पटवारी कैसे बने?

आज के इस कंपटीशन युग में लगभग सभी विद्यार्थियों का सपना सरकारी नौकरी को हासिल करना होता है, वह सरकारी नौकरी को प्राप्त करने के लिए मेहनत और लगन से पढ़ाई करते हैं क्योंकि सरकारी नौकरी हमें रुतबा पावर दोनों पैदान करती है. 

हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको पटवारी कैसे बने? इससे जुड़ी सारी जानकारी को विस्तार पूर्वक बताने जा रहे हैं.

पटवारी क्या है? 

सभी सरकारी नौकरियों के जैसा पटवारी भी एक सरकारी नौकरी है जिसे बहुत से स्टूडेंट पाना चाहते हैं और इसे हासिल करने के लिए वह अपनी पढ़ाई बहुत ही मेहनत और लगन पूर्वक करते हैं.

पटवारी नौकरी एक सरकारी नौकरी होती है जो लगभग विद्यार्थी का लक्ष्य होता हैं. पटवारी राजस्व विभाग के कर्मचारी के रूप में होता है जिसे अलग अलग स्थानों में अलग अलग नाम से पुकारा जाता है जैसे पटेल, लेखपाल, कारनाम अधिकारी इत्यादि. 

इन सभी विभिन्न प्रकार के नामों से पटवारी को विभिन्न स्थानों में कहा जाता है.

पटवारी नौकरी सदियों से चली आ रही एक सरकारी नौकरी है जिसकी शुरुआत शेर शाह सूरी शासन के दौरान की गई, उस समय इस शासन में पटवारी का काम सभी जमीनों की जानकारी को रखना होता था, शेर शाह सूरी शासन के पश्चात इस पटवारी पद को अकबर द्वारा आगे बढ़ाया गया. 

इस तरह पटवारी पद आज तक इस भारत के अन्य सरकारी नौकरियों के साथ-साथ मौजूद है जिसे पाना लगभग विद्यार्थियों का सपना होता है.

पटवारी भारत के विभिन्न राज्य में सरकार का एक प्रशासनिक पद होता है जिसे उस राज्य के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों के जमीनों का लेन देन तथा अन्य जमीन की जानकारी पता होता है.

पटवारी सरकार का प्रशासनिक पद होता है जिसे लगभग स्टूडेंट्स इस पद को प्राप्त करने के लिए अपनी पढ़ाई इमानदारी पूर्वक के साथ-साथ मेहनत और लगन से करते हैं ताकि उनका चयन पटवारी पद में हो सके.

पटवारी के कार्य

पटवारी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक कर्मचारी के रूप में काम करते हैं. हर राज्य में पटवारी सरकार का एक प्रशासनिक पद होता है जो राज्य के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रकार के क्षेत्रों में, जमीन का लेनदेन की प्रक्रिया पूरी करते हैं तथा जमीन की सारी जानकारी रखते है. 

राज्य के अंतर्गत आने वाले सभी गांव के क्षेत्रों में हर जमीन की जानकारी एक पटवार पास होती है जैसे:

  • जमीन की लागत क्या है? 
  • किस तरह का जमीन है? 
  • जमीन की लंबाई चौड़ाई कितनी है? 

इस प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां एक पटवारी के पास होता है.

गांव के हर क्षेत्र में जहां जमीन का लेनदेन होता है यह प्रक्रिया एक पटवारी द्वारा की जाती है जिसमें जिस भी जमीन का लेनदेन किया जाता है.

उस जमीन की सारी जानकारी पटवार पास होनी चाहिए, उस जमीन के बारे में लेखपाल पता करते हैं और जांच करते हैं कि यह जमीन फोर्जरी है या ओरिजिनल इसके तत्पश्चात वे लेनदेन की प्रक्रिया को पूरी करते हैं तब जाकर कोई व्यक्ति जमीन को खरीद या बेच सकता है.

पटवारी बनने का तरीका 

पटवारी एक सरकारी नौकरी होती है जो हर राज्य में सरकार का एक प्रशासनिक पद होता है जिसमें वे उस राज्य के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों के जमीनों का संपूर्ण जानकारी रखते हैं.

इसके साथ साथ जमीन की लेनदेन भी एक पटवारी द्वारा ही की जाती है.

यदि आपको भी पटवारी बननी है तो पटवारी से संबंधित सभी जानकारियां आपको पता होना आवश्यक है. 

राज्य सरकार समयानुसार पटवारी पद के लिए वैकेंसी जारी करते हैं जिसमें इच्छुक उम्मीदवार इस वैकेंसी को भरते हैं और इसकी परीक्षा की तैयारी इमानदारी पूर्वक करना शुरू कर देते हैं. 

उम्मीदवारों द्वारा इस परीक्षा के हर नियमों का पालन किया जाता है इसके साथ साथ यदि वे परीक्षा में पास होते हैं तो उन्हें पटवारी पद दी जाती है.

पटवारी पद की योग्यताएं

सरकारी नौकरी को पाना आज के इस युग में बहुत ही महत्वपूर्ण है इसलिए हर एक विद्यार्थी सरकारी की नौकरी को पाने के लिए पूरी लगन से तैयारी में जुटे रहते हैं.

यदि आप भी पटवारी बनना चाहते हैं तो आपको मान्यता प्राप्त महाविद्यालय से 12वीं पास होना अनिवार्य है, आप 12वीं की पढ़ाई साइंस कॉमर्स या आर्ट्स इत्यादि सब्जेक्ट को लेकर कर सकते हैं.

इसके पश्चात आपको स्नातक डिग्री भी किसी भी विषय से पूरी करनी होगी.

पहले के समय में पटवारी पद का प्रमोशन नहीं किया जाता था तथा 12वीं पास योग्यता की मांग थी लेकिन अब पटवारी पद का प्रमोशन की प्रक्रिया जारी कर दी गई है जिसमें उन उम्मीदवारों का प्रमोशन होता है जो स्नातक डिग्री के दौरान पटवारी पद हासिल किए हैं.

इसलिए आज की जनरेशन में पटवारी बनने के लिए आपको 12वीं के साथ-साथ स्नातक डिग्री भी प्राप्त करनी होगी. एक पटवारी बनने के लिए आपको स्नातक डिग्री के साथ-साथ किसी मान्यता प्राप्त कोचिंग से 1 वर्ष की कंप्यूटर डिप्लोमा लेना आवश्यक है.

पटवारी बनने की आयु सीमा 

पटवारी बनने के लिए आयु सीमा 18 से 40 साल तक की होती है जिसमें वही उम्मीदवार पटवारी के फॉर्म भर सकते हैं जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच में होती है. 

अन्य राज्यों में पटवारी बनने के लिए आयु सीमा अलग-अलग होती है तथा आरक्षित वर्ग के छात्राओं के लिए सरकार द्वारा छूट भी दी जाती है.

कंप्यूटर कोर्स करें

हर एक उम्मीदवार जो पटवारी के लिए फॉर्म अप्लाई करते हैं उन्हें ग्रेजुएशन करने के साथ-साथ 1 साल का कंप्यूटर डिप्लोमा करना आवश्यक है.

पटवारी पद में कंप्यूटर की बेसिक नॉलेज की जांच की जाती है इसलिए हर एक उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त कोचिंग द्वारा कंप्यूटर डिप्लोमा की कोर्स करना आवश्यक है.

यदि आप भी पटवारी बनना चाहते हैं तो आपको भी स्नातक डिग्री के दौरान कंप्यूटर की बेसिक जानकारियों को हासिल करना अनिवार्य है तभी जाकर आप एक पटवारी बन सकते हैं.

यदि आपने कंप्यूटर डिप्लोमा की अपेक्षा बीएससी बीसीए तथा कंप्यूटर साइंस BE किया है तब भी पटवारी के लिए फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं.

पटवारी एग्जाम की तैयारी कैसे करें? 

पटवारी परीक्षा सभी सरकारी परीक्षाओं में से एक है जिसमें हिंदी अंग्रेजी तथा अन्य पांच विषय की पढ़ाई करना अनिवार्य है.

इन सभी विषयों की पढ़ाई को आप एक कोचिंग द्वारा पढ़ सकते हैं इसके साथ साथ ऑनलाइन क्लास कर इस परीक्षा की तैयारी भी कर सकते हैं.

सिलेबस की जानकारी

कोई भी विद्यार्थी चाहे किसी भी नौकरी के लिए फॉर्म अप्लाई करते हैं उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपने परीक्षा से संबंधित सिलेबस की जानकारी रखें क्योंकि बिना सिलेबस की जानकारी रखें आप परीक्षा में पास नहीं हो पाएंगे  

ऐसा इसलिए है क्योंकि जब तक आप सिलेबस नहीं देखोगे आप को पता नहीं चलेगा कि किस किस विषय में हमें कितना कितना टॉपिक पढ़ना है.

यदि आप सिलेबस की जानकारी रखते हैं और सिलेबस में दिए गए सभी विषयों की टॉपिक के आधार पर किसी इंस्टीट्यूट द्वारा या ऑनलाइन का द्वारा पढ़ते हैं तो आप इस एग्जाम को क्लियर करने में सक्षम हो पाएंगे.

पटवारी बनने के लिए जाने सारे कोर्स

पटवारी की परीक्षा के लिए प्राया 5 विषयों में पढ़ाई करनी होती है जैसे हिंदी, इंग्लिश, मैथ, कंप्यूटर तथा जीके एवं करंट अफेयर. इन सभी कोर्सो को पटवारी परीक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं उम्मीदवारों को पढ़ना होता है.

इन सभी विषयों के अंतर्गत इनसे संबंधित बहुत से प्रश्न भी पूछे जाते हैं जैसे हिंदी विषय के अंतर्गत संधि काल, क्रिया, वाक्यांश इत्यादि से प्रश्न पूछे जाते हैं. अंग्रेजी विषय के अंतर्गत वोकैबलरी, एनोनिमस, ग्रामर,फ्रेसेस इत्यादि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं. 

हर एक उम्मीदवार जो पटवारी की परीक्षा की तैयारी कर रहे होते हैं उन्हें गणित में अपनी पकड़ बहुत ही अच्छी रखनी होती है जैसे गणित से संबंधित, नंबर सिस्टम, दसमलाव, औसत तथा अनुपात इत्यादि से प्रश्न आते हैं.

सभी विषयों के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस से भी बहुत से पिको पर प्रश्न आती है जैसे इनपुट डिवाइस आउटपुट डिवाइस तथा ऑपरेटिंग सिस्टम जो कंप्यूटर का एक बेसिक जानकारी होता है.

 इन सभी के अलावा जीके और करंट अफेयर के अंतर्गत रसायन विज्ञान, खेल दिवस तथा भारतीय संविधान इत्यादि टॉपिको से प्रश्न पूछे जाते हैं.

टाइम टेबल 

 इस परीक्षा की तैयारी करने के लिए उम्मीदवारों को टाइम मैनेजमेंट करना बहुत ही आवश्यक है इसलिए टाइम मैनेजमेंट के लिए टाइम टेबल का होना बहुत ही जरूरी है. 

हर एक उम्मीदवार जो परीक्षा की तैयारी कर रहे होते हैं उन्हें अपनी पढ़ाई टाइमटेबल के अनुसार पढ़नी चाहिए क्योंकि टाइम टेबल से हमें पता चलता है कि हम किस विषय में कितना समय दें ताकि वह विषय में हमारा पकड़ अच्छा बना रहे. 

टाइम टेबल से पढ़ने से विद्यार्थियों की सिलेबस बहुत ही आसानी से पूरी होती है इसलिए हर एक विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई करनी चाहिए.

कमजोर विषय पर ध्यान दें

अपने कमजोर विषयों पर ज्यादा ध्यान दें क्योंकि अधिकतर विद्यार्थी अपने कमजोर विषयों को नजरअंदाज कर इंटरेस्टेड विषयों में ज्यादा ध्यान देते हैं जिससे उनका चयन नहीं हो पाता इसलिए हमें अपने सभी विषयों की अपेक्षा  कमजोर विषयों में ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता होती है. 

यदि हम अपने कमजोर विषय में ज्यादा ध्यान देकर उसमें अच्छा पकड़ बना ले तो इससे हमारा सभी विषयों में कमांड बना रहेगा और इससे हम अपने एग्जाम में आसानी पूर्वक सभी प्रश्नों का हल कर सकते हैं.

पटवारी की परीक्षा 

हाय एक विद्यार्थी जो 12वीं पास करने के बाद स्नातक डिग्री प्राप्त किए हैं वह इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं तथा इसके दौरान उन्हें इस परीक्षा से संबंधित सिलेबस की जानकारी होना आवश्यक है. 

इन सभी बातों को ध्यान में रखने के बाद यह जानना जरूरी है की एग्जाम कितने स्टेप में लिया जाता है? 

पटवारी की परीक्षा 2 स्टेप में पूरी होती है:- 

  1. लिखित परीक्षा.
  2. साक्षात्कार.

लिखित परीक्षा

इस परीक्षा में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाते हैं जो 100 अंक के होते हैं, इसके साथ इस परीक्षा को लिखने में आपको 90 मिनट का टाइम दिया जाता है जिसमें आपको 100 अंकों में 80 अंक लाना अनिवार्य है तभी आप लिखित परीक्षा में पास हो पाएंगे.

साक्षात्कार

जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा को पास करने में सक्षम होते हैं उसके दौरान उन्हें साक्षात्कार के लिए अधिकारियों द्वारा बुलाया जाता है और वहां उनकी पर्सनालिटी, मेंटालिटी, एबिलिटी इत्यादि देखी जाती है.

पटवारी बनने  के लिए आवेदन करें 

यदि आप भी पटवारी नौकरी पाना चाहते हैं इसके लिए आप एग्जाम की तैयारी भी कर रहे हैं तो आपको परीक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा निकाली गई वैकेंसी में आवेदन करना होगा

इसके पश्चात आपको एग्जाम की तैयारी के लिए समय दिया जाता है फिर एग्जाम की डेट निकलती है और इसके साथ एडमिट कार्ड भी मिलता है. 

कुछ समय बाद पटवारी की परीक्षा ली जाती है जो दो स्टेप में होती है लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार. जो उम्मीदवार इन दोनों परीक्षाओं में उत्तीर्ण होते हैं वे पटवारी बनने में सफल हो पाते हैं.

पटवारी की भर्ती 

पटवारी एक राजस्व के कर्मचारी का एक पद होता है जो सरकार का प्रशासनिक पद के रूप में कार्य करता है. यदि आप पटवारी बनना चाहते हैं तो आप को जमीन से संबंधित सभी जानकारियों को रखना अनिवार्य है क्योंकि इस पद में जमीन की लेनदेन जमीन की सारी जानकारी एक पटवारी के पास होना आवश्यक होता है.

राज्य सरकार द्वारा इस पटवारी पद के लिए वैकेंसी जारी की जाती है जिसमें इच्छुक उम्मीदवार अपने अनुसार पटवारी पद के लिए आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन करने के दौरान विद्यार्थियों को इसकी परीक्षा के अनुसार तैयारी करनी होती है तत्पश्चात एग्जाम के लिए डेट निकाला जाता है जिस में एडमिट कार्ड मिलती है.

परीक्षा दो स्टेट में ली जाती है पहला लिखित और दूसरा साक्षात्कार इसके पश्चात इसकी रिजल्ट की घोषणा की जाती है जिसमें चयन हुए उम्मीदवार को उनके अंगों के अनुसार पटवारी पद दिया जाता है.

पटवारी पद हासिल करने के लिए उम्मीदवार को 100 में से 80% अंक लाना अनिवार्य है तभी जाकर उनका सिलेक्शन हो पाना मुमकिन होता है.

पटवारी की सैलरी

पटवारी पद में चयन हुए उम्मीदवार राजस्व के कर्मचारी के रूप में काम करते हैं जो सरकार के अंतर्गत दी जाने वाली एक महत्वपूर्ण पद होती है जिसमें वह जमीन से संबंधित सभी क्रियाकलापों को पूरा करते हैं. इसकी सैलरी 5200 से 20000 तक की होती है.

निष्कर्ष

 पटवारी बहुत ही महत्वपूर्ण सरकारी नौकरी है जिसमें जमीनों के आदान प्रदान की प्रक्रिया पटवारी द्वारा संपन्न होती है. हम इस आर्टिकल के माध्यम से पटवारी कैसे बने? इससे संबंधित सारी जानकारियों को विस्तृत रूप में बताएं है.

आता है आपको हमारा आर्टिकल  पसंद आया हो. यदि आपको पसंद आया हो तो आप इसे दोस्तों में जरूर शेयर करें.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

Leave a Comment