जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कैसे करें? जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने का प्रोसेस.

छोटे से छोटे तथा बड़े से बड़े कारोबार चलाने वाले बिजनेसमैन को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है. कई लोगों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने की प्रोसेस नहीं पता होती.

आज हम आपको बताएंगे कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे करें) तथा जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना क्यों जरूरी है?

जीएसटी केंद्र तथा राज्य सरकार के द्वारा पारित किया गया एक अप्रत्यक्ष कर है जिसका रजिस्ट्रेशन करवाना हर एक व्यापारी के साथ साथ तरह-तरह के कंपनियों के लिए अनिवार्य है.

आप इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे घर बैठे GST registration kaise kare?

जीएसटी क्या है?

जीएसटी का फुल फॉर्म गुड एंड सर्विस टैक्स होता है जिसे राज्य और केंद्र सरकार के द्वारा 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था, यह एक अप्रत्यक्ष कर है जिसे सभी वस्तुओं और सेवाओं के लिए एक समान लगाया गया है.

इस अप्रत्यक्ष कर के आने से छोटे से छोटे तथा बड़े से बड़े वस्तुओं के कर एक समान हो गए हैं जिससे लोगों को कर देने में परेशानी नहीं होती वह अपनी इनकम के अनुसार आसानी पूर्वक कर चुकाने में सक्षम होते हैं.

जब जीएसटी हमारे देश में लागू नहीं हुई थी उसके पहले बहुत से ऐसे देश हैं जिनमें जीएसटी जैसे अप्रत्यक्ष कर लागू की गई थी जिस कारण से उन देशों की अर्थव्यवस्था हमारे देश के अपेक्षा काफी बेहतर है.

अन्य देशों की अर्थव्यवस्था देखते हुए, 1999 के प्रधानमंत्री द्वारा जीएसटी के बारे में  विचार विमर्श किया जा रहा था.

1999 ईस्वी में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के द्वारा जीएसटी लागू करने के लिए सोच विचार चल रहा था उसी दौरान अटल बिहारी भाजपा और उस समय के वित्त मंत्री के द्वारा जीएसटी का मॉडल बनाने के लिए कहा गया.

उस समय के पश्चात 1 जुलाई 2017 को केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा जीएसटी जैसे अप्रत्यक्ष कर को लागू किया गया जिससे पहले के विभिन्न प्रकार के करों से लोगों को छुटकारा मिला और सभी वस्तुओं और सेवाओं में एक समान कर लगाया गया.

जीएसटी आने के पहले हर एक सामान में अलग अलग कर लगाए गए थे जिन करो को देना व्यक्तियों के इनकम से ज्यादा हुआ करता था इसलिए बहुत से व्यक्ति कर को नहीं चूकाते थे.

लेकिन जब से जीएसटी लागू हुई है तब से यह जीएसटी उन सभी अलग-अलग करो को हटाकर उन सभी के जगह पर अपनी जगह बनाई है जिससे हर एक लोग आसानी पूर्वक इस अप्रत्यक्ष कर को देने में सक्षम होते हैं.

अगर आप इस विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो GST क्या है ये जरूर पढ़ें.

जीएसटी रजिस्ट्रेशन किसे कराना है?

बड़े-बड़े कारोबार करने वाले व्यापारिया जिन्होंने जीएसटी आने के पहले अपना रजिस्ट्रेशन इसके पहले दिए जाने वाले कर के अनुसार किए थे अब उन्हें अपना फिर से रजिस्ट्रेशन जीएसटी कर में करवाना अनिवार्य है.

जिन कंपनियों का बिजनेस पहले के कर में रजिस्टर्ड हुए थे उनको डायरेक्टली पेन कार्ड के आधार पर रजिस्ट्रेशन नंबर दे दिया जा रहा है जो अभी के जीएसटी रजिस्ट्रेशन में शामिल नहीं थे .

उन लोगों को अपनी  पैन कार्ड के आधार पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन का नंबर दे दिया जा रहा है. जिससे वह कंपनी भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन के अंदर शामिल हो गए हैं.

इन सभी के साथ साथ जिन कंपनियों का सलाना 2000000 रुपए होती है उन्हें इस जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है इसके साथ-साथ जो भी नहीं कंपनियां खुल रही है या फिर जो लोग नई तरह के बिजनेस स्टार्ट कर रहे हैं उन लोगों को भी इस जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है.

जीएसटी रजिस्ट्रेशन किसके लिए जरूरी है?

जिन व्यापारियों का सलाना 20 लाख से ज्यादा होता है उनको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है और इसके साथ साथ जीएसटी के कर को चुकाना भी अनिवार्य है.

क्योंकि सरकार राज्यों के बिजनेस के लिए टर्नओवर लिमिटेड 1000000 ही रखे हैं इसलिए जो व्यापारी इससे ज्यादा कमाई करता है उन्हें जीएसटी  जैसे अप्रत्यक्ष कर को देना होता है.

जीएसटी रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है?

जिन कारोबारियों के द्वारा जीएसटी रजिस्ट्रेशन किया जाता है उन्हें सरकार के  कानूनों की मान्यता मिलती है तभी वे अपने बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं और बिजनेस के लिए आवश्यक सामग्री का आदान-प्रदान कर सकते हैं.

इसलिए बिजनेस को आगे अच्छी तरीके से चलाने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है क्योंकि बिना सरकार के कानूनी मान्यता के कोई  भी कंपनी अच्छी तरीके से नहीं चल सकती.

GST registration kaise kare?

यदि आपके बिजनेस का टर्नओवर ₹2000000 है और आप कहीं क्षेत्र में बिजनेस करना चाहते हैं या फिर आप किसी अन्य राज्यों में अपना माल सप्लाई करते हो तो आपको जीएसटी नंबर लेना आवश्यक है, इसके लिए आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन करना होगा.

आप घर बैठे अपने फोन की मदद से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं इसके निम्नलिखित प्रोसेस है:-

सबसे पहले आपको अपने फोन के ब्राउजर एप में gst.gov.in एक्सेस करना होगा.

सर्च करने के दौरान जीएसटी यानी कि गुड्स एंड सर्विस टैक्स के ऑफिशियल वेबसाइट खुलेंगा.

इस वेबसाइट के पेज में आपको लिखे गए सर्विस, रजिस्ट्रेशन तथा नई रजिस्ट्रेशन इन तीनों ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. इसे क्लिक करते ही आपके सामने एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जाएगी.

GST registration kaise kare step - 2

रजिस्टर फॉर्म खुलते ही आप इस फॉर्म को फिल करें.

इसे फील करने के लिए सबसे पहले आपको अपने रोल का चुनाव करना है की आप किस तरह की रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं.

इसके अंतर्गत निम्नलिखित ऑप्शन होते हैं:

  • Taxpayer
  • Tax Deductor
  • Tax Collector
  • GST Practitioner
  • Non Resident Taxable Person
  • United Nation body
  • Consulate or Ambassy of Foreign Country
  • Other Notified Person
  • Non Resident Online Service Provider

अपने प्रकार के अनुसार ऊपर में से कोई ऑप्शन चुन लें.

अबआपको लोकेशन यानी की राज्य या फिर केंद्र शाषित प्रदेश जहाँ पर आप रहते हैं उसका चुनाव करना है. लोकेशन चयन करके डालने के बाद आपको डिस्ट्रिक्ट चेंज करनी है और वहां फील कर देना.

इसके बाद नीचे लिखे लीगल बिजनेस नेम में आप अपना नाम डाल सकते हो.

यदि शॉप आपकी है तो या फिर आप किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अंतर्गत कार्य करते हैं तो उस कंपनी का नाम डालें. आप वही नेम को यहां पर डालें जो नाम आपके पैन कार्ड पर हो.

इतना भरने के बाद आप नीचे अपना पैन कार्ड नंबर डालें.

पैन कार्ड के नीचे ईमेल आईडी तथा फोन नंबर भरे. इसके पश्चात उस फॉर्म के नीचे लिखे गए डिजिट्स को वहां पर डालें यदि आपको क्लियर ना दिखे तो आप वहां से रिक्वेस्ट भी कर सकते हैं इसके बाद प्रोसीड में क्लिक कर दें.

अगले चरण में आपके फोन नंबर और ईमेल आईडी में ओटीपी आएगी और उस ओटीपी को खाली स्थान में भरने के बाद प्रोसेस में फिर से क्लिक करें.

इतना करने के बाद आपका टी आर ए नंबर गेनेराते जेनेरेट हो जाएगा जिसे टेंपरेरी रिफरेंस नंबर कहा जाता है.

इसे आप कहीं नोट कर ले क्योंकि आगे आपको इस नंबर को फिल करना है. जनरेट में टी आर ए नंबर आपके फोन नंबर पर मैसेज कर दिया जाता है. इसके बाद आप प्रोसीड पर क्लिक करें.

कम्पलीट हो जाने के बाद आपके पास न्यू पेज खुलेगा जिसमें आपको टी आर ए नंबर डालना होगा और उसके नीचे कैपचा में लिखे डिजिट को फिल करना होगा और फिर प्रोसीड पर क्लिक कर दें.

फिर से आप के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर ओटीपी आएगा जिसे आपको नेक्स्ट खुले हुए पेज में भरना है इसको फील करने के बाद  प्रोसीड पर क्लिक कर दें.

इतना करने के बाद आपके सामने एक टैक्स बोर्ड खुल जाएगा जिसमें क्रिएशन डेट, फोन नंबर, फोन डिस्क्रिप्शन एक्सपायरी डेट, यह सब ऑप्शन दिए रहेंगे जिसमें आपको एक्सपायरी डेट के पहले रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म फिल  करना होगा, इसके लिए उस में दिए गए एक सन ऑप्शन में क्लिक करें.

इसके पश्चात एक पेज खुलेगा जिसमें आपके लीगल नेम होंगे और पैन कार्ड नंबर होगा इसके अतिरिक्त ट्रेंड नेम में अपने शॉप का नाम डालें तथा अगले ऑप्शन में आपको अपनी बिजनेस कैटेगरी चेंज करनी होगी,आप यदि इंडिविजुअल या सिंगल बिजनेस कर रहे हैं तो उसके लिए आप प्रोपराइटरशिप यूज करें.

यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं इसके लिए आपको पार्टनरशिप चीज करना होगा, यदि कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है तो आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कोशिश करें इस प्रकार आप अपने बिजनेस  कैटेगरी कोशिश कर सकते हैं.

उसके बाद आपको सेक्टर चार्ज या यूनिट चूज करना होगा.

इसके पश्चात दिए गए अन्य ऑप्शन को भर के फॉर्म फिल कर ले इसके बाद आपको अपने बिजनेस के शुरुआती डेट बना होगा और एक ऑप्शन में रजिस्ट्रेशन के लिए डेट भरना होगा. 

इसके बाद टाइप ऑफ रजिस्ट्रेशन के ऑप्शन में टेंपरेरी आईडी को क्लिक करें.

इतना करने के बाद सेव एंड कंटिन्यू में क्लिक करें.

सभी प्रोसेस के बाद खुले गए फॉर्म में आपको अपने कंपनी या ऑनर नेम के इंफॉर्मेशन भरने होंगे. इसमें जितने भी ऑप्शन भरने के लिए आए हैं उसमें प्रोपराइटर के सभी इंफॉर्मेशन डाल दें.

इन सभी प्रोसेस को करने के बाद एप्लीकेशन को सबमिट करें और एप्लीकेशन सबमिट होने के कुछ समय पश्चात आपके ईमेल आईडी और फोन नंबर में जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर आ जाएगा.

जैसे ही आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन पूरा होता है कुछ समय पश्चात आपके फोन नंबर या ईमेल आईडी में 15 अंक केयर एंड इफिकेशन नंबर मैसेज के तौर पर आते हैं जिसमें वह नंबर आपके पैन कार्ड और राज्य के कोड पर आधारित होता है.

इस नंबर की पहली जो 2 डिजिट होती है वह नंबर राज्य के कोड नंबर से जो करती है तथा इसके बाद वाले नंबर पैन कार्ड के नंबर पर लिखा हुआ रहता है. इन सबके साथ दो डिजिट कारोबार संस्था के कोड के आधार पर लिखी हुई रहती है.

जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट किसे मिलती है?

उन लोगों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट मिलती है जिनका सालाना टर्नओवर 2000000 से कम है उन लोगों को जेस्टेशन नहीं करवाना पड़ता.

जिन लोगों का सबसे ज्यादा है करवाना आवश्यक है बिजनेस के लिए सरकार द्वारा मान्यता मिलेगी.

जीएसटी रजिस्ट्रेशन की फीस

जीएसटी रजिस्ट्रेशन यदि ऑनलाइन प्रक्रिया से करते हैं तो इसमें कोई फीस नहीं लगती लेकिन यदि आपको प्रोफेशनल तरीके से अपने जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना है तो इसके लिए आपको फीस देनी होगी. 

प्रोफेशनल तरीके से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए डिजिटल सिगनेचर की आवश्यकता होती है जिस की फीस ₹1000 ले जाती है.

तीन तरह के खाते:-

जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद तीन तरह के खाते खुलते हैं :-

इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर:-

इस खाते में आपके नाम पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि रखी जाती है.

इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर:- 

इस खाते में आपके द्वारा जमा की गई राशि दिखाई जाती है.

कर देयता की पंजी:-

इस खाते में आपके द्वारा जमा की गई जीएसटी का ब्यौरा दिखाया जाता है.

इस प्रकार जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने के बाद आपके नाम पर तीन खाता खोलते हैं जिसमें जीएसटी से संबंधित राशि जमा होती है.

रजिस्ट्रेशन ना करवाने पर जुर्माना

जो व्यापार यहां अपने व्यवसाय का जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं करवाए हैं उनको जुर्माना देना पड़ता है:-

यदि आप जीएसटी टैक्स को जानबूझकर नहीं देते हो यह बात आपकी पकड़ा जाती है तो इसके लिए आपको सौ परसेंट तक जुर्माना लगाया जाता है जो जीएसटी कर का 100 गुना होता है.

यदि आपके ऊपर बन रहे जीएसटी को आपने कम दिया है तो इसके लिए आपको 10 परसेंट ज्यादा टैक्स देना होगा.

निष्कर्ष

बिज़नेस शुरू करने के लिए GST नंबर का होना जरुरी है इसीलिए आज आपने इस आर्टिकल के माध्यम से जाना की जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे करें? 

इसके साथ साथ आपको यह भी जानने को मिली की रजिस्ट्रेशन की फीस कितनी होती है एवं जीएसटी ना भरने पर जुर्माना कितना लगता है?

आशा है आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो और जीएसटी तेरे स्टेशन से संबंधित जानकारी अच्छी पूर्वक समझ में आई हो.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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