer ) के चयन की प्रक्रिया को दो भागों मे बाँटा जा सकता है जिसमे एक सीधी भर्ती और दूसरा विभागीय भर्ती, सीधी भर्ती मे योग्य विद्यार्थी आवेदन कर सकते है जिनको परीक्षा पास करनी होती है वही विभागीय वाले अभियार्थियों के लिए विभाग द्वारा आंतरिक परीक्षा होती है. 

प्रश्न 4 – एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी क्या होती है ?

उत्तर – एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी भी कई राज्यों मे अलग – अलग है परन्तु एक सामान्य औसत देखा जाये तो एक जिला शिक्षा अधिकारी की सैलेरी 45,000 से 65,000 के मध्य हो सकती है. 

प्रश्न 5 – जिला शिक्षा अधिकारी परीक्षा का सैलेबस क्या है ?

उत्तर – जिला शिक्षा अधिकारी परीक्षा ( District Education Office Exam ) के लिए सैलेबस – इस परीक्षा मे भारत का इतिहास, भारत का भूगोल, संविधान, शिक्षा नीति, शिक्षा पाठन विधि, सामान्य ज्ञान इत्यादि से संबंधित जानकारी पूछी जाती है. 

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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