कीबोर्ड क्या है और कैसे काम करता है?

कंप्यूटर में काम काम करने का मतलब है ढेर सारा डाटा का इनपुट करना. डाटा इनपुट करने के लिए हम इनपुट डिवाइस का इस्तामल करते हैं. कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाले इनपुट डिवाइस भी बहुत तरह के होते हैं इनमे से आपको एक के बारे में जरूर मालूम होगा की कीबोर्ड क्या है (What is Keyboard in Hindi). और कीबोर्ड में टोटल कितने बटन होते हैं?

ये हर उस इंसान के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है जो की कंप्यूटर से जुड़ा है, भले ही वो इस पर काम करता हो या फिर कंप्यूटर शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा हो. अब मान लीजिये की हमे resume ही बनाना है तो हमे तो लिखना पड़ेगा न उसके लिए तो हमे टाइपिंग के लिए इनपुट डिवाइस की जरुरत तो जरूर पड़ेगी ऐसे में हम एक इनपुट डिवाइस का प्रयोग करते हैं.

जी हाँ उस इनपुट डिवाइस को ही हम कीबोर्ड कहते हैं जिससे हम कप्यूटर में कुछ भी लिख पाते हैं.

कंप्यूटर या लैपटॉप में डाटा इनपुट करने और टाइपिंग करने के लिए इस का ही प्रयोग करते हैं. लेकिन फिर भी कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इसका इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन इसके बारे में जानकारी नहीं होती है. आज की इस पोस्ट में मैं बताऊंगा की कीबोर्ड क्या होता है जिससे उन सभी लोगो को ये समझने में आसानी होगी जो इस का इम्पोर्टेंस क्या होता है नही जानते.

वैसे बहुत सारे लोगों को कंप्यूटर क्या है और उसके बारे में अच्छी जानकारी होती है लेकिन आखिर ये क्या होता है? और ये क्यों इस्तेमाल किया जाता है ये जानना भी जरुरी है. साथ ही Types of Keyboard in Hindi यानि की ये कितने प्रकार के होते हैं इसकी जानकारी भी होनी चाहिए. इसके अलावा इस आर्टिकल में हम यह भी जानेंगे की कीबोर्ड कितने प्रकार के होते हैं.

कंप्यूटर में हर तरह के डाटा लिखने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं और बहुत सारे ऐसे काम होते हैं जो इस के बिना आप पूरा नहीं कर सकते हैं. तो आपके मन में उठ रहे सवाल का जवाब मैं आगे एक-एक कर के दूंगा और हम सभी जानेंगे कंप्यूटर कीबोर्ड की जानकारी हिंदी में. इस के साथ ही इस पोस्ट में शॉर्टकट keys के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे.

कीबोर्ड क्या है – What is Keyboard in Hindi?

Keyboard कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस होता है जिसमे कई प्रकार बटन होते हैं. जिससे हम कंप्यूटर में डाटा को डालते हैं और इसे निर्देश देते हैं. इसमें बटन दिखने में बिलकुल टाइपराइटर की तरह ही होते हैं लेकिन फंक्शन बहुत ज्यादा होते हैं.

कंप्यूटर में बहुत सारे डिवाइस कनेक्ट किये जाते हैं जो बहुत जरुरी होते हैं जैसे इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस.

कीबोर्ड कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस है जो कहा जाये तो एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट डिवाइस है. क्यों की जिस तरह इंसान के हाथ पैर के बिना इंसान विकलांग हो जाता है.

उसी तरह अगर कंप्यूटर से इस को हटा दिया जाये तो कंप्यूटर भी विकलांग हो जायेगा यानि मेरे कहने का मतलब है की कंप्यूटर का प्रयोग ही नहीं हो सकता, कीबोर्ड के बिना कंप्यूटर चलेगा ही नहीं. इस को हिंदी में कुंजीपटल कहा जाता है.

इसका इस्तेमाल मुख्यत कंप्यूटर में alphabets, numbers, commands और अलग अलग डाटा एंटर करने के लिए होता है.

ये कंप्यूटर से डायरेक्ट कम्यूनिकेट करने का माध्यम होता है. हमारे एंटर किये हुए डाटा को ये CPU प्रोसेस कर के फिर आउटपुट डिवाइस जैसे मॉनिटर और प्रिंटर के द्वारा हमे रिजल्ट शो कर देता है.

कीबोर्ड भी माउस की तरह एक इनपुट डिवाइस होने के साथ बहुत सारे अलग अलग काम कर सकते हैं. माउस क्या है और कैसे काम करता है ये आपको मालूम होगा. लेकिन क्या आपको मालूम है की आप बिना माउस के भी बहुत सारे काम सिर्फ इस से ही कर सकते हैं.

keyboard kya hai(what is keyboard in hindi)

कीबोर्ड को हिंदी में क्या कहते हैं?

हम अक्सर यही सुनते हैं की कॉम्पटर में एक महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है जिसके बिना काम करना मुमकिन ही नहीं होताऔर इस का नाम बस यही जानते हैं की ये कीबोर्ड होता है लेकिन क्या आप जानते हैं की इसे हिंदी में क्या कहा जाता है.

नहीं मालूम न ?

कंप्यूटर कीबोर्ड को हिंदी में कुंजीपटल कहते हैं.

कीबोर्ड में टोटल कितने बटन होते हैं?

किसी भी कीबोर्ड में कुल बटन की संख्या उसके साइज पर निर्भर करती है. आजकल हमें अलग-अलग साइज के कई प्रकार के कीबोर्ड मिलते हैं.

Full-Size keyboard

इस तरह के कीबोर्ड में 104,105,108 बटन होते हैं साथ ही इनमें एक डेडीकेटेड नंबर प्लेट भी होता है.

Tenkeyless Keyboard: इस तरह के कीबोर्ड में 87 या फिर 88 बटन होते हैं जिसमें डेडिकेटेड नंबर पैड नहीं होता है.

75% कीबोर्ड

इसमें भी Tenkeyless keyboard के बराबर ही बटन होते हैं और यह साइज में काफी छोटे होते हैं.

60% कीबोर्ड

इस प्रकार के कीबोर्ड में फंक्शन वाली रो नहीं होती है यानी कि इसमें फंक्शन बटन नहीं होते हैं. साथी साथ में एरो बटन भी नहीं होते हैं इनका लेआउट काफी छोटा होता है और इस तरह के कीबोर्ड का बहुत ही कम इस्तेमाल किया जाता है.

कंप्यूटर कीबोर्ड कैसे काम करता है?

ये एक इनपुट डिवाइस के साथ ही एक हार्डवेयर डिवाइस भी होता है जो यूजर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार काम करता है.

ये circuits, switches और processors से मिलकर बना हुआ होता है जिसकी मदद से टाइप किया जाने वाला हर keystroke message कंप्यूटर तक पहुँचता है.

आप ये नहीं समझना की मैं CPU के प्रोसेसर की बात कर रहा हूँ बल्कि कीबोर्ड में इसका अपना खुद का भी प्रोसेसर होता है.जो हर इनफार्मेशन को सिस्टम तक पहुंचाता है.

जब हम कुंजीपटल में कुछ भी टाइप करते हैं मान लीजिये की मैंने A टाइप किया तो इससे एक switch press होता है. स्विच के press करने से circuit पूरा हो जाता है और एक हलकी सी current flow कर जाती है.

जब स्विच को हम दबाते हैं तो इसकी वजह एक घनघनाहट पैदा होती है जिसे bounce के नाम से जाना जाता है जिससे processor तक ये पहुँच जाता है. इस cicuit system के एक बड़े पार्ट से Key matrix बनता है.

बटन जिसे हम टाइप करते हैं उसके निचे छोटे छोटे बटन के आकर के सांचे जैसे grid बने होते हैं इसे ही key matrix कहा जाता है.

जब प्रोसेसर को ये पता चल जाता है की एक circuit close हो चूका है तब ये ROM में स्थित character map से key matrix के circuit के location की तुलना करता है. Character map एक तुलना करने वाला चार्ट होता है.

जो हर butoon key की location processor को बताता है. इसके साथ ही ये keystroke के combination की matrix location भी बताता है. जैसे कभी कभी हम Shift और Control बटन के साथ दूसरे alphabets को press करते हैं यही combination of keystrokes होता है.

इस तरह जब हमने A  press किया तो एक current flow होगी जो vibration पैदा करेगी जिसका पता processor को चल जायेगा अब वो key matrix में इस के circuit के location को ROM के character चार्ट से करेगी फिर इसे पता चल जायेगा की कौन सा बटन प्रेस हुआ इस तरह ये तुरंत आउटपुट में A लिख कर डिस्प्ले कर देगा.

कीबोर्ड कितने प्रकार के होते हैं – Types of Keyboard in Hindi

इसका उपयोग के अनुसार अलग अलग तरह के होते हैं. अब हम यहाँ जानेंगे की ये कितने तरह के होते हैं. वैसे तो नोर्मल्ली कंप्यूटर और लैपटॉप कीबोर्ड्स होते हैं लोग उसी को जानते हैं लेकिन इसके अलावा gaming, ergonomic, thumbsize , numeric keyboard इत्यादि भी होते हैं.

इसके अलावा भी बहुत टाइप के कंप्यूटर कीबोर्ड्स होते हैं जैसे foldable, laser/infrared, और chorded keyboard.

इस को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए भी अलग अलग तरीके होते हैं जैसे PS/2 और USB.चलिए अब जानते हैं की ये अलग अलग कीबोर्ड क्या हैं और कैसे काम करते हैं.

Laptop Keyboard

ये QWERTY version का ही कीबोर्ड होता है. लैपटॉप में जो उसे होता है वो इसके सामान ही होता है. बस फर्क ये होता है की कुछ बटन को space की कमी होने के कारन कम कर दिया जाता है.

इस तरह के कीबोर्ड में कुछ एक्स्ट्रा Keys होते हैं जैसे power button, volume button, play button, rewind button, mute button इत्यादि.

Gaming Keyboard

गेमिंग कीबोर्ड भी नार्मल कीबोर्ड्स के सामान ही होते हैं बस थोड़ा फर्क ये होता है की इस  में कुछ एक्स्ट्रा Keys दिए हुए होते हैं. इसमें एक्स्ट्रा फीचर्स के रूप में illuminated keys, multimedia keys, एक LCD screen, palm rest दिया हुआ होता है.

illuminated keys का उपयोग रात के समय में गेम खेलने के लिए होता है. जब रात में अँधेरा ज्यादा हो जब कीबोर्ड ठीक से नहीं दिखाई देता है तो illuminated कीबोर्ड काम आता है. गेम खेलने का बिच में मल्टीमीडिया keys म्यूजिक के साउंड को बढ़ाने और म्यूजिक ट्रैक को बदलने के काम आता है.

Ergonomic Computer keyboard

Ergonomic ऐसे कीबोर्ड्स हैं जो हाथ के muscle के टाइपिंग करने से होने वाले दर्द को कम करने के लिए बनाया गया है. साथ ही हाथ को आराम देने के लिए बनाया गया है.

सामान्यत: इस तरह के कीबोर्ड्स 2  हाथ वाले typists के लिए V-Shape में बनाया जाता है. इससे एंगल बन जाता है जिससे टाइपिंग स्पीड भी बढ़ जाती है.

Laser or Infrared Keyboard

कंप्यूटर की दुनिया में ये लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है. इस टेक्नोलॉजी से कीबोर्ड लाइट के रूप में flat surface में प्रोजेक्ट हो जाता है. इसकी लाइट प्रोजेक्ट होने से टेबल या डेस्क पर ही ये बन जाता है.

टेबल या डेस्क पर बने कीबोर्ड में ही आप टाइप कर के वर्ड्स को कंप्यूटर में इनपुट कर सकते हैं. वैसे ये टेक्नोलॉजी अभी डेवलपिंग स्टेज में है इसीलिए इस का रेगुलर उपयोग नहीं हो रहा है.

Rollup Keyboard

Rollup सफर में इस्तेमाल होने वाले सबसे बेस्ट कीबोर्ड्स हैं. इसे आप रोल कर के रख सकते हैं और जब जरुरत हो उसे फिर खोल के उपयोग कर सकते हैं. इसे carry  करना बहुत ही आसान हो जाता है इसकी rollup होने की वजह से.

ये आम तौर पर silicon और polyurethane मटेरियल से बना हुआ होता है. इस मटेरियल का यही फायदा है आप इसे rollup कर सकते हैं लेकिन इसे फोल्ड नहीं करना है इससे सर्किट डैमेज होने का खतरा होता है.

Keyboard Layout

Layout का मतलब अगर आप जानते होंगे तो आप को समझ में आ ही गया होगा की Layout क्या है.

अगर नहीं मालूम तो चलिए जानते हैं अलग अलग लैंग्वेज के हिसाब से इस की स्ट्रक्चर या बनावट को भी अपने हिसाब से बनाया जाता है. बटन्स को अपने हिसाब से अलग अलग तरीके से प्लेस कर दिया जाता है.

आजकल बहुत से layout types उपलब्ध हैं जैसे QWERTY, QWERTZ, AZERTY लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा QWERTY का इस्तेमाल किया जाता है. चलिए थोड़ा इन layout के बारे में भी जान लेते हैं.

QWERTY

क्या आप को layout का नाम कैसे रखा गया है? अगर आप थोड़ा सा ध्यान दिए होंगे तो जरूर मालूम होगा की अल्फाबेट्स के first लाइन के पहले 6 letters ही QWERTY हैं. चाहे तो अभी आप मोबाइल में व्हाट्सएप्प ओपन कर इस Layout को देख सकते हैं.

ये ऐसा Layout है जो दुनिया में सबसे ज्यादा पॉपुलर है. यहाँ तक की आप हर मोबाइल और टेबलेट में भी इस Layout को देख सकते हैं.

QWERTZ

QWERTY layout से QWERTZ layout में बस इतना फर्क है की इसमें Y letter के पोजीशन को  Z letter के पोजीशन से replace किया गया है. इसीलिए इस का उपनाम “Keyzboard” रखा गया.  इस बदलाव के 2 बड़े कारन हैं.

  • जर्मन भाषा में “Y” letter लेटर से ज्यादा कॉमन लेटर “Z” होता है जिसके कारन इसका प्रयोग अधिक किया जाता है.
  • इसके साथ ही German orthography के अनुसार “T” और “Z” हमेशा एक दूसरे के आगे पीछे जरूर प्रयोग किये जाते हैं.
  • इसीलिए इन दोनों लेटर्स को इंडेक्स फिंगर्स के जरिये बहुत ही आसानी से टाइप हो सकता है.

AZERTY

टाइपराइटर और कंप्यूटर कीबोर्ड पर लैटिन अल्फाबेट के लिए AZERTY एक स्पेशल layout माना जाता है. इससे basically सबसे ज्यादा फ्रेंच लोग प्रयोग करते हैं.

DVORAK

Augustine Dvorak ने DVORAK layout का invention किया था. इस में letters के उपयोग के अनुसार arrange किया गया है.

उदाहरण के लिए “e” लेटर सबसे commonly प्रयोग होने वाला लेटर होता है इसीलिए इसे सेंटर में प्लेस किया गया है. इससे फिंगर की मूवमेंट कम हो जाती है.

दूसरे सभी layout की तुलना में इस layout में काफी स्पीड टाइपिंग होती है और साथ ही ये फिंगर्स के लिए आरामदायक भी होता है.

Keys कितने प्रकार के हैं?

इस में बटन के आकार में बहुत सारे alphabetical letters, Numerical numbers, symbols और commands होते हैं. हर Key किसी न किसी खास केटेगरी से जुड़ा हुआ होता है. अगर आप समझ गए की कौन सा Key किस केटेगरी से जुड़ा है तो आप आसानी से उसका function जान सकते हैं.

कुछ बोर्ड्स special keys का उपयोग करते हैं लेकिन कुछ बिना special keys keys ही होते है. लेकिन सभी में एक जैसा alphanumerical keys जरूर होते हैं.

Alphanumeric Keys

दुनिया के हर कीबोर्ड में keys का एक सेट होता है जिसे alphanumeric keys के नाम से जाना जाता है. इसे alphanumeric इसे लिए बोला जाता है क्यों की इसमें सिर्फ alphabets और नंबर्स होते हैं.

इसमें number keys 2 जगह में होते हैं. एक तो अल्फाबेट्स के ऊपर के row में होते हैं और दूसरी अल्फाबेट्स के दाहिने साइड में. ऊपर वाले नंबर्स keys में सिंबल भी होते हैं जो SHIFT बटन को प्रेस कर के साथ में प्रेस करने से टाइप हो जाते हैं.

लेटर Keys इसमें एक तरीके से arranged होते हैं. first row में QWERTY होते हैं. आप अपने स्मार्टफोन और टेबलेट के कीबोर्ड में भी इसी layout को देख सकते हैं.

Punctuation Keys

Punctuation Keys का मतलब होता है वैसे keys जो विराम signs को रिप्रेजेंट करते हैं. इन के उदाहरण हैं.

Comma  – इसे हम अल्पविराम के नाम से भी जनते हैं.

Question mark – प्रश्न चिन्ह,

Colon Key – Colon key

Period Key – अवधि key.

ये सारी Keys letter Keys के दाहिने तरफ होते हैं.

Function Keys

सबसे ऊपर के row में फंक्शन keys होते हैं. इसे आप F1, F2……..F12 के नाम से पहचान सकते हैं. Function keys के काम अलग अलग function होते हैं. जैसी भी जरुरत हो वैसा काम लिया जाता है.

Navigation Keys

Navigation keys कीबॉर्ड के राइट साइड में letter keys और numbers keys के बिच में होते हैं. ये मैनली 4 arrows होते हैं जो left, right, up down direction को रिप्रेजेंट करते हैं.

माउस के जैसा ही navigation keys से cursor को सभी directions में मूव कर सकते हैं. इसके साथ ही पेजेज को scroll करने के लिए इसका उपयोग करते हैं.

Command keys और  Special keys

Command keys वैसे keys होते हैं जो की सामान्यत कमांड देने के लिए उपयोग किये जाते हैं. जैसे की “delete”, “enter”, “return”. ये आपके कीबोर्ड पर निर्भर  करता है की स्पेशल keys कहाँ पर हैं जो नंबर्स के ऊपर मौजूद हो सकते हैं और किसी में नहीं भी हो सकते हैं.

ये special keys End, Home, Caps lock हैं जिसका उपयोग वॉल्यूम बढ़ाने और कम करने के लिए करते हैं और साथ ही वीडियो रिवाइंड और फॉवर्ड करने के लिए करते हैं. इसके साथ ही CTRL and ALT के साथ और भी काम कर सकते हैं.

विभिन्न कंप्यूटर कीबोर्ड Keys

आप इस इनपुट डिवाइस का  इस्तेमाल करते हैं और इसमें आपके काम के हर तरह के बटन भी मौजूद होते हैं. तो आपको शायद ये भी मालूम होगा की इन Keys के कितने टाइप्स होते हैं. अगर नहीं मालूम है तो फिर आगे इसके बारे में आपको पूरी जानकारी मिल जायेगी.

Typing Keys

Typing keys वही keys होते हैं जो हमे नोर्मल्ली मैक्सिमम टाइप करने के लिए इस्तेमाल करते हैं जैसे alphabets और numeric keys. इसे आप alphanumeric keys के रूप में भी ऊपर पढ़ चुके हैं. इसके अलावा इसमें punctuation और symbols भी शामिल हैं.

Function Keys

सबसे ऊपर के row में फंक्शन Keys होते हैं. इसे आप F1, F2……..F12 के नाम से पहचान सकते हैं. फंक्शन Keys के काम अलग अलग फंशन होते हैं. जैसी भी जरुरत हो वैसा काम लिया जाता है.

Numeric keys

Numeric keys वो keys हैं जो alphabets के राइट साइड में numbers keys होते हैं. ये कैलकुलेशन करने में काफी उपयोगी होते हैं.

Control Keys

Control keys वैसे Keys हैं जिन्हे सिंगल भी इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर किसी और के के साथ भी उपयोग किया जा सकता है. स्टCtrl, Alt, Escape, Windows Key etc Control Keys होते हैं. इसके अलावा Scroll Key, PrtScr, Pause, Break keys भी Control Keys होते हैं.

Indicators

बोर्ड में कुछ Keys के लिए इंडिकेटर लाइट्स होते हैं. जब इन Keys को ON किया जाये तो इसके इंडिकेशन के लिए जो लाइट्स हैं वो ON रहते हैं. अगर लाइट्स ऑफ हैं मतलब Keys से जो फंक्शन जुड़ा हुआ है वो काम नहीं करेगा. जब NUM Key ON है तो राइट साइड के numerical numbers Key काम करेंगे अगर ये OFF रहेगा तो टाइप नहीं होंगे. Capslock key का indicator light ON रहने पर सारे alphabets Upper Case में लिखे जायेंगे ऑफ रहने पर Lower Case में.

Keyboard Keys जानकारी के साथ

Key/Symbol Explanation 
WindowsPC keyboards में एक Windows key होता है जो 4 pane windows जैसा दीखता है
CommandApple Mac computers में एक command key होता है.
Esc Esc (Escape) key.
FnFn (Function) key. 
F1 – F12Information जिसमे F1 – F12 keyboard keys होते हैं.
TabTab key. 
Caps lock Caps lock key 
Left Cursor को left में ले जाने के लिए
Right Cursor को right में ले जाने के लिए
UpCursor को ऊपर में ले जाने के लिए
DownCursor को निचे में ले जाने के लिए
Back Spaceडिलीट करने के लिए
Delete डिलीट करने के लिए 
Shift Shift key. 
SpacebarSpacebar key. 
EnterOk या Enter button
PausePause key.
Break Break key
InsertInsert key.
HomeHome key
Prt ScrnScreenshot लेने के काम आता है. 
Ctrl Ctrl (Control) key. Single और double button के रूप में उपयोग कर सकते हैं.
Scroll lockScroll lock key.
Alt Alt (Alternate) key (PC Only; Mac users have Option key).
Page upFor Page up or pg up key. 
Page downFor Page down or pg down key.
EndEnd key. 
Num LockNum Lock key. 
~Tilde
`Acute, Back quote, grave, grave accent, left quote, open quote, or a push. 
!Exclamation mark, Exclamation point, or Bang
@Ampersat, Arobase, Asperand, At, or At symbol.
#Octothorpe, Number, Pound, sharp, or Hash 
€ Euro. 
Dollar sign or generic currency.
¢Cent sign
¥Chinese or Japenese Yuan.
§Micro or Section 
%Percent 
°Degree. 
^Caret or Circumflex
&Ampersand, Epershand, or And
*Asterisk, mathematical multiplication symbol, and sometimes referred to as star
(Open parenthesis. 
)Close parenthesis
Hyphen, Minus ya Dash.
?Question Mark.
Greater Than ya Angle brackets. 
<Less Than ya Angle brackets 
Sentence में अल्पविराम के लिए.
.Sentence पूरा करने पर Full Stop
Apostrophe या Single Quote.
Quote, Quotation mark, या Inverted commas
:Colon.
/Forward slash, Solidus, Virgule, Whack, and mathematical division symbol. 
\Backslash or Reverse Solidus. 
|Pipe, Vertical bar
]Closed bracket
[Open bracket
}Close Brace, squiggly brackets, or curly bracket
{Open Brace, squiggly brackets, or curly bracket
=Equal
+Plus
_Underscore
Hyphen, Minus or Dash

कंप्यूटर कीबोर्ड शॉर्टकट Keys – Computer Keyboard Shortcut in Hindi

जब भी हम कंप्यूटर में  काम करते हैं तो उसके लिए इनपुट डिवाइस का इस्तेमाल कर के अपना डाटा कंप्यूटर में डालते हैं और उसे काम करने के लिए निर्देश देते हैं.

इस में कीबोर्ड और माउस सबसे प्रमुख है. फिर भी हर इंसान में काम करने क्षमता अलग अलग होती है और काम करने की गति भी भिन्न होती है.

कंप्यूटर में काम करने वाला आदमी जब इस के शॉर्टकट keys की जानकारी रखता है तो उसे काम करना और भी आसान हो जाता है ऐसे में हर वक़्त माउस पकड़ने की जरुरत नहीं पड़ती बल्कि इस से ही सारा काम कर सकते हैं.

अब हम इस के ऐसे ही shortcut keys के बारे में जानेंगे जो हमारे काम को और आसानी और जल्दी से पूरा करने में हमारी बहुत मदद करते हैं.

Shortcut KeysKeys Description
F1Help इनफार्मेशन देखने के लिए इस के का इस्तेमाल करते हैं.
F2किसी फाइल का नाम बदलने के लिए F2 का इस्तेमाल करते हैं.
F5खुले हुए एक प्रोग्राम से दूसरे प्रोग्राम में के के लिए काम करता है.
Alt+Tabखुले हुए एक प्रोग्राम से दूसरे प्रोग्राम में के के लिए काम करता है.
Alt+F4किसी भी Active प्रोग्राम को बंद करता है.
Ctrl+Aपेज के सभी कंटेंट को एक बार में सेलेक्ट करता है.
Ctrl+Bसेलेक्ट किये हुए text को bold करता है.
Ctrl+Cसेलेक्ट किये हुए text को copy करता है
Ctrl+Dखुले हुए वेबपेज को bookmark करता है.
Ctrl+Eसेलेक्ट किये हुए Text को center में ले जाता है.
Ctrl+FFind विंडो खोलने के लिए प्रयोग करते हैं.
Ctrl+Gब्राउज़र और वर्ड प्रोसेसर में Find विंडो ओपन करता है.
Ctrl+Hमाइक्रोसॉफ्ट वर्ड, नोटपैड और वर्डपैड में Find & Replace का विंडो ओपन करता है.
Ctrl+Iलिखे हुए text को italic करता है.
Ctrl+Jब्राउज़र में हो रहे डाउनलोड विंडो में जाने के लिए प्रयोग करते हैं और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Justify alignment set करता है.
Ctrl+Kमाइक्रोसॉफ्ट वर्ड और HTML editor में highlighted text का Hyperlink बनाता है.
Ctrl+LText को left side में align करता है और browser का address bar select करता है.
Ctrl+Mवर्ड प्रोसेसर प्रोग्राम में सेलेक्टेड text को indent करता है.
Ctrl+Nलगभग हर तरह प्रोग्राम में File या document को ओपन करता है.
Ctrl+Oलगभग हर तरह प्रोग्राम में File या document को ओपन करता है.
Ctrl+Pडॉक्यूमेंट को प्रिंट करने के लिए Print विंडो ओपन करता है.
Ctrl+RText को right side align करता है. ब्राउज़र के पेज को reload करता है
Ctrl+Sfile या document को लोकल ड्राइव में परमानेंटली save करता है.
Ctrl+Tइंटरनेट ब्राउज़र में नया tab खोलता है.
Ctrl+UText को underline करता है.
Ctrl+VCopy किये हुए file, text document को paste करता है.
Ctrl+Wब्राउज़र में tab और वर्ड में document को करता है.
Ctrl+Xसेलेक्ट किये हुए text या किसी फाइल cut करता है.
Ctrl+Yकिसी भी action को Redo करता है.
Ctrl+Zकिसी action को Undo करता है
Shift+Delकिसी फाइल को परमानेंटली डिलीट करता है.
Homeलाइन के शुरुआत में जाने के लिए.
Windows+RRun command बॉक्स ओपन करता है.

संक्षेप में

जिस तरह इंसान के शरीर में हर अंग जरुरी होता है उसी तरह कंप्यूटर में हर तरह के काम हो सके उसके लिए जरुरी डिवाइस होते हैं. उन्ही में से एक महत्वपूर्ण पार्ट कीबोर्ड होता है जिसके बिना सिस्टम में हम कुछ काम कर ही नहीं सकते हैं. इस पोस्ट में आपने यह भी जाना की कीबोर्ड में टोटल कितने बटन होते हैं.

कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाला हर पार्ट जरुरी है लेकिन कीबोर्ड ऐसा इनपुट डिवाइस जिसकी मदद से  हम हर तरह के कामों को पूरा करते हैं. इस पोस्ट के माध्यम से आपको मैंने information about keyboard in hindi की जानकारी अच्छे से देने की कोशिश की है ताकि आप इसके बारे में सबकुछ समझ सके.

आज की पोस्ट कंप्यूटर से जुडी जानकारी हासिल करने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है. क्यूंकि आज हमने जाना की कीबोर्ड क्या है (What is Keyboard in Hindi) और ये कितने तरह का होता है.

अगर आपको किसी तरह की प्रॉब्लम हो तो आप कमेंट में पूछ सकते हैं.मैं आपके सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करूँगा.

आपसे मेरी अनुरोध है की आप इस पोस्ट को अपने फ्रेंड्स के साथ जरूर शेयर करे. आपको ये पोस्ट कैसा लगा और इसे कमेंट कर के जरूर बताये.

21 COMMENTS

  1. Keyboard kya hai bahut achi jankari diya hai aapne
    Issue hum just tarah ka keyboard select karna hai aur issue Judi sari jankari mil chuki hai.

  2. Jankari dene ke liye bahut bahut dhanyabaad sir
    Mai chahunga ki aap isi tarah ki dher sari jankari humlogo tak pahuchate rhe..
    Best of luck

  3. मै आपके ब्लाग का फैन हो गया हूं।
    अगर आप ईसपर एक ईमेज बना के डाल दें तो और अच्छा रहेगा जैसे की “जानीये किबोर्ड के टाईप” और फिर उनका नाम जैसे “Qwerty, etc”.

    और निचे ब्लाग का नाम।

    मै भी एक ब्लागर हुं और ईतना बडा पोस्ट लिखने मे मै जानता हूं की घंटो लग जाता है। मै पहले बहुत ब्लागिंग करता था। आह वो दिन भी क्या दिन थे। उसमे कई ब्लागर थे जैसे रतन सिंह जी, उडन-तस्तरी जी आदी। सायद आप उनको जानते हों।

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