सुनामी क्या है और कैसे आती है इन हिंदी?

आपने कई बार ये तो जरूर सुना होगा की सुनामी क्या है (What is Tsunami in Hindi) और ये कैसे आती है? भारत में सुनामी कब आयी थी ये भी शायद आपको जरूर मालूम ही होगा.

अगर नहीं मालूम फिर भी कोई बात नहीं क्यों की आज के पोस्ट में हम इससे जुडी ही जानकारी देने जा रहे हैं. सुनामी जब आती है तो कितनी तबाही मचाती है ये भी आपको मालूम ही होगा. भारत के कई हिस्से इस की वजह से बुरी तरह तबाह हो गए थे. दक्षिण भारतीय तटों पर स्थित शहर और गाँव में काफी भारी नुक्सान हुआ था.

आखिर ये सुनामी क्या होती है (What is tsunami in Hindi) और कैसे आती है इन हिंदी ? इसकी वजह क्या है की ये इतने नुक्सान कर देता है. जिससे इंसानो की सामान्य जिंदगी इतनी ज्यादा प्रभावित हो जाती है.

इस पोस्ट में हम इससे जुड़े सभी फैक्ट्स के बारे में जानेंगे जैसे इसकी परिभाषा क्या होती है, इसके दौरान क्या करें, इसकी घटनाएं कहाँ कहाँ हो चुकी हैं.

सुनामी क्या है – What is Tsunami in Hindi?

tsunami kya hai hindi

समुद्र में पैदा होने वाले विशाल लहरों की एक श्रंखला जो पानी के अचानक विस्थापन के कारण होती उत्पन्न होती है उसे ही सुनामी कहते हैं. Tsunami एक जापानी शब्द है जो दो शब्दों से मिलकर बना हैं Tsu और Nami.

जिसका मतलब इस प्रकार है Tsu – बंदरगाह, nami – लहर. इस पुरे शब्द का मतलब कहें तो बंदरगाह पर उठने वाली ऊँची लहरें होती हैं.

हम सब भूकंप के बारे में तो जानते ही हैं लेकिन आपको बता दूँ की जो भूकंप समुन्द्र के अंदर से उठता है तो इसकी वजह से समुद्र की लहरें काफी ऊँची हो जाती है और ये बहुत तेज़ गति से तटों पर पहुँचती है, इसे ही सुनामी कहा जाता है.

अधिकतर समय सुनामी आती है वो समंदर के अंदर आने वाले भूकंप की वजह से ही आती है. इसके अलावा भी उल्कापिंड और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाओं के कारण भी सुनामी आती है.

सुनामी ऊर्जा तरंगे होती हैं जो बहुत ही ताक़तवर होती है और बहुत ही तेज़ गति से अपने शुरुआत के जगह से निकलती है.

आप इसका असर खुद ही प्रयोग कर के देख सकते हैं. किसी तालाब में जब आप एक पत्थर के टुकड़े को फेंकते हैं तो देखेंगे की छोटी छोटी लहरें किनारे तक तेज़ गति से पहुँचती है.

समुद्र के नीचे गहरी सतह में जब भूकंप उत्पन्न होता है तो ये सतह तक मुश्किल से एक तरंग उत्पन्न कर पाती है लेकिन जैसे जैसे ये किनारे के करीब पहुँचती जाती है वैसे वैसे इसकी ताक़त बढ़ती जाती है क्यूंकि इसकी ऊर्जा जो है वो जमा होती जाती है और बढ़ती चली जाती है जिसका रिजल्ट होता है भयंकर और विनाशकारी लहरें.

सुनामी की परिभाषा

Definition of tsunami in English: Tsunami is defined as the seismic sea and series of waves which is produced due to displacement of water because of earthquake inside sea.

Tsunami waves initially are not of so much of height but as it travels near to the ports its height increases and becomes dangerous waves which is very powerful.

Definition of tsunami in Hindi : सुनामी समुन्द्र पर उत्पन्न होने वाली क्रमबद्ध  लहरों की एक श्रंखला है जो समंदर के तल पर पैदा होने वाले भूकंप की वजह से होने वाले पानी के विस्थापन की वजह से होती है.

जब सुनामी उत्पन्न होती है उस वक़्त इसकी ऊंचाई अधिक नहीं होती है लेकिन जैसे जैसे ये तट के नज़दीक पहुँचती है वैसे वैसे इसकी ऊंचाई तेज़ी से बढ़ती है और जो विशाल लहरों के रूप में परिवर्तित हो जाती है और भयंकर रूप लेती है.

सुनामी कैसे आती है?

सुनामी आने की सबसे मुख्य वजह समुद्र के तल पर उत्पन्न होने वाला भूकंप होता है. इसके अलावा भी कुछ अन्य घटनाओं के कारण सुनामी उत्पन्न होती है जैसे ज़मीन का खिसकना, ज्वालामुखी विस्फोट इत्यादि.

ये चाँद के गुरुत्वाकर्षण या हवा की वजह से उत्पन्न नहीं होता है. समुद्र तल पर होने वाले भूकंप की वजह से जो ऊर्जा होती है वो समुद्र के सतह के जल तक पहुँचती है और इसकी वजह से waves यानि तरंगों/लहरों का निर्माण होता है.

कुछ भूकंप ऐसे होते हैं जिसकी वजह से सुनामी सभी दिशाओं में फैलता है जबकि कुछ भूकंप ऐसे उत्पन्न होते हैं जिसकी वजह से सुनामी सिर्फ एक ही दिशा में तीव्रता से बढ़ता है.

ये पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है की भूकंप ने समुद्र तल पर किस तरह का प्रभाव दिया है.

सुनामी तटीय क्षेत्रों में घंटो या फिर मिनटों में ही पहुँच सकता है ये इस बात पर निर्भर करता है की उत्पन्न होने वाला भूकंप का केंद्र समुद्र के किनारा से कितनी दूरी पर है और भूकंप की तीव्रता कितनी है.

अगर भूकंप बहुत ही तीव्र है और ये समद्र के किनारे से बहुत नज़दीक आया है तो फिर बस कुछ मिनटों में ये तट में पहुंचकर भारी तबाही ला सकता है.

जब सुनामी गहरे पानी वाले एरिया से उथले तटीय एरिया वाले पानी में जाता है तो कभी कभी समुद्र तल और जमीन की अलग क्षमता और विशेषता की वजह से आकार बढ़ जाती है.

यही वजह है की जो लहर सामान्य तोर पर छोटी होती है जब वो ज़मीन से टकराती है तो आकार और ताक़त बहुत ही भयंकर हो जाती है.

भारत में सुनामी कब आयी थी?

भारत में सुनामी ने कितनी तबाही मचाई थी ये तो आपको जरूर मालूम होगा लेकिन क्या आप जानते हैं की भारत में सुनामी कब आयी थी और उस वक़्त सुनामी उत्पन्न करने वाले समुद्र तल पर आने वाली भूकंप की तीव्रता कितनी थी.

26 दिसंबर 2004 को प्रकृति ने दिखा दिया की ये कितनी शक्ति शाली होती है जब सुनामी के रूप में बहुत ही विनाशकारी प्राकृतिक आपदा इंसानो ने झेली. इस रोज़ भारत के अलावा कई देशों में इसने ऐसी उत्पात मचाई जिसकी भरपाई करने में अनेक देशों को काफी लम्बा समय लग गया और आज भी कई ऐसे देश हैं जो इस आपदा से हुई क्षति से उबर नहीं सके हैं.

26 दिसंबर की तारीख दुनिया के कैलेंडर में बहुत बड़ी तबाही के रूप में प्रसिद्ध है जिसने कई साँसों को रोक दिया और बहुत ही भारी धन का नुक्सान भी कर गया. हिन्द महासागर के तटीय इलाके में भूकंप की शुरुआत हुई जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने में करीब 9.15 आंकी गयी.

इसकी वजह से जो सुनामी पैदा हुई उसने पूरी दुनिया को बहुत ही भयंकर मंज़र का नज़ारा दिखा दिया. भारत, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मलेशिया और थाईलैंड में 2 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवां दी.

जानते हैं ये संख्या इतनी ज्यादा क्यों हो गई थी क्यों की उस वक़्त साल का अंत था और नए साल की खुशियां मनाने के लिए अधिकतर लोग ऐसे ही समुद्री तटीय इलाकों में जाना पसंद करते हैं. उस वक़्त भी यही हुआ था इन सभी देशों के तटीय इलाकों में सैलानियों की काफी भीड़ उस वक़्त मौजूद थी.

वैसे तो आने वाली सुनामी की चेतावनी दे दी गयी थी लेकिन ये अनुमान नहीं था की ये इतना शक्तिशाली होगा. इसका प्रभाव इतना अधिक था की भारी संख्या में जानो माल का नुक्सान हुआ. 

कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इस आपदा से दूर भागने की भी कोशिश की लेकिन अफ़सोस वो बच न सके. वहां का नज़ारा इतना त्रासदीपूर्ण था की रोंगटे खड़े हो जाते हैं. वहां पर सिर्फ लाशें ही लाशें दिखाई दे रही थी.

इसने भारत में तबाही तो मचाई ही लेकिन इसके अलावा सबसे ज्यादा नुक्सान इंडोनेशिया और उसके बाद श्रीलंका में भी काफी लोगों की जान ली. इससे कुल 13 देश प्रभावित हुए हैं और चार लाख से ज्यादा घर तबाह हो गए. इस क्षति को पूरा करने में 13.6 अरब डॉलर की भारी रकम लगी.

सुनामी से बचने के उपाय

तटीय क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक इंसान को इसके बारे में होने वाले नुक्सान की जानकारी होनी जरुरी है और इसके प्रति सचेत रहना चाहिए.

अमेरिका के National Oceanic and atmospheric Administration (NOAA) के National weather service द्वारा जारी alerts को प्राप्त कर सचेत रहना चाहिए.

तो चलिए जान लेते हैं की जब आप ऐसे एरिया में हैं जहाँ पर सुनामी आने वाली है तो इससे कैसे बचे और खुद के साथ साथ अपने परिवार, घर और जानवरों की रक्षा कैसे करें.

1. सुनामी के बारे में जानकारी हासिल करें 

अपने परिवार के लोगों और दोस्तों के साथ सुनामी के बारे में बातचीत करें जिससे इसकी जागरूकता हर इंसान को पहुँच सके. जिन्हे इसके बारे में अच्छी जानकारी है उससे हर तथ्य हासिल करे.

अगर आप आपस में नहीं बात करेंगे तो कुछ ऐसे लोग घर में होंगे जिन्हे पता नहीं होगा की ये प्राकृतिक आपदा है. सरल भाषा में इसकी व्याख्या दें ताकि बच्चे में इसके बारे में जान सके.

2. खतरे वाले क्षेत्र की पहचान करें  

आपको इस बात की अच्छी से जानकारी होनी चाहिए की आपका घर, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज और ऐसी जगह जहाँ आप लगातार जाते रहते हैं वो सुनामी के खतरे वाले क्षेत्र में आता है या नहीं.

साथ ही ये भी पता करें की आपके सड़क की दूरी समुद्र तट से कितनी है और साथ ही ये भी जानना जरुरी है की आपकी रोज़मर्रा सफर के लिए इस्तेमाल होने वाला रोड समुद्र की सतह से कितनी ऊंचाई पर है. इन के डाटा के आधार पर आप अपने तत्काल वाली जगह को ऐसी आपदा के वक़्त समय रहते खाली कर सकते हैं.

3. आपदा के समय दी जाने वाली सेवाओं के बारे में जानकारी रखें

अगर आपके घर का कोई बच्चा स्कूल में पढाई करता है तो उसके स्कूल का एरिया सुनामी जोन में आता है या नहीं इसके साथ ही आपातकालीन दी जाने वाली सेवा और निकासी योजना के बारे में भी जानकरी रखें. आपको बच्चे एक स्थान से दूसरे स्थान में ले जाने की जरुरत पड़ने पर आपके लिए आसानी होगी.

4. सुचना प्राप्त करते रहें

NOAA weather सुचना रेडियो और टीवी के माध्यम से जानने की कोशिश करते रहें. वहां से प्राप्त सावधानी और अलर्ट के आधार पर निर्णय लें और बचाव के लिए इंतज़ाम करें.

5. जगह खाली करने का अभ्यास करें 

निष्कासन के समय ज्यादा दिक्कत का सामना ना करना पड़े इसके लिए इसकी प्रैक्टिस करते रहें इससे बच्चे के विस्थापन के समय जल्द से जल्द बच्चों और बूढ़ों को सुरक्षित स्थान पर ले जा सकते हैं.

6. आफ्टरशॉक की उम्मीद रखें 

जब बड़े भूकंप आते हैं तो ये सुनामी के ट्रिगर के रूप में काम करते हैं. जब भी भूकंप रुके तो आप अपने परिवार के लोगों को समुद्र तट से दूर ऊंची जगह ले जाने की कोशिश करें.

7. जगह खाली करने में देरी न करें 

प्राकृतिक विपदाओं के वक़्त खुद की बुद्धि इस्तेमाल करने की बजाय सिर्फ सरकार पर निर्भर रहते हैं जिससे ऐसी स्थिति में नुक्सान झेलते हैं. अगर ऐसे समय में खुद के दिमाग का इस्तेमाल करें तो इससे खतरे से बचा जा सकता है. एक सुनामी मिनटों में तट तक पहुँच सकता है इसीलिए उस वक़्त खुद निर्णय लें और विवेक से काम लेकर इससे बचने के लिए जगह को खुद ही खाली करने का फैसला लें और किसी पर भी निर्भर न रहें.

8. सुनामी का कारण भूकंप है

जब एक भूकंप शुरू होता है तो ये 20 सेकंड या उससे अधिक समय तक रहता है. ऐसे समय में आपको होल्ड और कवर करने के लिए उपाय तलाशने होंगे. ज़मीन पर लेटकर, मेज़ या लकड़ी से बने डेस्क के नीचे जाकर भूकंप के झटके से बचने कोशिश करें.

निष्कर्ष

सुनामी एक ऐसी प्राकृतिक विपदा है जिसकी कल्पना करने से भी इंसान के दिमाग में खौफ बैठ जाता है. लेकिन डरने से अच्छा है की आप ये जान लें की सुनामी क्या है (What is Tsunami in Hindi) और इससे बचने का उपाय क्या है.

इस तरह की स्थिति में सुचना और अलर्ट पर ध्यान देकर ही समय रहते अपनी सुरक्षा की जा सकती है. सुनामी से बचने के उपाय क्या हैं इसके बारे में हमने यहाँ सम्पूर्ण जानकारी दी है जिससे आप खुद के साथ साथ दूसरे लोगों को भी मदद कर सकते हैं और अपने परिवार के लोगों को बचा सकते हैं.

दोस्तों आपको ये पोस्ट सुनामी क्या होता है और ये कैसे आती है कैसी लगी? हमे कमेंट के माध्यम से अपनी राय जरूर दें जिससे की हम जान जाएँ की आप Tsunami meaning in Hindi बेहतर तरीके से समझ चुके हैं. अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम में जरूर शेयर करें.

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