10th के बाद क्या करें और कौन सा सब्जेक्ट चुने

जैसे ही बच्चे दसवीं का एग्जाम लिखकर पास हो जाते हैं तो उनके लिए सबसे बड़ी दिक्कत होती है कि 10th के बाद क्या करें और इसके बाद कौन कौन सा कोर्स कर सकते हैं? पढ़ाई के बीच का यह एक ऐसा पड़ाव है जिस में लिया गया डिसीजन पूरी जिंदगी भर के लिए असर डालता है.

10th पास करने के बाद में आपके पास मुख्य तीन विषय होते हैं जिनमें से आपको एक चुनना होता है. यह विषय निम्नलिखित है:

  • पहला विषय है विज्ञान (Science)
  • दूसरा विषय है आर्ट्स (Arts)
  • तीसरा विषय है कॉमर्स (Commerce)

जिनके माता-पिता शिक्षित होते हैं वह पहले से ही अपने बच्चे के लिए प्लानिंग करके रखते हैं लेकिन यहां एक बात और आती है कि बच्चे की रुचि किसमें है यह बहुत मायने रखता है.

उन्हें यह डिसीजन लेना है पड़ता है कि बच्चा किस फील्ड में अच्छा कर सकता है और उसे किन विषयों में अधिक रूचि है वह उसी के आधार पर उनके इंटरेस्ट के कोर्स का चुनाव कर सकते हैं.

भले ही आप एक स्टूडेंट हो या फिर गार्जियन हो इस पोस्ट में आप को बच्चों के हाई स्कूल या दसवीं के बाद कौन सा कोर्स करें और सबसे बेस्ट कोर्स कौन सा है इसके बारे में हम पूरी जानकारी देंगे.

10th के बाद कौन कौन सा कोर्स कर सकते हैं?

जब कोई बच्चा दसवीं की परीक्षा पास कर लेता है तो वह वक्त आ जाता है जब वो अपने पसंदीदा करियर को लेकर अपना डिसीजन ले सकते हैं.

यानी कि एक छात्र जो बनना चाहता है उसके लिए वह अपनी पढ़ाई दसवीं के बाद ही शुरू करता है क्योंकि 10th तक की पढ़ाई हर छात्र के लिए कॉमन होती है और भले ही स्टूडेंट किसी भी स्टेट का या फिर बोर्ड का हो मेट्रिक तक सभी के पढ़ाई एक जैसी ही होती है.

मैट्रिक पास कर लेने के बाद में इंटरमीडिएट करने के लिए 10+2 करते हैं. यानी देश में 11th और 12th दोनों क्लासेस करने होते हैं और दोनों के लिए ही 1-1 साल का समय दिया जाता है यानी कि इंटरमीडिएट 2 साल का होता है.

दसवीं करने के बाद वैसे तो बहुत तरह के कोर्स किए जाते हैं लेकिन मुख्य तौर पर 10+2 करने में सिर्फ तीन सब्जेक्ट होते हैं.

  1. Science (साइंस)
  2. Commerce (कॉमर्स)
  3. Arts (कला)

10th के बाद साइंस (Science)

दसवीं के बाद सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स की रुचि होती है साइंस सब्जेक्ट लेने की. बेहतर करियर बनाने के मामले में साइंस सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. अगर कोई बच्चा वैज्ञानिक, डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहता है फिर तो उसे साइंस ही चुनना पड़ेगा.

वैसे भी अधिकतर बच्चे मैथ और साइंस से घबराते हैं और उनकी रुचि इसमें नहीं होती है लेकिन जो बच्चे इन विषयों में बहुत अच्छे होते हैं उनके लिए साइंस बहुत इंटरेस्टिंग सब्जेक्ट होता है और कैरियर बनाने के लिए महत्वपूर्ण होता है.

साइंस के अंदर पढ़ाई करने के लिए अभी दो अलग-अलग स्ट्रीम होते हैं. एक्सट्रीम इंजीनियरिंग लाइन की तरफ ले जाता है जिसमें मैथमेटिक्स पढ़ना जरूरी होता है. जबकि दूसरा स्ट्रीम मेडिकल सेक्टर में करियर बनाने के काम आता है और इसमें बायोलॉजी पढ़ना कंपलसरी होता है.

साइंस के अंदर पढ़ाई करने के लिए 3 स्ट्रीम होते हैं:

1. PCM – Physics, chemistry & Math
2. PCB – Physics, Chemistry & Biology
3. General – Physics, chemistry, Math and Biology

इसमें जो पहली स्ट्रीम है वह वैसे बच्चे चुनते हैं जो मुख्य रूप से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं. इंजीनियरिंग में पूरी तरीके से मैथमेटिक्स का कोर्स कराया जाता है जबकि उसमें बायलॉजी का कोई काम नहीं होता.

इसलिए फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ इसमें मैथमेटिक्स विषय को चुना जरूरी है.

इसमें आप देख रहे हैं कि लिस्ट में सभी जगह फिजिक्स केमिस्ट्री कॉमन है यानी कि यह दोनों सब्जेक्ट पढ़ने जरूरी है क्योंकि उनके उपयोग बार-बार साइंस के हर क्षेत्र में किया जाते हैं.

इसमें जो दूसरा स्ट्रीम है यह उनके लिए है जो मेडिकल लाइन में जाना चाहते हैं. इसलिए इसमें फिजिक्स केमिस्ट्री के साथ-साथ बायलॉजी की पढ़ाई करनी जरूरी है.

कुछ बच्चे कैसे होते हैं जो मैथमेटिक्स और बायलॉजी दोनों ही विषयों को चुन लेते हैं. इसका कारण यह होता है कि वह इस प्रयास में होते हैं की इंजीनियरिंग और मेडिकल दोनों में से कोई भी लाइन मिल जाए जिसमें वह अपना करियर बना सके.

हालांकि इन दोनों विषयों को लेकर पढ़ाई करना काफी मुश्किल हो जाता है. क्योंकि इनके अलावा फिजिक्स केमिस्ट्री भी पढ़ाई करनी होती है इससे बच्चों का काफी लोड भी बढ़ जाता है.

साइंस के अंदर पढ़ाए जाने वाले विषय

  • Physics
  • Chemistry
  • Math
  • Biology
  • English
  • Economics
  • Computer Science

विज्ञान लेने वाले बच्चे की अच्छी तरीके से समझ ले कि इस विषय को अंग्रेजी में पढ़ना ज्यादा बेहतर है क्योंकि इंजीनियरिंग या फिर मेडिकल लाइन जाने पर सारे विषय इंग्लिश में ही होते हैं इसलिए साइंस को भी सामान्य रूप से इंग्लिश नहीं रखा जाता है.

जो बच्चे स्टेट बोर्ड से 10th के परीक्षा पास करते हैं उनकी इंग्लिश अच्छी नहीं होती है जिसकी वजह से उन्हें साइंस पढ़ने में काफी तकलीफ होती है.

लेकिन मैं आपको बता देता हूं कि आपको शुरुआती कुछ महीने भर मुश्किल होते हैं लेकिन फिर आपको सब कुछ समझ में आने लगता है.

मैं अपनी बात करूं तो मैं भी हिंदी मीडियम से पढ़ा हुआ छात्रों में से हूँ और मैंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रखी है साथ ही मैंने 5 साल ऑटोमोबाइल सेक्टर में जॉब भी किया है.

सामान्य रूप से 12वीं में कुल मिलाकर पांच विषय पढ़ने होते हैं. आप चाहे जो भी स्ट्रीम ले PCM, PCB इसके साथ मेरी सलाह माने तो इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस के सब्जेक्ट ले ले.

इंग्लिश लेने से आपको फायदा यह होगा कि आपके अंग्रेजी अच्छी हो जाएगी और कंप्यूटर साइंस में अपना 90+ मार्क ला सकते हैं.

दसवीं के बाद साइंस लेने के फायदे

  1. यह सच है कि एक एवरेज स्टूडेंट साइंस से दूर भागता है लेकिन जब आप इसमें इंटरेस्ट लेना शुरू करते हैं तो विज्ञान बहुत मजेदार विषय लगता है. यह आपको अधिक चालाक बुद्धिमान और प्रोग्रेसिव बनाता है.
  2. फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों को पढ़ते हैं तो उससे होने वाले प्रभाव, उनके कारण और उनकी वजह से होने वाले वातावरण पर प्रभाव कि समझ को बढ़ाता है.
  3. विज्ञान प्रगति शील है जिसमें हर समय नए-नए आविष्कार होते रहते हैं. इसी की वजह से लोगों को कई बीमारियों का इलाज खोजने और उसे लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है.
  4. विज्ञान हम सभी को बहुत तरीके से काम करना सिखाता है जिसकी वजह से हम इतने बोर नहीं होते.
  5. इंसान के शरीर से लेकर आसमान के झिलमिलाते तारों तक हर चीज की जानकारी विज्ञान भी देता है और हम सभी इसी के माध्यम से इन चीजों के बारे में जानते हैं.
  6. विज्ञान का मतलब ही होता है कि खोज और नए आविष्कार. यह हमें बताता है कि किस प्रकार हम अपने आसपास के संसाधनों का उपयोग अपनी जिंदगी के लिए कर सकते हैं.

10th के बाद कॉमर्स (Commerce)

दसवीं पास करने के बाद में कॉमर्स एक ऐसे सब्जेक्ट है जो कि छात्रों द्वारा पसंद किया जाता है. जो बच्चे साइंस को कठिन मानते हैं वह जाकर कॉमर्स ही चुनते हैं.

इसके अलावा जो भी Banking, Business, Finance के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं वह कॉमर्स विषय का चुनाव करते हैं.

स्टूडेंट की बहुत बड़ी संख्या चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी कि CA बनने का ख्वाब देखते हैं उनके लिए कॉमर्स काम आता है.

कॉमर्स के फील्ड में पढ़ाई करने वाले छात्र ग्रेजुएशन करने के बाद में MBA एमबीए इत्यादि का भी कोर्स करते हैं और फिर मैनेजमेंट के क्षेत्र में जॉब करना पसंद करते हैं.

इसके अलावा इस स्ट्रीम को लेने के बाद में बैंकिंग एरिया जॉब के लिए सबसे बेस्ट है.

दसवीं के बाद कॉमर्स लेने के फायदे

  • अगर आप अपनी मैट्रिक की परीक्षा पास कर लेते हैं और उसके बाद कॉमर्स लेते हैं तो आपको बहुत तरह के फायदे मिलते हैं.
  • अकाउंट से जुड़े हुए विषय में रुचि रखने वाले और इससे जुड़े कामों को पसंद करने वाले लोगों को कॉमर्स काफी बेहतरीन ऑप्शन देता है.
  • वाणिज्य के क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाने वाले लोगों को यह विषय काफी पसंद है और यह पूरी तरह से इसी पर डेडीकेटेड होता है.
  • इसमें भी कई तरह के कैरियर ऑप्शन है.
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए कॉमर्स लेना जरुरी है.

कॉमर्स के अंदर पढ़ाए जाने वाले सब्जेक्ट

  • Business Studies
  • Economics
  • Mathematics
  • Accountancy
  • English

10th के बाद Arts (कला )

बहुत सारे ऐसे बच्चे होते हैं जिन्हें ना तो साइंस में इंटरेस्ट होता है और ना ही कॉमर्स में वैसे बच्चे दसवीं पास करने के बाद में Arts की पढ़ाई करते हैं.

जिन बच्चों का दसवीं के एग्जाम में कम नंबर होता है वह इस विषय का चुनाव करते हैं. पढ़ाई करने में यह सबसे आसान माना जाता है.

इन सबके अलावा जिन बच्चों को लिटरेचर सब्जेक्ट (जैसे हिंदी, इंग्लिश, जैसे भाषाएं), वकील, साइकोलॉजिस्ट, हिस्ट्री, पॉलिटिक्स इत्यादि पसंद होता है वह इस विषय का चुनाव करते हैं और इसकी पढ़ाई करते हैं.

बहुत सारी सरकारी नौकरियां ऐसी है जो इन तीनों में से किसी भी विषय को पढ़ाई करने के बाद में ज्वाइन कर सकते हैं. लेकिन इसके पहले आपको कॉन्पिटिटिव एग्जाम पास करना पड़ेगा.

कॉन्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कैसे करते हैं इसके बारे में हमने पहले ही आर्टिकल लिख लिया है जिसे आप यहां से जाकर पढ़ सकते हैं.

भारतीय डाक सेवा, इंडियन रेलवे, स्टाफ सिलेक्शन कमिशन, आईबीपीएस, इत्यादि ऐसे कई तरह से डिपार्टमेंट है जिसके एग्जामिनेशन में आप बैठ सकते हैं और अगर आप इसे क्वालीफाई कर लेते हैं तो आपको नौकरी भी मिल जाती है.

इन सभी एग्जामिनेशन में आपको 10th लेवल के गणित के सवाल पूछे जाते हैं जिसके लिए एप्टिट्यूड, रिजनिंग, इंग्लिश इत्यादि के पढ़ाई करनी पड़ेगी.

दसवीं के बाद आर्ट्स करने के फायदे

  • कला के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले छात्र के पास हर तरह के मौके होते हैं.
  • बस कुछ मौका को छोड़ दिया जाए तो इसमें हर प्रकार के जॉब और पढ़ाई से जुड़े कोर्स करने का अवसर इसके अंतर्गत मिलते हैं.
  • कई प्रकार के कोर्सों में से एक कोर्स है इवेंट मैनेजमेंट का जिसमें डिप्लोमा डिग्री का कोर्स कर सकते हैं.
  • इसके अंतर्गत पढ़ाई करने पर आप क्रिएटिव स्किल, टीम स्पिरिट, टाइम मैनेजमेंट और मैनेजमेंट स्किल इत्यादि सीखते हैं और इसमें मजबूत होते हैं.
  • इसके अलावा इस विषय से संबंध रखने वाले छात्र लेखन के विभाग में काफी ज्यादा शौकीन होते हैं और बाद में लेखक के रूप में अपना नाम भी रोशन करते हैं.
  • साइंस और कॉमर्स पढ़ने वालों के लिए एक बंदिश होती है कि आपने यह विषय चुना है तो इसी क्षेत्र में आपको पढ़ना है.
  • वहीं अगर बात करें आर्ट्स की तो इसमें छात्रों के पास एक विशाल ऑप्शन का समूह होता है जिसमें समूह किसी भी क्षेत्र में जा सकते हैं.

Arts के अंदर पढ़ाए जाने वाले सब्जेक्ट

  • Hindi
  • English
  • History
  • Urdu
  • Sanskrit
  • Political Science
  • Geography
  • Psychology
  • Philosophy
  • Sociology
  • Economics

10th के बाद डिप्लोमा (Polytechnic)

अपने जूनियर इंजीनियरिंग के बारे में जरूर सुना होगा यानी कि वैसे इंजीनियरिंग जो 10th लेवल के आधार पर की जाती है.

दसवीं पास छात्र भी डिप्लोमा करने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज ज्वाइन कर सकते हैं जिन बच्चों का नंबर 60 परसेंट से ज्यादा होता है वह डिप्लोमा का कोर्स किसी भी ब्रांच में कर सकते हैं.

पॉलिटेक्निक एक प्रोफेशनल कोर्सेज यानी कि इस कोर्स को करने के बाद में विद्यार्थी कंपनी ज्वाइन करके जॉब कर सकता है. शुरुआत में तो कंपनी में उन्हें डिप्लोमा टेक्निकल ट्रेनी के तौर पर रखा जाता है.

अलग-अलग कंपनियों में 1 से 2 साल तक ट्रेनिंग दी जाती है. इसके बाद परफॉर्मेंस के आधार पर उन्हें जूनियर इंजीनियर का पद भी दिया जाता है.

इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करके जॉब तो कर ही सकते हैं इसके अलावा अगर वह चाहे तो बी टेक भी कर सकते हैं.

इसके लिए उन्हें इंजीनियरिंग कॉलेज में डिग्री लेने के लिए एडमिशन लेना पड़ता है और उन्हें सेकंड ईयर में एडमिशन मिलता है जिसे हम लैटरल एंट्री के नाम से भी जानते हैं.

पॉलिटेक्निक के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल पॉलिटेक्निक क्या है और कैसे करे ये जरूर पढ़ें.

पॉलिटेक्निक के ब्रांच

  • Automobile Engg
  • Mechanical Engg.
  • Computer Engineering
  • Software Engineering
  • Electrical Engineering
  • Electronics and Communication Engg
  • Civil Engg

10th के बाद आईटीआई

दसवीं की परीक्षा पास करके बहुत सारे लड़कियों की ख्वाहिश होती है कि वह जल्दी से जल्दी जॉब करें.

अक्सर यह देखा जाता है कि मिडिल क्लास परिवार के लोग जिनके आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है वह चाहते हैं कि उनका बच्चा दसवीं की परीक्षा पास करके कुछ ऐसी पढ़ाई करें जिससे कि उसे जल्दी नौकरी मिल जाए और वह जल्दी से जल्दी पैसे कमाए.

देश के लगभग हर हिस्से में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के सेंटर बनाए गए हैं ताकि छात्रों को शिक्षा दी जा सके और फिर वह अपने लिए नौकरी प्राप्त कर सके.

वैसे आप आईटीआई का कोर्स आठवीं पास करने के बाद भी कर सकते हैं लेकिन बेहतर यही है कि आप 10th तक की पढ़ाई जरूर करें.

आईटीआई के ट्रेड

  1. Welder
  2. Electrician
  3. Plumber
  4. Foundry Man
  5. Wireman
  6. Turner
  7. Moulder
  8. Network Technician
  9. Computer hardware mechanic

संक्षेप में

लड़के और लड़कियां जब मेट्रिक का एग्जाम पास कर लेते हैं तो इस बात को लेकर काफी परेशान होते हैं कि दसवीं के बाद क्या करें और उनके लिए कौन सा सब्जेक्ट चुने जो कि बेहतर रहेगा.

इस तरह का निर्णय लेने के लिए वह सक्षम नहीं होते हैं इसमें यही वजह है कि गार्जियंस को भी अपने बच्चों का साथ देना चाहिए और उन से बातें करनी चाहिए कि उनका इंटरेस्ट किस फील्ड में है और उन्हें क्या पढ़ना अच्छा लगता है.

जिस विषय में जिस बच्चे की रूचि होती है वह उसमें पढ़ने में भी आनंद उठाता है और साथ में उसे मेहनत करना भी पसंद होता है. लेकिन जिस विषय में बच्चों को रूचि नहीं होती है तो उन्हें पढ़ने में भी मन नहीं लगता.

इसलिए हमने इस पोस्ट के माध्यम से यह भी बताया की 10th के बाद कौन कौन सा कोर्स कर सकते हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि आप के सभी सवालों के जवाब इस पोस्ट के माध्यम से आपको मिल गए होंगे. और यह भी उम्मीद करता हूं कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी.

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