LLB कैसे करें और इसके लिए क्वालिफिकेशन

कुछ युवा बड़े होकर वकील बनना चाहते हैं और केस लड़ने की ख्वाहिश रखते हैं. लेकिन यह नहीं मालूम होता है कि वकालत कैसे की जाती है और वकील कैसे बनते हैं. यही वजह है कि आज के इस पोस्ट में हमने आपको यह बताने की सोची की एलएलबी कैसे करे और इसका फुल फॉर्म क्या है?

स्कूल में पढ़ते वक्त मालूम नहीं होता है कि आखिर वकालत की पढ़ाई कब की जाती है. जब आपको सुनने को मिलता है तो पता चलता है कि यह ग्रेजुएशन के बाद होती है लेकिन ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी कैसे करें इसके बारे में जानकारी नहीं होती.

बीए के बाद एलएलबी कैसे करें इसकी जानकारी हम इस पोस्ट में आपको देंगे जिससे आपको एलएलबी की जानकारी हिंदी में सरल भाषा में समझ में आ जाए.

अगर आपके दिमाग में भी इस तरह के सवाल घूम रहे हैं तो कोई बात नहीं आप सही जगह पर हैं आपको यहां पर वकालत से जुड़ी हर जानकारी मिल जाएगी लोग वकील कैसे बनते हैं और एलएलबी करने के लिए ऐज कितनी होने चाहिए इसके बारे में भी आपको अच्छे से समझ में आएगा. बिना देरी किए हुए चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं कि एलएलबी की फीस कितनी है?

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एलएलबी क्या है – What is LLB in Hindi?

llb kaise kare hindi

Legum Baccalaureus या LLB एक बैचलर ऑफ़ लॉ डिग्री है जो भारत के कई प्रसिद्ध कॉलेजों द्वारा उम्मीदवारों को दी जाती है. हालांकि, उम्मीदवार इस कानून पाठ्यक्रम को केवल तभी आगे बढ़ा सकते हैं, जब उनके पास स्नातक की डिग्री हो.

भारत के सभी लॉ कॉलेजों में एलएलबी कोर्स कराया जाता है जोकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा रेगुलेटेड होता है जो कि बहुत ही करीबी रूप से सुपर विजन किया जाता है.

एलएलबी का कोर्स 3 सालों का होता है और इस लॉ प्रोग्राम को इस प्रकार बनाया गया है कि इसमें पूरे कोर्स को 6 सेमेस्टर में बांट दिया गया है.

किसी भी उम्मीदवार को एलएलबी की डिग्री तभी दी जाती है जब वह 6 सेमेस्टर यानी कि 3 सालों के कोर्स को सफलता के साथ पूरा कर लेता है.

जब कोई उम्मीदवार एलएलबी का कोर्स करता है चाहे वह किसी भी कॉलेज से करें उसे अपना Theory क्लास , moot courts, internship और ट्यूटोरियल वर्क सभी रेगुलर करना होता है.

भारत में वकालत का कोर्स करने के लिए बहुत ही अच्छे कॉलेज हैं जिनके बारे में हम आपको बताएंगे.

अगर आप भी उन उम्मीदवारों में से एक हैं जिन्हें वकालत करने का बहुत शौक है और जो भविष्य में अपना करियर वकील के रूप में बनाना चाहते हैं तो उन्हें इस पोस्ट को पूरा ध्यान से पढ़ना होगा.

क्योंकि इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको एक उम्मीदवार के लिए एलएलबी करने के लिए कितनी योग्यता होनी चाहिए, इस का कोर्स किस प्रकार होता है, सिलेबस क्या है, जॉब प्रोफाइल कैसा होता है इसके अलावा भारत में जो पॉपुलर कॉलेज है जहां से वकालत की जा सकती है इन सभी चीजों के बारे में आपको बताएंगे.

एलएलबी का फुल फॉर्म इंग्लिश में – Full Form of LLB in English

Bachelor of Legislative Law

एलएलबी का फुल फॉर्म हिंदी में – Full Form of LLB in Hindi

विधायी कानून में स्नातक

एलएलबी कैसे करें?

भारत में बहुत सारे ऐसे छात्र हैं जो अपने करियर के रूप में वकालत करने की ख्वाहिश रखते हैं. वकालत एक ऐसा क्षेत्र है जो कानून से संबंध रखता है.

इसमें पढ़ाई करने के लिए शुरू से ही कानून की समझ होनी चाहिए. आपको अपने स्कूल के दौर से ही कानून से जुड़े सभी दांव पेच को समझने और उसमें रुचि रखने की भी जरूरत है.

बहुत सारे ऐसे बच्चे भी होते हैं जो पढ़ाई की रुचि तो रखते हैं लेकिन उसके लिए जो एक्टिविटीज होनी चाहिए वह नहीं करते. इसमें होता क्या है कि बाद में उसमें से रूचि खत्म हो जाती है.

इसीलिए जरूरी है कि शुरुआत से ही अपने मनपसंद क्षेत्र पर रुचि के साथ-साथ उसमें इंवॉल्व होना भी जरूरी है. जिससे कि उसके बारीकी चीजों को भी समझा जा सके.

चलिए अब हम जानते हैं कि आखिर वकील कैसे बने और वकालत पढ़ने के लिए किन बातों का होना जरूरी है.

1. अपना इंटरमीडिएट कंप्लीट करें

लॉ की पढ़ाई करने के लिए सबसे पहले तो आपको अपना 12th कंप्लीट कर लेना है. ऐसा कोई जरूरी नहीं है कि आप 12वीं में किसी खास विषय को ही पढ़ें.

अगर आप तीनों में यानी कि साइंस, कॉमर्स, या आर्ट कोई भी विषय लेंगे तो भी आप वकालत की पढ़ाई आगे कर सकते हैं.

लेकिन मेरी माने तो अगर आपको एलएलबी की पढ़ाई करनी है तो आपके लिए बेहतर है कि आप इंटरमीडिएट में Arts चुने और इसमें कानून से जुड़े सब्जेक्ट को चुन ले.

2. एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें

भारत में एलएलबी कोर्स जॉइन करने के लिए CLAT (Common Law Admission Test) एग्जाम पास करना जरूरी है. तभी उम्मीदवार को लॉ कॉलेज में एडमिशन मिलता है.

इसमें परीक्षा के रूप में कॉमन टेस्ट लिया जाता है. जिसके अंतर्गत इन विषयों से सवाल पूछे जाते हैं.

  • Elementary Mathematics (Numerical Ability)
  • Logical Reasoning
  • English including Comprehension
  • Legal Aptitude
  • General Knowledge and current Affairs

3. एंट्रेंस एग्जाम पास करें और एडमिशन ले

जो भी उम्मीदवार CLAT के एग्जाम में बैठना चाहते हैं उन्हें 12वीं में कम से कम 45 परसेंट नंबर जरूर होना चाहिए. इसके अलावा उम्मीदवार की उम्र 20 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए.

ऊपर बताए गए सभी विषयों के लिए अच्छे से तैयारी करनी है. क्योंकि जब तक आप इनमें से होगा अच्छी जानकारी नहीं रखेंगे तब तक इस टेस्ट में pass नहीं कर सकेंगे.

तो इसकी तैयारी अच्छे ढंग से करें और पास होने के बाद आप एडमिशन ले सकेंगे.

इंडिया में वकालत की पढ़ाई करने के लिए National Law University (NLU) द्वारा एलएलबी एंट्रेंस एग्जाम CLAT (Common Law Admission Test) का आयोजन किया जाता है. जिस में पास करने वाले उम्मीदवारों को ही लॉ कॉलेज में ऐडमिशन दी जाती है.

4. LLB कोर्स कंप्लीट करें और डिग्री हासिल करें

12वीं पास करने के बाद में वकालत की जो पढ़ाई होती है वह पूरे 5 साल के कोर्स के रूप में कराई जाती है. इस दौरान आपको कानून के कई विषयों के बारे में पढ़ाई कराई जाती है.

जब आप अपना 5 साल का कोर्स पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद आपको इंटर्नशिप भी करना जरूरी होता है.

इसके अलावा आपको डिग्री कोर्स के दौरान कराए जाने वाले सेमिनार, ट्यूटोरियल वर्क, Moot Courts (कोर्ट में होने वाली जीरह), और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेना जरूरी होता है. तब जाकर आप प्रैक्टिकली तरीके से एक वकील के रूप में तैयार हो पाते हैं.

जब आप अपना कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं और डिग्री हासिल कर लेते हैं तो फिर l आप वकील के रूप में अपना करियर की शुरुआत कर सकते हैं.

एलएलबी के लिए क्वालीफिकेशन

वकालत की शुरुआत करने से पहले आपको इसके योग्य होना भी जरूरी है. जब तक आप वकालत करने के मिनिमम रिक्वायरमेंट को पूरा नहीं करते हैं तब तक आप इस कोर्स को ज्वाइन नहीं कर सकते.

तो आखिर एलएलबी के लिए क्वालीफिकेशन कितनी जरूरत पड़ती है चलिए जानते हैं.

12वीं के बाद एलएलबी कोर्स करने के लिए आपको 12th पास होना जरूरी है. 12वीं के बाद कराए जाने वाले एलएलबी कोर्स की अवधि 5 साल की होती है. 12वीं में कम से कम आप को 45 परसेंट नंबर के साथ पास होना भी जरूरी है.

ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी करने के लिए आपको 3 साल का कोर्स करना पड़ता है.ग्रेजुएशन में आपको कम से कम 45 परसेंट नंबर जरूर लाना.

एलएलबी करने के लिए एज (आयु)

नई नीति के अनुसार अब से CLAT जोकि अंडर ग्रेजुएशन प्रोग्राम के लिए उम्मीदवारों का चुनाव करते हैं इसके लिए किसी प्रकार की उम्र सीमा नहीं रखी गई है जो पहले उम्र सीमा थी वो इस प्रकार थी.

CLAT की परीक्षा देने वाले जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों की उम्र 20 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा SC/ST/OBC/Physically Challanged कैंडिडेट की उम्र 22 साल से नीचे होनी चाहिए.

बीए ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी कैसे करें?

बहुत सारे ऐसे उम्मीदवार होते हैं जो किसी कारण से 12वीं के बाद एलएलबी की कोर्स को ज्वाइन नहीं कर पाते. खैर कोई बात नहीं अगर उस वक्त ज्वाइन नहीं कर सके फिर भी उनके पास एक चांस है कि वह किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन करने के बाद एलएलबी का कोर्स कर सकते हैं.

लेकिन क्या 12वीं के बाद एलएलबी कोर्स करने और ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी कोर्स करने में कुछ फर्क है. ऐसा कुछ नहीं है दोनों ही कोर्स बराबर मान्यता के हैं और दोनों में ही कानूनी पढ़ाई कराई जाती है.

ग्रेजुएशन करने के बाद एलएलबी एंट्रेंस एग्जामिनेशन CLAT (Common Lat Admission Test) जोकि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के द्वारा आयोजित किया जाता है उसमें pass करना जरूरी है.

12वीं के बाद एलएलबी करने और ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी करने में बस इतना ही फर्क है कि 12वीं के बाद पास होती है और ग्रेजुएशन के बाद 3 साल का कोर्स करना होता है.

इस एंट्रेंस एग्जामिनेशन के अलावा भी कई एग्जामिनेशन है जिस से बात करके आप एलएलबी के प्रोग्राम को ज्वाइन कर सकते हैं. जैसे

CLAT – Common Law Entrance Test

जोकि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के द्वारा आयोजित किया जाता है.

LSAT – Law School Admission Test

यह एक ग्लोबलाइज्ड इंट्रेंस टेस्ट है और कई भारती यूनिवर्सिटी इसमें एलएलबी के लिए एडमिशन लेती है.

AILET – All India Law Entrance Test

इस एग्जाम को भी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कांटेक्ट करती है.

LAWCET – Law Common Entrance Test

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अंतर्गत जो यूनिवर्सिटी एलएलबी कराती हैं उन में एडमिशन लेने के लिए इस एग्जाम जो लिख सकते हैं.

एलएलबी की फीस – LLB Fees Structure

यूनिवर्सिटी के जो फेस की क्राइटेरिया होती है वह सरकारी लॉ कॉलेज और निजी लॉ कॉलेजों की तरह फीस के आधार पर हो सकते हैं. यह एंट्रेंस एग्जाम द्वारा डायरेक्ट ऐडमिशन और सिलेक्टेड छात्रों पर भी निर्भर है. फीस भी कॉलेज द कॉलेज अलग हो सकती है.

Particulars BBA-LL.B (Hons.) /
BA-LL.B (Hons.)
(10 semesters) 12th Level
LLB fee
(6 semesters) Graduation Level
Program Fees (Semester) Rs.23,00023,000
Program Fees (Full course fees) Rs.230000138000

एलएलबी का सिलेबस – Syllabus of LLB

एलएलबी की पढ़ाई में कौन-कौन से विश्व की पढ़ाई की जाती है चलिए इसे जानते हैं.

LLB 1st Year
Sem 1Sem 2
Family Law 1Family Laws 2
Labour 1Constitutional Law
CrimeProfessional Ethics
Optional SubjectsLaw of Tort & Consumer Protection Act

Optional Subjects:

  • Women & Law
  • Contract
  • Trust
  • International Economics Law
LLB 2nd Year
Sem 3Sem 4
Law of EvidenceProperty Law and Transfer of Property Act
Arbitration, Alternative & ConciliationJurisprudence
Human Rights & International LawPractical Training & Legal Aid
Environmental LawLaw of Contract 2
 Optional Papers

Optional Subjects:

  • Law of Insurance
  • Comparative Law
  • Intellectual Property Law
  • Conflict of Laws
LLB 3rd Year
Sem 5Sem 6
Legal WritingCompany Law
Interpretation of StatutesCode of Criminal Procedure
Administrative LawPractical Training Moot Court
Land Laws, Ceiling & other local lawsPractical Training 2 – Drafting
Civil Procedure Code (CPC)Optional Papers

Optional Subjects:

  • Law of Taxation
  • Banking Law
  • Investments and Security Law
  • Co-operative Law

एलएलबी के बाद क्या करें?

एलएलबी का कोर्स कंप्लीट कर लेने के बाद में कोई भी उम्मीदवार किसी कॉलेज या फिर यूनिवर्सिटी में कानून पढ़ा सकते हैंकॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ा सकते हैंएलएलबी के बाद क्या करें

एलएलबी की डिग्री पूरी करने के बाद उम्मीदवारों को नौकरी के ढेर सारे अवसर मिलते हैं.

उम्मीदवारों को हम बताना चाहते हैं कि यदि भारत में कानून का अभ्यास करना चाहते हैं तो उन्हें बीसीसीआई द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बार परीक्षा All India Bar Exam (AIBE) को पास करने की आवश्यकता है.

इस परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को ‘Certificate of Practice’ से सम्मानित किया जाता है जो भारत में कानून के अभ्यास के लिए कंपलसरी है.

एलएलबी डिग्री हासिल करने के बाद कुछ लोकप्रिय जॉब प्रोफाइल्स उम्मीदवार अपना सकते हैं वह हम नीचे दे रहे हैं.

1. वकील (Lawyer):

इस जो प्रोफाइल में किसी को सिविल के साथ आपराधिक मामलों में अपने कस्टमर को सलाह देने और उनका लीडरशिप करने की आवश्यकता होती है. वकील कानून की अदालत में मामलों को पेश करते हैं और सभी कार्रवाई और सुनवाई में भाग लेते हैं.

2. कानूनी सलाहकार (Legal Advisor):

ऐसे जो प्रोफाइल में काम करने के पास रखने वाले उम्मीदवार वकील हैं जो कानून के एक विशेष क्षेत्र के स्पेशलिस्ट हैं. कानूनी सलाहकार आमतौर पर सरकारों के साथ साथ बड़े-बड़े ऑर्गेनाइजेशन और कंपनियों द्वारा नियुक्त किए जाते हैं. एक कानूनी सलाहकार का मुख्य काम किसी भी कॉलोनी समस्या से अपने ग्राहकों की रक्षा करना है.

3. अधिवक्ता(Advocate):

इस तरह के जो प्रोफाइल में अपने दावे का समर्थन करने के लिए फेक्चुअल डाटा के साथ साथ फिजिकल एविडेंस जुटाने के लिए कई रिसर्च काम करने की जरूरत होती है. इसके अलावा एडवोकेट को दूसरे जिम्मेदारी में भी जांच और मसौदा तैयार करना शामिल है.

4. वकील (Solicitor):

ऐसे जो प्रोफाइल में एक व्यक्ति आमतौर पर टैक्स, मुकदमे बाजी, परिवार या जायदाद जैसे कानून के एक विशेष क्षेत्र में माहिर होता है. सॉलीसीटर इन ईजी के साथ-साथ कमर्शियल तो कानूनी सलाह देते हैं.

5. शिक्षक (Teacher or Lecturer):

एलएलबी की डिग्री कंप्लीट कर लेने के बाद में उम्मीदवार किसी कॉलेज या फिर यूनिवर्सिटी में कानून पढ़ा सकते हैं.

एलएलबी की सैलरी?

अगर कोई सरकारी वकील के रूप में काम करता है तो सभी के यह जानने की इच्छा होती है कि उसे कितनी सैलरी मिलती होगी.

आपकी जानकारी के लिए बता मैं बता दूं कि सरकारी वकील की नौकरी एक एग्रीमेंट के तहत होती है. यह किसी भी प्रकार से दूसरे सरकारी जॉब से बिल्कुल अलग है. इसलिए उनकी सैलरी प्रत्येक केस के आधार पर उसके फीस के रूप में दी जाती है.

सामान्य रूप से देखा जाए तो एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर किस सैलरी 20 हजार से ₹30000 तक होती है. इसके अलावा जो Legal Advisor के रूप में काम करते हैं उन्हें 30 हजार से ₹50000 तक मिलते हैं.

एक Advocate के रूप में काम करने वाले इंसान को 40 हजार से ₹70000 तक की सैलरी मिलती है. एलएलबी डिग्री हासिल करने के बाद अगर कोई इंसान लेक्चरर के रूप में काम करता है तो उसे यूनिवर्सिटी में कानून पढ़ाने के लिए ₹30000 से ₹50000 तक की सैलरी मिल सकती है.

LLB के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. मैंने 12th कॉमर्स किया है क्या मैं एलएलबी का कोर्स कर सकता हूं?

Ans. जी हां, अगर आपने 12th में कॉमर्स किया है तो भी आप एलएलबी का कोर्स कर सकते हैं.

2. एलएलबी का कोर्स कितने साल का होता है?

Ans. इस कोर्स को करने के लिए दो ऑप्शन होते हैं. एक 3 साल का कोर्स होता है जिसमें ग्रेजुएशन पास के उम्मीदवारों के लिए कराया जाता है. वही दूसरा ऑप्शन यह है कि 12वीं की 5 साल के लिए इस कोर्स को करना पड़ता है.

3. क्या 12th साइंस करने के बाद एलएलबी का कोर्स कर सकते हैं?

Ans. जी हां अगर आपने 12th में साइंस लेकर पढ़ाई की है तो भी आप इस कोर्स को कर सकते हैं.

4. एलएलबी करने के बाद किस तरह की नौकरी कर सकते हैं?

Ans. एलएलबी का कोर्स कर लेने के बाद में नीचे दिए गए किसी भी प्रकार के कैरियर को चुन सकते हैं.
Advocate
Public Prosecutor
Legal Advisor
Legal Manager
Teacher or Lecturer
Legal Services Chief

5. क्या एलएलबी कोर्स ज्वाइन करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम लिखना पड़ता है?

Ans. जी हां एलएलबी का कोर्स करने के लिए 12वीं पास कर लेने के बाद में आपको CLAT- Common Law Entrance Test लिखकर इस में पास होना पड़ता है.

संक्षेप में

बहुत सारे ऐसे विद्यार्थी होते हैं जिन्हें शुरू से ही कानूनी दांवपेच में काफी रुचि होती है और यही वजह है कि वह वकालत की पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम होता है कि इसके लिए कौन सा कोर्स करें.

इसी वजह से हम आज आपके लिए इस पोस्ट को लेकर आए हैं जिसमें हमने आपको बताया है कि एलएलबी कैसे करें और लॉयर बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना पड़ता है. वैसे तो 12वीं पास करने के बाद भी आप इस कोर्स को कर सकते हैं जिसके लिए एंट्रेंस एग्जामिनेशन लिखना पड़ता है.

इस बारे में भी हमने एलएलबी के लिए कितने परसेंटेज चाहिए और इसके तथ्यों के बारे में हिंदी में बनाने की कोशिश करें. बहुत सारे लोगों की ख्वाहिश होती है को सरकारी वकील के रूप में काम कर सके. अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम व्हाट्सएप में अधिक से अधिक शेयर करें.

2 COMMENTS

  1. मेरी सारी confusion दूर हो गयी। बहुत अछे से समझाया है आपने।

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