RTI क्या है What is Right to Information RTI in Hindi

क्या आप जानते हैं RTI क्या है (What is Right to Information RTI  in Hindi)? हमारा देश भारत एक ऐसा देश है जिसमे लोकतंत्र का बोलबाला है. किसी भी देश को आगे बढ़ने में हर एक नागरिक का हाथ होता है. सरकार का चुनाव देश के नागरिक वोट देकर खुद करते हैं. वो इस उम्मीद से सरकार का चुनाव करते हैं की उन्हें हर वो सुविधा मिले और देश का विकास हो जिसके वो हकदार हैं सरकार का भी मुख्य कर्तव्य यही है की वो सभी नागरिकों को समानता का अधिकार दे. इसीलिए देश में सरकारी दफ्तरों पर भी हर क्षेत्र में सरकारी कर्मचारी अपना योगदान देकर देश को आगे बढ़ने में मदद करते हैं. लेकिन अगर किसी भी क्षेत्र की सुविधा मिलने में कमी होती है तो नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ती है.

आम जनता के जीवन में विकास होगा तभी देश का भी विकाश होगा. इसीलिए सरकार दिन रात काम करती है. सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले लोग जब अपने काम में कोताही करेंगे तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा. भ्रष्टाचार किसी भी अर्थव्यवस्था को ख़राब कर सकती है और इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है उनको मिलने वाला अधिकार उन तक नहीं पहुँचता है.लोकतंत्र के संतुलन को बनाये रखने के लिए नियमों और कानून में समय के साथ साथ फेरबदल करना जरुरी हो जाता है. इन्ही समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने एक अनोखा कदम लिया है हम RTI के नाम से जानते हैं. तो चलिए अब हम विस्तार से जानेंगे की RTI क्या है(What is Right to Information in Hindi).

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RTI क्या है – RTI Act in Hindi

भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है जो देश को खोखला कर देती है और इसीलिए भारत में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भारतीय संसद ने 2005 में एक अधिनियम लागू किया जिसे हम सुचना का अधिकार( RTI) के नाम से जानते हैं. RTI का फुल फॉर्म Right to Infiormationहोता है. इस अधिनियम के अंतर्गत भारत के किसी भी नागरिक को ये अधिकार है की वो जाकर किसी भी सरकारी विभाग से सवाल कर सकता है और हर तरह की जानकारी ले सकता है. सरकार कोई एक आदमी नहीं होता ये एक सिस्टम होता है जिसमे हर पद में अलग अलग लोगों को नियुक्त किया जाता है जो अपना काम करते हैं. अगर उन पदों पर नियुक्त अधिकारी अपना काम सही ढंग से नहीं करता तो लोगों को पूरा अधिकार है की वो अपनी हक़ की लड़ाई कर सके.

किसी देश को चलाने के लिए सिस्टम का सही से काम करना बहुत जरुरी है. देश का प्रधानमंत्री किसी योजना का एलान करते हैं और उसके लिए बजट भी देते हैं. अब उस बजट का उपयोग सही जगह पर हुआ या नहीं इसकी जानकारी पहले मिलती नहीं थी. लेकिन इस अधिनियम 2005 ने लोगों के लिए एक विशेष कानून पारित कर दिया है की आम नागरिक सरकार से आकर खुद ही सवाल कर सकता है की जो बजट पास हुआ उसके पैसे कहाँ कहाँ खर्च हुए और कैसे खर्च हुए.  इस क़ानून को पुरे भारत में लागू किया गया बस एक राज्य को छोड़कर और ये राज्य है जम्मू एवं कश्मीर. जम्मू एवं कश्मीर में जे. एंड के आर टी आई लागू किया हुआ है.

इस क़ानून की बात करें तो सभी सरकारी पद आते हैं जिनकी जानकारों एक आम नागरिक मांग सकता है.इसके लिए नागरिक को सरकारी संसथान जाकर बस एक आवेदन देना होता है और आवेदन देने के बाद उसका जवाब उस संसथान को 30 दिनों के भीतरा देना होता है. इस तरह ये देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आम जनता के पास सबसे बड़ा हथियार है जिसका उपयोग कर वो अपनी हक़ की मांग कर सकता है.

RTI से क्या लाभ है – Advantages of RTI in Hindi

सुचना का अधिकार जब से लागू हुआ उस वक़्त से लोगों को इससे काफी लाभ हुआ और इससे आम जनता के हितों की रक्षा हुई है.हम आपको यहाँ RTI से होने वाले कुछ विशेष फायदे के बारे में बता रहे हैं.

  • नागरिको की मूलभूत जरूरतें जैसे बिजली, पानी और सड़क के लिए आने वाले बजट के उपयोग से सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और संसथान से पूरा ब्यौरा ले सकते हैं की किस काम के लिए कितना बजट पास हुआ और उसमे से कितना उपयोग हुआ है.
  • इस कानून का उपयोग कर के कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार की शिकायत कर सकता है.
  • कोई भी व्यक्ति अपनों personal life से जुडी जरूरतों की जानकारी मांग सकता है जैसे provident Fund से जुडी जानकारी, पेंशन की जानकारी, Tax से जुडी जानकारी,Paasport,aadhar card और PAN card की जानकारी मांग सकता है.
  • इस योजना का उपयोग कर के सरकारी संसथान से किसी भी तरह के तथ्य की सभी जानकारियां मांग सकते हैं. लेकिन इस कानून का उपयोग हम किसी भी सरकारी संस्थान की राय जानने के लिए नहीं कर सकते हैं.
  •  इस अधिनियम के अंतर्गत सभी सरकारी संसथान, केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार, स्कूल,कॉलेज, बैंक, पोस्ट ऑफिस, रेलवे, हॉस्पिटल, पुलिस, electricity board, BSNL  इत्यादि सभी आते हैं.
  • सबसे बड़ी बात ये है की RTI आम व्यक्ति के सभी अधिकारों की रक्षा करता है. और सभी नागरिकों के लिए सरकार के प्रति पारदर्शिता कायम करता है.

RTI का उपयोग कब करें?

वैसे तो बहुत से अवसर हैं जब आप सुचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर सकते हैं. यहाँ हम मुख्य रूप से वैसे परिस्थितियों के बारे में बात करेंगे जब RTI का इस्तेमाल  करते हैं.

सरकारी विभाग द्वारा निर्धारित काम न करना

अगर आप के क्षेत्र में किसी रोड की मरम्मत का काम आया हुआ है और उसके लिए बजट भी संसथान को मिल चूका है, या बिजली से जुड़े किसी काम, सरकारी राशन के आने पर भी अगर सेवाओं को आम जनता के लिए नहीं दिया जा रहा है तो ऐसे में कोई भी व्यक्ति उस सरकारी संसथान से उसके डॉक्यूमेंट को मांग सकता है और उसकी मदद से उस सांस्थान संस्थान द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को सबके सामने लाया जा सकता है  कार्रवाई की जा सकती है.

सरकारी विभाग द्वारा किसी काम में देरी करना

RTI के इस्तेमाल करने का ये बहुत बड़ा कारण है क्यूंकि सरकारी सेवाएं पास तो हो जाती हैं लेकिन आम जनता को सेवाओं का लाभ बहुत देरी से मिलता है या फिर मिलता ही नहीं। लेकिन जब सेवाएं बहुत देर से आती हैं तो इसका मुख्य कारन उस संसथान से जुड़े कर्मचारी ही होते हैं. उन्ही के भर्ष्टाचार की वजह से आम जनता की उम्मीदे टूट जाती हैं और वो सीधे सरकार पर आरोप लगते हैं. जैसे Driving License renue करवाना है लेकिन कर्मचारी आपको बार बार देर करता है, उसी तरह passport revenue करने में इत्यादि इस तरह के बहुत सारे काम हैं. तो इस स्थिति में RTI नियम का इस्तेमाल कर के उन भ्रस्ट कर्मचारियों से उनके काम का ब्यौरा आप मांग सकते हैं.

किसी सरकारी कार्यक्रम में होने वाले खर्चे की जानकारी

इस नियम का प्रयोग कर के आप किसी भी सरकारी आयोजन में हुए सभी खर्चों की लिस्ट मांग सकते हैं. पैसों का इस्तेमाल कितना और कहाँ कहाँ हुआ है ये भी जान सकते हैं.

इसके अलावा इस कानून का इस्तेमाल कर के सरकारी ब्यौरा भी मांग सकते हैं जैसे किसी दुर्घटना में हुए मृत्यु की संख्या.

RTI का उपयोग करने से पहले ध्यान देने वाली शर्तें – Rules for RTI

अगर आप RTI file करना चाहते हैं तो इससे पहले जान लें की इसकी शर्तें क्या क्या हैं. अन्यथा अगर इन में से किसी rule को follow नहीं किया जाये तो फिर RTI file करने का कोई फायदा नहीं मिलेगा.

1. RTI कौन file कर सकता है?

अगर कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है तो वो RTI के लिए आवेदन भर सकता है. अगर आप एक भारतीय नागरिक है तो आपको पूरा अधिकार है की आप किसी भी सरकारी संस्थान से कोई भी सुचना मांग सकते हैं.

2. संस्थान जिन से आप RTI Act के लिए सुचना मांग सकते हैं

सुचना का अधिकार अधिनियम 2005  के अनुसार अगर आप किसी जानकारी को पाना चाहते हैं तो उससे जुड़े सरकारी संस्थान से संपर्क कर सकते हैं. सरकारी संस्थान को केंद्रीय सरकार ही नियंत्रित करती है  राज्य सर्कार नियंत्रित करती है आप वहां से भी सुचना प्राप्त कर सकते हैं. सभी सरकारी शाखाएं लोक सेवा के लिए ही .

3. RTI Act के अंतर्गत न आने वाली संस्थाएं

कुछ ऐसी भी संस्थाएं है जो सुचना का अधिकार अधिनियम के तहत नहीं आते. इन संस्थाओं को RTI  law under 24(1) के तहत इस से बाहर रखा जाता है. इन संस्थाओं में केंद्रीय सुरक्षा विभाग Intelligence Bureo भी आता है जिन्हे RTI act से बाहर रखा गया है.

4 सरकारी संस्थान का पता बिलकुल सही लिखना

आप हमेशा ये याद रखें की आप किस डिपार्टमेंट से जानकारी निकलना चाहते हैं , आप जिस जानकारी को मांग रहे हैं अगर उससे एक से ज्यादा डिपार्टमेंट जुड़े हैं तो आपको ये निर्णय लेना है की कौन सा डिपार्टमेंट उससे ज्यादा नज़दीकी से जुड़ा हुआ है. इसका यही मतलब है की आपको जिस भी विभाग से जानकारी चाहिए उसका पता आपको सही होना चाहिए.

5. RTI application के साथ Fee भी जमा करना

जब भी आप RTI फाइल करने जाएँ भले ही आप online या ऑफलाइन अप्लाई करें आपको उसका जितना भी fees है साथ में जमा करना होगा. वैसे सामान्य RTI application की fee 10 Rs. है  लेकिन अगर कोई व्यक्ति गरीबी रेखा से निचे हैं तो उसके लिए RTI application डालना बिलकुल फ्री है लेकिन इसके लिए उसे इसका कोई सबूत देना होगा की वो गरीबी रेखा के निचे का व्यक्ति है.

Note: RTI अप्प्लिकशनके लिए हर राज्य में fee अलग अलग है. ये आपको 8Rs. से 100Rs. तक लग सकता है.

6. जवाब आने के लिए कम से कम अवधि

अगर किसी व्यक्ति ने RTI file किया है तो इसका जवाब 30 दिनों के भीतर मिल जाता है. लेकिन अगर बहुत emergency है यानि इसका मकसद किसी की ज़िन्दगी से है तो इसकी minimum अवधि 48 घंटे जिसमे उसे जवाब अवश्य मिल जाना चाहिए.

7. RTI Application reject होने के कारण

आपका file किया हुआ RTI application  रद्द तभी किया जाता है जब आप किसी सन्दर्भ में एप्लीकेशन फॉर्म को अधूरा छोड़ देते हैं. आपके एप्लीकेशन के रद्द होने ये भी कारन हो सकता है की आप किस तरीके से फी जमा करते हैं.

अगर आप उस विभाग की जानकारी निकलना चाहते हैं जिसे RTI act से बाहर रखा गया है तब भी आपका RTI एप्लीकेशन रद्द हो सकता है.

आपने उन सभी नियमो को जान लिया है जो RTI file करने के पहले जानना जरुरी है.

RTI file कैसे करें – How to file RTI (Right to Information) in Hindi

RTI file करने के लिए आप निचे बताये गए तरीके से follow कर के अप्लाई कर सकते हैं.

RTI file करने का ऑनलाइन तरीका

  1. ऑनलाइन RTI file करने के लिए इसके ऑफिसियल वेबसाइट में जाना होगा rtionline.gov.in/request/request.php . ऑनलाइन RTI फॉर्म भरने के लिए आपको सबसे पहले Submit Request के बटन को क्लिक करना होगा जिसके बाद एक पेज खुलेगा जिसमे सारी गाइडलाइन्स मिलेंगी.
  2. अब आप दी गई गाइडलाइन्स पढ़ लें. और उसके बाद आपको confirm करना है की आपने पूरी guidelines पढ़ ली है फिर Submit पर क्लिक करें.
  3. Submit करने के बाद आपके सामने एक फॉर्म खुल कर आएगा. इस फॉर्म को आप 2 भाषाओँ हिंदी या इंग्लिश में अपनी सुविधा के अनुसार खोल सकते हैं.
  4. अब आपको यहाँ जिस department से जुडी जानकारी चाहिए उसके अनुसार फॉर्म को पूरा भरें. यहाँ पर आपको ध्यान रखना है की फॉर्म में सभी detail सही सही होने चाहिए साथ ही फॉर्म को अधूरा न छोड़े बल्कि इसे पूरा भरें.
  5. फॉर्म सही सही भर लेने के बाद जरुरी डॉक्यूमेंट भी अपलोड कर दे. इसके बाद सुरक्षा कोड को देख कर सही सही भरें.
  6. अब एक बार फिर यहाँ सबसे नीचे आपको submit button मिलेगा उस पर क्लिक करें.
  7. Submit करने के बाद आपको इस फॉर्म का एक रिसीप्ट मिलेगा. आप इस receipt को store कर के रख लें या फिर प्रिंटआउट कर के निकाल लें. जब आप इस फॉर्म की status चेक करेंगे तब आपको इस रिसीप्ट की जरुरत पड़ेगी.

RTI kya hai Right to information in hindi (1) RTI kya hai Right to information in hindi (2)

RTI file करने का ऑफलाइन तरीका

अगर आप ऑफलाइन RTI file करना चाहते हैं तो यहाँ नीचे आपको इसका पूरा तरीका हम बता रहे हैं. इसे follow करें और ऑफलाइन RTI file कर सकते हैं.

  1. ऑफलाइन आवेदन करने के लिए पहले आप इसका पता लगा लें आप किस संसथान की जानकारी लेना चाहते हैं.
  2. जब आप ये निर्णय लें ले की कौन से विभाग की जानकारी चाहिए उसके बाद एक सफ़ेद पेपर शीट में आवेदन लिखें और सुचना अधिकारी को जमा कर दें.  आपको हर विभाग में एक “लोक सुचना अधिकारी” मिलेगा जिसे आप अपना आवेदन लिख कर दे सकते हैं.
  3. जब आप आवेदन लिखें तो इस लाइन को Subject(विषय) की के सामने जरूर लिखें “आर टी आई अधिनियम 2005 के तहत सुचना की तलाश।”
  4. आप अपना आवेदन इंग्लिश या हिंदी किसी भी भाषा में लिख कर दे सकते हैं.
  5.  आवेदन पूरा लिख लें तो उसमे आवेदन की तारीख और fees के 10 Rs. का postal order साथ में जरूर attach करें जो की इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जरुरी है. लेकिन जो लोग गरीबी रेखा के निचे आते हैं उन्हें 10 Rs. का fees देने की जरुरत नहीं है लेकिन उन्हें BPL certificate की एक कॉपी साथ में attach करना पड़ेगा.
  6. आवेदन पत्र में अपना पूरा नाम और पता लिखें, साथ ही अपना साइन भी करें और इसके बाद registered पोस्ट के जरिये इसे सम्बंधित कार्यालय में  भेज दें.
  7. अब अगर 30 दिनों के अंदर कोई जवाब नहीं मिलता है तो तो फिर आप अपील अधिकारी के साथ अपील दायर कर सकते हैं.

मेरी अंतिम राय इस लेख पर

मैं उम्मीद करता हूँ की आपको ये जानकारी RTI क्या है (What is Right to Information RTI  in Hindi) अच्छी लगी होगी. इस पोस्ट के माध्यम से आप ये तो जान ही चुके हैं की RTI से क्या लाभ है और इसका उपयोग कब करते हैं? यहाँ आपने ये भी जाना की RTI कौन file कर सकता है?  ये आम नागरिक के ताक़त की तरह काम करता है जिसका उपयोग की हक़ पाने के लिए कर सकता है.

भ्रष्टाचार रोकने का ये एक बहुत ही कारगर अधिनयम है जो भारतीय नागरिक के लिए ही बनाया गया है. ऑनलाइन और ऑफलाइन RTI कैसे file करें इसकी जानकारी आपको हमने इस पोस्ट में दी है. तो अगर आपको इसकी जरुरत कभी पड़ती है तो आपके पास इतना ज्ञान हो चूका है की RTI कैसे file करते हैं.  दोस्तों आपको अगर ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.

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