नेहरा ने दिखाई कागज़-कलम की ताकत, जिस RCB ने मजाक बनाकर टीम से किया था

भारतीय पूर्व तेज़ गेंदबाज़ आशीष नेहरा इस बार गुजरात टाइटंस के कोच के रूप में दिखाई दिए. आशीष नेहरा की कोचिंग में गुजरात ने अपने पहले ही सीजन में ट्रॉफी को अपने नाम कर लिया.

आशीष नेहरा अपने वक़्त के एक शानदार गेंदबाज़ों में से एक थे. फाइनल में नेहरा जी की टीम ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा कर फाइनल को अपने नाम किया.

गुजरात टाइटंस से पहले आशीष नेहरा आरसीबी के साथ जुड़े हुए थे, लेकिन आरसीबी ने उनकी असल कद्र न जानी और उन्हें टीम से अलग कर दिया.

 टीम से अलग होने के बाद नेहरा जी ने इस बात को ठान लिया था कि वो अगले साल जिस भी टीम के साथ जुड़ेंगे एक कोच के तौर पर ही जुड़ेंगे. गुजरात टाइटंस ने नेहरा जी पर भरोसा जताते हुए उन्हें कोच की भूमिका दी.

उसके बाद आशीष नेहरा ने टीम को फाइनल जितवा कर दिखा दिया कि वो कितने काबिल और किस दर्जे के कोच बन सकते हैं. नेहरा जी आईपीएल इतिहास में पहले ऐसे इंडियन कोच बने हैं, जिनकी कोचिंग में किसी टीम आईपीएल जीता है. इससे पहले 15 सालों तक विदेशी कोच की मौजूदगी में ही टीमों ने आईपीएल ट्रॉफी जीती है.

आजकल के हाईटेक ज़माने में भी नेहरा जी कागज़-कलम का इस्तेमाल करना ज़्दाया पसंद करते हैं. बाकी टीमों के कोच और मैनेजमेंट लैपटॉप और तरह-तरह के गैजेट का उपयोग करती हैं वहीं, नेहरा जी इस ज़माने में कागज़-कलम पर ही अपना सारा हिसाब किताब कर लेते हैं.

मैच के दौरान नेहरा जी के हाथ में अक्सर पेन और कागज़ ही देखा गया. अपनी बुद्धिमतता को दिखाते हुए उन्होंने ये साबित कर दिया कि टीम को अच्छे मुकाम तक पहुंचाने के लिए एक कागज़ ही बहुत है. ज़रूरी नहीं आप किसी उच्च स्तरीय चीज़ों का इस्तेमाल करें.