दरोगा की तैयारी कैसे करें? इसकी योग्यता तथा चयन प्रक्रिया

दरोगा पुलिस डिपार्टमेंट का एक बहुत ही सम्मानजनक पद होता है, कई अभ्यर्थी दरोगा बनने की सपना रखते हैं लेकिन उन्हें इसकी पूरी जानकारी पता नहीं होती, आज हम आपको बताएंगे कि दरोगा की तैयारी कैसे करें? तथा इसके लिए योग्यता और निश्चित आयु सीमा क्या होती है?

आज के इस कंपटीशन दौर में सभी छात्र छात्राएं सरकारी नौकरी को पाने के लिए इसकी तैयारी में मेहनत और लगन से जुड़े हुए हैं. सरकारी नौकरी में सम्मान पावर तथा कुछ महत्वपूर्ण अधिकार भी दिए जाते हैं. 

वही दरोगा की बात करें तो यह जॉब पुलिस डिपार्टमेंट के अंतर्गत मिलता है और सभी जनता के दिलों में हर एक पुलिसकर्मी के प्रति इज्जत और सद्भावना रहती है क्योंकि यह एक ऐसा पोस्ट है जो हमारे क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करती है.

दरोगा किसे कहते हैं?

जिले के हर एक प्रखंड में पुलिस थाना होता है जिसमें दरोगा की पोस्टिंग मिलती है, इस ऑफिसर को उप निरीक्षक के साथ-साथ सब इंस्पेक्टर के नाम से भी जाना जाता है.

उप निरीक्षक अपने क्षेत्र की सुरक्षा तथा हर एक क्रियाकलाप को ध्यान में रखते हुए अपने क्षेत्र की देखभाल करते हैं. एक एसआई की वर्दी में सितारे लगाए जाते हैं.

इन सितारों को देख कई विद्यार्थियों के मन इस पोस्ट की ओर आकर्षित हो जाता है और वे इस पोस्ट को हासिल करना चाहते हैं ताकि वे  सितारों से लगे वर्दी पहन सके और अपने देश की रक्षा कर सके.

ऐसे कई छात्र-छात्राएं है जिनके मन में पुलिसकर्मियों के प्रति श्रद्धा और अच्छी भावना रहती है और उनका सपना भी पुलिस बनना होता है.

कुछ विद्यार्थी सब इंस्पेक्टर बनने के इस लक्ष्य को बचपन से ही निर्धारित करके रखते हैं और उनकी तैयारी के लिए आवश्यक हर एक कार्य जैसे फिजिकल फिटनेस तथा सिलेबस की पढ़ाई अच्छे पूर्वक करती है.

कई विद्यार्थियों के माता पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी तथा बेटे पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के पद हासिल करें और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करें. 

इसके लिए उनके माता-पिता उन को अच्छी शिक्षा प्रोवाइड करते हैं और अपने बच्चों को शुरुआत से ही दरोगा पद की पावर अधिकार बताकर उनके मन में इस पद के लिए अच्छी भावना भरते हैं. 

जिससे वह बच्चा मेहनत और लगन से अपनी पढ़ाई को पूरा करता है और एक दिन अपने माता-पिता का सपना पूरा करता है.

यदि आप भी दरोगा बनना चाहते हैं तो इसके लिए माहौल अच्छा होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि बच्चे को जब तक अच्छी माहौल नहीं दी जाए तब तक वे अपने सही दिशा की ओर नहीं बढ़ते इसलिए बच्चों को सही दिशा दिखाना बहुत ही आवश्यक है.

जब आप इसकी तैयारी करते हैं तो आपके मन में यह सवाल उठता होगा कि आखिर दरोगा के कार्य क्या होते हैं, जब कोई उम्मीदवार दरोगा के पद में पहुंचता है तो वह किस प्रकार के कार्य को करते हैं?

दरोगा के कार्य

एक दरोगा अपने क्षेत्र को हर एक प्रकार की समस्याओं से सुरक्षित रखते हुए अपना बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. 

उप निरीक्षक जिस क्षेत्र में कार्य करते हैं उस क्षेत्र के हर एक प्रकार की समस्याओं का निवारण निकाल कर अपने क्षेत्र के प्रति अहम भूमिका निभाते हैं.

दरोगा के द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्य किए जाते हैं जो निम्नलिखित हैं:-

एक दरोगा का कार्य यह होता है कि वह अपने पुलिस डिपार्टमेंट के हर एक क्रियाकलाप का निरीक्षण करते हैं.

दरोगा के नीचे के पद में कार्य कर रहे हर ऑफिसर के कार्यों को देखते हैं एवं ऑफिसर को अपनी ड्यूटी समझाते हैं.

दरोगा के द्वारा उनके क्षेत्र में किए जाने वाले अनेक प्रकार के अपराध की जांच पड़ताल  की जाती है.

गुनहगार अपराधियों को पकड़ना एवं उन्हें जेल के सलाखों के अंदर बंद करना भी एक सब इंस्पेक्टर का कार्य होता है.

यदि उनके क्षेत्र में कहीं दंगे फसाद हो रहे हैं तो वहां जाकर उस स्थिति को संभालना भी एक दरोगा का कार्य होता है.

यदि किसी घर में चोरी हुई हो या लूटमार किया गया हो तो इन सभी का इन्वेस्टिगेशन कर अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने का कार्य एक दरोगा करता है.

जमीन के संबंध में वाद विवाद को कंट्रोल करना भी इन्हीं का कार्य होता है.

इस प्रकार एक दरोगा हर एक तरह के वाद-विवाद ,अपराध, दंगे इत्यादि को अपने जिम्मेदारियों से इन्हें कंट्रोल करके अपने क्षेत्र को हर एक परेशानियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं.

एक दरोगा आम जनता की जिंदगी में बीत रहे परेशानियों का समाधान निकाल कर उनकी समस्याएं दूर करते हैं.

इस प्रकार इन सभी महत्वपूर्ण कार्यों को कर अपने क्षेत्र और अपने जनता के जिंदगी खुशमय बनाते हैं.

एक दरोगा दिन और रात अपनी ड्यूटी में एक्टिव रहते हैं ताकि उनके एरिया में किसी भी प्रकार की मुसीबत ना आ सके, इस प्रकार दरोगा अपनी जिम्मेदारियों को बहुत ही अच्छे तरीके से निभा कर अपने जनता के जीवन को खुशमय बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

दरोगा बनने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए?

जो भी उम्मीदवार दरोगा बनने की सपना रखते हैं उनको दरोगा के लिए  जारी की गई वैकेंसी में आवेदन करने के लिए उन्हें 12वीं कक्षा किसी भी स्ट्रीम के साथ पास करनी होगी इसके साथ साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय से स्नातक डिग्री लेनी होगी. 

उम्मीदवार बीए, बीएससी या बीकॉम, किसी से भी स्नातक डिग्री प्राप्त कर सकते हैं.

वही उम्मीदवार दरोगा के लिए फॉर्म अप्लाई कर सकता है जो किसी भी ऑनर्स पेपर से ग्रेजुएशन कंप्लीट किए हैं.

इस परीक्षा के लिए आयु सीमा क्या होनी चाहिए?

दरोगा की तैयारी फीमेल तथा मेल दोनों प्रकार के कैंडिडेट कर सकते हैं. लेकिन इस परीक्षा के लिए आयु सीमा दोनों कैंडिडेट में अलग-अलग निर्धारित होती है.

मिल कैंडिडेट्स के लिए न्यूनतम आयु 20 साल अधिकतम आयु 37 साल होती है, अर्थात वही अभ्यर्थी दरोगा के लिए फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं जिनकी आयु 20 से 37 साल के बीच में हो.

वहीं अगर दूसरी और देखें तो फीमेल कैंडीडेट्स की न्यूनतम आयु 20 साल एवं अधिकतम आयु 42 साल की होती है.

कुछ आरक्षित वर्गों के विद्यार्थियों के लिए सरकार द्वारा आयु में छूट दी जाती है.

दरोगा की तैयारी कैसे करें?

दरोगा बनना लगभग विद्यार्थियों का सपना होता है जिसे पाने के लिए वे शुरुआत से कड़ी मेहनत करना शुरू कर देते हैं. 

इस परीक्षा को  लिखित के साथ-साथ फिजिकली देना होता है इसलिए विद्यार्थियों के द्वारा इस परीक्षा की तैयारी किताबों को पढ़ने के साथ-साथ शारीरिक क्रियाकलापों को करने के दौरान की जाती है.

सिलेबस की जानकारी रखें:-

सिलेबस की जानकारी रखना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि जब आप सिलेबस की जानकारी रखेंगे तो आपको पता चलेगा कि आपको किस किस विषय में कौन कौन से टॉपिक को स्टडी करनी है और इस प्रकार यदि आप सिलेबस की जानकारी रखते हैं तो आपको तैयारी करना आसान हो जाएगा. 

जब विद्यार्थियों को अपना सिलेबस पता रहता है तब उन्हें पढ़ाई करने में कोई परेशानी नहीं होती और इस प्रकार उनका सिलेबस भी जल्दी कंप्लीट हो जाता है.

इस परीक्षा के कोर्स:-

जो कैंडिडेट दरोगा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें कुछ विषयों को पढ़ना होता है जैसे सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर, हिंदी तथा इंग्लिश विषय इत्यादि. 

हिंदी विषय के अंतर्गत हिंदी वर्णमाला, विलोम शब्द पर्यायवाची शब्द इन सभी की जानकारी रखना आवश्यक है.

प्रत्येक दिन न्यूज़पेपर पढ़कर अपने जीके में पकड़ अच्छी बनानी होगी क्योंकि जीके से संबंधित बहुत से प्रश्न पूछे जाते हैं इसके साथ साथ करंट अफेयर को भी  इमानदारी पूर्वक पढ़ना होगा क्योंकि करंट अफेयर्स से भी बहुत से प्रश्न पूछे जाते हैं.

प्रीवियस ईयर मॉडल प्रश्न को सॉल्व करें:-

जो विद्यार्थी दरोगा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें अन्य विषयों को पढ़ने के साथ-साथ पिछले साल पूछे गए प्रश्नों को भी सॉल्व करने चाहिए क्योंकि ऐसे बहुत से प्रश्न पूछ दिए जाते हैं जो पिछले साल पूछे हुए रहते हैं इसलिए प्रीवियस ईयर्स के मॉडल प्रश्न को सॉल्व करना आवश्यक है.

कमजोर टॉपिको में ध्यान दें:-

बहुत से ऐसे उम्मीदवार होते हैं जो अपने कमजोर विषयों को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन कमजोर विषय को नजरअंदाज करने से सफलता हासिल नहीं होती

इसलिए जहां तक संभव हो अपने अन्य विषयों की पढ़ाई की अपेक्षा कमजोर विषय में ज्यादा ध्यान देना आवश्यक है तभी आपका पकड़ हर एक सब्जेक्ट में अच्छा होगा.

फिजिकल टेस्ट:-

दरोगा की तैयारी कर रहे कैंडीडेट्स को फिजिकली भी तैयार रहना चाहिए क्योंकि इस परीक्षा में फिजिकल टेस्ट भी लिया जाता है जिसमें कैंडिडेट के लिए कुछ कंडीशन निर्धारित किए जाते हैं.

कैंडिडेट्स की हाइट:-

एग्जाम को दोनों प्रकार के कैंडिडेट्स दे सकते हैं इसलिए हाइट की रिक्वायरमेंट अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है कुछ राज्यों में हाइट निश्चित हाइट से बढ़कर मांगी जाती है तो कुछ राज्यों में निश्चित हाइट से कुछ कम भी मांगी जाती है.

मेल कैंडिडेट के लिए सामान्य हाइट 167 सेंटीमीटर होनी चाहिए कुछ राज्यों में 170 सेंटीमीटर रिक्वायरमेंट होता है तो कुछ मैं इससे कम. इसके अतिरिक्त आरक्षित वर्गों के मिल कैंडिडेट्स को हाइट में छूट दी जाती है.

पुरुषों की चेस्ट की बात करें तो इनकी चेस्ट की चौड़ाई 79-84 सेंटीमीटर होनी चाहिए.

फीमेल कैंडीडेट्स की सामान्य हाय152 सेंटीमीटर होती है.

दौड़:-

अगर दौड़ की बात करें तो दरोगा में भर्ती होने के लिए दोनों कैंडीडेट्स को निर्धारित किए गए दूरी को तय करनी होती है जिसमें दोनों कैंडिडेट को अलग-अलग दूरी अलग-अलग समय में तय करनी होती है.

मिल कैंडिडेट की बात करें तो इनको 4.8 किलोमीटर की दूरी 28 मिनट में पूरी करनी होती है.

वहीं दूसरी ओर फीमेल कैंडीडेट्स को 2.4 किलोमीटर की दूरी 16 मिनट में तय करनी होती है.

परीक्षा की चयन प्रक्रिया

इस परीक्षा मैं कैंडिडेट्स द्वारा लिखित परीक्षा के साथ-साथ फिजिकल टेस्ट भी लिया जाता है.

लिखित परीक्षा दो प्रकार से ली जाती है प्राथमिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा.

प्राथमिक परीक्षा में पास होना अनिवार्य होता है हालांकि इनका मार्क्स तैयार किया गए मेरिट लिस्ट में ऐड नहीं किए जाते हैं लेकिन मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों को तभी बैठने मिलता है जब वह प्रारंभिक परीक्षा पास किए हुए होते हैं.

जब विद्यार्थी प्राथमिक परीक्षा में पास होते हैं तब उन्हें मुख्य परीक्षा में बैठने का अवसर मिलता है. मुख्य परीक्षा 2 घंटे का लिया जाता है जिसमें एक सौ प्रश्न पूछे जाते हैं जो 200 नंबर के होते हैं.

मुख्य परीक्षा में पास किए गए उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाता है जहां पर उनका फिजिकल टेस्ट ली जाती है फिजिकल टेस्ट में कई प्रकार के दौड़ कराए जाते हैं

इसके साथ-साथ लोंग जंप हाई जंप भी कराया जाता है जो उम्मीदवार फिजिकल टेस्ट में पास होता है उनका चयन दरोगा के पोस्ट में हो जाता है.

दरोगा के पद में नियुक्त अधिकारी को कौन-कौन सी सुविधाएं सरकार द्वारा दी जाती है?

जो कैंडिडेट लिखित परीक्षा के साथ-साथ फिजिकल टेस्ट में पास होते हैं उन्हें दरोगा के पद में नियुक्त किया जाता है, तब वे अपने पुलिस डिपार्टमेंट का उप निरीक्षक बन जाते हैं.

सब इंस्पेक्टर को सरकार द्वारा बहुत से सुविधाएं प्रदान की जाती है जैसे मकान,  कार्यालय ऑफिस, मेडिकल बेनिफिट्स, जीप, इन अफसरों के घरों में नौकर माली इन सभी को सरकार द्वारा दिया जाता है. 

जब दरोगा का प्रमोशन होता है तब उन्हें जीप की जगह सरकार द्वारा कार प्रदान की जाती है. जिसका ड्राइवर भी सरकारी देते हैं.

इस प्रकार की सुविधाएं सरकार द्वारा एक दरोगा को प्रदान की जाती है.

दरोगा की सैलरी कितनी होती है?

जब दरोगा के पद में योग्य उम्मीदवार को नियुक्त किया जाता है उस समय शुरुआती में 35,000 की सैलरी दी जाती है

लेकिन जब दरोगा का प्रमोशन होता है उस दौरान इसकी सैलरी एक से डेढ़ लाख मिलती है. दरोगा के पद पर कार्य कर रहे अधिकारी 60 से 65 साल की उम्र तक इस पद में कार्य करता है.

 निष्कर्ष

योग्य उम्मीदवार जो दरोगा के पद में कार्य कर रहे हैं उनका पद  पुलिस डिपार्टमेंट के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ होता है जिसमें वे अपनी जिम्मेदारियों को बहुत ही अच्छे तरीके से निभाते हैं. 

आज हमने आपको बताया कि दरोगा की तैयारी कैसे करें तथा इसकी योग्यता और सैलरी के साथ-साथ एक दरोगा को सरकार के द्वारा क्या क्या सुविधा प्रदान की जाती है?

आशा है आपको हमारा यह आर्टिकल पढ़कर दरोगा से संबंधित सारी जानकारी मिली होगी.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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