खुद को प्रेरित कैसे करें?

निराशा से हर इंसान कभी न कभी सामना जरूर करता है. लेकिन इससे बाहर निकलने में हर बार लोग कामयाब हो जरूरी नहीं. लेकिन अगर आप निराशा से बाहर ना निकले तो आपके लिए जीवन जीना काफी कठिन हो सकता है. इसीलिए इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि अब खुद को प्रेरित कैसे करें और इस निराशा से बाहर कैसे निकला जाए?

हर इंसान जितनी लंबी जिंदगी जीता है उसका अनुभव उतना अधिक होता है. अगर वह अपनी जिंदगी के आखिरी पड़ाव में भी बहुत कामयाब है इसका मतलब यह है कि उसने हर प्रकार के निराशा से बाहर निकल कर खुद को इस मुकाम पर लाया है.

यहां पर हम आपको ऐसे ही इंसानों के जीवन के अनुभव के आधार पर वह तरीके बताएंगे जो उन्होंने अपनी जिंदगी में खुद को प्रेरित करने के लिए इस्तेमाल किया. हमारे पास ऐसे लाखों उदाहरण मिलेंगे जिन्होंने निराशा से उबर कर अपनी जिंदगी को खुलकर जिया और आज कामयाबी उनके कदम चूमती है.

खुद को प्रेरित करने के बेहतरीन 21 तरीके

कुछ ऐसे लोग होते हैं जो खुद खुद से ही प्रेरणा लेते हैं और वह अपना काम करते जाते हैं. हर प्रकार की परेशानी से भी खुद ही निकल कर आ जाते हैं.

ऐसे लोगों का आप देखेंगे कि तो अच्छी जिंदगी जी रहे होते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो एक बार टूट जाते हैं तो फिर उनको मोटिवेट करने के लिए दूसरों लोगों की जरूरत पड़ती है.

वह जितना समय अकेले रहते हैं खुद पर से भरोसा टूटता चला जाता है. यही वजह बनती है उनके असफल होने की. निराशा इतनी अधिक हो जाती है कि एक भी सकारात्मक विचार जिसे हम पॉजिटिव थिंकिंग कहते हैं उनके दिमाग में पैदा तक नहीं होता.

ऐसी स्थिति में किस्मत को दोष देना, खुद पर ना भरोसा करना, असफलता से डरना उनके दिमाग में ऐसे बस जाता है लगता है कि यही उनकी दुनिया है. इससे वह कभी बाहर नहीं आ सकते और यह असंभव है.

लेकिन दोस्त आपकी सोच से परे भी एक दुनिया है और उस दुनिया में ऐसे लोग हैं जिन्होंने आप से कई गुना ज्यादा परेशानियों को झेला है और वहां से बाहर निकल कर आए हैं.

चलिए अब उन तरीकों को जान लेते हैं जो आप के लिए वरदान साबित हो सकते हैं अगर आप निराश हैं और इससे वरना चाहते हैं.

1. नकारात्मकता से दूर रहें

निराशा से दूरी रखना ही आपको इससे बाहर निकाल सकता है लेकिन इसके लिए आपको अपने दिमाग से हर नकारात्मक सोच को दूर हटा फेंकना पड़ेगा.

अब तो हर उस चीज को अपने से दूर रखना है जिससे आपको नकारात्मक विचार आते हैं. इस का अच्छा तरीका यही है कि आपको खाली नहीं बैठना है.

कहा जाता है कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है!

अगर आप बैठे रहेंगे वह भी अकेले तो आपके दिमाग में कुछ ना कुछ ख्याल आता रहेगा जो आपको नकारात्मक विचारों से ही रूबरू कराएगा.

अपने आप को व्यस्त रखें और जिस काम को कर रहे हैं उसे पूरी लगन से करें. इससे आपका सारा फोकस आपसे काम पर रहेगा और दिमाग दूसरी तरफ नहीं भटकेगा.

2. अपनी किस्मत तो दोष ना दें

अक्सर आप लोगों को कहते हुए सुना होगा कि यार मेरी किस्मत ही खराब है, मेरी किस्मत में जो लिखा है वही बुरा है, खुदा का लिखा हुआ कौन बदल सकता है इत्यादि.

अपने यह भी जरूर सुना होगा कि हिम्मत ए बंदा मदद ए खुदा.

अब यह भी जान लीजिए कि जिसको सबसे ज्यादा असफलता का सामना करना पड़ता है वही इंसान सबसे अधिक अनुभवी होता है और उसी को बड़ी सफलता हाथ लगती है.

कभी भी अपनी किस्मत को दोष ना दें क्योंकि जितना आप जिस चीज को पूछेंगे वह उतना को चोट पहुंचेगी. दोष देना आपका नकारात्मक विचार और नकारात्मकता की तरफ एक कदम बढ़ाना है.

आप अपने दिमाग में यह लाइन बैठा ले. जो चीज मुझे नहीं मिला इसलिए नहीं मिला क्योंकि इससे बेहतर चीज मुझे आगे मिलना है.

3. दोस्तों के साथ समय बिताएं

मैंने पहले ही आपको बताया कि आपको नकारात्मकता से दूर रहना है और इसके लिए अधिकतम समय अकेला ना बिताएं.

अब जितना भी समय निकाल सकते हो निकाले और अपने दोस्तों के साथ उसे मिटाने की कोशिश करें. जब आप दोस्तों के साथ रहते हैं तो हर गांव और शिकवे भूल जाते हैं. अब टेंशन बुलाकर अपने दोस्तों के साथ हंसी मजाक करते हैं.

इससे आपका समय अच्छा तो गुजरता ही है साथ ही आप अपने दूसरे समय में भी याद करके खुशी महसूस करते हैं.

हमारे निराशा को हमारे दोस्तों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता है. अगर वह आप की निराशा को जानता है तो वह कोशिश करेगा कि आप जितना हो सके खुश रहें और गलत खयालात दिमाग में ना लें. इसीलिए दोस्तों के साथ समय बिताना आपके लिए बहुत ही अच्छा साबित हो सकता है.

4. पसंदीदा संगीत सुनें

संगीत एक शक्तिशाली माध्यम है जिससे हम अपने इमोशंस को कंट्रोल करते हैं. दुख के समय में आप अपने पसंदीदा संगीत को सुने जो आपको हमेशा से बहुत अच्छे लगते हैं.

यह आपको निराशा से लड़ने में काफी मदद कर सकती हैं.

यहां पर मैं अपना खुद का अनुभव शेयर करना चाहता हूं कि जब मैं अपने स्कूल के समय में था उस वक्त मुझे एक गाना काफी पसंद था जोकि सिंह इस किंग फिल्म से है “तेरी ओर”.

जब भी मैं इस गाने को सुनता हूं मैं अपने पुराने समय में चला जाता हूं और वह समय मुझे काफी पसंद था. कुछ ऐसे संगीत हैं जिन्हें सुनते ही लगता है कि मैं फिर से अपने बचपन के समय में चला गया.

हर इंसान को संगीत से लगाओ होता है भले ही सर की चॉइस अलग-अलग हो. आप भी संगीत से लगाओ जरूर रखते होंगे इसीलिए अपने पसंदीदा संगीत को सुनें.

5. आविष्कारको की जीवनी पढ़ें

दुनिया में जितने भी आविष्कार हुए हैं, चाहे वह बिजली हो, बल्ब हो, हवाई जहाज हो, भाप इंजन हो, इन सभी के आविष्कार करने वाले लोगों की जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव से भरी हुई थी.

इन सब के बावजूद उन्होंने चीजों का आविष्कार किया जो आज ही लोगों के लिए काम आ रहे हैं. अगर आप इनकी जिंदगी के बारे में जानकारी लेते हैं और इनके संघर्ष के दिनों के बारे में पढ़ते हैं तो आपको समझ में आएगा कि यह जो रातो रात सफलता मिलती है एक रात में नहीं मिलती बल्कि कई रातें उसके लिए खराब होती है.

इनमें से कई आविष्कार की जिंदगी आपको अंदर से इतनी प्रेरित कर सकती हैं कि आप जोश से भरे हुए महसूस करेंगे. आपने राइट ब्रदर्स के बारे में जरूर सुना होगा जिन्होंने हवाई जहाज का आविष्कार किया था.

ना जाने कितनी बार उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा. अगर वह हार गए होते तो आज हम उनके बारे में यहां पर बात नहीं कर रहे होते.

6. मोटिवेशनल स्पीकर की बातों को सुनें

आज के समय में पूरी दुनिया में ऐसे मोटिवेशनल स्पीकर है जो अपना कार्यक्रम सभी जगहों में करते हैं. भारत में भी कई बड़े नाम हैं जो मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में पहचाने जाते हैं.

संदीप महेश्वरी, विवेक बिंद्रा, रवि खेड़ा जैसे कई महान हस्तियां है जो लोगों को अपने शब्दों के माध्यम से प्रेरित करते हैं.

अभी तक अगर आपने इनमें से किसी को नहीं सुना तो जल्दी कीजिए और इनके वीडियोस को यूट्यूब के माध्यम से देखना शुरू कर दीजिए.

7. प्रेरणा स्रोत की तलाश करें

मोटिवेशन के कई माध्यम हो सकते हैं. एक छोटी सी छोटी छोटी भी आपको बड़ा से बड़ा पाठ सिखा सकती हो.

अपने तो वह कहानी जरूर सुनी होगी जिसमें एक हारा हुआ राजा एक चींटी से सीख कर फिर से अपनी सत्ता हासिल करता है.

इंसान जब तक जिंदा रहता है उससे कई स्रोतों से प्रेरणा मिलती है और उस प्रेरणा का उपयोग कैसे करना है वह उस पर निर्भर करता है.

आपके दोस्त भी आप को प्रेरित कर सकते हैं जो हमेशा आपके साथ होते हैं. अब अपने घरवालों से भी प्रेरणा ले सकते हैं. मां बाप अपने बच्चों को हमेशा प्रेरित करते हैं

8. लक्ष्य निर्धारित करें

लक्ष्य के बिना इंसान की जिंदगी का कोई मतलब नहीं. निराशा से बाहर निकलने के लिए आपको एक शुरुआत करने की जरूरत है.

आपको एक लक्ष्य चुनना है और उसके आधार पर अपने काम को शुरू करना है. हो सकता है आपको इसमें कई बार असफलता का सामना करना पड़े.

लेकिन अपने ऊपर संयम और विश्वास रखें क्योंकि यही आपको सफलता की ओर ले जाते हैं. कभी भी यह न सोचे कि एक लक्ष्य प्राप्त कर लिया और बस खत्म. जब आपको एक प्राप्त हो तब दूसरे लक्ष्य को निर्धारित करें और फिर उसके लिए अपना काम शुरू कर दें.

9. छोटे कामों से शुरुआत करें

फिर बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपको स्टेप बाय स्टेप अपना काम करना होता है.

इसके लिए आप छोटी सी शुरुआत कर सकते हैं. एक बड़ा इंजीनियर बनने के लिए भी आपको स्कूल के नर्सरी से ही शुरुआत करनी पड़ती है और एक डॉक्टर बनने वाले इंसान को की शुरुआत नर्सरी से ही करनी होती है.

ठीक उसी प्रकार एक बड़े लक्ष्य के लिए आप को सबसे नीचे पायदान से शुरुआत करनी है. धीरे-धीरे आप एक-एक करके शिर्डी ऊपर चढ़ते हैं.

10. विफलताओं से परेशान ना हो

अपने लक्ष्य को हासिल करने के दरम्यान हो सकता है आपको कई बार विफलताओं का सामना करना पड़े.

इन विफलताओं से कभी भी निराश ना हो. यह इंसानों के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं क्योंकि उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है.

जो कभी विफल नहीं होता समझ लीजिए कि उसमें बहुत कम चीजें सीखी है. वही एक इंसान बार-बार असफल होने के बाद जब सफलता हासिल करता है तो वह कई गुना बढ़ जाता है.

दिमाग में बस यही रखें कि आपको कई बार असफलता का सामना करना पड़ सकता है बस आपको उससे हमेशा सीखना जरूरी है.

11. अपनी तुलना खुद से करें

हर इंसान तुलनात्मक होता है और अपनी तुलना दूसरों से जरूर करते हैं. जीवन के हर पहलू में सभी लोग दूसरों से आगे होना चाहते हैं या फिर ज्यादा की उम्मीद रखते हैं.

लेकिन यह समझ ले कि हर इंसान एक दूसरे इंसान से अलग होता है. उनके कुछ और गुण हो सकते हैं आपके गुण से अलग हो सकते हैं.

कभी भी दूसरों को हराने के लिए मत जिओ बल्कि यह सोचकर जिओ की आप को जीतना है. जिस दिन आप इस बात को अपने दिमाग में बैठा लेंगे आपको कोई नहीं हरा सकेगा.

आप अपना कंपटीशन खुद से रखें. अपने आप को इंप्रूव करें. पिछली बार से इस बार अपने आप का प्रदर्शन बेहतर करें.

12. आपके पास जो है उसके लिए शुक्रगुजार रहे

खुदा ने हमें एक जिंदगी दी है और इसमें हमें कई चीजों के साथ इस दुनिया में जीने का मौका दिया है.
हमारे साथ हमारी फैमिली है, अच्छे दोस्त हैं, और परिवार का सुख है.

दुनिया में अनेकों ऐसे लोग हैं जिनके पास ना तो घर है और ना ही कोई रिश्तेदार ना ही उनके मां-बाप हैं और ना ही अच्छी जिंदगी है.

हमें तो इस बात से भी खुश होना चाहिए कि हमारा शरीर ठीक है. हम अभी जिंदा हैं वही बहुत है. आपको अगर एक वक्त का खाना मिलता है अब उसके लिए भी शुक्रिया अदा करना चाहिए.

हमें कोशिश करना चाहिए कि हम और अधिक हासिल कर सके लेकिन जितना अभी हमारे पास है हमें उसका शुक्रिया अदा जरूर करना चाहिए.

13. हर छोटी सफलता पर पार्टी करें

बड़ी सफलता का इंतजार करके अपने खुशियों को बर्बाद ना करें. हर छोटी से छोटी सफलता का खुशी मनाएं.

आप को पॉजिटिव एनर्जी देती है और आगे के कामों में आपको बहुत प्रोत्साहन भी मिलता है.
यह जो हम छोटी आप सफलता हासिल करते हैं इनसे जो खुशियां हमें मिलती हैं इन्हीं से हमें बड़ी सफलता में जाने का रास्ता मिलता है.

जब भी आपको छोटी सफलता मिले इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और छोटी सी पार्टी के रखें.

14. प्राकृतिक जगह घूमने जाएं

अक्सर पाया गया है कि इंसान जब घर में रहकर काम करके रुक जाता है तो उसे बाहर की मौसम का मजा जरूर लेना चाहिए.

इससे दिमाग और शरीर दोनों को ताजगी का एहसास होता है. यह हमारी निराशा को भी दूर करता है. अपने दोस्तों या फिर परिवारों के लोगों के साथ में नहीं जगह देखने और घूमने जरूर जाएं.

खासकर अगर प्राकृतिक जगह हो जैसे हिल स्टेशन इत्यादि

15. रेगुलर एक्सरसाइज करें

कहते हैं स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है. मन को शांत रखने के लिए शरीर का स्वस्थ होना जरूरी है.

एक्सरसाइज हमारे शरीर को मजबूत बनाता है और यह हमें बीमारियों से भी दूर रहता है.

अपने डेली रूटीन में एक्सरसाइज को जरूर शामिल करें.

16. मेडिटेशन करें

मेडिटेशन करने वाले लोग कभी भी निराशा का शिकार नहीं होते. इससे दिमाग पूरी तरह से नियंत्रण में रहता है. आप क्या सोचते हैं क्या करते हैं इसमें आपको पूरी कंट्रोल होती है.

हर दिन सुबह या शाम में मेडिटेशन जरूर करें.

निष्कर्ष

एक इंसान की जिंदगी नदी की धारा के समान होती है जिसमें सुख और दुख दो किनारे होते हैं यह आपने कई बार सुना होगा और अपने स्कूल के समय सही किताबों में भी पढ़ा होगा.

निराशा भी हमारी जिंदगी में परमानेंट के तौर पर नहीं आती है लेकिन कुछ लोग इसे समझ लेते हैं कि हमारे लिए परमानेंट बनी हुई है.

इसी से उबरने के लिए हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपको 16 बेहतरीन खुद को प्रेरित करने के तरीके बताए हैं. हम उम्मीद करते हैं कि आप इनको अपनी जिंदगी में अपना आएंगे और अपनी निराशा से बाहर आकर खुद को प्रेरित कर सकेंगे.

अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें.

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