Tea effect on health: चाय पीने के शौकीन हैं तो जरूर पढ़ लें ये खबर 

Tea Health Benefits: चाय को दुनिया के हर कोने में पसंद किया जाता है. जगह और मौसम के हिसाब से चाय अलग-अलग तरह की हो सकती है, लेकिन दूध वाली कड़क चाय  हर किसी को पसंद होती है.  

चाय ताजगी देने के साथ और भी शरीर को काफी फायदा पहुंचा सकती है. 

 चाय के जादुई और औषधीय गुण लेने के लिए चीनी और जापानी लोग भी काफी अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं. 

रोजाना चाय पीने वालों में से कई लोग चाय के फायदों से अनजान होते हैं और सिर्फ टेस्ट के लिए उसे पीते हैं. 

अब एक नई स्टडी आई है जिसमें चाय के फायदों को लेकर विस्तार से बताया गया है. 

चाय के पेय पदार्थों में पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं जो विभिन्न स्वास्थ लाभ के लिए जाने जाते हैं. चाय में पाए जाने वाले कैटेचिन, थियाफ्लेविन्स और थेरुबिगिन्स जैसे यौगिकों में कई एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर-रोधी और कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं, जो विभिन्न तरह से आपकी मदद करते हैं. 

नई रिसर्च में दावा किया गया है कि चाय कैंसर और दिल की समस्याओं से लड़ने में मदद कर सकती है और डिमेंशिया के जोखिम को कम कर सकती है. 

इन बीमारियों का खतरा होता है कम 

यूएस टी काउंसिल के मुताबिक, काली, हरी और हर्बल चाय में फ्लेवोनोइड्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. ये इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. 

ऑस्ट्रेलिया में हुए एक रिव्यू में पाया गया कि 1 दिन में 1 से 5 कप चाय पीने वाले लोगों में डिमेंशिया का खतरा कम होता है. यह भी बताया गया कि कोई भी गर्म ड्रिंक स्ट्रेस को कम करने में मदद करती है, अलर्ट करती है और फोकस करने में मदद करती है.

रिसर्च में आगे पाया गया कि रोजाना 1 कप कप्पा टी स्ट्रोक या हार्ट प्रॉब्लम के जोखिम को 4 प्रतिशत तक कम कर सकती है और युवाओं में मरने के जोखिम को 1.5 प्रतिशत तक कम कर सकती है.

यह भी पता चला कि फ्लेवोनोइड आंत में कुछ कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं. अमेरिका के बोस्टन में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के डॉ. जेफरी ब्लमबर्ग के मुताबिक, रिसर्च यह बताती हैं कि चाय कई तरह से इंसानों को फायदा पहुंचाती है. 

ज्यादा गर्म चाय पीने से हो सकता है कैंसर 

लेकिन एक अन्य स्टडी में चेतावनी दी गई थी कि अधिक गर्म चाय ऑसोफेगल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है. ऑसोफेगल कैंसर एक ऐसा कैंसर है जो भोजन नली में कहीं भी हो सकता है. 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में यह कैंसर पाया जाता है.