साइंटिस्ट कैसे बने – इसरो या नासा में वैज्ञानिक बनने का तरीका

जब हम किसी बच्चे से पूछते हैं कि बोलो बेटा बड़े होकर क्या बनना चाहते हो तो हमें अलग-अलग तरह के जवाब मिलते हैं जैसे कोई कहता है कि मैं बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा, किसी का कहना है कि मैं इंजीनियर बनूंगा, किसी के मुंह से आवाज आएगी कि मैं टीचर बनूंगा और वही बहुत बड़ा भाग बच्चों का ऐसा भी है जो बचपन से ही साइंटिस्ट बनने की इच्छा रखते हैं. इसीलिए हमने सोचा कि आज आपको बताया जाए कि साइंटिस्ट कैसे बने ( how to become a scientist in Hindi)?

अभी हाल ही में हमारे देश के वैज्ञानिकों ने chandrayaan-2 भेजा है जिस में काम करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे वह वहां के मिट्टी के बारे में जांच पड़ताल करें और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि वहां पर पानी है या नहीं? और अगर पानी है तो किस अवस्था में है. इस तरह के समाचार हर किसी को सुनने को मिलता है. खासकर बच्चों में इसको लेकर काफी उत्साह होता है कि हमारे देश के वैज्ञानिक बहुत अच्छा और अनोखा काम कर रहे हैं. जब इस तरह की उपलब्धि बच्चों को नजर आती है तो वह भी बचपन से ही इरादा करने लगते हैं कि वह भी वैज्ञानिक बने और खोज करें. इसीलिए उनके मन में भी यही सवाल उठता है कि आखिर साइंटिस्ट कैसे बना जाता है और किसी को बनना है तो इसरो साइंटिस्ट कैसे बने?

नासा दुनिया का सबसे बड़ा अंतरिक्ष संस्थान है जो अमेरिका में स्थित है. नासा क्या है इसके बारे में हमने पहले ही आर्टिकल लिखकर बताया है. उन्होंने अपने रोवर मंगल ग्रह पर भी भेजे हैं ताकि वहां के बारे में अधिक से अधिक जानकारी ली जा सके. कई भारतीय वैज्ञानिक भी नासा में काम करते हैं और कल्पना चावला को कौन नहीं जानता. आगे भी हमारे देश के कई युवा चाहते हैं कि वह नासा में वैज्ञानिक के तौर पर काम करें. लेकिन साइंटिस्ट बनने के लिए कोर्स कौन सा करना पड़ता है इसके बारे में सबको सब कुछ जानकारी नहीं होती है. जिसे हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताएंगे.

जो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और 10वीं पास कर लेते हैं उसके बाद उनकी सबसे बड़ी टेंशन होती है कि आगे क्या करें. यह वह समय है जब उन्हें अपने पूरी जिंदगी का फैसला करना होता है. इस वक्त लिया गया डिसीजन पूरी जिंदगी भर असर डालते हैं और एक तरह से आधार के रूप में काम करते हैं. जो बच्चे वैज्ञानिक बनने का सपना देखते हैं उन्हें उसी के अनुसार अपने करियर का चुनाव करना भी जरूरी है. इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको समझ में आ जाएगा कि भविष्य में आपको साइंटिस्ट बनने के लिए क्या करना पड़ेगा. तो बिना देरी किए हुए चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं कि साइंटिस्ट कैसे बने (how to become a scientist in hindi) और इसके लिए कोर्स कौन सा करना पड़ता है?

साइंटिस्ट कैसे बने  – How to become a scientist in Hindi

Scientist kaise bane hindi

वैज्ञानिक बनने का ख्वाब तो बहुत सारे लोग देखते हैं लेकिन बहुत कम लोग होते हैं जो सफलतापूर्वक इस चोटी तक पहुंच पाते हैं. इसके लिए काफी मेहनत और कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है क्योंकि वैज्ञानिक वही होता है जो हमेशा पढ़ता है. वैज्ञानिक का मतलब ही होता है कि विज्ञान के किसी भी क्षेत्र में नए-नए चीजों की जानकारी इकट्ठा करने वाला. विज्ञान काफी बड़ा क्षेत्र है और इसमें बहुत सारे विभाग हैं. हर विभाग में बहुत सारे अलग-अलग विज्ञानिक अपना अनुसंधान और रिसर्च करते रहते हैं. नई चीजों की खोज करते हैं. यही वजह है कि उन्हें वैज्ञानिक कहा जाता है.

बहुत कम ही लोग होते हैं जिन्हें यह पता होता है कि वैज्ञानिक कैसे बने. इसके लिए सबसे पहले जरूरी बात यह है कि अपने सबसे अधिक इंटरेस्ट वाले एरिया को चुनना पड़ेगा. उस विषय की पढ़ाई करनी पड़ेगी जिसमें सबसे अधिक मन लगता है. देखा जाए तो हर क्षेत्र में वैज्ञानिक होते हैं जो उस खास क्षेत्र के बारे में अध्ययन करते हैं और नए तथ्यों को खोजते हैं, नई तकनीक को दुनिया के सामने लाते हैं. फिर चाहे वह मेडिकल का क्षेत्र हो या फिर अंतरिक्ष का.

सबसे अधिक वैज्ञानिक बनने की चाहत उस क्षेत्र में होती है जिसे हम अंतरिक्ष के नाम से जानते हैं. अधिकतर संख्या में जो बच्चे होते हैं वह अंतरिक्ष से जुड़ी हुई बातों पर काफी इंटरेस्ट लेते हैं. जिस वजह से स्पेस साइंटिस्ट बनने का भी लक्ष्य बनाकर रखते हैं. हमारे देश भारत से ही अब तक कई बड़े-बड़े वैज्ञानिक नासा में काम कर चुके हैं जिसकी वजह से नए प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए और प्रेरणा मिलती है.

इंसान ने अभी तक चांद पर अपने कदम रखे हैं और आगे मंगल ग्रह तक जाने का भी नासा ने अभियान शुरू कर दिया है. जीवन की खोज में इंसान अंतरिक्ष में मौके तलाश कर रहा है. पृथ्वी से बाहर लोगों का जीवन की अनुकूलता पता करने के लिए यह सारे मिशन किए जा रहे हैं. इन सभी तथ्यों की जानकारी जब हमारे देश के युवाओं को भी पता चलती है तो काफी रोमांचित होते हैं और इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने के बारे में सोचते हैं.

इसीलिए आज आप जान सकेंगे के साइंटिस्ट बनने के लिए कौन सा कोर्स करना पड़ेगा. इसके लिए शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए. उम्र कितनी होनी चाहिए. सबसे बड़ी बात की अगर विज्ञान में सीखना चाहते हैं और साइंटिस्ट बनना चाहते हैं तो इसरो में साइंटिस्ट कैसे बने और साथ ही साथ नासा में साइंटिस्ट कैसे बने इसकी जानकारी रखनी होगी. इसरो में साइंटिस्ट बनने के लिए कौन सा एग्जाम होता है. इन सभी बातों की जानकारी आपको आगे मिल जाएगी.

ISRO Scientist कैसे बने

इसरो का नाम तो आपने जरूर सुना ही होगा यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र संगठन है. इसका हेड क्वार्टर कर्नाटका के बेंगलुरु में स्थित है. हमारे देश में जितने भी स्पेस प्रोग्राम या फिर extraterrestrial research किए जाते हैं उन सभी के लिए इसरो ही जिम्मेदार होता है. एक संगठन को चलाने के लिए कई लोगों की की जरूरत होती है इसीलिए इन्हें अच्छे दिमाग वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की जरूरत पड़ती है.

एक वैज्ञानिक वह है जो अपने ज्ञान को इस्तेमाल करके और आविष्कारों और खोजो के लिए काम करते हैं. क्योंकि वह अपने एरिया में नई सफलताएं बनाने के लिए ही होते हैं. इसमें वैज्ञानिक एक दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं. ऐसा कोई जरूरी नहीं होता कि आउटपुट प्लान के अनुसार आए अगर किसी तरह की कोई समस्या होती है तो सब मिलकर अपने दिमाग के जरिए उस समस्या का समाधान करते हैं.

अगर आप इसरो में काम करना चाहते हैं या फिर वैज्ञानिक के रूप में नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो इस पढ़ को ध्यान में रखना आपके लिए जरूरी है.

  1.  इसरो में एक वैज्ञानिक बनने के लिए सबसे पहले आपको 10th के बाद 10+2 करने के समय Science को लेकर पढ़ना है जिसमें आपको अपनी विषय के रूप में PCM ( Physics, Chemistry, Math) चुनना पड़ेगा. इन विषय में आपको बहुत अधिक बुनियादी रूप से मजबूत होना पड़ेगा. इसके अलावा आपको इन सभी विषयों में बहुत अच्छी नॉलेज रखनी है.
  2. IIST ( Indian Institute of Space Science and Technology) में एडमिशन लेकर आपकी इसरो में इंजीनियर के रूप में काम करने का सपना बहुत आसानी से पूरा हो सकता है.
  3.  इसरो अक्सर आईआईटी, एनआईटी और दूसरे रेपुटेड सरकारी और प्राइवेट संस्थानों से ग्रैजुएट इंजीनियर को भर्ती करता है. इसीलिए बेहतर यही होगा कि डिग्री पूरा करने के लिए आप ऐसे कोर्स करें जो आपको इस फील्ड के लिए सबसे ज्यादा फायदे दे सके. जिसमें प्रमुख एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, रेडियो इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग फिजिक्स है. इसरो में कभी-कभी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और डेवलपर की भी जरूरत पड़ती है. इसके अलावा सिविल इंजीनियरिंग किए हुए लोगों के लिए भी इसमें कभी-कभी वैकेंसी आती है.
  4. इसरो में अगर काम करने का इरादा है तो आपको शुरू से अपना एकेडमिक करियर बहुत अच्छा परफॉर्मेंस के साथ रखना होगा. इसकी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया काफी हार्ड होती है और शुरू से ही पढ़ाई को मेंटेन करके रखना पड़ता है. फ्रेशर कैंडिडेट को हायर करते वक्त इसरो काफी कड़े रूप से अपने एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को फुल फील करती है. जो कैंडिडेट उसकी क्राइटेरिया में फिट नहीं बैठते वह उन पर थोड़ी सी भी दया नहीं दिखाते और उन्हें सिलेक्ट नहीं करते हैं
  5.  किसी भी कॉलेज से बीटेक पूरा करने के बाद अगर कोई विद्यार्थी चाहता है कि  इस संस्थान में काम कर सके तो उसके लिए उस कैंडिडेट को इस के द्वारा आयोजित किए गए परीक्षा ICRB (ISRO Centralized Recruitment Bangalore) में बैठना होगा और परीक्षा में पास भी करना होगा. जो कैंडिडेट जिस इंजीनियरिंग ब्रांच से नाता रखता है उसको उसी के अनुसार उस से सवाल पूछे जाते हैं. इंटरव्यू क्लियर कर लेने के बाद में उसे इस में वैज्ञानिक या फिर इंजीनियर के तौर पर अपॉइंट कर दिया जाता है. उम्मीदवारों को अपने इंजीनियरिंग के करियर में कम से कम 65% या  फिर उससे अधिक नंबर होना जरूरी है
  6.  अगर आप M.Tech कर रहे हैं और आपका ट्रेड Geo informatics, Remote Sensing, Instrumentation, applied Mathematics, Geophysics, Geography  या फिर इसके बराबर का डिग्री हो जो कि फिजिक्स और मैथ के अंतर्गत आता हो तो फिर वह डायरेक्टली इस में वैज्ञानिक के जॉब के लिए अप्लाई कर सकता है. इसके लिए सिलेक्शन प्रोसेस होता है जिसमें written exam और इंटरव्यू लिया जाता है. जब कैंडिडेट इस प्रोसेस को क्लियर कर लेता है तो फिर उसे वैज्ञानिक या फिर इंजीनियर के तौर पर इसरो में अप्वॉइंट कर दिया जाता है
  7. इस में जूनियर रिसर्च फेलो के रूप में भी सिलेक्ट किया जा सकता है. इसके द्वारा वैज्ञानिकों इंजीनियरों के रूप में शोध करते हैं. इस तरह के संगठन में वैज्ञानिक के चयन के लिए स्क्रीनिंग प्रोसेस बहुत कठिन होती है और इसके लिए बेस्ट नॉलेज, विजडम और एक बहुत ही प्रजेंटटेबल और शांत स्वभाव की आवश्यकता होती है.

एक वैज्ञानिक की नौकरी पाने के लिए कैंडिडेट के पास डीप नॉलेज का होना जरूरी है इसके अलावा मुश्किल घड़ियों में भी उसे सब्र के साथ समस्याओं को निपटने के लिए दिमाग का इस्तेमाल करने के योग्य होना चाहिए. यह जरूरी नहीं है कि यह क्वालिटी हर इंसान को विरासत में मिले लेकिन यह याद रखना है कि किसी के सिलेक्शन की कुंजी हो सकती है. और उन्हें आगे बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बन सकता है. इन कौशल के साथ रिकॉर्ड पर अच्छा होना भी बहुत जरूरी है.

ISRO में साइंटिस्ट बनने के लिए कौन सा एग्जाम होता है?

जो लोग किसी भी कॉलेज से बीटेक कर लेते हैं उनकी सिलेक्शन के लिए ये संस्थान एक परीक्षा लेती है जिसका नाम है ICRB (ISRO Centralized Recruitment Bangalore). जो भी कैंडिडेट जिस इंजीनियरिंग ब्रांच का होता है उसको उसी के अनुसार सवाल पूछे जाते हैं. इस एग्जाम में बैठने के लिए कैंडिडेट का कम से कम 65 परसेंट नंबर जरूर होना चाहिए. एक्जाम क्लियर करने के बाद में इंटरव्यू होता है और जब इंटरव्यू क्लियर हो जाता है तो फिर कैंडिडेट को साइंटिस्ट या फिर इंजीनियर के तौर पर इसरो में नौकरी पर अपॉइंट कर लिया जाता है.

ISRO में साइंटिस्ट बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता

इसरो जॉइन करने के लिए कैंडिडेट कई तरीके से रास्ता अपना सकते हैं. सबसे पहले वह 12वीं क्लास में साइंस सब्जेक्ट में फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ लेकर पढ़ सकते हैं जिसके बाद वह IIT JEE की एग्जामिनेशन में बैठ सकते हैं. जब यह एग्जाम क्लियर कर लेते हैं तो फिर IIST (Indian Institute Of Space Technology) ऐडमिशन लेकर उसमें पढ़ाई कर सकते हैं. इस बात का को ध्यान रखना है कि इस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने के लिए आपका नॉलेज बहुत अच्छा होना चाहिए. इस संस्थान में पढ़ाई कर लेने के बाद में इस में सीधे तौर पर उन्हें साइंटिस्ट के पद पर भर्ती की जा सकती है.

इस संस्थान में पढ़ाई के तौर पर 4 साल का डिग्री प्रोग्राम कराया जाता है. इस प्रोग्राम में आपको अच्छी मार्क्स के साथ में पास होना पड़ता है. जिसके बाद इस में जो भी वैकेंसी होती है तो उसमें रिक्रूट कर दिया जाता है.

इसके बाद दूसरा तरीका यह है कि जो लोग M.Tech कर रहे हैं भले ही उनका ट्रेड अलग अलग हो लेकिन वह फिजिक्स और मैथ से जुड़ा हुआ जरूर होना चाहिए तो फिर वह डायरेक्टली इस में वैज्ञानिक के जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें written exam और इंटरव्यू क्लियर करना पड़ता है.

साइंटिस्ट बनने के लिए आयु सीमा

बहुत सारे लड़कों का यह प्रश्न होता है कि साइंटिस्ट बनने के लिए कम से कम कितनी एज का होना जरूरी है. आपकी जानकारी लिए इतना बता दूँ कि साइंटिस्ट के तौर पर इस में काम करने के लिए किसी प्रकार की कोई आयु सीमा नहीं रखी गई है. जिसके अंदर बुद्धि है वह इसमें अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार जाकर काम कर सकते हैं.

साइंटिस्ट बनने के लिए कोर्स

इस में साइंटिस्ट के रूप में काम करने के लिए दसवीं के बाद आपको 10+2 में Science (Physics, Chemistry, Math) विषयों के साथ पढाई करना पड़ता है. इसके बाद आपको IIT का एग्जाम निकालकर IIST (Indian Institute Of Space Technology) में 4 साल का बी टेक कोर्स करना पड़ता है.

इसके अलावा अगर आपने M.Tech कर रखा है जिसमें आपका बैकग्राउंड फिजिक्स और मैथ है तो आप डायरेक्टली इस में काम करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं. जिसके बाद आपका सिलेक्शन प्रोसेस के द्वारा चुनाव किया जाएगा.

साइंटिस्ट की सैलरी कितनी होती है?

बहुत सारे लोगों को यह जानने की की उत्सुकता होती है कि इसरो में काम कर रहे वैज्ञानिकों की सैलरी कितनी होती है. तो चलिए अब हम आपको इसके बारे में भी अच्छे से जानकारी दे देते हैं.

Designation Salary
Research Scientist ₹62K – ₹110K
Mechanical Engineer ₹35K – ₹42K
Civil Engineer ₹27K – ₹35K
Design Engineer ₹28K – ₹30K
Junior Software Developer ₹17,163

वैज्ञानिक बनने की तैयारी कैसे करें

सिर्फ सोच लेने से ही कोई वैज्ञानिक बन जाएगा अब संभव नहीं है. वैज्ञानिक का मतलब ही होता है जो विज्ञान में डूबा हुआ रहता है. अच्छा वैज्ञानिक बनने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा और किस तरह से तैयारी करनी पड़ेगी उसके टिप्स हम आपको देने जा रहे हैं.

  1. सबसे पहली बात तो आपको बचपन से ही पढ़ाई में भरपूर ध्यान देना पड़ेगा. उसी बात से हर टॉपिक को जड़ से समझना पड़ेगा. खासकर बच्चों को मैथ और साइंस में काफी मन लगाकर पढ़ना होगा.
  2. दसवीं पास कर लेने के बाद सबसे महत्वपूर्ण डिसीजन उसी वक्त लेना होता है जिसमें आपको 12वीं करने के लिए साइंस चुनना पड़ेगा और उसके अंदर फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ की पढ़ाई करनी पड़ेगी. इन विषयों में आपको बहुत ही ध्यान देकर छोटी से छोटी बातों को भी पढ़ना होगा.
  3. आपको थ्योरी तो पढ़ना ही पड़ता है साथ में प्रैक्टिकल भी बहुत अच्छे तरीके से करना पड़ेगा. जहां भी आपको साइंस एग्जिबिशन मिले वहां पर जाएं और सीखने की कोशिश करें.
  4. आपको साइंस से खूब लगाव रखना पड़ेगा. दुनिया में चल रहे वैज्ञानिक अनुसंधान के बारे में जानकारी लेकर खुद भी प्रेरित हो.
  5. अपने आइडिया को एक्सपेरिमेंट द्वारा प्रयोग करें. हमेशा सब्र के साथ काम करें और अपने गोल पर फोकस रखें.
  6. ओपन माइंडेड रहे लेकिन अपने तथ्यों और थेसिस पर भी काम करें.
  7. असफलता के लिए हमेशा दिमाग को तैयार रखें. वैज्ञानिक को अपनी जिंदगी में कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है. वैज्ञानिकों द्वारा हमेशा नयी चीजों का आविष्कार या फिर खोज की जाती है तो इस बीच काफी बार असफलता भी हाथ आती है.
  8. वैज्ञानिक टीम में मिलकर काम करते हैं इसलिए अपने अंदर भी टीम वर्क की भावना शुरू से रखें. अगर लीडर बनते हैं तो टीम को एक साथ एकजुट मिलकर काम करने के लिए प्रेरित जरूर करें.
  9. अपने रीडिंग और राइटिंग स्किल को बेहतर बनाएं. साथ ही प्रेजेंटेशन स्किल को भी मजबूत करें.
  10. कठिन परिश्रम के साथ-साथ अपने बॉडी को भी उचित रेस्ट दे.

संक्षेप में

पढ़ लिख कर हर कोई कामयाब इंसान बनना चाहता है लेकिन हर कोई एक जैसी लक्ष्य बनाकर चले कोई जरूरी नहीं है. कोई इंजीनियर बनना चाहता है तो कोई डॉक्टर और किसी को एक सफल वैज्ञानिक बनने की चाहत होती है. इसीलिए हमने आज के पोस्ट में आपको बताया कि साइंटिस्ट कैसे बने ( how to become a scientist in hindi)? इसके अलावा हमने यह भी बताया कि साइंटिस्ट बनने के लिए कोर्स कौन सा करना पड़ता है. जब तक आप को किसी टारगेट को प्राप्त करने के लिए उसके रास्ते का मालूम नहीं होगा तब तक आप उस में पहुंचने में कामयाब नहीं हो सकते. किसी भी टारगेट को अचीव करने के लिए आपको एक प्लानिंग के तहत काम करना पड़ता है और आपको उससे जुड़ी हर जानकारी लेनी पड़ती है.

हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताया कि इसरो साइंटिस्ट कैसे बने? इसके अलावा यह भी बताया कि इसरो में साइंटिस्ट बनने के लिए कौन सा एग्जाम होता है. बच्चों के सपने अनूठे होते हैं और बार-बार बदलते भी रहते हैं. लेकिन दसवीं पास करने के बाद में उनका दिमाग एक पार्टिकुलर डायरेक्शन में जाने के लिए तैयार हो जाता है. उस वक्त सही डायरेक्शन का चुनाव करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह पूरी जिंदगी में असर डालता है. यही वजह है कि 10+2 की पढ़ाई के समय सही विषयों का चुनाव करना जरूरी है ताकि अगर वैज्ञानिक बनने की चाहत है तो वहां पहुंचा जा सके.

इसरो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान है. जिसने अभी तक कहीं महत्वाकांक्षी योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है. हमारे देश के इस संस्थान ने चंद्रयान और मंगलयान भेज कर हमारे देश का नाम भी रोशन किया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसने बहुत कम बजट में यह सारे कारनामे किए हैं. यही वजह है कि हमारे देश का युवा इससे काफी प्रेरित है और आज इसरो में काम करने के लिए बहुत इंटरेस्ट रखता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने इस पोस्ट को तैयार किया है ताकि आने वाली युवा पीढ़ी को एक वैज्ञानिक बनने में किसी तरह की परेशानी ना हो. दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आप के लिए मददगार साबित होगी. अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम, और व्हाट्सएप में अधिक से अधिक शेयर करें.

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