What is a Domain ? Work process of Domain and types of Domain Hindi

 What is a Domain Name ?

हैल्लो दोस्तों आप सभी का हार्दिक स्वागत है इस नए पोस्ट में . जब भी वेबसाइट की बात आती है तो आपने सुना होगा Domain के बारे में .

हम वेबसाइट से earning कैसे करे इनके बारे में डिसकस कर रहे हैं.

वेबसाइट से पैसे कमाने के लिए तो वेबसाइट बनाना ज़रूरी है.

और जब भी वेबसाइट बनाने की बात आती है तो आपने सभी के मुँह से सुना होगा डोमेन  ज़रूरी है इसके लिए .

चाहे लोगो को पूरी जानकारी न हो लेकिन इतना सभी जानते हैं की अगर वेबसाइट बनानी है तो डोमेन  खरीदना ज़रूरी है.

आज के पोस्ट में हम जानेंगे की Domain  क्या होता इसका वर्किंग प्रोसेस क्या है ? और ये कितने प्रकार का होता है ?

Domain wtechni.com

What is domain name ?

मैं आज के इस पोस्ट में डोमेन  के बारे में पूरी जानकारी आपको दूंगा तो चलिए इस पोस्ट को आगे बढ़ाते हैं ।

दुनिया में जिस तरह इंसान अलग अलग तरह के होते हैं और उनकी पहचान के लिए हम एक नाम का इस्तेमाल करते हैं।

सोचिये अगर नाम न हो तो कितना मुश्किल होता जिस तरह इंसान की पहचान के लिए नाम का इस्तेमाल किया जाता है.

उसी की तरह वेबसाइट भी अलग अलग तरह के होते और अलग अलग टॉपिक के होते हैं.

उनके भी पहचान उनके डोमेन  name से किया जाता है ।

URL होता है ? Uniform Resource Locator

जब हम browser के अंदर address bar जहाँ पर वेबसाइट का Address डाल के वेबसाइट open करते हैं

तो कभी कभी एड्रेस बार पूरा भर जाता और देखने में काफी लम्बा लगता है

इसमें इस पुरे लाइन को URL कहा जाता है URL बहुत लम्बा भी हो सकता है ।

https://www.wtechni.com/search?dcr=0&source=hp&ei=16_SWun7BZfEvwTDqLnICQ&q=what+is+domain – (  This is called URL)

इस पूरी लाइन का छोटा हिस्सा जो वेबसाइट का नाम होता है वो डोमेन होता है ।

डोमेन नाम को टेक्निकल भाषा में DNS से सम्बोधित किया जाता है जिसका पूरा फॉर्म होता है डोमेन  Naming System .

Working process Of Domain Naming System (DNS)

जिस तरह हम अपने मोबाइल फ़ोन में सांग्स और वीडियोस को स्टोर करने के लिए फ़ोन मेमोरी या फिर मेमोरी कार्ड, SD कार्ड का प्रयोग करते हैं

ठीक वैसे ही इंटरनेट में जितनी भी वेबसाइट हैं हर वेबसाइट server या Host में store की हुई रहती हैं

और डोमेन  name उस Hosting server के IP को point की हुई होती है।

जब हम ब्राउज़र में जाते हैं और उसके address bar में Website का नाम डालते हैं तो डोमेन  नाम जो की एक IP address से जुड़ा होता है

वो डोमेन Host server के IP को point कर देती है और उस डोमेन नाम से बनी वेबसाइट जिसे हम ओपन करना चाहते हैं

उसके सारे डाटा को सर्वर से ला के हमारे सामने दिखा देती है औ

र इस तरह से हम किसी वेबसाइट को ब्राउज़र में देख पाते हैं ।

Domain name का प्रयोग IP Address के लिए क्यों होता है ?

चलिए समझते हैं की डोमेन  name का प्रयोग IP Address के लिए क्यों किया जाता है ।
डोमेन नाम IP Address को represent करता है , एक या उससे ज़्यादा IP (Internet protocal) को पहचानने के लिए डोमेन names का इस्तेमाल किया जाता है ।

हर डोमेन किसी IP Address से कनेक्टेड होता है।

आप के दिमाग में चल रहा होगा की आखिर क्यों IP Address के लिए डोमेन नाम का use होता है?

तो इसका जवाब ये है की IP Address को हम याद नहीं कर सकते हैं क्यों की ये नंबर डिजिट में होते हैं.

डोमेन नाम को याद करना आसान होता है और डोमेन नाम हम अपनी टॉपिक के अनुसार सेलेक्ट भी कर सकते हैं.

जो वेबसाइट के niche को अच्छी तरह से एक्सप्लेन कर सकता है.

डोमेन नाम एक तरह से IP एड्रेस को ट्रांसलेट करता है जो नंबर्स को शब्दों में बदल देता है.

IP Address जो नंबर में होता है ये Server में स्टोर किए गए वेबसाइट के Address को बताता है की वो कहाँ मौजूद है ।

Types of Domain

Usually डोमेन  के बहुत सारे Types होते हैं लेकिन जो commonly use किये जाते हैं हम उसके बारे में बात करेंगे यहाँ ।

 TLD ( Top Level  Domain)

इस तरह के डोमेन  Highest level डोमेन होते हैं ये DNS Structure में Highest Level में आते हैं। Top Level domain के बहुत सारे फायदे हैं हम वेबसाइट क्रिएट इसीलिए करते हैं की ज़्यादा से ज़्यादा लोग हमारे वेबसाइट से जड़े और हमारे वेबसाइट के articles को पढ़े से जितनी ज़्यादा ट्रैफिक होगी उतने ज़्यादा पैसे आएंगे । Top Level domain होने से हमारे वेबसाइट को सर्च engines में जल्दी ही हाई रैंक मिल जाती है और Google अद्सेंसे के approval हमे बहुत जल्दी मिल जाती है मेरे इस वेबसाइट में मझे वेबसाइट बनाने के एक month  के बाद  Adsense का approval मिल गया था । Top level Domain के website  में SEO भी करना आसान होता है बाकि के वेबसाइट की तुलना में ।

Top Level domain के एक्सटेंशन के कुछ expamle निचे देखे ।

  • .com (Highest rank domain)
  • .edu (education related)
  • .net (Network related domain)
  • .org(Organisation related website Domain)
  • .biz (Business related domain)
  • .org(Organization related)
  • .gov(Governmental related)

Top Level Domain भी कई पार्ट्स में divided हैं ।

GTLD – Generic Top Level Domain

example:

  • .com
  • .net
  • .biz
  • .org
  • .gov

CCTLD- Country Code Top Level Domain

हर देश के location को Denote करने के लिए 2 letter डोमेन  को एस्टब्लिश किया गया है जैसे हमारे देश इंडिया के लिए .in use किया जाता है जो की India को represent करता है ।
.ru – ये रूस को denote करता है।

 Second level Domain

इस तरह के डोमेन TOP Level डोमेन  के बाद आता है । जो second Level Domain होता है उसका एक्सटेंशन थोड़ा अलग होता है TOP Level Domain से ।
example : co.in इस तरह का डोमेन आपने देखा होगा इसमें .co सेकंड लेवल डोमेन होता है और .in TOP लेवल डोमेन होता है ।

 Third Level Domain

Second Level Domain के left में dot के पहले वाले को Third Level Domain बोला जाता है ।इस तरह डोमेन left साइड में और बढ़ेंगे तो continue fourth और fifth डोमेन  कहा जाएगा ।

Sub domain

ये एक ऐसा डोमेन  होता है जो बड़े डोमेन का एक छोटा हिस्सा बस होता है ।
जैसे
north.example.com

south.example.com

जब हम Bloggar में फ्री का वेबसाइट बनाते हैं तो उसमे हमे अपना डोमेन Subdomain के रूप में मिलता है.

हमारा वेबसाइट  blogger के Main डोमेन में बना होता है जैसे मेरा एक वेबसाइट है.
wtechni.blogspot.com

यहाँ wtechni ही Subdomain कहलाएगा और  blogspot.com main डोमेन होगा।

गूगल अपने अलग अलग सर्विसेज को Main Domain  से जोड़ के Subdomain के रूप में बना के रखता है।

जैसे हम यहाँ इस उदाहरण से समझ सकते हैं।

maps.google.com

mail.google.com यहाँ पर  maps और mail, subdomain है.

तो दोस्तों मझे उम्मीद है की अब आप समझ गए होंगे के डोमेन क्या होता है ? और ये कैसे काम करता है?  और इसके कौन कौन से Types है ।

 

 

 

 

 

 

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