JPSC ने मांगे पद के लिए आवेदन नहीं मिले उम्मीदवार,5अगस्त तक करे अप्लाई

रांची : जेपीएससी की ओर से कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत भूमि संरक्षण विभाग के निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए फिर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गये हैं.

 इस बार आवेदन पांच अगस्त 2022 तक मांगा गया है. आयोग ने इससे पूर्व भी फरवरी 2022 में उक्त पद के लिए योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे. निर्धारित तिथि तक तीन आवेदन आये.

आयोग ने समीक्षा के बाद तीनों आवेदन अस्वीकृत कर दिये. आयोग के सचिव ने इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध करा कर पुन: विज्ञापन जारी करने की बात कही.

भूमि संरक्षण निदेशक के पद पर पांच वर्ष के लिए नियमित नियुक्ति की जायेगी. इसके लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विवि या संस्थान से कृषि विज्ञान में स्नातक या एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्रीधारी होना जरूरी है.

इसके अलावा आइसीएआर या राज्य सरकार या भारत सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान द्वारा निर्धारित कम से कम साढ़े पांच माह का भूमि संरक्षण से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए. उम्मीदवार की आयु एक अगस्त 2021 को कम से कम 45 वर्ष और अधिकतम उम्र सीमा 56 वर्ष हो

प्रभार में चल रहा भूमि संरक्षण निदेशक का पद : भूमि संरक्षण निदेशक का पद प्रभार में चल रहा है. 13 मई 2021 को स्थायी निदेशक एफएन त्रिपाठी का कार्यकाल समाप्त हो गया था.

इनके हटने के बाद से समेति के निदेशक सुभाष सिंह को प्रभार दिया गया है. श्री त्रिपाठी का पदस्थापन अपर कृषि निदेशक के पद पर कर दिया गया है. इस पद की योग्यता में जो पात्रता रखी गयी है,

वह राज्य में विभाग के किसी अधिकारी के पास नहीं है. इस कारण मात्र तीन लोगों ने ही आवेदन दिया था. उनकी योग्यता पूरी नहीं होने के कारण आवेदन रद्द कर दिया गया था. श्री त्रिपाठी की स्थायी नियुक्ति भी न्यायालय के आदेश के बाद हुई थी.

निदेशक गव्य का पद भी प्रभार में इसी प्रकार कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग अंतर्गत गव्य विकास निदेशक के पद पर नियुक्ति के लिए पांच अगस्त 2022 तक आवेदन मांगे गये हैं.

अभी पशुपालन निदेशक शशि प्रकाश झा को ही गव्य निदेशक का प्रभार मिला हुआ है. गव्य निदेशक की नियुक्ति भी पांच वर्ष के लिए की जायेगी.

निदेशक गव्य का पद भी प्रभार में इसी प्रकार कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग अंतर्गत गव्य विकास निदेशक के पद पर नियुक्ति के लिए पांच अगस्त 2022 तक आवेदन मांगे गये हैं.