एंटीवायरस क्या है और इसके प्रकार

मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अक्सर यह मालूम होता है कि एंटीवायरस क्या है (What is Antivirus in Hindi) और इससे क्या नुकसान हो सकता है?

वायरस एक प्रकार के प्रोग्राम होते है जो किसी भी सिस्टम में घुसकर उसमे मौजूद डेटा को नष्ट कर देते है. हमारे सिस्टम में मौजूद डेटा को चोरी कर लेते है जो कि हम बिल्कुल भी नही चाहते है. इन सब से बचने के लिए एक प्रोग्राम का इस्तेमाल किया जाता है जिसे हम एंटीवायरस कहते है. अब आप सोच रहे होंगे कि वायरस तो समझ मे आता है लेकिन ये एंटीवायरस क्या है और यह सिस्टम में मौजूद वायरस को कैसे खत्म कर देता है.

जिस तरह से मनुष्य बॉडी को काम करने के लिए और स्वास्थ्य रहने के लिए एक अच्छे दिनचर्या मतलब की अच्छा भोजन, योगा, व्यायाम करने के आवश्यकता होती है ताकि शरीर मे कोई बीमारी वायरस प्रवेश ना कर सके ठीक इसी तरह से कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एंटीवायरस बहुत ही महत्वपूर्ण होता है.

एंटीवायरस क्या है – What is Antivirus in Hindi?

जिस प्रकार वायरस हमारी किसी लापरवाही, दूसरे सोर्स, पेन ड्राइव आदि से सिस्टम में वायरस घुस जाते है जो कि हमारे कंप्यूटर में मौजूद डेटा को नुकसान पहुँचाते हैं, सिस्टम की गति को स्लो कर देते है.

एंटीवायरस एक तरह का प्रोग्राम कोड है जो वायरस की पहचान करके उनको डिलीट कर देता है ताकि कंप्यूटर में मौजूद डेटा जैसे फ़ोटो, फ़ाइल वीडियो सुरक्षित रहे सके.

इसे एन्टी मैलवेयर के नाम से भी जाना जाता है क्योकि ये Malware, Spyware से भी कंप्यूटर को बचाता है और सिस्टम को प्रोटेक्शन देता है. 1987 में एंड्रियास ल्युनिंग और काई फेज के द्वारा वायरस स्कैन पहला एंटीवायरस प्रोग्राम बनाया गया था.

यह एंटीवायरस McAfee कंपनी के द्वारा लांच किया गया था. लेकिन जैसे-जैसे नई टेक्नोलॉजी आगे बढ़ती गयी बैसे-बैसे सुरक्षा कंपनी ने नए-नए सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बनाने शुरू कर दिए जो आज काफी पॉपुलर है. एन्टीवायरस कितने प्रकार के होते है और सबसे बेस्ट एंटीवायरस कौन से है इसके बारे में हमने नीचे डिटेल में बताया है.

एंटीवायरस कैसे काम करता है?

जब हम अपने कंप्यूटर में एक एंटीवायरस इनस्टॉल करते हैं तब यह हमारे कंप्यूटर में मौजूद सभी फाइल्स को स्कैन करता है. स्कैन करते समय हर एक फाइल्स को अलग-अलग तरीके से स्कैन करते है ताकि कंप्यूटर में मौजूद फ़ाइल और वायरस के बीच अंतर पता चल सके और फिर इस तरह से यह कंप्यूटर में मौजूद डेटा फ़ाइल में वायरस की पहचान करके उन्हें नष्ट कर देता है.

जैसा की हमने आपको ऊपर बताया कि किसी सिस्टम में वायरस की पहचान अलग-अलग तरीकों से सकैन करके करता है. किन तरीकों से करता है वह निम्लिक्खित है:

  • Heuristic-Based Detection
  • Sandbox Detection
  • Signature-Based Detection
  • Data Mining Techniques
  • Behavioural-Based Detection

एंटीवायरस की विशेषताएं

Full System Scanning

एंटीवायरस के लिए जब भी कोई नया अपडेट आता है उस वक्त इस फीचर का उपयोग करना सबसे बेहतर है. जबकि नया अपडेट आता है तो उसमें नए वायरस को पहचानने की क्षमता होती है तो इस अपडेट को जब हम पूरे सिस्टम पर स्कैन करके अप्लाई कर देते हैं तो हमें अगर कोई वायरस हो तो पता चल जाएगा.

Virus Definition as update

यह सबसे महत्वपूर्ण फीचर है देने की जब भी कोई नया अपडेट आता है तो इससे अपडेट के रूप में लाए जाते हैं जो वायरस को परिभाषित करती हैं और एंटीवायरस प्रोग्राम को जाती है कि कौन-कौन से फाइल वायरस हो सकते है.

जब किसी नए वायरस को बनाया जाता और इंटरनेट पर चलाए जाता है तो उसके लिए नई वायरस बनाकर अपने एंटीवायरस अपडेट के रूप में भेजा जाता है. जो उसने वायरस को पहचानने में सक्षम होती है नहीं तो अगर हमारे एंटीवायरस प्रोग्राम में पुरानी डेफिनेशन में और कोई नया वायरस सिस्टम में आ चुका है तो फिर इसे नहीं पहचानता.

Background Scanning

हम अपने सिस्टम में हमेशा काम करते हैं और काम करने के दौरान अगर कोई सॉफ्टवेयर अपना काम करना शुरू कर दें और उसके लिए सेना में काम करने में दिक्कत हो तो फिर यह हमारे लिए नुकसान है.

काम करने के दौरान अगर एंटीवायरस प्रोग्राम बैकग्राउंड में चलता है तो एक तरह से सिस्टम तो सुरक्षित होता ही साथ ही हमें काम करने में भी परेशानी नहीं होती.

एंटीवायरस के प्रकार

एंटीवायरस कितने प्रकार के होते है जो कंप्यूटर को सुरक्षित रखते है तो उन सॉफ्टवेर एंटीवायरस प्रोग्राम के बारे में पढ़ सकते है जो निम्लिखित है:

Kaspersky

यह एंटीवायरस काफी पॉपुलर प्रोग्राम है जो सिस्टम से ट्रोजन, वायरस, स्पाईवेयर का पता लगता है और सिस्टम से उनको नष्ट करता है और सिस्टम को सुरक्षित रखता है. Kaspersky प्रग्राम की शुरुआत 1997 में हुई थी.

AVG Ultimate

AVG Ultimate प्रोग्राम को सबसे पहले जर्मनी, ब्रिटेन में 1992 में लांच किया गया था. यह सिस्टम में फ़ाइल को सुरक्षित रखता है. यह काफी लाभदायक है. यही कारण है कि आज इसे लगभग 10 मिलियन से भी ज्यादा लोग अपने फ़ोन में करते है.

Avast Internet Security

इंटरनेट का इस्तेमाल करने के दौरान सबसे ज्यादा वायरस सिस्टम में घुसते है तो इन सब से बचने के लिए Avast Internet Security को डेवलप किया गया.

यह प्रोग्राम सिस्टम को मुख्य रूप से इंटरनेट से सुरक्षा प्रदान करता है और वायरस स्पाईवेयर से बचाता है. इस एंटीवायरस की सबसे अच्छी बात यह है कि यह 45 से भी ज्यादा भाषा मे मौजूद है.

PC Protect

यदि आप PC का इस्तेमाल करते है, तो PC Protect काफी अच्छा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो PC को वायरस, सुरक्षा, स्पाइवेयर, ट्रोजन आदि से बचाता है. इसमें फूल प्रोटेक्शन Suit प्लान उपलब्ध है.

Bull Guard

किसी भी कंप्यूटर को मालवेयर से सुरक्षित रखने के लिए Bull Guard बहुत ही उपयोगी एंटीवायरस है. अगर Bull Guard की बात करे तो यह विंडो ऑपरेटिंग को सबसे ज्यादा सुरक्षित रखता है. Bull Guard 2018 का सबसे अच्छा प्रोटेक्शन सॉफ्टवेयर रहे चुका है.

Total AV Ultimate Antivirus

Total AV Ultimate Antivirus किसी भी सिस्टम की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है जो सिस्टम को 100% ऑनलाइन खतरों, मालवेयर, वायरस से सुरक्षित रखता है. इसमें यह काफी खास है अगर आप इंटरनेट पर किसी साइट पर विजिट करते है तो यह इस तरह के स्पैम वेबसाइट से बचाता है.

Nortan

Nortan एंटीवायरस प्रोग्राम को 1991 में बनाया गया था जो की कंप्यूटर को एन्टी मैलवेयर से सुरक्षित रखता है. यह वायरस को पहचानने के लिए हस्ताक्षर और हेरिस्टिक का इस्तेमाल करता है और कंप्यूटर मौजूद वायरस को हटाता है.

ESET

इस एंटीवायरस को 1912 में एक आईटी कंपनी के द्वारा बनाया गया था. 2001 में प्राग चेक गणराज्य ने E- set सॉफ्टवेयर कम्पनी की स्थापना की जो आज मार्किट में काफी लोकप्रिय है. यह सिस्टम को साइबर सुरक्षा प्रदान करता है.

एंटीवायरस के फायदे

अगर आप इस इंटरनेट की दुनिया मे एक्टिव है और कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल करते है तो आपको पता ही होगा कि आज इंटरनेट के माध्यम से जरा सी लापरवाही की वजह से वायरस कंप्यूटर में घुस जाते है. तो अब उनसे बचने के लिए समय-समय पर सिस्टम में वायरस ढूंढने के लिए स्कैन करना बहुत जरूरी होता है.

किसी भी सिस्टम के लिए ये बहुत फायदेमन्द होता है. इसके क्या फायदे है यहाँ नीचे पढ़ सकते है:

  • आपके सिस्टम में मौजूद आपका डेटा सुरक्षित रहता है.
  • आप अपने कंप्यूटर, लैपटॉप में किसी सॉफ्टवेर को सुरक्षित रूप से डाउनलोड करके उसमे इस्तेमाल कर सकते है.
  • अगर आप किसी paid एंटीवायरस का इस्तेमाल करते है तो आपके कंप्यूटर में मौजूद ऑनलाइन ट्रांसक्शन सुरक्षित रहेंगे.
  • सिस्टम की हार्ड डिस्क corrupt नही होगी.
  • आपके कंप्यूटर सिस्टम की गति स्लो नही होगी.

एंटीवायरस के नुकसान

सभी जानते है कि कोई भी चीज हो उसके जितने ज्यादा फायदे होते है वही कही ना कही वह किसी ना किसी रूप में हानिकारक भी होती है. ऐसे ही एंटीवायरस जितना फायदेमंद होता है उतना ही कही ना कही नुकसानदायक भी होता है जिसके बारे में आप नीचे पढ़ सकते है:

  • आज सभी लोग कंप्यूटर में वायरस को नष्ट करने के लिए जब स्कैन करते है तो वह एक ही तरीका अपनाते है. ऐसे में यदि सिस्टम में कोई नया वायरस आ जाता है तो उसे एंटीवायरस पहचान नही पाता है जो की कंप्यूटर को नुकसान पहुंचा देता है.
  • जब हम कंप्यूटर में एंटीवायरस अपडेट करते है तब ये फ़ाइल को स्कैन करता है. ऐसे में एंटीवायरस को एक फ़ाइल को स्कैन करने में काफी टाइम लग जाता है जिससे हमारे कंप्यूटर की स्पीड स्लो हो जाती है.

बेस्ट एंटीवायरस की लिस्ट

  • AVG
  • Trend Micro HouseCall
  • Avira
  •  Bitdefender
  • Avast
  • Malwarebytes Anti-Malware
  • Panda Free Antivirus
  • Lavasoft Ad-Aware
  • eScan Antivirus Toolkit
  • ZoneAlarm Free Antivirus

संक्षेप में

सभी जानते है कि आज टेक्नोलॉजी का जमाना है और इस टेक्नोलॉजी की दुनिया मे हैकर्स की संख्या काफी बढ़ती जा रही है. जो किसी ना किसी तरह से सिस्टम में वायरस म प्रवेश करके उस सिस्टम में मौजूडी पर्सनल डेटा को चुरा लेते है. इसलिए आज हर सिस्टम में एंटीवायरस का इस्तेमाल बहुत जरूरी होता है.

आप अंदाजा लगा सकते है कि आज सिस्टम के लिए वायरस से सुरक्षा कितनी जरूरी है. हम आपसे यही कहेंगे की अगर आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते है और कंप्यूटर में मौजूद फ़ाइल, वीडियो, फ़ोटो को सुरक्षित रखना चाहते है तो अपने सिस्टम में एंटीवायरस का उपयोग जरूर करें.

आज की पोस्ट मे हमने एंटीवायरस सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के बारे में विस्तार से जाना। उम्मीद करता हूँ कि आपको आज के हमारे इस आर्टिकल एंटीवायरस क्या है (What is Antivirus in Hindi) और ये कितने प्रकार के होते है एवं यह कैसे काम करता है आदि के बारे में दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी और आपको पसन्द आयी होगी. आपको आज का हमारा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके बता सकते है.

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