स्कूल टीचर कैसे बने?

इंसान की जिंदगी में शिक्षा का काफी महत्व होता है और इसीलिए शिक्षक को माता-पिता के बाद सबसे ऊंचा दर्जा दिया जाता है. शिक्षण का काम एक समाज सेवा की तरह शुरू किया गया था लेकिन आज एक प्रोफेशन के रूप में भी इसे लिया जाता है और इसीलिए आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि स्कूल टीचर कैसे बने और टीचिंग में करियर कैसे बनाएं।?

यहां हम आपको यह भी बताएंगे कि एक शिक्षक बनने के लिए आप में क्या योग्यताएं होनी चाहिए एवं एज लिमिट कितनी होती है. आज कोई भी प्रोफेशन कोई इंसान करता है तो उसका मकसद होता है पैसे कमाना तो यहां यह भी जानना जरूरी है कि टीचर की सैलरी कितनी होती है.

इन सभी तथ्यों की चर्चा तो हम इस लेख में जरूर करेंगे साथ ही आपको यह भी जानकारी देंगे की प्राइवेट या सरकारी स्कूल में शिक्षक कैसे बनाएं. स्कूल में प्रत्येक भाषा के अलग-अलग शिक्षक होते हैं. अलग-अलग वर्ग के बच्चों के लिए भी विभिन्न प्रकार के शिक्षक रखे जाते हैं.

जहां एक तरफ छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राइमरी टीचर रखे जाते हैं वही बड़े बच्चों के लिए लेक्चरर एवं प्रोफेसर रखे जाते हैं. आप यह जानने को जरूर उत्सुक होंगे कि प्राइमरी स्कूल का टीचर कैसे बने एवं स्कूल लेक्चरर कैसे बने?

तो मैं आपको यही कहूंगा कि धैर्य रखें और पोस्ट को पूरा पढ़ें क्योंकि इसमें हम आपको सारी जानकारी देने जा रहे हैं.

टीचिंग में करियर कैसे बनाएं?

school teacher kaise bane

शिक्षा का काम एक बहुत ही जिम्मेदारी वाला काम है और जो शिक्षक होते हैं उन्हें काफी इज्जत की निगाहों से देखा जाता है. शिक्षक के ऊपर काफी हद तक बच्चों के भविष्य निर्भर करती है. एक अच्छा शिक्षक अच्छा मार्गदर्शक दर्शक बनकर अपने विद्यार्थियों को सही रास्ते पर चलाने की पूरी कोशिश करते हैं.

जब एक विद्यार्थी अपने शिक्षक की बातों को समझता है और उनके बताए रास्ते पर चलता है तो निश्चित रूप से सफलता हासिल करता है. लेकिन एक शिक्षक बनना इतना भी आसान काम नहीं है. शिक्षक को कई प्रकार की कुर्बानी देनी पड़ती है. कई प्रकार के शौक होने के बावजूद बच्चों पर बुरा प्रभाव ना पड़े इसलिए उन्हें यह सब त्याग ना होता है.

एक गुरु तभी अच्छा गुरु कहलाता है जब वह खुद बुरी आदतों से दूर होता है. विद्यार्थियों को भी सही सलाह देकर बुरे रास्तों को छोड़ने के लिए वह तभी बोल सकते हैं जब खुद सही रास्ते पर चलते हैं.

इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस पद तक पहुंचने के लिए जो कुछ भी करना पड़ता है उसके बारे में बताएंगे हर समझाएंगे की टीचिंग में आप अपना करियर कैसे बना सकते हैं. चलिए अब उन मुख्य बिंदुओं पर चर्चा कर लेते हैं जिससे ये समझ में आ जायेगा की टीचर कैसे बने?

1. 12वीं पास करें

स्कूल टीचर बनने के लिए आपको सबसे पहला जो महत्वपूर्ण कदम उठाना होता है वह होता है 12वीं पास करना. 12वीं में जो विषय चुनते हैं वह आपके जिंदगी भर के लिए पढ़ाई को प्रभावित करते हैं.

अलग-अलग लोगों के इंटरेस्ट भी अलग-अलग होते हैं. इसलिए दसवीं पास करने के बाद उन्हीं विषयों को चुने जो आपको अच्छे लगते हैं, जिनमें आपकी रुचि है और आप उन्हें आसानी से पढ़ कर सकते हैं और पढ़ा भी सकते हैं.

आपको गणित बहुत पसंद है मान लीजिए कि आप को गणित का विषय बहुत पसंद है और आप इसी के शिक्षक बनना चाहते हैं तो 12वीं में आपको साइंस लेकर पढ़ाई करनी पड़ेगी जिसमें आपको गणित विषय चुनना होगा।

अगर आप हिंदी या फिर अंग्रेजी भाषा के शिक्षक बनना चाहते हैं तो फिर आपको आर्ट ले लेना है और अपनी पसंद की भाषा की पढ़ाई करनी है.

2. ग्रेजुएशन पूरी करें

12वीं पास कर लेने के बाद में अब आप अपने पसंदीदा विषय के साथ आगे की पढ़ाई कर सकते हैं और किसी एक विषय को ऑनर्स पेपर के रूप में लेकर पूरा कर सकते हैं. एक शिक्षक के लिए ग्रेजुएशन यानी स्नातक की डिग्री लेना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके बाद आप चाहे तो इसके बाद अगर आप चाहे तो मास्टर की डिग्री भी हासिल कर सकते हैं. आपके शिक्षण कार्य के लिए काफी फायदेमंद होता है.

वैसे आप कई शिक्षकों को देखेंगे जिन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ-साथ मास्टर की डिग्री भी हासिल की हुई होती है. इनका ज्ञान भी काफी अधिक होता है और वह जिस भी विषय में पढ़ाई करते हैं उस विषय को आसानी से समझा सकते हैं.

3. पसंदीदा विषय पर ध्यान देकर पढ़ें

जब आप 12वीं क्लास में जाएं उसी वक्त अपने पसंदीदा विषय को चुन ले. यहां पर हम रुचि वाले विषय चुनने के लिए इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि जब आप विषय को पसंद करेंगे तो आप उसे बढ़िया ढंग से पड़ेंगे भी और सीखेंगे भी.

आपका उस विषय में ज्ञान पक्का हो जाएगा फिर आपको उस विषय को बच्चों को पढ़ाने में काफी मजा भी आएगा. आपके लिए शिक्षक का काम करना काफी आसान होगा. समय-समय पर सीधी विषय में नए-नए तो आपको आने वाले दिनों में भी नई नई चीजें सीखने का मौका मिलेंगे और उसे आप अपने बच्चों को भी दिखा सकेंगे.

4. विषय से जुड़े नए तथ्य की जानकारी लेते रहे

जैसा कि हम पहले ही बात कर चुके हैं कि प्रत्येक विषय में नए-नए शोध होते रहते हैं और इन शोध कार्यों की वजह से ज्ञान का भंडार भी बढ़ता जाता है. चाहे किसी भी विषय का शिक्षक हो जब वह नए ज्ञान को अर्जित करता है तो उसे इसमें काफी मजा भी आता है और बुद्ध की ज्ञान में भी वृद्धि होती है.

प्रत्येक विषय में ऐसे टॉपिक होते हैं जो लोगों को काफी आकर्षित करते हैं तो इसी वजह से बच्चों को उन इंटरेस्टिंग चीजों को बताना और सिखाना भी उनमें जिज्ञासा उत्पन्न करने का एक जरिया होता है ताकि आप दूसरे टॉपिक को भी आसानी से सिखा सकें.

5. B.Ed कोर्स के लिए अप्लाई करें

जब आपकी ग्रेजुएशन हो रही हो जाती है उसके बाद आपको एक कोर्स करना पड़ता है जो स्कूल टीचर बनने के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस कोर्स को हम b.Ed कोर्स के रूप में जानते हैं.

जैसे ही आप ग्रेजुएशन पास कर लेते हैं तो उसके तुरंत बाद आपको B.Ed कोर्स के लिए अप्लाई करना है इसके लिए योग्यता के रूप में आप से ग्रेजुएशन में 50% अंक मांगे जाते हैं. यह कोर्स शिक्षण कार्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है जिसे करने के बाद हायर सेकेंडरी यानी कि उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक अच्छे शिक्षक की पद पर काम कर सकते हैं. B.Ed का 2 साल का होता है.

6.TET या CET की एंट्रेंस परीक्षा पास करें

B.Ed का कोर्स पूरा कर लेने के बाद में आपको एक प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है जिससे आपको प्रमाण मिल जाता है कि आप एक शिक्षक के रूप में काम कर सकते हैं इस परीक्षा को हम TET के रूप में जानते हैं जिसका पूरा नाम है Teacher Eligibility Test. इसे CTET के रूप में भी जाना जाता है.

इस परीक्षा को पास करने के बाद में टीचर पद के लिए हर प्रकार के स्कूल में अप्लाई कर सकते हैं. यह काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे आपको टीचर की नौकरी प्राप्त करने में काफी आसानी होती है क्योंकि आप एक तरफ से पूरी तरह से प्रमाणित शिक्षक बन चुके हैं.

शिक्षण का कार्य काफी जिम्मेदारी वाला होता है और देश का भविष्य इसी पर निर्भर करता है. जब एक शिक्षक पूरी तरह से योग्य होगा तभी वह बच्चों को अच्छे मार्गदर्शक के रुप में मार्गदर्शन कर सकता है.

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए यह देखा जाता है कि कोई उम्मीदवार टीचर बनने के लायक है भी या नहीं इसलिए जो उम्मीदवार पास करते हैं उन्हें शिक्षण कार्य करने के लिए अनुमति मिल जाती है.

निष्कर्ष

हम सभी स्कूल से अच्छी तरह से वाकिफ हैं लेकिन जो बच्चे स्कूल में नहीं पढ़ पाते उनका भविष्य भी अंधेरे में होता है. एक शिक्षक हमारी जिंदगी में हमारे मां बाप के बाद सबसे अधिक मायने रखते हैं. वह हमारी जिंदगी इसको एक सही रास्ता दिखाते हैं.

पढ़ने वाले बच्चों को बुरी आदतों से दूर रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैं और प्रत्येक विषय की अच्छी ज्ञान देने की कोशिश करते हैं. जो बच्चे अपने शिक्षक के बताए हुए मार्ग पर चलते हैं वह जिंदगी में जाट बड़ा होकर सफल आदमी बनते हैं.

लेकिन एक के रूप में कार्य करना इतना आसान काम नहीं है और इस पद को हासिल करना भी सबके लिए आसान नहीं होता. आज के इस लेख के माध्यम से हमने आपको बताने की कोशिश की है कि स्कूल टीचर कैसे बने एवं एक स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक की सैलरी कितनी होती है.

हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख के माध्यम से आपको समझ में आ गया होगा कि टीचिंग के क्षेत्र में कैसे जाएं तो अगर आपको अच्छी लगी होगी तो इसे दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें.

2 COMMENTS

  1. टीचर का पद काफी गौरवपूर्ण होता है और टीचर को गुरु के समान मानते है आपने टीचर बनने के लिए जरूरी बातों को क्रमबद्ध बताया धन्यवाद

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