Debit Card और Credit Card क्या है?

हर इंसान आज इसकी खवाहिश जरूर रखता है की उसके पास क्रेडिट कार्ड जरूर हो।  अगर आप नहीं जानते कीडेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड क्या है (What is Debit & Credit card in hindi) तो कोई बात नहीं क्यूंकि आज की इस पोस्ट में हम इसी के बारे में जानकारी लेने वाले हैं.  ज्यादातर लोग डेबिट कार्ड का प्रयोग तो करते हैं लेकिन हर कोई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करते इसीलिए इसके लिए जानने को उत्सुकता होती है. अगर आपके मन में भी इसी तरह का सवाल उठा है तो इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपके सवाल का जवाब देने की कोशिश की है. हमारा देश लगातार विकसित होने के रास्ते में है इसीलिए भारत सरकार ने देश को Digital India बनाने का फैसला किया है. आजकल लगभग हर जगह Digital Payment की सुविधा उपलब्ध होती है. इसका मतलब अब आपको अपने पैसे अपने पर्स या पॉकेट में लेकर घूमने की कोई जरुरत नहीं है.

ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है Bank Account का होना इसीलिए पुरे देश में जिसके पास बैंक अकाउंट नहीं है उनके बैंक अकाउंट खुलवाए जा रहे हैं. और पैसों नकद की लेन देन की जगह ऑनलाइन ट्रांसफर पर जोर दिया जा रहा है. अब तो आप ये समझ ही गए होंगे की अगर आपके पास बैंक अकाउंट नहीं है तो आप online payment नहीं कर सकते.

हम जो भी payment ऑनलाइन करते हैं वो पैसा हमारे bank account से pay किया जाता है. जब हम नया अकाउंट खुलवाते हैं तो हमे एक ATM card दिया जाता है जो plastic का बना हुआ होता है और जिसका इस्तेमाल हम ATM मशीन से पैसे निकालने के लिए करते हैं. इसी ATM card को हम डेबिट कार्ड के नाम से भी जानते हैं.

आप shopping करने तो जरूर जाते होंगे या पेट्रोल पंप में तेल भरवाने,उस वक़्त आपके डेबिट कार्ड को swipping machine में Swipe कर के भी payment करते होंगे. इसके अलावा इसका सबसे common use ATM से cash पैसे निकालने के लिए किया जाता है. Debit Card के अलावा भी एक Card होता है जिसे हम Credit Card के नाम से जानते हैं. इसका इस्तेमाल भी तो हम Debit card की तरह ही करते हैं लेकिन फिर दोनों को अलग अलग बनाने की क्या जरुरत पड़ गई. इन दोनों में कुछ तो अंतर जरूर होगा.

तो इसका जवाब है…. हाँ दोनों एक दूसरे से बहुत अलग होते हैं.ये भी हम इस पोस्ट में आगे जान जायेंगे. लेकिन इसके पहले चलिए जान लेते हैं की डेबिट कार्ड क्या है. साथ ही ये भी जानेंगे की  क्रेडिट कार्ड क्या है और कैसे बनता है? (What is Debit card and Credit Card meaning in Hindi) और इन दोनों में क्या अंतर है?

debit aur credit card kya hai hindi

डेबिट कार्ड क्या है – What is Debit card in Hindi

एक डेबिट कार्ड जिसे हम Bank card, Plastic card या चेक कार्ड भी बोलते हैं, एक ऐसा प्लास्टिक कार्ड होता है जिसका इस्तेमाल कहीं भी पैसे देने के लिए कर सकते हैं लेकिन इसमें cash का इस्तेमाल नहीं करते बल्कि हम online transaction करते हैं. इस Card से किये गए पेमेंट का पैसा सीधे हमारे बैंक अकाउंट से कट कर जाता है. ये एक तरह से prepaid sim card के जैसा है की जब तक बैलेंस रहेगा तभी तक हम बात कर सकते हैं उसी तरह जब तक बैंक अकाउंट में पैसे रहेंगे तभी हम इस से पेमेंट कर सकेंगे.

जब हम बैंक में नया अकाउंट खुलवाते हैं तो उस वक़्त हमे कुछ सुविधाएँ अलग से दी जाती हैं जैसे internet banking, mobile banking और ATM Card. बैंक द्वारा दिए जाने वाले ATM card को ही हम डेबिट कार्ड भी बोलते हैं.  आज जिसके पास भी बैंक अकाउंट है वो ATM जरूर बनवा के रखता है क्यों कोई भी अब पैसे निकालने के लिए बैंक में लम्बी लाइनों में खड़ा नहीं रहना चाहता. शुरू में तो लोग इसका इस्तेमाल करने से डरते थे लेकिन अब ये लगभग हर कोई इस्तेमाल करने लगा है चाहे शहर हो या गाँव. इस का इस्तेमाल कर के हम किसी भी बैंक के ATM में जाकर नकद कैश निकाल सकते हैं.

आप जिस बैंक का अकाउंट है उसी के ATM से अनगिनत बार बिना किसी extra charge के पैसे निकाल सकते हैं. लेकिन अगर आप दूसरे ATM में जाकर पैसे निकलते हैं तो एक महीने में 5 बार ही free में निकाल सकते हैं उसके बाद आपको हर transaction के लिए extra processing fees देना पड़ता है. ATM मशीन या फिर shopping करने के समय में हमे 4 digit का PIN का इस्तेमाल करना होता है तभी ATM  से पैसे निकाल सकते हैं और शॉपिंग मॉल में payment कर सकते हैं. जब payment complete होता है तो हमारे बैंक account से पैसे कट जाते हैं और उसी वक़्त हमारे registered mobile number में हमे SMS मिलता है जिसमे ये लिखा हुआ होता है की आपके कितने पैसे इस transaction में कटे हैं और साथ ही कितना बचा हुआ है ये भी होता है. इस के अलावा इस का इस्तेमाल हम online payment, online shopping, mobile recharge, wallet recharge, DTH recharge और Bill payment करने के लिए करते हैं.

डेबिट कार्ड के फायदे – Advantages of Debit Card in hindi

भारत की जनसँख्या बहुत है और बहुत तेज़ी से डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने लगे हैं. इसका कारण हर कोई जनता है. इसने हमारे जीवन को बहुत ही सरल कर दिया है जो की पहले नहीं था. अब घर बैठकर एक कार्ड से हम हमारी इस्तेमाल की लगभग हर चीज़ को खरीद सकते हैं. चलिए जानते हैं की इसके और क्या क्या फायदे हैं.

सुरक्षा

डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करना हमारे लिए फायदेमंद तो है ही  इसमें सुरक्षा भी बहुत अच्छी होती है अगर हम इसकी तुलना cash और checques से करें.

धन प्रबंधन और नियंत्रण

आप भी मेरी बात से जरूर सहमत होंगे की पैसे की माने तो पंख लगे हुए होते हैं जैसे ही पॉकेट में पैसे आते वैसे ही खर्च भी हो जाते हैं. डेबिट कार्ड हमे ये सुविधा देती है की हम अपने पैसे की लेन देन का पूरा रिकॉर्ड देखें और चेक करें साथ ही कहाँ खर्च हुआ सभी चीज़ों पर बारीकी से नज़र रख सकते हैं.  अपने द्वारा खर्च किये जा रहे पैसे को नियंत्रण भी कर सकते हैं.

सहजता 

डेबिट कार्ड से काम करना काफी तेज़ होता है. भले आप ATM जाकर पैसा निकाले या फिर शप्पिंग मॉल के अंदर कोई खरीददारी कर के swap मशीन से पैसे की पेमेंट करें ये तुरंत प्रोसेस  bill चूका देता है. बिलकुल भी समय नहीं लेता बल्कि ये पूरा प्रोसेस कुछ ही सेकण्ड्स में हो जाता है. इस की मदद से हम Autopay का भी option लगा सकते हैं की जिससे की एक खास तारीख में पैसे अपने आप काट जाते हैं. ये तब काम में आता है जब हमे कहीं हर महीने पेमेंट करना होता है और हमे भूलने का डर रहता है.

रिवार्ड्स

आजकल सभी बैंक अपने डेबिट कार्ड में रिवार्ड्स का भी फायदा अपने ग्राहकों को देते हैं. कुछ लोग डेबिट कार्ड से ऑनलाइन transaction बहुत अधिक और रेगुलर करते हैं. अधिक transaction के आधार पर बैंक कुछ points देते हैं जिससे हमे कुछ पैसे मिलते हैं.

डेबिट कार्ड की Acceptance  

कुछ लोग ये जानना चाहते हैं की क्या हर जगह इसका इस्तेमाल कर सकते हैं? तो आप ये जान लें की लगभग हर जगह आप डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर के शॉपिंग या फिर पेमेंट कर सकते हैं. आजकल तो फ्लिपकार्ट में इसकी मदद से इन्सटॉलमेंट में आर्डर से कुछ भी खरीद सकते हैं.

डेबिट कार्ड के प्रकार – Types of Debit card

  • Maestro Card
  • Visa
  • Visa Electron Card
  • Rupay
  • Master Card

 

क्रेडिट कार्ड क्या है – What is Credit Card in Hindi

क्रेडिट कार्ड एक ऐसा पेमेंट कार्ड है जिसका इस्तेमाल डेबिट कार्ड की तरह ही किया जाता है. लेकिन इसके लिए किसी बैंक अकाउंट की जरुरत नहीं होती है बल्कि ये सीधे बैंक से जुड़ा हुआ होता है.  इस से हम जो payment करते हैं वो एक तरह से हम बैंक से लोन लेते हैं जिसके लिए हमे कुछ charges भी देने पड़ते हैं. ये बिलकुल बैंक से उधार लेने के जैसा ही है जिसमे समझ लीजिये की हम card issue करने वाले बैंक से वादा करते हैं की हम पैसे चूका देंगे.  ये एक तरह से बिलकुल Postpaid Sim card के जैसा ही है जिसमे हमे महीने भर जितनी call करनी होती है कर लेते हैं और बाद में उसका बिल चुकाते हैं ठीक उसी तरह इस में भी उसकी  limit तक के amount को हम shopping  या payment करने में खर्च कर सकते हैं और फिर हमे total amount  extra charge के साथ चुकाने पड़ते हैं.

इस कार्ड का इस्तेमाल कर के कभी भी ATM से cash पैसे न निकाले क्यों की इस तरह पैसे निकलने काफी महंगे पड़ जाते हैं. इस का कारण ये है की क्रेडिट कार्ड का सिर्फ लोन के रूप में पैसे देती है और इसका interest काफी ज्यादा लगता है जब भी हम इस कार्ड का उपयोग कर के ATM से कैश निकालते हैं.

जब  क्रेडिट बनाया जाता है तो उस वक़्त एक limit set कर के बैंक हमे इसे देती है. ये बैंक पर निर्भर करती है की वो कितनी लिमिट आपको देती है. इसकी शुरुआत 20,000 से 25,0000 Rs. तक हो सकती है. ये आप आपके बिज़नेस प्रोफाइल और जॉब मिलने वाली सैलरी के आधार पर ही बैंक तय करती है. ऐसा इसीलिए की बैंक ये जानती है की आप कितना पैसा खर्च कर के वापस चूका सकते हैं.

जब भी आप क्रेडिट कार्ड से कुछ खरीददारी करते हैं तो आपको बैंक उसमे तारीख दे देती है की इस Date तक आपको Minimum Amount चूका देना है. इससे आपको extra charge नहीं देना पड़ेगा और पुरे पैसे भी एक बार में नहीं चुकाना पड़ेगा. अगर आप उस तय तारीख तक पैसे नहीं चूका पाते हैं तो आप को अधिक पैसे चुकाने पड़ते हैं जुर्माने के तोर पर. माध्यम वर्ग परिवार में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल इसी वजह से सामान्य तोर पर नहीं किया जाता है.

क्रेडिट कार्ड के फायदे – Advantages of Credit Card in hindi

  • इस के रहने से सबसे बड़ा फायदा ये है की जब आपके पॉकेट में या फिर बैंक अकाउंट में बिलकुल भी पैसे न हो तो भी आप लिमिट के अनुसार शॉपिंग कर सकते हैं.
  • आप अगर मोबाइल, कंप्यूटर या फिर कोई दूसरा सामान खरीदना चाहते हैं और एक बार में पैसे नहीं दे सकते तो फ्लिपकार्ट, अमेज़न, स्नैपडील से EMI में कोई भी प्रोडक्ट खरीद सकते हैं.
  • जहाँ कहीं भी जा रहे हो और वॉलेट में कैश नहीं है फिर भी आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • इसके इस्तेमाल करने से आपको बैंक की तरफ से coupon codes और कई तरह के discount offers भी मिलते रहते हैं.
  • इस में किये जाने वाले ट्रांसैक्शन के लिए आपको rewards भी मिलते हैं.
  •  इससे आप कहीं भी कैशलैस ट्रांसैक्शन बहुत ही आसानी से कर सकते हैं.

क्रेडिट कैसे बनता है?

मैं अपने अनुभव के आधार पर बता रहा हूँ की आजकल क्रेडिट कार्ड बनाना कोई बड़ी बात नहीं है. अगर आप जॉब करते हैं और काम से कम आपकी सैलरी 15000 Rs. हाथ में मिलते हैं तो आप को  ये कार्ड मिल जायेगा. मैं खुद भी एक कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरे पास 2 कार्ड हैं मैंने इसे अपनी कंपनी में आये बैंक के माध्यम से ही बनवाये हैं. इस तरह अगर आप एक जॉब करते हैं तो आपके लिए इसे बनवाना कोई बड़ी बात नहीं है.

क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए बैंक मुख्यत कुछ डॉक्यूमेंट जरूर मांगते हैं जो मैंने निचे बताये हैं.

  • पिछले 2 महीने का सैलरी स्लिप
  • PAN Card
  • Aadhar Card

जो लोग Business करते हैं उन्हें खुद बैंक जाकर क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना पड़ता है. इसके लिए उन्हें अपनी property भी बतानी पड़ती फिर उसके हिसाब से बैंक लिमिट सेट कर के इसे आपकोइशू करती है.

क्रेडिट कार्ड कितने प्रकार के होते हैं?

अगर आप जॉब करते हैं तो कोई भी बक आपको क्रेडिट कार्ड बनाकर देती है. और सभी बैंको में अलग अलग तरह के card  देने की भी सुविधा होती है. कुछ cards में extra facility भी दी जाती है लेकिन उनके लिए साल में charge देना पड़ता है.

  • Visa Card
  • American Express
  • Master Cards
  • Chase cards
  • Discover Card
  • Capital One cards

 

डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड  में क्या अंतर है – Difference between Debit Card and Credit card in Hindi

इसके पहले हम ने डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड क्या है अलग अलग से जान लिया है तो आपको थोड़ा बहुत तो समझ में आ ही गया होगा की आखिर दोनों में क्या फर्क है. यहाँ हम कुछ और तथ्यों के बारे में बात करेंगे जिससे आपकी साडी confusion दूर हो जाएगी.

  1. डेबिट कार्ड बनाने के लिए बैंक में Saving account का होना जरुरी है बिना इसके डेबिट कार्ड इशू नहीं हो सकता है. लेकिन क्रेडिट कार्ड  बनाने के लिए किसी बैंक अकाउंट की जरुरत नहीं होती.
  2. Debit prepaid Mobile नंबर जैसा है जितना आपके account में खुद का पैसा होगा आप उतना ही निकाल सकेंगे अकाउंट में अगर बैलेंस 0 है तो डेबिट कार्ड से आप पैसे नहीं निकाल सकते. जबकि क्रेडिट कार्ड बिलकुल समझ लीजिये की Postpaid Mobile नंबर ही जैसा है. आप इसमें बैंक से पैसे उधार लेते हैं लेकिन इसकी भी एक सीमा (Limit) set की हुई होती है, आप उतनी राशि बैंक से उधार के तोर पर उठा सकते हैं. और फिर दिए हुए तारीख के पहले पैसे वापस जमा करना होता है वो भी extra charge के साथ. इसमें एक फायदा ये भी है की अगर आप उधार  पूरी राशि एक महीना पूरा होने से पहले ही चूका देते तो कोई extra charge नहीं लगता है.
  3. क्रेडिट कार्ड से हम ATM से पैसे निकाल सकते हैं लेकिन इस का इस्तेमाल ATM से पैसे निकलने के लिए नहीं करते हैंक्यों की इसमें चार्जेज बहुत अधिक काट लिए जाते हैं.
  4. बैंक अकाउंट में बैलेंस 0 होने पर हम डेबिट कार्ड से कोई payment या फिर ATM से पैसे नहीं निकाल सकते लेकिन क्रेडिट कार्ड से हम पैसे उधार लेकर कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं भले ही उस वक़्त हमारा account zero हो या हाथ में कोई पैसा न हो.
  5. डेबिट कार्ड का मिलना बहुत आसान है. क्यों की ये बैंक अकाउंट खुलवाने में फ्री में मिल जाता है. लेकिन क्रेडिट कार्ड का मिलना थोड़ा मुश्किल होता है और ये अलग से अप्लाई करना पड़ता है.
  6. डेबिट कार्ड में हमे कोई Bill Pay नहीं करना पड़ता लेकिन क्रेडिट कार्ड में हर महीने हमे खर्च किये गए पैसे चुकाने पड़ते हैं. और अगर समय से न चुकाए तो बहुत भारी राशि का जुरमाना भरना पड़ सकता है. इसके लिए हम क्रेडिट कार्ड को अपने डेबिट कार्ड के account से जोड़ कर Auto withrawal की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं इससे हर महीने एक fix की हुई तारीख को automatic पैसे कट जाते हैं. इससे अगर आप कभी भूल भी जाते हैं तो आपको extra charge कटने से बच सकते हैं.

संक्षेप में

तो आज आपने जाना की डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड क्या है (What is Debit card and Credit Card meaning in Hindi). हमारे वॉलेट में हम आजकल cash money नहीं रखते हैं इसकी शुरुआत इन्ही की वजह से हुई है. आज अगर कोई श्री इलाके में रहता है तो उसकी कैश के रूप में पैसे इस्तेमाल करने की जरुरत बहुत ही कम ही पड़ती है. क्यों की आज हर जगह हम चाहे शॉपिंग मॉल जाएँ या फिर कोई भी मार्किट हर जगह Card से payment करने की सुविधा दी जाती है. लेकिन गाँव वाले इलाकों में कैश का प्रयोग होता है इसमें ATM कार्ड का इस्तेमाल कर के पैसे निकलते हैं. तो इस तरह यहाँ भी ये हमारे लिए काफी उपयोगी है.

मुझे उम्मीद है की आज की ये पोस्ट आपको पसंद आयी होगी और आपकी जानकारी भी पूरी हो गयी होगी  इसके अलावा आप ये भी जान ही चुके होंगे की डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में क्या अंतर होता है. मैंने ये भी बताय की क्रेडिट कार्ड कैसे बनता है और इसके लिए शर्ते क्या हैं और किन दस्तावेजों (documents) की जरुरत पड़ती है. आज पूरा भारत तरक्की की दिशा में बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है और इसके देश को cashless economy बनाने का काम जोरों से चल रहा है. आप भी इस मुहीम से जुड़ें और देश की तैराकी में अपना योगदान दें.

दोस्तों मैं आशा करता हूँ की इस पोस्ट के माध्यम से आप डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के बारे सब कुछ समझ चुके होंगे और आपको ये पोस्ट भी जरूर पसंद आयी होगी. अगर आप को ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें ताकि अभी भी जिन्होंने इसके नॉलेज न होने से ATM नहीं बनवाया होगा तो वो भी बनवा ले.  इस पोस्ट को सोशल मीडिया में भी जरूर शेयर करें.

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