RNA Full Form – RNA का पूरा नाम क्या है?

क्या आप जानते हैं कि आरएनए का फुल फॉर्म क्या होता है (RNA Full Form) और यह डीएनए से किस प्रकार अलग होता है. अगर आपको नहीं जानते तो इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें क्योंकि इसमें हम आपको बताएंगे कि आरएनए का हिंदी में पूरा नाम क्या है और इसका अर्थ क्या होता है.

आरएनए का फुल फॉर्म क्या है – What is the full form of RNA in hindi?

RNA का फुल फॉर्म “Ribonucleic acid” होता है. इसे हिंदी में “राइबो न्यूक्लिक एसिड” कहते हैं.

RNA का संश्लेषण( निर्माण) डीएनए से ही होता है. यह सीधे तरीके से प्रोटीन संश्लेषण में शामिल होने वाला एक प्रकार का न्यूक्लिक एसिड होता है.यह जीवन के सभी ज्ञात रूपों के लिए आवश्यक होता है क्योंकि यह जैविक अणुओं में से एक होता है.

इसमें चीनी राइबोस, फास्फेट एवं नाइट्रोजेनस बेस एडनिन इत्यादि मुख्य रूप से शामिल होते हैं. यह न्यूक्लिक एसिड की लंबी श्रृंखला के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण न्यूक्लियोटाइड भी होता है, जो सभी जीवित कोशिकाओं में मौजूद होता है.

आरएनए (RNA) के कार्य:-

इसका निर्माण कोशिकाओं द्वारा मुख्य रूप से किया जाता है. प्रोटीन के अनेक कार्य कोशिका के अंदर होते हैं जैसे:- सेल्यूलर रासायनिक प्रतिक्रियाओं के लिए एंजाइम बनाना एवं सेल्यूलर संरचनाएं बनाना इत्यादि जैसे कार्य शामिल होते हैं.
यह मुख्य रूप से डीएनए के संदेश का आवाहन करता है.

जीन से अमीनो एसिड के अनुक्रम की जानकारी को ले जाना इसका प्रमुख कार्य होता है.
मैसेंजर आर एन ए द्वारा साइटोप्लाज्म में राइबोसोम पर प्रोटीन इकट्ठे होते हैं.

RNA के प्रकार

RNA मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:-

  1. जेनेटिक(Genetic)
  2. नॉन जेनेटिक(Non-Genetic)

1. जेनेटिक(Genetic)

डीएनए इसमें उपस्थित नहीं होता है.

2. नॉन जेनेटिक (Non-Genetic)

डीएनए इसमें उपस्थित होता है एवं आर एन ए का निर्माण करता है.

RNA (आर एन ए) मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है:-

1. मैसेंजर आर एन ए (m- RNA ):-

  • इसे hn-RNA(Heterogenous nuclear RNA) भी कहा जाता है. इसका मतलब यह है कि यह न्यूक्लियस में पाया जाने वाला आर एन ए होता है.
  • यह सिंगल- स्ट्रैंडेड होता है साथ ही इसमें कोई भी फोल्ड्स एवं लूप नहीं पाया जाता है.
  • इसका मॉलिक्यूलर वेट (mol. wt.)500000 डाल्टन होता है.
  • यह टोटल आर एन ए का 3 से 5% होता है.
  • यह डीएनए से सिंथेसाइज्ड होता है. डीएनए न्यूक्लियस से बाहर नहीं आता है इसलिए यह m-RNA को बनाता है. जिस प्रक्रिया द्वारा m-RNA सिंथेसाइज्ड होता है उसे ट्रांसक्रिप्शन कहा जाता हहै
  • यह डीएनए द्वारा भेजे गए मैसेज को राइबोसोम तक पहुंचाने का कार्य करता है. डीएनए m-RNA की मदद से राइबोसोम को यह मैसेज देता है की कौन-से प्रोटीन का निर्माण करना है.

2. राइबोसोमल आरएनए (r- RNA):-

  • यह भी single-stranded आर एन ए होता है, लेकिन इसमें लूप के साथ-साथ फोल्ड्स भी पाया जाता है.
  • इसका मॉलिक्यूलर वेट(molecular weight) 40,000 – 100000 डाल्टन होता है.
  • यह टोटल आर एन ए का 80% होता है.
  • यह प्रोटीन का निर्माण करता है. यह कार्य एमआरएनए से मैसेज को पढ़कर करता है.

3. ट्रांसफर आर एन ए (t-RNA):-

  • इसे sn-RNA(small-nuclear) एवं सेल्यूलर आर एन ए भी कहा जा सकता है क्योंकि इसका आकार बहुत ही छोटा होता है जिसके कारण इसे पृथक नहीं किया जा सकता है.
  • यह सॉल्युबल आर एन ए होता है.
  • यह single-stranded होता है साथ ही इसमें  आर्म्स एवं लूप भी होते हैं.
  • इसका मॉलिक्यूलर वेट(molecular weight) 23,000 से 30,000 तक होता है.
  • यह टोटल आर एन ए का 10 से 20% तक होता है.
  • अमीनो एसिड को कोड के आधार पर आर एन ए पर ट्रांसफर किया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि कौन से अमीनो एसिड का निर्माण किया गया है.

प्रत्येक जीवित जीवो के अंदर मुख्यतः दो प्रकार की कोशिकाएं होती है:-

  1. प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं
  2. यूकैरियोटिक कोशिकाएं

कुछ जीवो में प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं पाई जाती है और कुछ जीवो में यूकैरियोटिक कोशिकाएं पाई जाती है.

डीएनए जीवो के प्रत्येक कोशिकाओं में एक समान डीएनए की रचना करता है, क्योंकि इसका कार्य अनुवांशिक लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ले जाना होता है. इसके पास द्विगुणन की क्षमता होती है जिसके कारण एक बड़ा डीएनए अनेक डीएनए का निर्माण करता है.

प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में डीएनए साइटोप्लाज्म में मुक्त अवस्था में पाया जाता है क्योंकि इन कोशिकाओं में केंद्रक नही पाया जाता है. वहीं दूसरी ओर यूकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक पाए जाने के कारण डीएनए केंद्रक में ही पाया जाता है.

RNA एवं DNA के बीच निम्न अंतर है:-

प्यूरीन( एडनिन (A) & ग्वेनिन (G),पिरिमिडीन(साइटोसिन(C) & यूरासिल(U) पाया जाता है, थायमिन(T)अनुपस्थित होता है. RNA पॉलीमरेज नामक एंजाइम द्वारा आरएनए को डीएनए से तथा अन्य एंजाइमों द्वारा आगे प्रोसीड किया जाता है. प्यूरीन (एडनिन(A) & ग्वेनिन(G), पिरिमिडीन (साइटोसिन (C) & थायमिन (T) पाया जाता है, यूरासिल (U)अनुपस्थित होता है.

RNA कई प्रकार के होते हैं जैसे:-m-RNA, r-RNA Or t-RNA इत्यादि. आर एन ए के कुछ अन्य प्रकार भी होते हैं जैसे:- अनुवांशिक RNA, छोटा न्यूक्लियर RNA एवं छोटा साइटोप्लास्मिक RNA इत्यादि. वहीं दूसरी ओर DNA के प्रकार नहीं होते हैं.

कुछ अन्य अंतर निम्नलिखित हैं:

RNADNA
आमतौर पर RNA एकल असहाय (single- stranded) होते हैं.डीएनए डबल असहाय (double-stranded) होते हैं.
RNA में राइबोस शर्करा होती है. DNA में डीऑक्सिराइबोस शर्करा होती है.
RNA राइबोसोम, नाभिक तथा साइटोप्लाज्म में पाया जाता है. डीएनए(DNA) एक कोशिका के केंद्रक में उपस्थित गुणसूत्रों में, हरित लवक एवं माइटोकॉन्ड्रिया में स्थित होता है.
RNA प्रोटीन संश्लेषण के कार्य में विशेष भूमिका निभाता है एवं साथ ही आनुवंशिक सूचना का वाहक भी होता है.जबकि DNA द्वारा कोशिकाओं में होने वाली क्रिया तथा अनुवांशिक पदार्थ को नियंत्रित किया जाता है.
RNA कम समय तक क्रियाशील होते हैं.DNA लंबे समय तक क्रियाशील होते हैं.
RNA में हाइड्रोजन बंध नहीं पाया जाता है.लेकिन DNA में हाइड्रोजन बंध पाया जाता है.
RNA को स्व- प्रतिकृति की आवश्यकता नहीं होती हैवहीं दूसरी ओर DNA स्व- प्रतिकृति के लिए सक्षम होता है.
RNA में कोई अनुपात नहीं होता है.DNA में A/T=1 OR G/C=1 होता है.
RNA में चार नाइट्रोजनी क्षार पाए जाते हैं.DNA में चार नाइट्रोजनी क्षार पाए जाते हैं.
RNA में प्यूरीन तथा पिरिमिडीन समान अनुपात में नहीं पाए जाते हैं.DNA में प्यूरीन तथा पिरिमिडीन समान अनुपात में पाए जाते हैं.

निष्कर्ष

हमें अपने शरीर की संरचना एवं विभिन्न प्रकार के यांत्रिक गुणों की जानकारी डीएनए के जरिए पता चलती है लेकिन यह कम ही लोग जानते हैं कि आरएनए का फुल फॉर्म क्या है (What is the full form of RNA in hindi)? और इसका हिंदी अर्थ क्या होता है तो इसीलिए इस आर्टिकल में हमने इसी से जुड़ी जानकारी देने की कोशिश की है.

हम उम्मीद करते हैं कि यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा और अगर आपको या आर्टिकल अच्छा लगा हो तो ऐसे दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें.

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