पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे, क्रूड ऑयल में भी गिरावट

International Market लेवल पर कच्चे ऑयल के दामें पिछले 7 महीने के निचले स्तर पर आ चुकी हैं, फिर भी हमारे देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल की दामों में पिछले 7 महीने के निचले स्तर पर आने के बावजूद भी आखिर क्यों हमारे देश में पेट्रोलियम कंपनियों ने कोई बदलाव नहीं किया है?

आपको बता दें के कुछ महीने पहले पेट्रोलियम कंपनियों ने लागत से कम कीमतों में पेट्रोल डीजल बेचकर तकरीबन 5 महीने तक नुकसान नुकसान उठाया था।

यानी 5 महीने तक पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बावजूद भी उन्होंने भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतों में इजाफा नहीं किया, और नुकसान उठाया था।

अंतरराष्ट्रीय बेंच मार्क क्रूड पिछले कुछ दिनों में $90  डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ चुका है, इसके बाद कुछ सुधार हुआ और 92. 84 डॉलर प्रति बैरल पर बिजनेस कर रहा है।

Step 1

आपको बता दें कि नार्थ स्ट्रीम पाइपलाइन को रूस द्वारा बंद रखने के बावजूद कच्चे तेल उत्पादक देशों के ऑर्गनाइजेशन ओपेक के उत्पाद कटौती जैसे कीमतों के बावजूद दामों में गिरावट हुई है।

लेकिन इसका असर भारत मैं नहीं हुआ है, क्योंकि डीजल और पेट्रोल कंपनियों द्वारा इसके खुदरा बिक्री में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पिछले दिनों से यह रिकॉर्ड बना हुआ है कि तकरीबन 158 दिनों से पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से जब सवाल किया गया कि आखिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी क्यों नहीं की जा रही है?

पेट्रोलियम मंत्री ने जवाब दिया सार्वजनिक क्षेत्रों की  कंपनियों को इंटरनेशनल लेवल पर कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से जो नुकसान हुआ था उसकी भरपाई कर रही है।

आपको बताते चलें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जून महीने में 116.01 डॉलर प्रति बैरल कच्चा तेल था, और अभी 8  सितंबर को $88 डॉलर प्रति बैरल भारत की कंपनियां उठा रही हैं।