घर लआएं ये बिना गैस लाइट चलने वाला चूल्हा गैसका खर्चा करना है जीरो तो 

इस बढ़ती महंगाई में LPG गैस के दाम आसमान को छू रहे हैं. गैस (gas)सभी के रसोई में यूज(use in kitchen) होता है. लेकिन अब आपका जेब खर्च कम होगा. 

हम आपके लिए एक ऐसा चूल्हा लेकर आएं है. जिसमें गैस (gas)और बिजली दोनो का ही प्रयोग नहीं होता.आइए नीचे खबर में जानते है इस अनोखे चूल्हे के बारे में 

देश में आज भी बहुत से परिवार हैं, जो खाना बनाने के लिए ईंधन की दिक्कत महसूस करते हैं। इनके पास एक तो गैस का कनेक्शन नहीं है, और है भी तो सिलेंडर (Cylinder)महंगा होने के चलते नहीं भरवा पाते हैं।

वहीं अगर बिजली से चलते वाले उपकरणों से खाना बनाने की सोचते हैं, तो यह भी काफी महंगा पड़ता है। आमलोगों की इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए इंडियन ऑयल  (Indian Oil)कॉर्पोरेशन (आईओसी) एक नई तकनीक लेकर सामने आया है। 

 कंपनी ने रसोई में इस्तेमाल होने वाला शानदार सोलर चूल्हा (Solar Stove )तैयार किया है। इस चूल्हे की खासियत यह है कि यह रात में भी खाना बनाने में मदद करता है। इसके अलावा अगर इसकी खरीद पर सरकार सब्सिडी (government subsidy)भी दे रही है। आइये जानते हैं इसके बारे में। 

दिन में तीन बार आराम से तैयार हो सकता है खाना इस सोलर चूल्हे से दिन में तीन बार आराम से खाना तैयार किया जा सकता है। इस चूल्हे के बारे में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अुनसार इस चूल्हे को किचन में रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है। 

आमतौर पर सोलर चूल्हा किचन में इस्तेमाल नहीं हो पाता है, लेकिन इसके साथ यह दिक्कत नहीं है। वहीं इस चूल्हे में रख-रखाव की लागत भी नहीं के बराबर है। हरदीप सिंह के आवास इस सोलर चूल्हे के बारे में जानकारी दी गई है, जहां पर इस चूल्हे से खाने पीने के चीजें बना कर लोगों को परोसी गईं। 

जानिए इस सोलर चूल्हे का नाम इंडियन ऑयल के निदेशक (रिसर्च) एसएसवी रामकुमार ने बताया है कि इस सोलर चूल्हे का नाम सूर्य नूतन रखा है। उनके अनुसार यह सोलर चूल्हा बाकी सोलर कुकर से एकदम अलग है। सूर्य नूतन को फरीदाबाद में,

आईओसी के अनुसंधान एवं विकास विभाग की मदद से तैयार किया गया है। इस सोलर चूल्हे को छत पर लगी पीवी पैनल की मदद से ऑपरेट किया जाता है।

रात में खाना पकाने के लिए, सौर प्लेट पहले से ही सौर ऊर्जा को थर्मल बैटरी में संग्रहीत करती है, जिससे रात में भी खाना तैयार किया जा सकता है।