कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बने?

अपने कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बनेजीवन में सफलता कौन हासिल नहीं करना चाहता बस सब के अलग-अलग रास्ते होते हैं और मंजिल सबकी एक ही होती है कि जिंदगी में सफल हो. आज की पोस्ट में जानकारी देंगे की कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बने?

कंप्यूटर क्या है यह आपको भली-भांति पता ही होगा लेकिन कंप्यूटर की पढ़ाई मैं विभिन्न प्रकार के कोर्स हैं. कंप्यूटर मुख्यतः दो भागों में विभाजित है जिसे हम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रूप में जानते हैं. दोनों ही फील्ड में अलग-अलग कई प्रकार के कोर्स है.

सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में भी कई प्रकार के अलग-अलग कोर्स इन के अंतर्गत आते हैं. लेकिन मुख्य तौर पर देखा जाए तो कंप्यूटर इंजीनियरिंग दो प्रकार के भागों से मिलकर बना हुआ है जिसे हम इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग मिलकर बनता है.

इन दोनों इंजीनियरिंग के मेल से बनने वाले इंजीनियरिंग कोर्स को कंप्यूटर इंजीनियरिंग कहते हैं. इसीलिए आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको जानकारी देंगे कि आप अगर इस क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बन सकते हैं.

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स की पूरी जानकारी

computer engineer kaise bane (कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बने?)
computer engineer kaise bane

इस युग में कंप्यूटर सीखना जरूरी है यह सभी को मालूम है यही वजह है कि जितने भी सरकारी या फिर प्राइवेट जॉब होते हैं उन सभी में करने वाले का मुख्य कंप्यूटर से किया जाता है. पढ़े लिखे लोगों कंप्यूटर शिक्षा के साथ ही मान्यता दी जाती है. अगर कोई इंसान सिर्फ पढ़ाई कर चुका है लेकिन उसे कंप्यूटर नहीं आता तो कहीं ऐसी जगह हो सकते हैं जहां पर उनके लिए मौके मिलना बहुत ही मुश्किल है.

वैसे एक पढ़ा लिखा इंसान थोड़ी मेहनत करे तो आसानी से किसी भी प्रकार के कंप्यूटर कोर्स कर सकता है. कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स ऐसा ही एक महत्वपूर्ण कोर्स है जो कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर से जुड़ा हुआ होता है. कंप्यूटर के अंतर्गत कराए जाने वाले कोर्स की संख्या भी काफी अधिक है. इसमें सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दो अलग-अलग भाग है जो इसके लिए महत्वपूर्ण होते हैं.

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए इन दोनों में से किसी एक पोस्ट को लेकर उसमें आप विशेषज्ञ बन सकते हैं. यह दोनों ही अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण कोर्स है. अगर आप सिर्फ सॉफ्टवेयर के मामले में पढ़ाई करना चाहते हैं तो हमने किसके लिए पहले ही एक आर्टिकल लिखा है जिसमें बताया कि कल सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे? तो इस आर्टिकल को जरूर पूरा पढ़ें

चलिए थोड़ी संक्षेप में जान लेते हैं कि आंखें कंप्यूटर इंजीनियरिंग क्या होती है.

कंप्यूटर इंजीनियरिंग क्या है?

इंजीनियरिंग कॉलेज में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एक विशेष ब्रांच होती है. वैसे तो कंप्यूटर के भी अनेक कोर्स होते हैं लेकिन युवा अपनी पसंद के विषय को लेकर पढ़ते हैं. यह एक प्रकार का ग्रेजुएशन डिग्री प्रोग्राम होता है जो 4 सालों का होता है.

इस कोर्स के अंतर्गत कई प्रकार के कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की पढ़ाई कराई जाती है. जिसे सीखने वाले बच्चे जटिल से जटिल प्रोग्राम को समझते हैं फिर उसे एग्जीक्यूट करते हैं और भविष्य में ऐसे ही नए प्रोग्राम बनाकर लोगों के काम को आसान करते हैं.

स्पोर्ट के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के विषय जैसे कंप्यूटर एल्गोरिदम, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वेब डेवलपमेंट,, वेब डिजाइनिंग कंप्यूटेशन, प्रोग्राम डिजाइनिंग इत्यादि सिखाया जाता है.

अभी थोड़ी देर पहले होने बात की थी कि कंप्यूटर दो भागों में बटा हुआ है सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर तो इन दोनों के बारे में भी अलग अलग से जानना जरूरी है तो चलिए वही जान लेते हैं.

हार्डवेयर इंजीनियरिंग

हार्डवेयर इंजीनियरिंग कंप्यूटर के पार्ट्स के बारे में सिखाया जाता है जैसे सीपीयू,, माउस, मदर बोर्ड, कीबोर्ड इत्यादि. इन सभी पाठों के वर्किंग प्रोसेस, इनकी संरचना, इनकी डिजाइनिंग, इनके डेवलपमेंट, इनकी टेस्टिंग इत्यादि के बारे में सिखाया जाता है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एक ऐसी संस्था है जिसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट करना सिखाया जाता है. आमतौर पर हम अपने मोबाइल और कंप्यूटर में विभिन्न प्रकार के कामों को करने के लिए कई प्रकार के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं और यह सॉफ्टवेयर इन्हीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर के द्वारा बनाया हुआ होता है.

यह पूरी तरह से कोडिंग पर आधारित होता है कि कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल करके सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की जाती है. एक आम इंसान के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की भाषा को समझना नामुमकिन ही मान लीजिए.

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए आवश्यक योग्यता

कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए आपको अपने 12वीं की पढ़ाई विज्ञान के साथ करनी है जिसमें आपको मैथमेटिक्स की पढ़ाई जरूर करनी पड़ेगी.

12वीं में आपको 60% अंक से अधिक अंकों के साथ पास करना जरूरी है. सबसे बड़ी वजह यह है कि जितनी भी आईटी कंपनियां रिक्रूटमेंट करने के लिए आती है वह सभी उम्मीदवारों के 10वीं और 12वीं में मिले अंक को भी देखते हैं जो कुछ कंपनियों द्वारा 70 प्रतिशत रखा जाता है और कुछ कंपनियों द्वारा 60%.

इसके अलावा 10वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार के गैप नहीं होना चाहिए.

कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बने?

1. साइंस विषय के साथ 12वीं पास करें

अगर आप कंप्यूटर इंजीनियर बनकर किसी अच्छी आईटी कंपनी में जॉब करने की इच्छा रखते हैं और अपना करियर बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले तो आपको दसवीं पास करने के बाद में आईएससी करनी है यानी कि आपको साइंस लेना है लेकिन इसमें आपको मैथमेटिक्स विषय भी अनिवार्य रूप से पढ़ना पड़ेगा.

इसके अलावा महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें सिर्फ बात करना जरूरी नहीं है बल्कि आपको अच्छे से अच्छा अंक लाना भी जरूरी है.

दसवीं और बारहवीं दोनों ही परीक्षाओं में आपको 60% से अधिक अंक लाने हैं. अगर इन दोनों में से किसी एक में भी 60% से कम अंक है तो आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बारे में ना सोचे तो बेहतर है.

इसकी वजह मैंने पहले ही बताई कि जो आईटी कंपनियां लोगों को नौकरी देती है वह भी आपके 10वीं और 12वीं में कम से कम 60% अंक जरूर अनिवार्य रखती है.

2. एंट्रेंस एग्जाम पास करें

जब आप साइंस के साथ में 12वीं पास कर लेते हैं उसके बाद सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी चीज यह है कि आप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जामिनेशन पास करें. इसके लिए देश भर में कई संस्थान परीक्षा की आयोजन करती हैं.

जो लड़के इन परीक्षा में पास होते हैं उन्हें एडमिशन मिल जाता है. एंट्रेंस एग्जाम की बात करें तो आईआईटी, AIEEE इत्यादि पूरी राष्ट्रीय स्तर पर लिए जाने वाली परीक्षाएं हैं जिनके अंतर्गत सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की भी पढ़ाई कराई जाती है.

इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तरीय इंजीनियरिंग परीक्षाएं इस प्रकार हैं:

Exam NameVisit official site
BITSAThttp://www.bitsadmission.com
COMED-Khttps://www.comedk.org/
IPU-CETwww.ipu.ac.in
Manipal (B. Tech)https://manipal.edu/mu/academics.html
VITEEEwww.vit.ac.in
AMU (B. Tech)http://www.amucontrollerexams.com/
NDA Entrance with PCM (MPC)https://www.nda.nic.in/eligibility%20criteria.html
All India Engineering Entrance Exam with PCM (MPC)http://www.jeemain.nic.in

3. काउंसलिंग के दौरान कंप्यूटर इंजीनियरिंग शाखा चुने

जब आप एंट्रेंस एग्जामिनेशन बात कर लेते हैं और इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए क्वालीफाई कर जाते हैं उसके बाद आपकी कौन से लिंग होती है. जिस परीक्षा में आप पास कर लेते हैं वह आपको काउंसलिंग के लिए बुलाती है और वहां पर जाकर आप अपने मेरिट के अनुसार मिले हुए लिस्ट कॉलेज का चुनाव करते हैं. उसके बाद वहां पर ब्रांच में उपलब्ध सीटों के बारे में आपको जानकारी दी जाती है.

यहां पर सबसे मुख्य बात यह है कि आपके रैंक के अनुसार आपको कॉलेज एवं ब्रांच की लिस्ट दी जाती है जिनमें से आप को सिलेक्ट करने का ऑप्शन दिया जाता है. तो यहां पर आपको दिमाग लगाकर सोचना है कि आपको कौन सा कॉलेज जाना चाहिए और आपको वैसे तो लेना कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स ही है तो उसके लिए जो भी बेहतर कॉलेज हो उसी का चुनाव करें.

4. 4 साल का कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स पूरा करें

जब काउंसलिंग के दौरान किसी अच्छे कॉलेज का चुनाव कर लेते हैं और उसमें कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स भी सुन लेते हैं फिर आपको एडमिशन मिल जाता है. अब यहां से आपकी 4 साल की पढ़ाई शुरू हो जाती है जिसमें आपको प्रत्येक वर्ष कंप्यूटर से जुड़े हुए विभिन्न प्रकार के विषयों को पढ़ाया जाता है.

एक अच्छा कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए आपको बहुत ध्यान से पढ़ाई करनी होती है. थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल बहुत ध्यान से करना होता है. यह पूरी तरह से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर आधारित होता है इसीलिए इन लैंग्वेज को ध्यान से सीखे.

यह पूरा कोर्स 4 साल का होता है तो प्रत्येक वर्ष अच्छे से पढ़ाई करें और इस कोर्स में एक एक्सपोर्ट बंद कर अपनी पढ़ाई पूरी करें. इस पढ़ाई को पूरी करने के बाद में आप चाहे तो किसी कंपनी में जॉब हासिल कर सकते हैं या फिर इसके आगे M.Tech कर सकते हैं जो एक मास्टर डिग्री कोर्स है.

निष्कर्ष

इस लेख के माध्यम से हमने आपको बताया कि किस प्रकार आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स कर सकते हैं. वैसे कई प्रकार के कोर्स होते हैं जो कंप्यूटर से जुड़े हुए होते हैं और बिना इंजीनियरिंग कॉलेज गए हुए भी उनकी पढ़ाई की जा सकती है.

लेकिन कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स अपने आप में ही एक विशाल सिलेबस रखता है जिसमें विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाती है. विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा भी कई प्रकार के कोर्स ऑफर के जाते हैं जो इससे संबंधित रखते हैं जैसे मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन बैचलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन BscIT इत्यादि.

लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज से किए हुए इस कोर्स की मान्यता ही कुछ और है और बड़ी बड़ी कंपनी इस कोर्स को किए हुए विशेषज्ञ को हायर करना पसंद करती है. अगर आप भी एक कंप्यूटर इंजीनियर के रूप में काम करने की ख्वाहिश रखते हैं तो इस कोर्स के बारे में यह जानकारी। काफी फायदेमंद साबित होगी.

हम उम्मीद करते हैं कि अब आप समझ गए होंगे कि कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बने? और इसके लिए आपको क्या क्या कर एवं योग्यता क्या होनी चाहिए अगर यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here