क्रिप्टो करेंसी क्या है और इसे अन्य किस नाम से जाना जाता है?

अभी हाल ही में बिटकॉइन के दाम में भरी उछाल देखने को मिला है. आपने भी इसके बारे में जरूर सुना होगा तो ये भी जरूर मालूम होगा की क्रिप्टो करेंसी क्या है (What is Cryptocurrency in Hindi)?

क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल करेंसी है जो कंप्यूटर के द्वारा डेवेलोप किये गए एल्गोरिथ्म पर बनी होती है. यह एक स्वतंत्र करेंसी है जिसका स्वामित्व किसी के पास नहीं होता है. इसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है. इसका प्रयोग इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जाता है.

संपूर्ण विश्व में अनेकों देश है और सभी देश में अलग-अलग प्रकार के करेंसी चलते हैं. जैसे कि हमारे भारत में रुपए, अमेरिका और कुछ अन्य देशों में डॉलर, वियतनाम में डोंग्स इत्यादि प्रकार के.

आज हम इस लेख के माध्यम से बात करने वाले हैं बिटकॉइन और इसके जैसे अन्य क्रिप्टोकरेंसी के बारे में.

अगर आप क्रिप्टोकरेंसी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते तो भी इस पोस्ट को से बने रहे ताकि अंत तक आपको इसके बारे में सब कुछ जानने को मिले और आप समझ सके आखिर ये काम कैसे करता है?

आज के इस लेख में हम आपको इसी विषय में डिटेल में जानकारी देने वाले हैं. ये भी बतायंगे की इसका अन्य नाम क्या है, यह करेंसी किस देश में चलाई जाती है, यह कितने प्रकार की होती है इत्यादि.

यदि आप क्रिप्टोकरेंसी के बारे में संपूर्ण एवं विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो कृपया हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें.

क्रिप्टो करेंसी क्या होता है?

क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल करेंसी होती है जिसका उपयोग करने के लिए हमें क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग करना होता है.

इस करेंसी का उपयोग ज्यादातर किसी भी वस्तु या सामान को खरीदने के लिए या किसी भी सर्विस की तैयारी को खरीदने के लिए किया जाता है.

यह एक प्रकार के कैश सिस्टम के रूप में ही कार्य करता है. इसका उपयोग केवल इंटरनेट की सहायता से ही किया जा सकता है.

क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी करेंसी है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने पैसों को आसानी से छुपा कर रख सकता है.

इसके लिए इस व्यक्ति को किसी भी प्रकार के संस्थाओं बैंक इत्यादि में जाने की किसी भी प्रकार की आवश्यकता नहीं होतीहै.

इसका उपयोग वह व्यक्ति स्वयं से घर बैठे आसानी से कर सकता है.

क्रिप्टो करेंसी वॉलेट क्या होता है?

इस समय इंटरनेट का दौर चल रहा है, जिसके अंतर्गत बहुत से ऐसे पेमेंट्स करते हैं, जो कि इंटरनेट के माध्यम से ही होते हैं.

क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट भी ठीक इसी प्रकार ही होता है. इसका उपयोग अपने क्रिप्टोकरेंसी को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है.

यह एक प्रकार का सॉफ्टवेयर होता है, जिसके अंदर आपको अपने किसी भी प्राइवेट नंबर के साथ एक कोड जनरेट करना होता है और इसके बाद आपका क्रिप्टो करेंसी वॉलेट बंद कर तैयार हो जाता है और आप उसमें अपने सभी प्रकार के क्रिप्टो करेंसी को रख सकते हैं.

आपको याद ध्यान रखना होता है, कि आपका कोड आपको सदैव याद रहे अन्यथा आप अपने क्रिप्टो करेंसी का उपयोग नहीं कर पाएंगे.

क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत कब हुई?

क्या आपको पता है, कि क्रिप्टो करेंसी का जन्म कब हुआ था, यदि नहीं तो हम आपकी जानकारी के लिए आपको बता देना चाहते हैं. क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत 2009 में हुई थी.

जो कि उस समय में बिटकॉइन के नाम से जाना जाता था.

बिटकॉइन को जापान के एक एल्गोरिथ्म इंजीनियर के द्वारा बनाया गया था जिनका नाम सतोषी नामकेतो था.

वर्ष 2009 से लेकर के अब तक लगभग 1000 प्रकार की क्रिप्टोकरंसी आ चुकी है जोकि पूर्णतया इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के रूप में कार्य करती हैं.

क्रिप्टो करेंसी का उपयोग सबसे पहले कब हुआ था?

इसका उपयोग सबसे पहले बिटकॉइन के रूप में ही किया गया था. क्रिप्टो करेंसी का उपयोग सबसे पहले 22 मई 2010 को किया गया था.

जोकि एक पिज़्ज़ा को 10000 बिटकॉइन दे कर के खरीदा गया था.

जिस समय 10,000 बिटकॉइन दे करके या पिज़्ज़ा खरीदा गया था उस समय एक बिटकॉइन की कीमत लगभग 10 सेंड या उससे भी कम थी.

परंतु आज इस क्रिप्टो करेंसी की कीमत हजार गुना बढ़ चुकी है और क्रिप्टो करेंसी के द्वारा ज्यादातर खरीदारी होने के कारण इसकी कीमत और भी ज्यादा बढ़ती जा रही है.

क्रिप्टो करेंसी के अतिरिक्त अन्य प्रचलित करेंसी?

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया वर्ष 2009 से लेकर के अब तक लगभग 1000 प्रकार की क्रिप्टो करेंसी आ चुकी है.

इन करेंसी का उपयोग आजकल बहुत ही ज्यादा हो रहा है. क्रिप्टो करेंसी के अतिरिक्त कुछ अन्य करेंसी निम्नलिखित है.

  • बिटकॉइन
  • वॉइसकॉइन
  • मोनरोकॉइन
  • सिस्कॉइनकॉइन
  • रेडकॉइन
  • सियाकॉइन

बिटकॉइन BitCoin(BTC)

बिटकॉइन पहली डिजिटल करेंसी है, जिसे ग्लोबल विकेंद्रीकृत करेंसी भी कहा जाता है.

बिटकॉइन का प्रयोग कहीं पर भी किसी भी स्थान पर किया जा सकता है.

इस तरीके का उपयोग करके पैसों का आदान-प्रदान बहुत ही तेज किया जाता है, यह सिर्फ दो लोगों के मध्य ही हो सकता है, अर्थात इसमें किसी अन्य व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती है.

इस करेंसी के बारे में डिटेल में जानकारी लेने के लिए हमारा लिखा आर्टिकल बिटकॉइन क्या है जरूर पढ़ें.

लाइटकोइन Litecoin(LTC)

Litecoin की शुरुआत 2011 में किया गया.

यह एक ऐसी करेंसी है जो बिटकॉइन के मार्ग पर चलने वाली पहली क्रिप्टोकरेंसी में से एक था.

इसी करेंसी को “सिल्वर टू बिटकॉइन गोल्ड” कहा जाता है.

इसे बनाने वाले इंसान का नाम चार्ली ली है जो एक एमआईटी स्नातक और पूर्व Google इंजीनियर हैं.

Litecoin एक ओपन-सोर्स ग्लोबल पेमेंट नेटवर्क पर आधारित है जो किसी भी डेंटरलीज़े प्रणाली पर काम करता है यानि इसका स्वामित्व किसी के पास नहीं होता है.

वैसे देखा जाये तो Litecoin कई मायनों में बिटकॉइन की तरह है, लेकिन इसमें एक तेज़ ब्लॉक जेनरेशन दर है और इसलिए यह एक तेज़ लेनदेन करने में मदद करता है.

आपको ये जरूर जानना जनवरी 2021 तक, Litecoin के पास $10.1 बिलियन का मार्केट कैप और 153.88 डॉलर प्रति टोकन मूल्य है. जिससे यह दुनिया में छठा सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी बन गया.

तारकीय Stellar (XLM)

स्टेलर एक ओपन ब्लॉकचेन नेटवर्क है जो बड़े लेनदेन के उद्देश्य के लिए फाइनेंसियल संस्थानों को जोड़कर एंटरप्राइस समाधान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

बैंकों और निवेश फर्मों के बीच भारी लेन-देन आमतौर पर होती है वो छोटे समय में पूरा करना होता है. इसके अलावा ये ट्रांसक्शन कई दिनों तक चलता है.

इसकी वजह से अब यह प्रोसेस बिना किसी मीडिएटर के लगभग तुरंत किया जा सकता है और लेनदेन करने वालों के लिए कुछ भी नहीं खर्च होता है.

स्टेलर एक ऐसी करेंसी है जिस ने खुद को संस्थागत लेनदेन के लिए एक उद्यम ब्लॉकचेन के रूप में स्थापित किया है.

यह आज भी एक ओपन ब्लॉकचैन है जिसे किसी के द्वारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका सिस्टम किसी भी करेंसी के बीच पूरी दुनिया में लेनदेन की अनुमति देता है.

स्टेलर की मूल करेंसी Lumens (XLM) है.

इस करेंसी की शुरुआत जेड मैकलेब ने की थी, जो रिपल लैब्स के संस्थापक सदस्य और रिपल प्रोटोकॉल के डेवलपर थे.

कुछ समय बाद उन्होंने रिपल के साथ अपनी भूमिका छोड़ दी और स्टेलर डेवलपमेंट फाउंडेशन की सह-स्थापना की.

स्टेलर लुमेंस का बाजार पूंजीकरण $ 6.1 बिलियन है और जनवरी 2021 तक इसका मूल्य 0.27 डॉलर है.

मोनरोकॉइन Monero (XMR)

यह कॉइन भी एक प्रकार की क्रिप्टो करेंसी ही है.

यह करेंसी एक विशेष प्रकार के एल्गोरिथ्म से बना हुआ है. इसी कारण इसे रिंग सिग्नेचर करंसी भी कहा जाता है.

मोनो एक पूरी तरह से प्राइवेट, सुरक्षित और untraceable मुद्रा है.

इस ओपन-सोर्स क्रिप्टोकरेंसी को अप्रैल 2014 में लॉन्च किया गया था और जल्द ही क्रिप्टोग्राफी समुदाय में इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ गयी.

इस क्रिप्टोकरेंसी का विकास पूरी तरह से डोनेशन पर आधारित और कम्युनिटी द्वारा संचालित होता है.

Monero को लांच करने का खास उद्द्श्य था की इसे स्केलेबिलिटी प्रदान की जाये और इसका स्वामित्व किसी के पास न हो. यानि की इसका नियंत्रण किसी के पास न हो.

यह एक विशेष तकनीक का उपयोग करके प्राइवेसी प्रदान करता है जिसे “रिंग सिग्नेचर” कहा जाता ह.

इस तरह के विकसित सुरक्षा तंत्र के कारण, मोनेरो ने एक रेपुटेशन का विकास किया है.

जनवरी 2021 तक, मोनरो की मार्केट कैप 2.8 बिलियन डॉलर और प्रति टोकन मूल्य 158.37 डॉलर थी.

सिस्कॉइन Syscoin

इस क्रिप्टो करेंसी को क्रांतिकारी क्रिप्टो करेंसी भी कहा जाता है क्योंकि इसका उपयोग क्रांतिकारी अर्थात वित्तीय लेनदेन की गति को बढ़ाने के लिए किया जाता है.

यह कॉइन ब्लैक चेन की तरह कार्य करता है जोकि बिटकॉइन का ही एक भाग होता है.

Syscoin एक ग्लोबल नेटवर्क, एक वितरित खाता बही और एक डेसेंट्रलीज़ेड डेटाबेस है. यह एक altcoin, एक डिजिटल मुद्रा और एक पारंपरिक टोकन भी है.

Syscoin बिटकॉइन के साथ मर्ज-माइन किया गया है, जो हमें दुनिया पर मौजूद सबसे सुरक्षित और स्केलेबल नेटवर्क प्रदान करता है.

Etherium (ETM)

यह बिटकॉइन का पहला विकल्प है जिसका इस्तेमाल इसकी जगह पर करने के लिए इसे डेवेलोप किया गया था.

यह एक डेसेंट्रलीज़ेड करेंसी है जिसका स्वामित्व किसी के पास नहीं है.

Ethereum को डेवेलोप करने के पीछे का लक्ष्य यही था की डेसेंट्रलीज़ेड तरीके से ट्रांसक्शन किया जाये जो दुनिया में किसी को भी उसके देश, उसके जाति को नोटिस किये बिना मुफ्त में करेंसी पहुंचा दे.

Ethereum पर काम करने वाला एप्लिकेशन इसके क्रिप्टोग्राफिक टोकन, यानि की ईथर पर चलता हैं. ईथर को 2015 में लॉन्च किया गया.

वर्तमान में बिटकॉइन के बाद यह मार्केट कैप द्वारा दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी है. हालांकि देखा जाये तो यह सबसे मुख्य क्रिप्टोकोर्रेंसी से एक मार्जिन द्वारा थोड़ा पीछे है.

जनवरी 2021 तक, ईथर की मार्केट कैप बिटकॉइन के आकार का लगभग 19% है.

क्रिप्टो करेंसी कानूनी रूप से सही है या नहीं?

क्रिप्टो करेंसी कानूनी रूप से सही है या नहीं इसका फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस देश में रहते हैं और इसका उपयोग किस प्रकार से करते हैं.

फिर भी इसका उपयोग बहुत से देशों में मान्य नहीं है. जापान में क्रिप्टो करेंसी को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त कराई जा चुकी है.

बहुत से देशों में इसे अभी तक किसी भी प्रकार की मान्यता नहीं प्राप्त कराई गई है और वहीं पर कुछ देशों में क्रिप्टो करेंसी को “grey zone” में स्थान दिया गया है.

अर्थात क्रिप्टो करेंसी को नहीं पूर्णतया मान्यता प्राप्त कराई गई है और ना ही इसे बैन कराया गया है.

12 करेंसी अधिक चर्चा में वह समय था, जब बिटकॉइन बहुत ही ज्यादा विकसित हो रहा था यह करेंसी जिनके पास होता था.

यह उन्हें कुछ ही दिनों में करोड़पति तक बना देती थी क्योंकि इनके उपयोग से मुनाफा बहुत ही ज्यादा होता था.

इसीलिए भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी लिए गए फैसले में क्रिप्टो करेंसी अर्थात डिजिटल करेंसी को मान्यता प्राप्त करा दी गई.

क्रिप्टो करेंसी के लाभ

क्रिप्टो करेंसी के बहुत से लाभ होते हैं जिनमें से कुछ के बारे में नीचे निम्नलिखित रुप से बताया गया है.

  • क्रिप्टो करेंसी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक डिजिटल करेंसी होने के कारण इसमें धोखाधड़ी की संभावना बहुत ही ज्यादा कम अर्थात ना के बराबर होती है.
  • क्रिप्टो करेंसी के उपयोग से बहुत ही अधिक मात्रा में मुनाफा होता है. इसी के कारण भारत में सुप्रीम कोर्ट के लिए गए फैसले के अनुसार क्रिप्टो करेंसी को शुरू कर दिया गया.
  • क्रिप्टो करेंसी कि कोई भी नियंत्रक संस्था नहीं है.
  • इसलिए इस पर नोटबंदी एवं किसी भी प्रकार के करेंसी के अवमूल्यन का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है.
  • क्रिप्टो करेंसी का उपयोग अपने पैसों को छिपाने के लिए भी किया जाता है, जो ऐसे लोगो के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा होता है.
  • क्रिप्टो करेंसी का उपयोग करके ज्यादातर लोग विशेष अवसरों पर लोगों को टीप देने के कार्य में करते हैं.

क्रिप्टो करेंसी से होने वाली हानियां

क्रिप्टो करेंसी की कीमत में समय-समय पर अनेकों प्रकार की हानियां , उतार-चढ़ाव इत्यादि होते रहते हैं , इसी से संबंधित इसके कुछ नुकसान भी होते हैं , जो कि नीचे निम्नलिखित है।

  • क्रिप्टो करेंसी में बिना किसी चेतावनी के इसकी कीमत में 40 से 50% तक की गिरावट आ जाती है , जिससे कि बहुत ही ज्यादा नुकसान होता है.
  • सबसे अधिक नुकसान तो तब हुआ था जब वर्ष 2013 के अप्रैल माह में आई हुई गिरावट ने क्रिप्टो करेंसी की कीमत को लगभग 70% तक गिरा दिया जोकि एक क्रिप्टो करेंसी की कीमत $233 होती थी, तब उसकी कीमत $67 पर आ गई थी.
  • क्रिप्टो करेंसी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसका उपयोग करके ब्लैक मार्केटिंग बहुत ही ज्यादा की जाती है , अर्थात अवैध हथियारों की बिक्री एवं खरीद, ड्रग्स का धंधा एवं ऐसे ही जुड़े बहुत से अवैध कार्य होते हैं।

निष्कर्ष

क्रिप्टो करेंसी एक प्रकार की डिजिटल करेंसी होती है. जिसके माध्यम से हम किसी भी प्रकार की खरीदारी कर सकते हैं.

यह बहुत ही ज्यादा सुरक्षित होता है. और इसी के बारे में हमने यहाँ पूरी डिटेल में जानकारी दी और बताया की क्रिप्टोकरेंसी क्या है (What is Cryptocurrency in Hindi)?

उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पसंद आया होगा.

तो कृपया आप इस लेख को अपने मित्र जनों के साथ अवश्य साझा करें ताकि उन्हें भी क्रिप्टो करेंसी के विषय में जानकारी प्राप्त हो सके.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.