वेब ब्राउज़र क्या है और इसकी विशेषताएं?

ऑनलाइन सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए हम इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और हर और हर रोज़ कई जानकारियां निकालते हैं इसीलिए आज हम जानेंगे की वेब ब्राउज़र क्या है (What is web browser in hindi). इंटरनेट क्या है ये शायद ही  किसी को ना मालुम हो जिसके पास भी स्मार्टफोन है वो रोज़ कई जानकारी निकालने के लिए इंटरनेट सर्फिंग या ब्राउज़िंग करते हैं. इस तरह हम दुनिया से जुड़ पाते हैं और इसके अलावा भी कई सारे काम कर लेते हैं. चाहे वो किसी भी competetive एग्जाम के लिए फॉर्म भरना हो या फिर किसी जॉब के लिए आवेदन करना हो. लेकिन क्या आपको मालूम है की आखिर इंटरनेट से जुड़ने के लिए हम किस माध्यम का इस्तेमाल करते हैं अगर नहीं जानते तो इसे पढ़ते पढ़ते आप पूरी तरह समझ जायेंगे की वेब ब्राउज़र कैसे काम करता है. इसकी क्या विशेषता है और इसके कितने प्रकार हैं.

इस के अलावा भी हम आपको सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाले वेब ब्राउज़र की लिस्ट भी देंगे. सिर्फ इंटरनेट से जुड़ जाने से  में इंटरनेट नहीं चलता बल्कि ऐसे ॉफ्टवारे की जरुरत पड़ती है जो इंटरनेट से कनेक्टिविटी क्र पाने में सक्षम होते हैं. आप मोबाइल में कई ऐसे एप्प्स देखते होंगे जो इंटरनेट से जुड़ कर ही काम करते हैं जैसे व्हाट्सएप्प, यूट्यूब एप्प लेकिन आप मुझे बताएं की क्या आप इन एप्प्स  में किसी वेबसाइट को खोल सकते हैं? तो जवाब होगा नहीं इसके लिए हमे एक ब्राउज़र की जरुरत तो पड़ती है. तो चलिए अब जान ही लेते हैं की आखिर ये वेब ब्राउज़र क्या होता है (What is web browser in Hindi) और साथ ही ये भी जानते हैं की इसकी परिभाषा क्या है (definition of web browser in Hindi language).

वेब ब्राउज़र क्या है – What is web browser in Hindi

web browser kya hai hindi

वेब ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम या एप्लीकेशन होता है जिसका इस्तेमाल हम वेबसाइट को ढूंढने , उन तक पहुँचने और और उन वेबसाइट के अंदर के कंटेंट को पढ़ने तथा उससे फायदा उठाने के लिए करते हैं. जिस तरह एक्सेल एक स्प्रेडशीट प्रोग्राम है और वर्ड का इस्तेमाल डॉक्यूमेंट बनाने के लिए करते हैं ठीक उसी तरह वेब ब्राउज़र इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला एक प्रोग्राम है.

हम इसके बारे किसी तरह की कभी कोई चर्चा नहीं करे बस अपने मोबाइल या कंप्यूटर में एक आइकॉन को क्लिक करते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं और इसी तरह ये चलता है. ये उसी तरह की बात हुई की  बाइक में चाभी लगाते हैं और बाइक चलान शुरू कर देते हैं, ये जानने की कोशिश भी नहीं करते इस बाइक की इंजन कितने CC की है और इस में क्या क्या features हैं. एक ब्राउज़र कई structured codes का ग्रुप होता है जो की मिलकर task की series को पूरा करते हैं जिससे की इनफार्मेशन हमे डिस्प्ले में नज़र आती है. browser

Definition of web browser in Hindi

एक वेब ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होता है जो यूजर को वेब पेज ढूंढने, उन्हें एक्सेस करने और देखने की अनुमति देता है. सामान्य तौर पर वेब ब्राउज़र को शार्ट फॉर्म में ब्राउज़र कहा जाता है. इस का इस्तेमाल इंटरनेट में वेबसाइट को देखने और उन्हें एक्सेस करने के लिए प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा वो कंटेंट जो HTML (Hypertext Markup Language) और XML (Extensible Markup Language)  इस्तेमाल कर के लिखा गया हो.

 वेब ब्राउज़र कैसे काम करता है

एक ब्राउज़र सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होता है जो वर्ल्ड वाइड वेब में मौजूद कंटेंट को जिसमे वेब पेजेज, इमेजेज, वीडियो, और दूसरे फाइल को यूजर तक ढूंढ कर पहुंचाता है. क्लाइंट/सर्वर मॉडल की बात करें तो इस में ब्राउज़र  क्लाइंट की तरह काम करता है जो एक कंप्यूटर में run करता है जो वेब सर्वर को information प्राप्त करने के  request भेजता है. वेब सर्वर information को वापस वेब ब्राउज़र तक भेजता है  result कंप्यूटर में display करता है.  इस के अलावा यही काम उन सभी डिवाइस पर भी सपोर्ट करता है.

आज कल के ब्राउज़र पूरी तरह से इस तरह से प्रोग्राम किये हुए होते हैं जो HTML web pages, applications, Javascripts, AJAX और वेब सर्वर में रखे जाने वाले सभी तरह के कंटेंट को interpret और display करा सकते हैं. बहुत से ब्राउज़र अपने यूजर को plugin भी देते हैं की उसके कार्यक्षमता को बढ़ा देते हैं जिससे की ये मल्टीमीडिया इनफार्मेशन जिसमे ऑडियो और वीडियो भी शामिल हैं display कराते हैं.

वेब ब्राउज़र के कॉम्पोनेन्ट

User Interface :

ब्राउज़र के अंदर यूजर इंटरफ़ेस वो जगह है जहाँ से यूजर इस के साथ इंटरैक्ट कर पाता है. इस में address बार, Home Button, refresh button, stop button, back and next button इत्यादि शामिल हैं. इसके अलावा वो दूसरे पार्ट विंडो को छोड़ के जहाँ पर रेक्वेस्टेड वेब पेज डिस्प्ले होता है इसी के अंतरगत आता है.

Browser Engine:

जैसा की नाम से ही पता चलता है rendering engine ही वेब पेजेज को  ब्राउज़र स्क्रीन पर render करने के लिए ज़िम्मेदार होता है. रेंडरिंग इंजन HTML, XML,, डाक्यूमेंट्स, और इमेजेज जो CSS के द्वारा format किये जाते हैं और जिससे की यूजर इंटरफ़ेस पर जेनेरेट किया हुआ लेआउट दिखाई देता है.लेकिन प्लगइन का इस्तेमाल कर के भी इसमें दिखने वाले लेआउट को अपनी इच्छा के अनुसार बदल सकते हैं. अलग अलग ब्राउज़र में अलग तरीके के रेंडरिंग इंजन होते हैं.

गूगल क्रोम :  Blink

इंटरनेट एक्स्प्लोरर: Trident

Chrome iphone and safari : Webkit

Mozilla Firefox : Gecko

Rendering engine: 

ये यूजर इंटरफ़ेस और rendering engine के बीच एक bridge की तरह काम करता है. यूजर इंटरफ़ेस के द्वारा जो भी इनपुट किया जाता है तो ये rendering engine की query और manipulate  भी करता है.

Networking:

वैसे कॉम्पोनेन्ट जो HTTP और FTP के कॉमन इंटरनेट protocols का प्रयोग करके URL को retrieve करते हैं. इंटरनेट कम्युनिकेशन और सिक्योरिटी के सभी मामलों को नेटव्रकिंग ही हैंडल करता है. नेटवर्क कॉम्पोनेन्ट retrieve किये गए document  का cache भी इस्तेमाल करता है ताकि network traffic को कम किया जा सके.

Javascript interpreter:

वेबसाइट के अंदरजो भी javascript code embed किया जाता है उसे ये interpret और execute करता है. जो resultsinterpret किया जाता है उसे display करने के लिए rendering engine को भेजता है. अगर script external होता है तो पहले नेटवर्क से resource को fetch किया जाता है. Parser को तब तक होल्ड किया जाता है जब तक की script execute ना हो जाए.

Data Storage 

ये एक तरह का ठोस परत है. ब्राउज़र स्टोरेज मैकेनिज्म को सपोर्ट करता है जैसे लोकल स्टोरेज, IndexedDB, WebSQL और filesystem. कंप्यूटर के local drive में मौजूद ये एक स्टोरेज स्थान जहाँ पर ब्राउज़र को इनस्टॉल किया हुआ होता  है. ये यूजर डाटा को मैनेज करता है जैसे cache, cookies, bookmarks और preferences.

UserInterface Backend:

यूजर बैकेंड बेसिक यूजर विजेट बॉक्स बनाने के लिए काम में आता है. अपनी सुविधा अनुसार विजेट का इस्तेमाल कर के काम को जल्दी और आसानी से किया जा सकता है.

ब्राउज़र और सर्वर के बीच अंतर – Difference between Web browser and Web server in Hindi

अक्सर लोगों क्के बीच इस बात की दुविधा होती है की  आखिर वेब ब्राउज़र क्या होता है और वेब सर्वर क्या होता है. दोनों को एक जैसा समझ लेते हैं लेकिन दोनों एक दूसरे से बिलकुल अलग होते हैं. यही अंतर अब हम बताने वाले हैं.

  • ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम जो server और client के बीच interface का काम करता है जबकि web server एक प्रोग्राम या कंप्यूटर होता है जो की client के डाटा को accept करता है.
  • ब्राउज़र HTTP request भेजता और HTTP response रिसीव करता है जबकि वेब server HTTP request प्राप्त करता है और HTTP response  भेजता है.
  • वेब ब्राउज़र में किसी तरह  प्रोसेसिंग मॉडल नहीं होता है जबकि वेब सर्वर में processing model Process based, Thread based और Hybrid based होता है.

वेब ब्राउज़र की विशेषताएं – Features of web browser in Hindi

हर वेब ब्राउज़र एक दूसरे से अलग होता है और अपने यूजर को बेहतरीन अनुभव देना चाहता है. लेकिन कुछ विशेषताएं हैं जिनके बिना यूजर के अनुभव अच्छा होने की बजाय बुरा भी हो सकता है . तो हम यहाँ उन सभी मुलभुत विशेषताओं के बारे में जानेंगे जिनकी जरुरत एक वेब ब्राउज़र में होती ही है.

  • वेब ब्राउज़र इंटरनेट में वेब पेजेज को एक्सेस कर पाने में माहिर होना चाहिए और हर तरह के वेबसाइट को ढूंढने और दिखाने के काबिल होना चाहिए.
  • वेब पर आपको Hyperlink को follow करने के सक्षम होना चाहिए इसे फॉलो करने के लिए URL टाइप करने की भी अनुमति होनी चाहिए.
  • commands तक पहुंचना आसान होनें चाहिए जैसे ये Menu, icon और बटन के रूप में उपलब्ध होने चाहिए.
  • ऑनलाइन हेल्प पाने के लिए ऑप्शन आसानी से उपलब्ध होने चाहिए.
  • आप जब वर्ल्ड वाइड वेब एक्सेस करते हैं और कई वेबसाइट में जाते हैं तो उन में कुछ हमे बहुत पसंद आते हैं और हमारे काम के भी होते हैं. हम दुबारा उन साइट्स में आसानी से पहुँच जाए इसके लिए ये दो तरह से इन पर वापस जाने की सुविधा देते हैं. एक तो ये की currentsession में पीछे जाकर और दूसरा तरीका है इन साइट को बुकमार्क कर के भी इन में दुबारा वापस आसानी से जाया जा सकता है.  बुकमार्क का उपयोग कर के वर्ल्ड वाइ वेब पेज को लिस्ट बना कर रख सकते हैं. इस लिस्ट का उपयोग कर के आप आसानी से किसी भी वक़्त स्टोर किये गए पसंदीदा वेबसाइट पर जा सकते हैं.
  • इसकी एक मुख्य विशेषता ये है की current पेज में इनफार्मेशन देने के साथ जी ये दूसरी जानकारी भी वर्ल्ड वाइड वेब  में सर्च कर सकते हैं.
  • इस में आप किसी भी वेब पेज की किसी जानकारी को प्रिंटर कर के निकाल सकते हैं और दूसरे वेबसाइट को ईमेल के जरिये डॉक्यूमेंट भेज सकते हैं.
  • ये text ,इमेजेज links और साथ ही डिजिटल वीडियो हैंडल करने में सख्सम होना चाहिए.
  • इसके अलावा एक अच्छा ब्राउज़र animated कंटेंट को run करने में सक्षम होना चाहिए.
  • अलग अलग प्लगइन होना चाहिए जिससे जरुरत के अनुसार ऑप्शन इनेबल कर सके और अपने काम पूरा कर सके.
  • इस में cache enable  करने की सुविधा भी होनी चाहिए जिससे की  वेब पेज लोड होने में आसानी हो और सर्वर पर लोड भी कम हो.

वेब ब्राउज़र का इतिहास – History of Web Browser in Hindi

  • दुनिया का पहला वेब ब्राउज़र World Wide Web था जिसे 1990 में बनाया गया था. इसे बनाने वाली कंपनी का नाम W3 C  था जिसका पूरा नाम World Wide Web Consortium था  और इसके डायरेक्टर Tim Berners Lee थे. वर्ल्ड वाइड वेब एक्चुअल में इंटरनेट ही था तो नाम कुछ जमा नहीं इसीलिए इसका नाम बदलकर Nexus रख दिया गया. स्थिति आज के जैसी नहीं थी क्यूंकि उस वक़्त सिर्फ ये एकलौता ब्राउज़र था जिस के जरिये इंटरनेट चलाया जाता था.
  • उसके बाद एक और इंटरनेट सर्फिंग सॉफ्टवेयर बना जिसका नाम Lynx था और ये text पर आधारित था जिसमे ग्राफ़िक कंटेंट डिस्प्ले नहीं होता था.
  • इस कामो को दूर करने के लिए 1993 में एक नया surfer Mosaic  बनाया गया जिसमे की इमेज सपोर्ट करता था. इस तरह Mosaic उस वक़्त दुनिया का सबसे पॉपुलर ब्राउज़र बन गया.
  • 1995 में माइक्रोसॉफ्ट ने बाजार में एक ब्राउज़र उतारा जिसे आज हम इंटरनेट एक्स्प्लोरर के नाम से जानते हैं. ये माइक्रोसॉफ्ट का बनाया पहला इंटरनेट सर्फिंग प्रोग्राम था जिसे आज भी लोग इस्तेमाल करते हैं.
  • इसके  बाद ओपेरा ने 1994 में एक रिसर्च के तोर पर प्रोजेक्ट करना शुरू किया और फिर अगले 2 साल में इसे लोगों के इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध करा दिया गया. एक तरह से ये browser war की शुरुआत थी जब एक के बाद एक नए इंटरनेट सर्फिंग सॉफ्टवेयर मार्किट में उतारे जाने लगे और उस वक़्त जो मुख्य कम्पेटेशन था वो था इंटरनेट एक्स्प्लोरर 3 और Navigator 3 के बीच क्यूंकि माइक्रोसॉफ्ट इंटरनेट एक्स्प्लोरर के साथ बिलकुल नए फीचर्स लेकर आ रहा था.
  • Navigator इस्तेमाल करने की बजाय Apple ने  Macintosh कंप्यूटर के लिए safari browser को लांच कर दिया.
  • ठीक इसके बाद Mozilla ने Firefox को मार्किट में लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया.
  • Apple ने अपने मोबाइल फोन के Mobile safari की शुरुआत की और इस तरह ios में इसी का कब्ज़ा बना रहा.
  • इसके बाद 2008 में Google Chrome सबसे सामने गूगल की तरफ से introduce किया गया. आज आप बखूबी जानते हैं की मार्किट में किसका राज है और किसे लोग सबसे अधिक पसंद करते हैं.
  • मोबाइल वेब सर्फिंग को लोगों के लिए और बेहतरीन बनाने के लिए 2011 में Opera mini बाजार में लाया गया और ये भी लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो गया.
  • माइक्रोसॉफ्ट ने 2015 में  गूगल को कड़ी टक्कर देने के लिए Microsoft Edge लांच किया.

वेब ब्राउज़र के प्रकार – types of web browser in hindi

अभी इस्तेमाल होने वाले मुख्य वेब ब्राउज़र की लिस्ट

  • Internet Explorer
  • Google Chrome
  • Mozilla Firefox
  • Opera
  • UC Browser
  • Safari
  • Microsoft Edge
  • Opera Mini (Mobile)

संक्षेप में

आपको ये पोस्ट वेब ब्राउज़र क्या है (What is web browser in Hindi) कैसी लगी ? हम इस पोस्ट के माध्यम से हमने ये भी बताया की वेब ब्राउज़र की परिभाषा क्या है और कितने प्रकार के होते हैं(definition of Web browser in hindi) साथ ही आपने ये जाना की इसका इतिहास क्या है. वैसे तो आज मार्किट में बहुत तरह के वेब ब्राउज़र हैं जो हमारे काम को आसानी से कर देते हैं लेकिन क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है की आखिरये कैसे काम करता है.

वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर में क्या अंतर होता है इसके बारे में भी हमने यहाँ पर चर्चा किया. हर रोज़ हम अपने कई सारे कामों को करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं इसके बिना हम किसी भी वेबसाइट में जा भी नहीं सकते हैं. आज के समय में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले कुछ ब्राउज़र की लिस्ट दी है. उम्मीद करता हूँ की आपको ये पसंद आयी होगी और अगर सच में ये पोस्ट हेल्पफुल लगी हो  तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम में अधिक से अधिक शेयर करे.

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