लोन क्या है इन हिंदी और इसके प्रकार क्या है?

अक्सर आपने लोगों के मुँह से लोन के बारे में सुना होगा और वो बैंक में क़र्ज़ लेने के लिए अप्लाई करते हैं और आवेदन मंजूर हो जाने के बाद उन्हें लोन के पैसे भी मिल जाते हैं लेकिन क्या आपको मालूम है की लोन क्या है इन हिंदी (What is loan in hindi). भारत जैसे देश में अधिकतर लोग मिडिल क्लास फैमिली वाले होते हैं. चाहे घर बनाना हो, पढाई करनी हो, कार लेना हो माध्यम वर्ग के परिवार के लिए इतना आसान नहीं होता है की वो ये सब खुद के कमाए पैसे से कर ले. ऐसी सूरत में उनके इन सभी कामों को पूरा करने के लिए बैंक से पैसे उधार लेना पड़ता है. जिसे वो बाद में हर महीने अपनी कमाई के अनुसार चूकाते हैं और कुछ एक्स्ट्रा पैसे देकर अपने लिए हुए लोन को ख़तम करते हैं.

जब एक परिवार होता है तो उसमे अनेक तरह की जरुरत आती रहती है. बच्चे जब बड़े हो जाते हैं तो उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाना माता पीता हर मुमकिन कोशिश करते हैं और चाहते हैं की उनके बच्चे अछि पढाई कर के अपना करियर बना सके और जीवन में कामयाब होकर सेटल होआ जाएँ. हाई स्कूल ख़तम हो जाने के बाद बच्चों की पढाई का खर्च काफी होता है जो की सालाना लाख रूपये से भी अधिक होता है. एक से अधिक बच्चे हो तो हर बच्चे की अच्छी शिक्षा के लिए माँ- बाप को काफी मशक्कत करनी पड़ती है. यही वजह है की लोन इस मामले में ऐसे लोगों की मदद करती है. इसी तरह की कई जरुरत होती है जो एक आम आदमी के लिए मुमकिन नहीं होता है और बैंक से मिलने वाले लोन से पूरा करते हैं लेकिन क्या आपको पता है की लोन कितने प्रकार होते हैं (types of loan in hindi). इस पोस्ट को पूरा पढ़ते पढ़ते आप समझ जायेंगे की लोन क्या होता है (What is loan in hindi). साथ ही ये भी जानेंगे की लोन के प्रकार क्या है .

लोन क्या है – What is loan in hindi

loan kya hai hindi

जब कोई व्यक्ति या कंपनी अपने निजी काम को पूरा करने के लिए बैंक से क़र्ज़ लेती है और जिसे बाद में कुछ इंटरेस्ट के साथ चुकाना पड़ता है तो इस को हम लोन कहते हैं. लोन लेने के कई कारण हो सकते हैं और उस कारण के अनुसार लिया जाने वाला लोन भी उसी प्रकार से दिया जाता है. जैसे अगर घर खरीदना हो तो उसके लिए लिया जाने वाला क़र्ज़ होम लोन कहलायेगा. पर यदि कोई निजी काम हो तो उसके लिए इंसान पर्सनल लोन लेते हैं.

लोन की परिभाषा – Definition of loan in hindi  

जब कोई इंसान, कारोबार, राज्य या देश ख़ास तौर पर बैंक से क़र्ज़ लेता हो और किसी ख़ास समय के अंदर उस लोन की राशि के साथ उस पर लगा इंटरेस्ट चुकता हो तो फिर उसे लोन कहते हैं. लोन लेने के वक़्त ही बैंक अपने कस्टमर यानी ऋण लेने वाले व्यक्ति, कंपनी, देश के साथ इस बात की सहमति कर लेता है की उस लोन के लिए प्रति वर्ष इंटरेस्ट कितना % लगेगा और राशि कितने समय के अंदर चुकानी है.

लोन देने के पहले ही बैंक इस बात के लिए संतोष होता है वो जिसे भी लोन दे रहा है क्या वो लोन की रकम वापस करने के काबिल है या नहीं.  इसके लिए बैंक लोन लेने वाले के पास कितनी प्रॉपर्टी है इसकी जानकारी लेता है और ये भी बता देता है की अगर किसी कारणवश लोन की रकम समय अंतराल के अंदर अगर जमा नहीं होता है तो उसकी प्रॉपर्टी जब्त कर ली जायेगी. ठीक इसी प्रकार अगर किसी ने कार ख़रीदा और और कुछ महीने  पैसे देने के बाद वो इस काबिल नहीं की पैसे दे सके तो बैंक उसकी कार को जब्त कर लेती है  अपने पैसे वसूल कर लेती है.

लोन के प्रकार – types of loan in hindi

जब कोई बैंक जाकर वहां पर लोन के लिए अप्लाई करता है तो सबसे पहले बैंक वाले ये सवाल करते हैं की आपको किस तरह का लोन चाहिए. इसका मतलब है की जैसी जरुरत वैसा लोन का प्रकार. ऐसा नहीं है की आपने क़र्ज़ माँगा और बैंक वाले आपको ऐसे ही पैसे दे देंगे बल्कि आपको किसी भी एक लोन के प्रकार को अपनी जरुरत के अनुसार बताना ही होगा.

Personal Loan

पर्सनल लोन बैंक द्वारा किसी व्यक्ति को निजी कामों को पुरा करने के लिए दिया जाने वाला लोन है. ये एक व्यक्तिगत लोन होने के साथ साथ unsecured loan यानी असुरक्षित लोन होता है. इस में इंटरेस्ट रेट बाकि लोन की तुलना में अधिक होता है. ज्यादातर बैंक अपने कस्टमर को पर्सनल लोन  सुविधा देते हैं. पर्सनल लोन से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल लेने वाला व्यक्ति किसी भी काम के लिए कर सकता है. मान लीजिये घर के लिए शादी के खर्च के लिए, कहीं घूमने जाने के लिए, फ्रिज लेना हो, वाशिंग मशीन लेना हो तो भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. पर्सनल लोन लेना काफी शासन है क्यों की इसमें लेने का प्रोसेस बहुत आसानी से पूरा हो जाता है.

पर्सनल लोन अपनी हर तरह की छोटे बड़े कामों को पूरा करने में इस्तेमाल किया जाता है. अक्सर आजकल बैंक की तरफ से पर्सनल लोन लेने के लिए कॉल या  मैसेज आते रहते हैं. लेकिन पर्सनल लोन लेने के पहले इस में लगने वाले इंटरेस्ट के बारे में अच्छे से जानकारी जरूर लें क्यों की मैंने पहले ही बता दिया है की इसमें इंटरेस्ट रेट अधिक होता है. आप पर्सनल लोन तभी लेने जाएँ जब आपको बहुत अधिक जरुरत हो या फिर इमरजेंसी हो.

Home loan

किस की खवाहिश नहीं होती की अपना एक घर हो. लगभग हर इंसान का सपना होता है की उसका अपना घर हो. लेकिन कई ऐसे लोग होते हैं जो ाचा काम करते हैं और पैसे भी कमाते हैं लेकिन इस काबिल नहीं होते की घर खरीद सके. तो इस सूरत में उन्हें बैंक की तरफ अपना रुख करना पड़ता है. बैंक महीने के क़िस्त के आधार पर ऐसे जरूरतमंद कस्टमर को होम लोन approve कर के देती है. इस तरह होम लोन की रकम बहुत ज्यादा होतो है और जिसे इंटरेस्ट के साथ चुकाने के लिए लम्बा समय रखा जाता है. लोगों को अपने सारे पैसे मासिक इन्सटॉलमेंट के रूप में 20-30 सालों में पुरे देने होते हैं.

गृह ऋण मध्यम वर्ग के लोगों के लिये बहुत ही फायदेमंद होता है जो जिंदगी भर भी काम कर के अपने लिए घर बनाने में समर्थ नहीं होते. ऐसे लोगों का सपना होता है और उसी सपने को इस के सहारे पूरा करते हैं.

Education loan

हाई स्कूल खत्म करने के बाद लोग अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर बनाना चाहते हैं. इस तरह के सभी कोर्स  को करने के लिए काफी पैसे लगते हैं. किसी घर में 2 से अधिक बच्चे हो तो माँ बाप के लिए हर बच्चे को इस तरह की पढाई करने के लिए काफी परेशानी होती है. एक आदमी जो माध्यम वर्ग में आता है उसके लिए तो ये लोहे के चने चबाने वाला हाल होता है.

बच्चों की पढाई के लिए जो पैसे क़र्ज़ के रूप में पढाई करने वाले छात्रों की फीस भरने के लिए दिया जाता हैं और जिसे पढाई पूरी करने के बाद नौकरी लगने के बाद वही छात्र बैंक को चुकाता है उसे एजुकेशन लोन कहते हैं. सभी बैंक एजुकेशन के लिए बच्चो को पैसे approve कर के देते हैं. इस के लिए एक गारंटर की जरुरत होती है जिसके जिम्मेदारी में इस क़र्ज़ को पास किया जाता है. गारंटर के तौर पर छात्र का पीता या फिर कोई अन्य व्यक्ति जो उसका रिस्तेदार हो और जिसका उसी बैंक में अकाउंट हो.

Car loan

कौन नहीं चाहता की  उसका अपना घर हो और घर में एक कार हो ये सब  फॅमिली भी पूरा लगता है.  लोगों का पहला सपना तो घर होता है लेकिन दूसरा सपना होता कार. सभी ये चाहते हैं की घर से बाहर जाएँ तो एक साथ परिवार के लोग जाएँ. लेकिन नौकरी करने वाले लोगों के लिए ये बहुत ही मुश्किल काम है की कार खरीद सके. लोगों के इसी सपने को पूरा करने के लिए बैंक कार लोन  सुविधा देती है. सभी बैंक इस तरह से नौकरी करने वाले लोगों को कार खरीदने का अवसर देती है.

अगर आपकी भी खवाहिश है की घर में आपके भी एक कार हो तो आपका ये सपना भी जरूर पूरा होगा और आपको इसके लिए बैंक जाकर उनकी शर्तों को पूरा करना है. फिर कार के लिए मासिक शुल्क एक निश्चित समय में पूरा कर देना है. इस में आपको टेंशन  क्यूंकि इस में इंटरेस्ट रेट काफी कम है.

Credit card loan

मान लीजिये आपने पहले से होम लोन और कार लोन लिया हुआ है और अचानक आपको पैसे की जरुरत पड़ गई तो फिर इस सूरत में आपके लिए क्रेडिट कार्ड लोन आपके लिए राहत देने का काम कर सकता है. इस के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं. ये एक तरह से पर्सनल लोन से अच्छा है क्यों की ये बहुत ही आसानी से मिल जाता है. इस में भी पर्सनल लोन की ही तरह एक टाइम पीरियड के अंदर में लिए गए राशि को इंटरेस्ट के साथ भरना पड़ता है.

जब आप पर्सनल लोन लेने का इरादा करते हैं तो इस के लिए आपको बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 16, पे स्लिप, KYC और दूसरे डाक्यूमेंट्स जमा करने पड़ते हैं. इन कामों की वजह से इसके पास होने में थोड़ा समय लगता है. लेकिन अगर हम बात करें क्रडिट कार्ड ऋण की तो इस में जब आप इसके कस्टमर केयर को बात कर के इसके लिए अप्लाई करते हैं तो एक से दो  दिनों में पैसे आपके अकाउंट में मिल जाता है.

इस में लगने वाला इंटरेस्ट रेट पर्सोनल ऋण की तुलना में काफी कम होता है. इसीलिए क्रेडिट कार्ड की बात करें तो ये पर्सनल ऋण से अधिक फायदेमंद है. इसमें ध्यान रखने और नोट करने वाली बात ये है की पर्सनल में रेडूसिंग रेट यानि amount घटने के साथ इंटरेस्ट रेट भी घट जाता है वही क्रेडिट कार्ड में फ्लैट रेट लगता है. अगर आप  लॉन्ग टर्म का प्लान  इस सूरत में पर्सनल ऋण ही फायदेमंद होगा.

Business Loan

हमारे देश भारत की जनसँख्या बहुत अधिक है और यही वजह है की बेरोज़गारी की समस्या भी बहुत है. पढ़े लिखे और वेल एडुकेटेड होने के बावजूद भी  नौकरी नहीं मिलती क्यों की इतनी उद्योग नहीं हैं. यही वजह है की इस स्थिति को सुाधरने के लिए भारत सरकार ने कई तरह की स्किम की शुरुआत की है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना इसका एक उदाहरण है जिसके जरिये आप सरकार से पैसे प्राप्त करते हैं और इस तरह के कई और स्कीमें हैं जिनसे आप सरकर के द्वारा पैसे प्राप्त करते हैं.

सरकार की तरफ से आप बिज़नेस शुरू करने के लिए 50000 से लेकर 10 लाख तक का लोन ले सकते हैं. अब तो आपको समझ में आ ही गया होगा की कारोबार शुरू करने के लिए जो पैसे बैंक से हमे मिलता है वही बिज़नेस लोन कहलाता है.

जब आप इस के लिए अप्लाई करते हैं तो आपको सबसे पहले अच्छा प्लान तैयार कर लेना होगा. आप जिस बी बैंक में जायेंगे तो वो आपसे आपके द्वारा शुरू किये जाने वाले बिज़नेस का प्लान पूछेंगे ताकि वो संतुष्ट  हो जाएँ की आपका प्लान अच्छा है. अपने बिज़नेस का कॉस्ट एस्टिमेशन जरूर करें ताकि राशि के बारे में बताते वक़्त किसी तरह का consfusion न हो. बैंक आपके बिज़नेस के बारे  पूरी तरह से जानकारी लेंगे अगर वो संतुष्ट हो जायेंगे की आपका बिज़नेस वास्तव में मुनाफा कमायेगा और निश्चित समय तक पैसे लौटा देंगे तभी बैंक आपको क़र्ज़ देने के लिए तैयार होगा.

Gold Laon

आजकल अक्सर हमलोग टीवी पर गोल्ड लोन से जुड़े विज्ञापन देखते रहते हैं. इस में बताया जाता है किस तरह आप जरुरत पड़ने पर अपने सोने के बदले उधार ले सकते हैं और उधार के पैसे को चूका के फिर अपना सोना वापस पा सकते हैं. ये तरीका अब भारत में काफी तेज़ गति से फ़ैल रहा है. हमारी सभ्यता ऐसी है जहाँ माध्यम वर्ग के परिवार ज्यादा हैं. आभूषणों में सोने का चलन काफी ज्यादा होता है. किसी फंक्शन, पार्टी या प्रोग्राम में औरतें सोना पहन कर ही जाना पसंद करती हैं. शादी में ख़ास तौर पर लड़की के लिए जेवर बनाये जाते हैं और सोने से बने जेवरात दिए जाते हैं. इस तरह ये एक प्रॉपर्टी है जो लगभग हर परिवार में होती है.

जब कभी लोगों को पैसे की जरुरत होती है और कोई रास्ता नहीं दिखाई देता तो इस सूरत में बैंक ने इस स्कीम के जरिये लोगों को एक  सुरक्षित तरीका दिया है जिससे लोग सीधे बैंक में जाकर अपने  सोने को जमा कर के उसके बदले में पैसे ले सकते हैं. पहले किसी ऐसे लोग के पास जाते थे जो सोना गिरवी रख क्र पैसे देता था और इस में बहुत रिस्क होता था. बैंक ने इसे सबके लिए सुविधाजनक बना दिया है.

Property loan

जीवन के अनेक पहलु होते हैं. इन पहलुओं को बेहतर बनाने के लिए और अपने जीवन स्तर को सुधारने के लिए लोग पैसे कमाकर जमीन खरीदते हैं, घर बनाते हैं, जेवरात जमा करते हैं गाड़ियां खरीदते हैं. इस तरह  अपनी जिंदगी को बेहतरीन तरीके से जीने के लिये हर आराम दायक चीज़ खरीदते हैं. धीरे धीरे बहुत अच्छी प्रॉपर्टी तैयार हो जाती है. मुसीबत का क्या है कभी भी आ जाती है. जब मुसीबत आती है तो चरों तरफ से आती है. ऐसे वक़्त में रिश्तेदार और सगे सम्बन्धी में मदद नहीं करते और पीछे हट जाते हैं. कभी कभी इतने पैसे की जरुरत पड़ जाती है जितनी हमें कमाने में कई साल लग सकते हैं.

इस सूरत में हमारे पास एक ही विकल्प बचता है और वो है हमारी प्रॉपर्टी. हम जब अपने घर, ज़मीन या खेत को गिरवी रख कर बैंक से पैसे लेते हैं तो इसे प्रॉपर्टी लोन बोला जाता है. जब आप इसके लिए बैंक जाते हैं तो वो आपकी पूरी प्रॉपर्टी के मूल्य का अंदाज़ा लगा लेते हैं. उसके बाद देखते हैं की आप उनकी राशि को  चुका सकेंगे या नहीं. इसके आधार पर वो  राशि का निर्णय लेते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की प्रॉपर्टी के आधार पर 50-70% तक की राशि दी जाती है. इस में ली गई राशि को चुकाने के लिए मैक्सिमम आपको 15 साल का वक़्त दिया जाता है.

Project loan

ये भी उसी केटेगरी में आता है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता होता है.  जिस तरह लोग बिज़नेस शुरू करने के लिए बैंक से पैसे लेते हैं ठीक उसी तरह ही कुछ लोग अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पैसे लेते हैं उसे प्रोजेक्ट लोन कहा जाता है. लेकिन इस मे बैंक बहुत मुश्किल से पैसे देती है. जब बैंक को पूरी तरह से ये लगता है की प्रोजेक्ट लाभदायक है तभी वो पैसे उधार देती है.

संक्षेप में

आप ने आज जाना की लोन क्या है इन हिंदी (What is loan in hindi) और इसके प्रकार क्या है. आज के समय में लगभग हर इंसान को कभी न कभी लोन लेने  पड़ ही जाती है चाहे वो पर्सनल, कार, एजुकेशन, बिज़नेस के लिए ही क्यों न लेना पड़े लेकिन लेना जरूर पड़ जाता है. घर में अनेक तरह की जरुरत पड़ती है जिसे पर्सनल ऋण से पूरा करते हैं. बच्चे को पढ़ाने के लिए एजुकेशन के लिए भी पैसे बैंक से लेने पड़ते हैं.

वैसे तो बहुत तरह के लोन होते हैं लेकिन हर किसी को इसके बारे में जानकारी नहीं होती है की लोन के प्रकार क्या हैं और कौन सा कब लेना चाहिए. अगर सही चुनाव करते हैं और सबकी जानकारी रखते हैं तो बुरे वक़्त में बहुत काम आएगा. उम्मीद करता हूँ की आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होगी. अगर ये पसत पसंद आयी हो तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम,व्हाट्सएप्प में अधिक से अधिक शेयर करें.

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