What is a Hosting, Types of Hosting in Hindi & Why it is Important

What is a Hosting and Types of Hosting in Hindi

हेलो मेरे प्यारे दोस्तों कैसे हैं आपलोग उम्मीद है सब अच्छे होंगे तो पिछले के पोस्ट्स में ये जाना की कैसे हम वेबसाइट से पैसा कमाते हैं और वेबसाइट बनाने के लिए हमे दो चीज़ों की ज़रूरत पड़ती है जो की हैं Domain और Hosting.
1 . Domain
2.  Hosting
हमने पिछले पोस्ट में डोमेन क्या होता है और इसका वर्किंग प्रोसेस  What is a Domain and types of domain भी जान लिया था .

तो इस पोस्ट में हम मुख्यता Hosting  के बारे डिटेल में जानेंगे ।

Hosting क्या होता है ?

Hosting के बारे में समझने के लिए हम एक उदाहरण लेते हैं।

आजकल हम सभी के पास स्मार्टफोन होता है और स्मार्टफोन में गाना, वीडियो , इमेजेज यानी फोटो ,डाक्यूमेंट्स,और भी तरह तरह के फाइल्स होती हैं. जिन्हे हम SD कार्ड या फिर स्मार्टफोन के मेमोरी में save कर के रखते हैं।

ठीक उसी तरह जब हम किसी वेबसाइट वेबसाइट को खोलते हैं.

तो वेबसाइट में भी हमे हर तरह के contents देखने को मिलते हैं फोटो ,वीडियो , गाना ,डाक्यूमेंट्स, टेक्स्ट्स इत्यादि।

क्या आपने कभी सोचा है की जब भी वेबसाइट का पेज खुलता है तो ये सभी फोटो और text कहाँ से आ जाते हैं?

तो guys ये सारे contents ऑनलाइन जिस लोकेशन में स्टोर रहता है उसी लोकेशन को हम Hosting कहते हैं ।

Domain का बस नाम होता है जिससे उसे ग्लोबली पहचाना जाता है।

लेकिम Hosting वेबसाइट का शरीर और जान दोनों ही है।

Blogging से रिलेटेड सभी लोग Hosting को टेक्निकल भाषा में Web Hosting बोलते हैं।
वेब Hosting करने के लिए जिस Physical system का इस्तेमाल किया जाता है, उसे Web Server बोलते हैं।

Web Server हर वक़्त इंटरनेट से Connected रहते हैं तभी तो हम 24*7 जब भी चाहे वेबसाइट को खोल कर उसके कंटेंट्स को देख पाते हैं ।

Web Hosting काम कैसे करता है ?

जब भी हम कोई ब्राउज़र ओपन करते हैं जैसे क्रोम ,Firefox , UC ब्राउज़र इत्यादि और फिर Address bar में जा के URL या फिर कोई वेबसाइट का नाम डालते हैं तो URL में जो डोमेन नाम होता है वो IP address से कनेक्टेड होता है और ये IP address डोमेन को Server से point कर देता है जहाँ पर वेबसाइट के सरे कंटेंट्स स्टोर किए हुए होते हैं और वेबसाइट के सारे कंटेंट्स लोड होकर ब्राउज़र में खुल जाते हैं और हम वेबसाइट को देख पाते हैं । तो इस तरह से वेबसाइट ओपन होता है और हम अपने लिए जो इनफार्मेशन वेबसाइट से लेनी होती है वो हम ले लेते हैं ।

What is Hosting and types of hosting wtechni

 

Types Of Web Hosting (Web Hosting कितने प्रकार का होता है ?)

हमने अभी तक ये जाना की Web Hosting क्या होता है और ये कैसे काम करता है.

आगे चलिए जानते हैं की इस्तेमाल के अनुसार कितने प्रकार का होता है ।

1 . Shared web Hosting
2 . Virtual Private Server (VPS)
3 . Dedicated Hosting

4. Cloud Web Hosting

 

 

1. Shared Web Hosting

जिस तरह हम किसी हॉस्टल में या फिर लॉज में रहते हैं तो उसमे और भी लड़के होते हैं और उनके साथ मिलकर सब बराबर बराबर रेंट देकर sharing में रहते हैं.

ठीक उसी तरह Shared web Hosting में बहुत सारी वेबसाइट को एक ही वेब सर्वर में स्टोर कर के रखा जाता है.

इस तरह की Hosting बिगिनर्स के लिए अच्छा होता है।

क्यों की उन्हें न तो ज़्यादा ट्रैफिक आएगी शुरुआत में और न कोई परेशानी होगा.

Shared Hosting में प्रॉब्लम तब आती है जब वेबसाइट Popular हो जाती है और उसमे ट्रैफिक बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है.

अब क्या होगा की ट्रैफिक के बढ़ जाने सर्वर का लोड बढ़ जाएगा और उसकी स्पीड ट्रैफिक के अनुसार पर्याप्त नहीं होगी।

जिससे की वेबसाइट Slow स्पीड में काम करेगा और पेज लोड होने में काफी समय लगाएगा ।

इसके अलावा दूसरी वेबसाइट जो Shared Hosting में साथ में है वो भी धीमी गति से काम करने लगेंगे।

इसे हम एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं हम अपने स्मार्टफोन में बहुत सरे Apps का इस्तेमाल करते हैं.

और ये अलग अलग साइज के होते हैं जब हम इनको एक साथ minimize कर के इस्तेमाल करते हैं और साथ में एक गेम भी ओपन कर लेते हैं.

अब  उसे Minimize कर के रखे आप देखेंगे की आपका स्मार्टफोन अब बहुत धीमी गति से काम करेगा।

ऐसा इसलिए हुआ क्यों की हाई ट्रैफिक वेबसाइट की तरह गेम्स भी हमारे फ़ोन का ज़्यादा स्पेस और राम का उसे करते हैं.

इसीलिए पूरा फ़ोन ही Slow हो जाता है और साथ ही दूसरे Apps भी धीमी गति से चलने लगते हैं ।

2. Virtual Private Servers (VPS)

Virtual Private Severs एक बड़े बिल्डिंग के फ्लैट्स के जैसा ही है जहाँ एक फ्लैट का मालिक एक ही आदमी होता है.

और अकेले ही सारी रेंट भरता है और उसके साथ पैसे भरने में कोई शेयर नहीं करता है.

और कोई दूसरा मालिक आकर उसमे नहीं रह सकता।

इसमें बिल्डिंग तो एक ही लेकिन फ्लैट्स के रूप में ये कई हिस्सों में बांटा हुआ है जिसमे अलग अलग मालिक हैं.

ठीक इसी तरह VPS में Virtualisation  तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है जिसमे Server के रूप में फिजिकल कंप्यूटर सिस्टम बस एक ही होता है लेकिन virtually कई हिसो में बांटा हुआ होता है.

चूँकि इसमें सारी websites एक ही Physical Server में रहती हैं।

लेकिन virtually अलग अलग divided space में स्टोर की हुई होती हैं।

और दूसरे वेबसाइट के स्पेस का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं।

यही कारण है की इस तरह की Hosting में ज़्यादा ट्रैफिक होने पर भी वेबसाइट की स्पीड मेन्टेन रहेगी धीमी नहीं होगी।

और किसी भी तरह का कोई परेशानी नहीं होगी आगे.

कम खर्च में Dedicated सर्वर जैसी क्षमता अपनी वेबसाइट की performance के लिए चाहते हैं हैं तो VPS होस्टिंग बेस्ट है ।

3. Dedicated Server Hosting

Dedicated Server Hosting  एक आलिशान घर जैसा है जहाँ पर बस आपका अधिकार होता है.

और हर तरह की सुविधा उपलब्ध होती है बस आपको इसके लिए खर्च उठाना पड़ता है अलग अलग सुविधा का इस्तेमाल करने लिए.

Dedicated होस्टिंग में जो सर्वर का प्रयोग किया जाता है वो बहुत फ़ास्ट होता है और काफी तेज़ गति से काम करता है.

और ये सिर्फ एक ही वेबसाइट के लिए होता है इसीलिए तो इसको Dedicated नाम दिया गया है ।

वेब होस्टिंग (Dedicated) में जो सर्वर होता है वो केवल एक ही वेबसाइट के सारे contents जैसे फोटो वीडियो documents को स्टोर कर के रखता है.

इसमें कोई Sharing नहीं होती कोई दूसरा वेबसाइट का कंटेंट नहीं रहता।  इसीलिए इसकी गति भी तेज़ होती है।

इसमें sharing में कोई दूसरी वेबसाइट नहीं रहती है इसीलिए ये होस्टिंग थोड़ी महंगी होती है और सिर्फ एक ही आदमी को इसका सारा खर्च उठाना पड़ता है ।
जिस वेबसाइट में ट्रैफिक बहुत ज़्यादा होती है और visitors बहुत आते हैं वेबसाइट में तो उनके लिए ये होस्टिंग बहुत फायदेमंद है।

इस तरह की होस्टिंग का इस्तेमाल ज़्यादातर e-Commerce वाली वेबसाइट करते हैं.

जैसे Amazon , ebay , Snapdeal , Transportation से जुड़े वेबसाइट।

 

 

4. Cloud Web Hosting

ये एक नया प्रकार की Hosting  हैं और ये काफी तेज़ी से मार्किट में फैलती जा रही है.

ये बाकि दूसरी होस्टिंग से Performance और Cost वाइज थोड़ी different है.

इसमें बहुत सारे Servers एक साथ सिर्फ एक वेबसाइट के लिए काम करते हैं.

और बेस्ट सर्विस देते है साथ ही ये वेबसाइट को Secure भी करते हैं.

Group of Servers जब एक साथ मिलकर काम करते हैं तो इसी को Cloud बोलते हैं.

और इससे high traffic वाले वेबसाइट को बहुत आसानी के साथ control किया जाता है.

और रेगुलरली अच्छी स्पीड होती है वेबसाइट की ज़्यादा ट्रैफिक होने पर भी.

यही वजह है की Cloud होस्टिंग सबसे कॉस्टली  होस्टिंग होती है.

Operating System के आधार पर hosting को दो भागो में divide किया गया है ।

1.Linux Web Hosting

2.Windows Web Hosting

Difference between Linux Web hosting and Windows Web Hosting

जब भी hosting खरीदने जाते हैं तो हमे दो विकल्प दिए जाते है की आप किस तरह की होस्टिंग लेना चाहते हैं.
Linux या Windows
इन दोनों होस्टिंग में ज़्यादा डिफरेंस नहीं तो चलिए समझते है की ये दोनों होस्टिंग एक दूसरे किस बात में एक दूसरे से अलग हैं.

वैसे तो ज़्यादातर लोग Linux वेब होस्टिंग का ही चुनाव करते हैं.

क्यों की इस तरह का ऑपरेटिंग सिस्टम Open Source Operating System होता है.

इसीलिए इसे इस्तेमाल करने लिए हमे कम पैसे देने पड़ते हैं.

लेकिन इसकी तुलना में Windows Operating सिस्टम महंगा होता है क्यों की इसके लिए लाइसेंस का इस्तेमाल होता है.

जिससे ये बहुत Secure होता है और इस कारण Windows Operating सिस्टम महंगा होता.

 

 

होस्टिंग खरीदते वक़्त अपने वेबसाइट की परफॉरमेंस को ध्यान में रखते हुए निचे दिए तथ्यों की सावधानी से चुनाव करे ।

Customer Service

Hosting प्रोवाइड करने वाली हर कंपनी का ये दावा होता है की वो 24*7  कस्टमर सर्विस देते हैं.

वैसे मेरा Personal एक्सपीरियंस अभी तक अच्छा है मैं GoDaddy का इस्तेमाल करता हूँ .

वो काफी अच्छी सर्विस देते हैं जब तक आपकी प्रॉब्लम सोल्वे नहीं होगी वो हेल्प करते रहेंगे.
Hostgator की भी कस्टमर सर्विस बहुत अच्छी सेवा देती है.

Web Space

जब हम कंप्यूटर खरीदने जाते हैं तो अपनी आवशयकता के अनुसार हार्ड डिस्क की कैपेसिटी का चुनाव करते हैं .

अगर हम कंप्यूटर में Movies गेम्स सांग्स रखना चाहते हैं तो हम ज़्यादा से ज़्यादा कैपेसिटी का हार्ड डिस्क लेंगे.

और अगर ज़्यादा उसे करने का नहीं सोचे फिर भी अभी के टाइम में minimum तो 500 Gb मिल ही जाएगा।

ठीक इसी प्रकार हम अपनी वेबसाइट बनाते हैं तो हमे ये मालूम होता है के वेबसाइट में contents क्या होंगे।

अगर कंटेंट्स ज़्यादा नहीं है तो हम ज़्यादा स्पेस नहीं लेना चाहेंगे।

और ज़्यादा space का अगर इस्तेमाल करना है तो हम अनलिमिटेड Space ले लेंगे।

जिससे की वेबसाइट की Storage कभी ख़तम ही नहीं होगा।

इस तरह की  सर्विस देने वाली कुछ कंपनियां हैं Blue Host और Hostgator .

 

Uptime

कभी कभी आपने ऐसा देखा होगा की किसी वेबसाइट को आप बार बार ओपन करने की कोशिश करते हैं लेकिन वेबसाइट खुलती नहीं है ऐसा इसीलिए होता है।

क्यों की Server Down हो जाता है जिसे Downtime बोला जाता है.

और जितने देर के लिए वेबसाइट ऑनलाइन या उपलब्ध रहता है उसे Uptime बोलते हैं।

आजकल ज़्यादातर होस्टिंग 99 % Uptime देने का वादा करती हैं ।

Bandwidth

प्रति सेकंड access किये जाने वाला डाटा कितना है इसे ही bandwidth बोला जाता है।

Bandwidth अनलिमिटेड ही सेलेक्ट करना चाहिए नहीं तो वेबसाइट में जब visitor ज़्यादा होंगे तो वेबसाइट Slow हो जाएगी।

वेबसाइट के स्लो होने का कारन ये होता है , की अगर प्रति सेकंड डाटा भेजने का रेट कम होगा या लिमिटेड होगा तो Server उससे ज़्यादा डाटा नहीं भेज सकेगी और visitor बढ़ने के कारण वेबसाइट हर विजिटर को कंटेंट को लोड करा के दिखा नहीं पाएगी एक ही time में , और वेबसाइट बहुत slow हो जाएगी।

इससे कोई विजिटर वेबसाइट में दुबारा आना नहीं चाहेगा।

 

 

11 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CommentLuv badge

%d bloggers like this: