पॉलिटेक्निक क्या है और इसे करने के बाद क्या करें

दसवीं पास कर लेने के बाद में स्टूडेंट की सबसे बड़ी टेंशन होती है कि 10th के बाद क्या करें कि आगे का करियर अच्छा हो जाए. लेकिन उन्हें अगर कोई सही रास्ता दिखाने वाला होता है तो करियर में काफी फायदा मिलता है लेकिन अगर कोई मार्गदर्शक ना हो तो फिर यह बहुत बड़ी प्रॉब्लम वाली बात है. अगर आप भी दसवीं पास कर चुके हैं और कुछ ऐसे कोर्स की जानकारी चाहते हैं जिसके तुरंत बाद आपको जॉब मिले तो फिर यह पोस्ट आपके काफी काम की है क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि पॉलिटेक्निक किया है (What is Polytechnic in hindi) और इसे करने के बाद क्या करें.

जो भी स्टूडेंट दसवीं के बाद किसी टेक्निकल कोर्स में जाना चाहता है उसके लिए पॉलिटेक्निक बहुत फायदेमंद है. जो मध्यमवर्ग परिवार से बिलॉन्ग करते हैं उन्हें दसवीं के बाद कुछ ऐसे कोर्स की तलाश होती है जिसके तुरंत बाद उन्हें जॉब मिल सके. अगर आप पहले से जानते हैं कि पॉलिटेक्निक कोर्स क्या है तो आपको यह भी पता होगा कि पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के फायदे क्या है. बहुत सारे ऐसे स्टूडेंट भी होते हैं जो इसका नाम तो सुने हुए होते हैं लेकिन उन्हें मालूम नहीं होता कि पॉलिटेक्निक सिलेबस में क्या पढ़ाई कराई जाती है. कई स्टूडेंट ऐसे होते हैं जिन्हें जानकारी नहीं होती है और वह 12वीं के बाद में पॉलिटेक्निक कोर्स की जानकारी लेते हैं और जानना चाहते हैं कि ट्वेल्थ के बाद पॉलिटेक्निक करना कैसा है. खैर अगर आपको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है तो फिर इस पोस्ट में आपको सारे डाउट क्लियर हो जाएंगे.

हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको Polytechnic courses details in hindi में बताएंगे साथ में आपको पता चल जाएगा कि पॉलिटेक्निक फॉर्म कैसे मिलता है. और इसके अंतर्गत कौन कौन कोर्सेज कराए जाते हैं. क्या इसके बाद बीटेक की पढ़ाई कर सकते हैं और अगर हां तो पॉलिटेक्निक के बाद बीटेक कैसे करें. इस तरह के बहुत सारी दुविधा, स्टूडेंट के बीच में होती हैं जो क्लियर ना हो तो उनके लिए आगे की पढ़ाई का प्लान करना काफी मुश्किल हो जाता है. हमने इस पोस्ट के माध्यम से इस कोर्स से जुड़ी जितनी भी संकाय हैं वह दूर करने की कोशिश की है और आर्टिकल पढ़ने के बाद में आपको इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे. बिना देरी किए हुए चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं कि आखिर यह पॉलिटेक्निक क्या है (What is Polytechnic in Hindi) और इसके फायदे क्या है.

पॉलिटेक्निक क्या है – What is Polytechnic in Hindi

Polytechnic kya hai hindi

पॉलिटेक्निक एक टेक्निकल कोर्स है जो डिप्लोमा कोर्स के अंदर आता है. यह एक काफी पॉपुलर कोर्स है जिसे 10th या 12th पास करने के बाद में कर सकते हैं. पॉलिटेक्निक का मतलब ही होता है इंजीनियरिंग मे डिप्लोमा (Diploma in Engineering). इस कोर्स के अंतर्गत कई ब्रांच की पढ़ाई कराई जाती है. यह जूनियर लेवल इंजीनियर को तैयार करने का एक तरीका है. बी टेक करने वाले लोग डिग्री हासिल करते हैं वही पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा की पढ़ाई करने वाले छात्रों को डिप्लोमा का सर्टिफिकेट दिया जाता है. जिसके बाद उन्हें जूनियर इंजीनियर के पद पर नियुक्त करके नौकरी दी जाती है.

पॉलिटेक्निक के अंतर्गत पढ़ाए जाने वाले कोर्स कई तरह के हैं जिसे ज्वाइन करके मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कई तरह के कोर्स किए जा सकते हैं. एक बार जब आप पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा कर लेते हैं और आगे पढ़ाई करना चाहते हैं तो आप बी.टेक कर सकते हैं. बीटेक करने के लिए आपको लैटरल एंट्री के रूप में सेकंड ईयर में एडमिशन लेना पड़ता है. जी हां आप जब यह कोर्स करते हैं तो यह 3 साल का कोर्स होता है और बी टेक इंजीनियरिंग के फर्स्ट ईयर में पढ़ाई नहीं करनी पड़ती. सीधे तौर पर आपको सेकंड ईयर में एडमिशन मिलता है जिसे लेटरल एंट्री के नाम से जानते हैं.

पॉलिटेक्निक करने के लिए 10वीं पास करने के बाद स्टूडेंट्स को एक एंट्रेंस एग्जामिनेशन लिखना पड़ता है. एंट्रेंस एग्जामिनेशन निकाल लेने के बाद अच्छी रैंक लाने पर उन्हें अपने पसंदीदा ब्रांच को चुनकर उसमें पढ़ाई करने का मौका दिया जाता है. इसके साथ मिलने वाले कॉलेज मुख्य रूप से सरकारी कॉलेज अधिकतर होते हैं जिन में एडमिशन ले कर पढ़ाई करना काफी सस्ता पड़ता है वहीं अगर कोई डिप्लोमा करने के लिए किसी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेता है तो उसकी फीस काफी महंगी होती है.

Polytechnic दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है.

Poly+Technic

  1. Poly – बहुत सारे
  2. Technic – तकनीक

यानी कि पॉलिटेक्निक एक ऐसा कोर्स है जिसके अंतर्गत बहुत सारे टेक्नोलॉजी रिलेटेड कोर्स कराए जाते हैं. जैसे इसके अंदर अगर कोई कंप्यूटर के बारे में पढ़ना चाहे तो कंप्यूटर इंजीनियरिंग कराई जाती है. किसी को सॉफ्टवेयर फील्ड में इंटरेस्ट होता है तो उसके लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग है. मेकेनिकल इंजीनियर के तौर पर अपने करियर को बनाना चाहता है तो उसके लिए मेकेनिकल इंजीनियरिंग है. किसी को इंफ्रास्ट्रक्चर और बिल्डिंग्स वगैरह बनाने की ख्वाहिश होती है वह सिविल इंजीनियरिंग करते हैं. इस तरह से देखा जाए तो पॉलिटेक्निक सभी तरह के इंजीनियरिंग ब्रांच का एक मिश्रण है. जिसमें पढ़कर युवा अपने भविष्य को सही दिशा और रास्ता में ले जाते हैं.

पॉलिटेक्निक कैसे करें?

पॉलिटेक्निक के अंतर्गत पढ़ाई करने के लिए सबसे पहले तो इसमें प्रवेश लेना जरूरी है. पॉलिटेक्निक में प्रवेश पाने के लिए स्टूडेंट्स को एक एंट्रेंस एग्जामिनेशन लिखना पड़ता है. एंट्रेंस एग्जामिनेशन हर साल लिया जाता है जिसमें लाखों विद्यार्थी एग्जाम में बैठते हैं. जो पास करते हैं और अच्छी रैंक लाते हैं और उन्हें अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाता है.

सबसे अच्छा तरीका यह है कि जैसे ही आप दसवीं पास करते हैं और उसमें अच्छे नंबर ले आते हैं तो आप इस एग्जामिनेशन में बैठकर लिख सकते हैं और अगर आप इस एग्जाम को निकाल लेते हैं तो फिर आप के लिए पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेना कोई बड़ी बात नहीं होगी. एडमिशन लेने के बाद में आपको एक ब्रांच पढ़ाई करने के लिए मिलता है जो के 3 सालों के लिए एक कोर्स के रूप में आपको करना होता है. डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग के तौर पर आपको यह 3 साल तक पढ़ाई करनी पड़ती है जिसके बाद आपको डिप्लोमा का सर्टिफिकेट मिल जाता है. इस प्रकार आप एक जूनियर इंजीनियर के पद पर किसी कंपनी में काम कर सकते हैं.पॉलिटेक्निक करने के लिए और क्या क्या क्राइटेरिया होता है यानी कि इससे पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों में क्या योग्यता होनी चाहिए यह कोर्स कितने दिनों का होता है और इसे करने के बाद क्या होता है चलिए इन सभी बातों को जानते हैं.

पॉलिटेक्निक कोर्स के लिए योग्यता – eligibility criteria for diploma

पॉलिटेक्निक कोर्स करने के लिए दो मौके होते हैं. यानी कि जब आप दसवीं पास कर लेते हैं उसके बाद में डिप्लोमा इंजीनियरिंग यानी कि पॉलिटेक्निक के लिए होने वाले एंट्रेंस एग्जाम को लिख सकते हैं और दूसरी बार तब आप इसके एग्जाम बैठ सकते हैं जब आप 12वीं पास कर लेते हैं.

10th Level

दसवीं पास कर लेने के बाद में आपको एंट्रेंस एग्जामिनेशन के लिए DET (Diploma Entrance Test) लिखना पड़ता है. एग्जामिनेशन पास करने के बाद में आप का सिलेक्शन हो जाता है. अगर आप entrance एग्जामिनेशन में बहुत ही अच्छे अंक से पास करते हैं तो फिर सबसे अच्छे और बेस्ट सरकारी डिप्लोमा कॉलेज में आपका एडमिशन हो जाता है. इस तरह आप जो एडमिशन लेते हैं इसमें आपको फीस काफी कम लगती है. वहीं अगर आप एंट्रेंस एग्जामिनेशन में अच्छे नंबर नहीं ला पाते हैं तो आपको किसी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ता है इसके लिए आपको फीस भी काफी चुकानी पड़ती है. दसवीं के बाद पॉलिटेक्निक कोर्स करने के लिए 3 साल लगता है.

12th Level

अगर आप सोच रहे हैं कि 12वीं के बाद में डिप्लोमा कोर्स किया जाए तो इसके लिए आपके पास पॉलिटेक्निक एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. 12वीं पास कर लेने के बाद डिप्लोमा कोर्स करना होता है वह सिर्फ 2 साल का ही करना होता है.

पॉलिटेक्निक के अंतर्गत पढ़ाए जाने वाले कोर्स – Polytechnic Courses details in Hindi

Mechanical engineering
Civil engineering
Electrical engineering
Electronic Engineering
Civil engineering
Computer Engineering
Automobile engineering
Software engineering
Electronics and communication engineering
chemical engineering

प्रवेश पाने के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट Common Entrance Test लिखना पड़ता है. इसमें अच्छे रैंक लाने के बाद ही आपको किसी अच्छे और बेस्ट सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश मिलता है.

पॉलिटेक्निक सिलेबस एक्जाम

पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को जो दसवीं के बाद अपने पढ़ाई कालीन करना चाहते हैं उन्हें दसवीं के आधार पर ही सवाल पूछे जाते हैं. इसमें मुख्य रूप से नीचे दिए गए विषयों से सवाल पूछे जाते हैं.

फिजिक्स
केमिस्ट्री
मैथमेटिक्स
जनरल साइंस
हिंदी
इंग्लिश
जनरल नॉलेज
और बायोलॉजी

पॉलिटेक्निक करने के बाद क्या करें?

अक्सर विद्यार्थी यह सोचकर काफी परेशान रहते हैं कि पॉलिटेक्निक तो कर लिया अब क्या करें? इसके अंतर्गत जब किसी ब्रांच को लेते हैं और उसकी पढ़ाई करते हैं और जब आपको डिप्लोमा का सर्टिफिकेट मिल जाता है पर आपके पास एक दरवाजा खुलता है जॉब करने का. दूसरा दरवाजा है आपको आगे पढ़ाई करने का.

डिप्लोमा करने के बाद आप किसी भी प्राइवेट या सरकारी कंपनी में जॉब कर सकते हैं या फिर इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेकर बी टेक कर सकते हैं. इस तरह अब ग्रेजुएशन करके डिग्री हासिल कर सकते हैं. जब हम सिर्फ पॉलिटेक्निक करके कोई जॉब करते हैं तो आपको डेजिग्नेशन भी उसी के हिसाब से जूनियर इंजीनियर का मिलता है और वही अगर जब आगे की पढ़ाई करते हैं और डिग्री हासिल करते हैं तो उसके आधार पर आपको अच्छी जॉब मिलती है. इसके साथ-साथ आपकी सैलरी भी बहुत अच्छी हो जाती है.

पॉलिटेक्निक के बाद बीटेक कैसे करें?

जवाब दसवीं खत्म करके पॉलिटेक्निक में एडमिशन लेते हैं तो उसके बाद आपके पास दो ऑप्शन होते हैं. आप वहां से एक जॉब ज्वाइन कर सकते हैं या फिर आप अपने आगे की पढ़ाई को जारी रख सकते हैं. जब आप पॉलिटेक्निक के अंतर्गत डिप्लोमा करते हैं तो फिर आपके पास बीटेक करने का भी रास्ता रहता है. इसमें आपको एक फायदा यह है कि जब दसवीं के बाद डिप्लोमा 3 साल के लिए करते हैं तो आपको जो सामान्यतः 4 साल का बीटेक का कोर्स होता है वह सिर्फ 3 साल ही करना होता है.

इसके लिए आपको एंट्रेंस एग्जामिनेशन में बैठना पड़ेगा. प्रवेश परीक्षा पास कर लेने के बाद में आपको एडमिशन मिल जाता है. आपको इंजीनियरिंग कॉलेज में लैटरल एंट्री के रूप में लिया जाता है. लैटरल एंट्री के लिए लिया जाने वाला एग्जामिनेशन lateral Entry Exam होता है. जब आप इस एग्जामिनेशन को पास कर लेते हैं तो आपको इंजीनियरिंग के पहले year से नहीं पढ़ाई करनी होती है बल्कि आपको सीधे दूसरे साल में एडमिशन मिल जाता है. एंट्रेंस एग्जामिनेशन में आप जितनी अच्छी रैंकिंग हासिल करेंगे आपको इतना अच्छा कॉलेज मिलेगा.

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के फायदे

  1. इसे करने के बाद आपको एक टेक्निकल सर्टिफिकेट हासिल होता है.
  2. पॉलिटेक्निक के आधार पर आपको तुरंत job भी मिल जाता है.
  3. इसके बाद आप जूनियर इंजीनियर बन जाते हैं और जूनियर इंजीनियर के पद के लिए अप्लाई कर सकते हैं इसके अलावा, लोको पायलट टेक्निकल असिस्टेंट, और बहुत सारे सरकारी पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं.
  4. यह इंटरमीडिएट के बराबर की मान्यता प्राप्त होता है.
  5. अगर आप डिप्लोमा की पढ़ाई अच्छे ढंग से करते हैं आपकी समझदारी इंटरमीडिएट किए हुए छात्र से ज्यादा होता है और इसके अलावा ज्ञान भी ज्यादा होता है.
  6. साधारण रूप से इंटरमीडिएट करने वाले छात्र जिस सरकारी जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं उसी जॉब के लिए डिप्लोमा छात्र अप्लाई कर सकते हैं.
  7. बीटेक करने के लिए जाते हैं तब से सीधे सेकंड ईयर में एडमिशन मिल जाता है.
  8. इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कामयाब होने के लिए एक सही रास्ता है.
  9. जब आप डिप्लोमा करके इंजीनियरिंग करने के लिए जाते हैं तो आपको काफी आसान होता है

संक्षेप में

दसवीं पास करने के बाद में स्टूडेंट अक्सर इसी टेंशन में होते हैं कि हमे क्या करें. जब तक सही कोर्स का चुनाव नहीं करेंगे तो अच्छा फ्यूचर नहीं होगा. जब अच्छा कोर्स चुन लेंगे तो फिर भविष्य अच्छा बन सकता है. इसीलिए आज की पोस्ट में हमने आपको बताया कि पॉलिटेक्निक क्या है (What is Polytechnic in Hindi) और इसके बाद क्या करें. इसके अलावा इस पोस्ट में हम ने यह भी बताया कि पॉलिटेक्निक सिलेबस में क्या-क्या पढ़ाई होती है. 12th के बाद पॉलिटेक्निक कैसे करते हैं इसके बारे में भी हमने जानकारी दी है इसके अलावा आप जो पॉलिटेक्निक के बाद और आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं उनके लिए भी हमने बताया कि पॉलिटेक्निक के बाद बीटेक कैसे करें.

स्टूडेंट्स को यह नहीं पता होता है कि पॉलिटेक्निक का कोर्स है अगर इसके फायदे क्या है. स्टूडेंट को अपना कैरियर बनाने के लिए किसी अनुभवी इंसान के मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है. अगर घर में पहले से ही कोई पढ़ा लिखा इंसान है. फिर उसे आसानी से गाइड मिल जाती है. लेकिन जिसके घर में कोई रास्ता बताने वाला ना हो तो फिर उसके लिए बहुत मुश्किल होती है. यही वजह है कि हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपको polytechnic courses details in hindi बताई. जो निश्चित रूप से आपके करियर के लिए फायदेमंद साबित होगा आपको यह भी बताया कि पॉलिटेक्निक के अंतर्गत कौन-कौन से जिनमें से आप अपने पसंदीदा कोर्स की पढ़ाई कर सकते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि इस पोस्ट से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी तो इसे फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम में अधिक से अधिक शेयर करें.

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