CRM Full Form – CRM का पूरा नाम क्या है?

क्या आप किसी कंपनी से जुड़े हैं और वहां पर काम करते हैं तो आपको जरूर जानना चाहिए की CRM का फुल फॉर्म क्या है (CRM Full Form). क्यूंकि एक कंपनी तभी सफल हो सकती है जब उसका अपने ग्राहकों से रिश्ता मधुर रखना आता हो.

अगर संगठन इस दिशा में सही कदम बढाता है तो उसके विकास का रास्ता और आसान हो जाता है. इस लेख में हमने इसी महत्वपूर्ण तथ्य पर बात करने की सोची तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े. फिर देर की बात की चलिए समझते हैं की इस शब्द का पूरा नाम क्या है.

CRM का फुल फॉर्म क्या है – What is the full form of CRM in hindi?

CRM Full Form - CRM का पूरा नाम क्या है?

CRM का फुल फॉर्म customer relationship management है.

इसे हिंदी में कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट कहते हैं जिसका अर्थ होता है ग्राहक सम्बन्ध प्रबंधन.

यह एक ऐसी स्ट्रेटेजी है जिसके जरिये वर्तमान के कस्टमर के साथ-साथ भविष्य के ग्राहकों के साथ अच्छा संबंध बनाए रखने और कंपनी के विकास को चलाने के लिए उन्हें बनाए रखते हैं. अभी सरे संगठन इस स्ट्रेटेजी को अपने बिज़नेस और आर्गेनाईजेशन में शामिल करते हैं.

Customer relationship management को कंपनी से जुडी जानकारी को कस्टमर्स से कांटेक्ट करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. इसके आदर कई प्रकार जानकारी शामिल होती है जैसे कंपनी की वेबसाइट, फ़ोन नंबर, ईमेल, प्रोडक्ट, सेवाएँ, लाइव चैट आदि शामिल हैं.

इससे कस्टमर को समझने में आसानी होती है क्यूंकि उन्स जुडी हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध होती है जैसे उनके काम से जुड़ी जानकारी विवरण, फ़ोन नंबर, क्रय इतिहास, टिप्पणियां, सलाह आदि.

विशेषताएं

  • कस्टमर की संतुष्टि
  • ग्राहकों की वफादारी
  • ग्राहक प्रतिधारण करते हैं
  • ग्राहकों की शिकायतें ग्राहक सेवा
  • ग्राहकों की जरूरत
  • ग्राहकों द्वारा दी जाने वाली प्रतिक्रिया

सॉफ्टवेयर

ये सॉफ्टवेयर कस्टमर से जुड़ी सभी जानकारी और दस्तावेजों को एक स्थान पर सिंगल डेटाबेस में जमा करता है.

यह एक संगठन को बेहतर ढंग से और आसानी स मैनेज करने का एक तरीका है. यह ग्राहक और कर्मचारी के रिश्तों के एक बेहतर सुविधा प्रदान करता है.

इसके द्वारा बिजनेस की growth एवं performance को आसानी से मापा जाता है. इस सिस्टम में ग्राहकों की जानकारी को स्टोर करते हैं.

इस जानकारी के तहत सभी ग्राहकों के साथ सीधे बात कर सकते हैं. इसकी शुरुआत हम thank you या welcome के मैसेज से करते हैं.

इसके बाद जो प्रोडक्ट उन्हें बेहद सूट करता है वह मैसेज भेज देते हैं.

यहां गौर करने वाली एक बात यह है कि हम बहुत सारे ग्राहकों के साथ बातचीत करते हैं लेकिन हमारे प्रोडक्ट को कुछ ही ग्राहक जिन्हें सामान पसंद आती है सिर्फ वही खरीदते हैं.

बाकी बचे ग्राहकों के साथ हमारे रिश्ते बनते हैं. जिससे कंपनी की ब्रांड वैल्यू बढ़ती है.

अगर किसी कस्टमर को किसी प्रोडक्ट को लेकर किसी तरह की कोई भी परेशानी हो तो हमें उनसे लगातार बात करनी चाहिए, जब तक कि उनकी समस्या का समाधान ना हो जाए. उस परेशानी को दूर करने के लिए हमें यथासंभव प्रयास करनी चाहिए .

हमें उसे बीच में नहीं छोड़ना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर एक ग्राहक को परेशानी हो रही है तो दूसरों को भी परेशानी हो सकती है.

CRM तीन प्रकार के होते हैं:

  1. Operational
  2. Analytical
  3. Collaborative

Operational

यह कस्टमर पर केंद्रित बिजनेस प्रक्रियाओं पर आधारित होता है जैसे:

मार्केटिंग, सर्विस एवं सेलिंग इत्यादि. Salesforce और zoho operational इसके सबसे बेहतर भाग है.

बड़े बिजनेस में Salesforce का उपयोग होता है एवं छोटे और विकासशील बिजनेस में zoho का उपयोग होता है.

इसका मुख्य उद्देश्य leads को जनरेट करके उन्हें contact में बदलकर उसकी सभी जरूरी जानकारी को इकट्ठा करने के बाद कस्टमर को सर्विस उपलब्ध कराने का कार्य है.

Analytical

इसमें कस्टमर डाटा को एनालाइज करने के बाद बिजनेस की सेल्स, मार्केटिंग एवं सर्विस को बेहतर बनाने का कार्य किया जाता है.

निष्कर्ष

इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको एक ऐसे शब्द की जानकारी दी बिज़नेस करने वाली किसी भी संगठन के लिए जरुरी होती है.

ये सीधे तौर पर कंपनी और ग्राहक के बीच बेहतर रिश्ता बनाये रखने म मदद करती है. आपने इसीलिए यहाँ ये जाना की CRM का फुल फॉर्म क्या है (What is the full form of CRM in hindi)?

हम उम्मीद करते है की आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होगी. अगर इससे आपको कुछ सिखने को मिला है तो पोस्ट को जरूर शेयर करें.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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