डीजीपी कैसे बने?

भारत की रक्षा करने के लिए आर्मी तथा पुलिस अपनी जिम्मेदारी बड़ी अच्छी तरह से निभा रहे हैं। जब भी देश में किसी प्रकार का क्राइम तथा अवैध घटनाएं होती है तो सबसे पहले पुलिस ही हमारी रक्षा करती है। जाहिर सी बात है कि इतना कर्तव्यनिष्ठ विभाग है कि यह पुलिसकर्मी हमारी रक्षा के लिए दिन रात काम करते हैं इसीलिए राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार अपने इस प्रशासनिक बल को बढ़ाने के लिए पद निकालता है।

जो भी व्यक्ति पुलिस अधिकारी बनना चाहता है वहां विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से पुलिस विभाग में जा सकता है आज हम ऐसे ही पुलिस विभाग के बड़े पद के बारे में बताएँगे जिस पद का नाम DGP है। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको DGP के बारे में समस्त जानकारी देंगे तथा यह भी बताएँगे कि आप DGP बनना चाहते हैं तो क्या-क्या पात्रता योग्यता तथा कौन सी परीक्षा देनी होगी उसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करेंगे।

DGP क्या है?

dgp kaise bane

DGP का पूरा नाम director general of police है। इसको हिंदी में हम पुलिस महानिदेशक कहते हैं। यह पुलिस विभाग का महत्वपूर्ण पद है। यह किसी भी राज्य का पुलिस विभाग में सबसे बड़ा अधिकारी होता है। जो एक राज्य कैबिनेट मिनिस्टर के बराबर का दर्जा रखता है।
इसका सिलेक्शन भारतीय पुलिस सेवा की परीक्षा द्वारा होता है जिस व्यक्ति नहीं भारतीय पुलिस सेवा की परीक्षा को पास किया हो वही व्यक्ति पुलिस महा निर्देशक बन सकता है.

यह पद राज्य में बहुत कम होते हैं इनके द्वारा दिए गए आदेशों का पालन पुलिस विभाग तथा अन्य विभाग भी करते हैं। इस पद के पास इतनी शक्ति होती है कि यह किसी भी अधिकारी को निष्कासित अथवा स्थानांतरित कर सकते हैं यह सबसे बड़ा पद होने के कारण इसकी शक्तियां भी उतनी ही बड़ी होती है। पुलिस महानिदेशक अपने शक्तियों का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकते है क्योंकि यदि राज्य सरकार को जवाब देना पड़ता है।

DGP को अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था तथा शांति बनाए रखना पड़ता है। इन कार्यों के लिए वह किसी भी विभाग के कार्यों में दखल दे सकते हैं DGP रात दिन कार्य करते हैं तथा किसी भी परिस्थिति में उसका सामना करते हैं DGP, SP तथा SSP के चेक करने में अपनी भागीदारी भी निभाते हैं।


DGP की योग्यता

जैसा कि आप जानते ही हैं कि यह पुलिस विभाग की सबसे बड़ी post है। इस पद के लिए योग्य व्यक्ति ही आवेदन कर सकता है आवेदन करता कम से कम स्नातक होना अनिवार्य है यदि कोई अभ्यार्थी स्नातक नहीं है तो वह इस पद के लिए आवेदन नहीं कर सकता है अभ्यार्थी स्नातक के समय 55% से अधिक अंक प्राप्त किए हो।

आयु सीमा

इस पद के लिए अभ्यार्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा अधिकतम आयु 32 वर्ष होने चाहिए परंतु आरक्षित वर्ग में यह आयु बढ़ाकर अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति दिव्यांग वर्ग अन्य पिछड़ा वर्ग आदि के लिए आयु सीमा में कुछ परसों की छूट दी गई है। जो भी व्यक्ति इस आयु सीमा के बीच में आता है तो वह इस पद के लिए आवेदन कर सकता है।

नागरिकता

  • अभ्यार्थी भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • प्रवासी नागरिक भी इस पद के लिए आवेदन कर सकता है।
  • कोई भी राज्य में रहने वाला आम नागरिक इस पद हेतु आवेदन कर सकता है ।


DGP कैसे बने?

जब भी हम किसी सरकारी नौकरी में आवेदन करते है तो मन मे सवाल रहता है कि आखिर इसकी तैयारी कैसे करे और इसके लिए किन परीक्षाओं से गुजरना होगा। क्योकि हर एक परीक्षा की तैयारी करना और उससे जुड़े एग्जाम को पास करना जरूरी होता है तभी आप परीक्षा को पास करने के बाद संबंधित पद पर सिलेक्शन ले सकेंगे।

वही जब हम पद की बाद करते है तो इस पद को पाना इतना आसान नहीं है इसके लिए बहुत कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है क्योंकि यहां पुलिस विभाग में सबसे उच्च पद में से एक हैं। इसका सपना हर कोई देखता है जो भी व्यक्ति पुलिस विभाग में कर्मचारी है वहां इस पद को पाने की इच्छा रखता है परंतु हर पुलिस कर्मी इस पद को नहीं पा सकता है क्योंकि इस पद को पाने के लिए कुछ मापदंड तथा आवश्यक योग्यता होनी चाहिए।

साथ ही इस पद से जुड़ी परीक्षा जो कि काफी कठिन मानी जाती है। जिन्हें पास करने के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती तब जाकर कही इस पड़ के लिए व्यक्ति को चयनित किया जाता है। चलिये आखिर इस पद को पाने के लिए लाभार्थी को किन परीक्षाओं से गुजरना होगा और इसके लिए मुख्यता क्या योग्यता होनी चाहिए इसके बारे में नीचे थोड़ा डिटेल में जानते है –

  • जब कोई अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया जाता है तो उसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पर कार्य करने की जिम्मेदारी दी जाती है।
  • इसके बाद वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में नियुक्त किया जाता है।
  • पुलिस अधीक्षक नियुक्त होने के बाद वहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में चयनित होता है।
  • जैसे ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनता है तो उसके बाद ही पुलिस महा निरीक्षक का पद दिया जाता है।
  • यह प्रक्रिया अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद की जिम्मेदारी तक जाती है।


इतने लंबे सफर तय करने के बाद वह अधिकारी इतना अनुभवी तथा ज्ञानी हो जाता है कि अंत में उसे पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्त कर दिया जाता है क्योंकि इस पद के लिए संयम तथा आत्मविश्वास दोनों होना अनिवार्य है। इतनी लंबी प्रक्रिया के बाद पुलिस महानिदेशक के पास बहुत सारा अनुभव होता है वहां विभिन्न पदों पर कार्य करके अलग अलग लोगों से मिलकर इस पद की गरिमा को बनाए रखता है।

परीक्षा का पैटर्न

DGP बनने के लिए आपको UPSC मतलब संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा संचालित परीक्षा की तैयारी करनी होगी। यह परीक्षा बहुत ही कठिन होती है इसे पास करना इतना आसान नहीं होता है संघ लोक सेवा आयोग इस परीक्षा को सारे पहलू को ध्यान में रखकर बनाया है। इस परीक्षा को तीन भागों में बांटा गया है जो इस परीक्षा को विशेष बनाता है यह तीन भाग निम्नलिखित है।


प्राथमिक परीक्षा

यह इस परीक्षा का प्रथम चरण होता है इसमें आपसे वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते हैं जो सारे विषयों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है प्राथमिक परीक्षा दो चरणों में होती है। प्रथम चरण में गणित तथा तार्किक शक्ति का प्रथम पेपर होता है तथा दूसरे चरण में सामान्य ज्ञान का पेपर होता है।


मुख्य परीक्षा

जब आप प्राथमिक परीक्षा पास कर लेते हैं तो आप इस परीक्षा के दूसरे चरण मतलब मुख्य परीक्षा में बैठ सकते हैं इसके नियमों के अनुसार आपको निबंध तथा विस्तृत प्रश्न पूछे जाते हैं जिसे छोटे-छोटे प्रश्नों में बांटा जाता है। कुछ प्रश्नों में आपको उत्तर चार से पांच लाइन में लिखना होता है तथा कुछ प्रश्नों के उत्तर एक या दो पेज में लिखना होता है इनके अंको का विभाजन भी इसी प्रकार तय होता है इसलिए मुख्य परीक्षा एक महत्वपूर्ण चरण है यदि आपके इस परीक्षा में अच्छे प्राप्त होते हैं तो आपको साक्षात्कार में ज्यादा मेहनत करने की आवश्यकता नहीं होगी।

साक्षात्कार

यह इस परीक्षा का तीसरा तथा अंतिम चरण होता है। जिसमें आपसे कुछ इस परीक्षा के विशेषज्ञ तथा विषयों के अनुसार विशेषज्ञ आपके सामने बैठते हैं इसमें आपको बुलाया जाता है और आप से आमने-सामने प्रश्न पूछे जाते हैं इस प्रक्रिया को साक्षात्कार कहते हैं।

इसमें अक्सर लोग डर तथा घबरा जाते हैं जिससे बैठे हुए अधिकारी यह समझ जाते हैं कि अभ्यर्थी डर गया है विशेषज्ञों का ध्यान आपकी हर क्रियाकलापों पर होता है। इन गतिविधियों को ध्यान में रखकर आपको अंक दिए जाते हैं इसके बाद आपका परिणाम आता है यदि आप तीनों परीक्षाओं को पास कर लेते हैं तो आपको सफलता मिल जाएंगी और आप भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हो जाएंगे।


DGP की तैयारी कैसे करें

इस परीक्षा के लिए आपको संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा बनाए गए सिलेबस का अध्ययन करना होगा इसके तहत जितने भी विषयों को शामिल किया गया है उसका क्रमबद्ध अध्ययन करें। इसके लिए आपको कुछ सामान्य दिनचर्या बनानी होगी हर सफलता के पीछे कठिन परिश्रम होता है यदि आप जितनी ज्यादा मेहनत करोगे उतनी ही तेजी से आप सफलता की ओर बढ़ेंगे इसीलिए इस परीक्षा की तैयारी हेतु निम्नलिखित बिंदुओं को फॉलो करें।

Syllabus

Syllabus का आकलन जब भी आप इतनी बड़ी परीक्षा की तैयारी करते हैं तो आपको इस परीक्षा का syllabus पूरी तरह से पता होना चाहिए। आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि किस अध्याय से हर साल लगभग कितने प्रश्न पूछे जाते हैं तथा कौन सा अध्याय महत्वपूर्ण है।

Time table

आप सिलेबस अवलोकन तो कर लेंगे परंतु उसको नियमित रूप से पालन करने के लिए आपको एक time table की आवश्यकता होगी जब भी आप time table बनाए थे इस बात का अवश्य ध्यान रखें। टाइम टेबल आपकी दैनिक दिनचर्या के अनुसार ध्यान में रखकर बनाया गया इसमें आपके विषय तथा अन्य कार्य शामिल हो जिससे कि आपको इसे फॉलो करने में आसानी होगी।

Notes

आप जब भी जिस किसी विषय को पढ़ते हैं तो उसका एक notes भी बना कर चले जिससे आपको परीक्षा के समय पढ़ने में आसानी होगी एक short notes हमेशा आप तैयार करते रहें।

Health

अक्सर विद्यार्थी पढ़ाई के समय खानपान तथा स्वास्थ्य संबंधी चीजों को भूल जाते हैं जिस वजह से उनकी तबीयत खराब होने लगती है परंतु अभ्यार्थी कभी ऐसा नहीं करना चाहिए उसे नियमित रूप से अपने खानपान का ध्यान रखना चाहिए जिससे कि वह अपने कार्य को निरंतर चला सके।

DGP का वेतनमान

DGP का वेतनमान बहुत ज्यादा होता है डीजीपी को सातवें वेतनमान के अनुसार 56000 से 225000 प्रतिमाह प्राप्त होता है तथा इन्हें अलग से विभिन्न भत्ते तथा सेवाएं प्रदान की जाती है

DGP के कार्य

सरकार जब किसी पद के लिए किस भी लाभार्थी को चयनित करती है तो उसके लिए सरकार के द्वारा दिशा निर्देश अनुसार कुछ जिमेदारिया दी जाती है ऐसे ही डीजीपी जो कि पुलिस विभाग काफी महत्वपूर्ण पद है।
इस पद पर चयनित होने वाले व्यक्ति का काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है बाकी इस पद पर चनयनित व्यक्ति को किस प्रकार के कार्य करने की जिम्मेदारी होती है वह इस प्रकार है –
  • यह पुलिस विभाग का सरोज अधिकारी होता है इसीलिए इनके पास निर्देश तथा आदेश देने की शक्तियां होती है।
  • यह अपने क्षेत्र में शांति तथा अनुशासन बनाने के लिए नए नियम बना सकते हैं।
  • इनके कार्यों में किसी भी मंत्रालय का हस्तक्षेप नहीं हो सकता है।
  • यदि DGP खुद चाहे तो किसी भी पुलिसकर्मी का स्थानांतरण कर सकते हैं।
  • यह सीधे मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं।
  • मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल की सुरक्षा हेतु उन्हें रेली तथा जनसभा करने से रोक सकते हैं।

निष्कर्ष

आज हर युवा व्यक्ति का सपना होता है कि वह किसी बड़े सरकारी पद के लिए चयनित हो जिसके लिए आज युवा काफी कड़ी मेहनत भी करते है वही जब हम बात करते है डीजीपी की तो सभी जानते है कि यह पुलिस विभाग का एक उच्च पद होता है।

और पुलिस एक ऐसा विभाग है जो आज के युवाओ की नौकरीं करने के लिए सबसे पहली पसंद माना जाता है इसलिए इस इस पद को पांना आसान नही होता है। लेकिन हां अगर इसके बारे में उचित जानकारी मिल जाये जैसे कि इस परीक्षा पैटर्न क्या होगा, योग्यता क्या होगी।

अगर इन सभी के बारे में पता चल जाये तो ये इटना मुश्किल भी नही होता है। बस इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हमने अपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपके साथ डीजीपी से जुड़ी सभी जानकारी को आपके साथ साझा किया। 

आशा करता हूं मेरे द्वारा दी गई जानकारी से हम संतुष्ट होंगे इस लेख का उद्देश्य DGP के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा अभ्यर्थी उपरोक्त दिए गए बिंदुओं का पालन कर इस पद की तैयारी कर सकें।

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