FEMA Full Form – FEMA का फुल फॉर्म क्या है?

बैंक में अकाउंट है या फिर आप करते हैं तो आपको जरूर पता होना चाहिए की FEMA का फुल फॉर्म क्या है जया और शशि (FEMA Full Form) और इसका हिंदी मतलब क्या होता है?

पैसों से जुड़े हुए सभी वाणिज्यिक कामों की देखरेख भारत सरकार के अधीन काम करने वाली है रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया देखती है. संसद के सदन के द्वारा 2000 ईस्वी को एक अधिनियम लागू किया गया जो विदेशी मुद्रा से जुड़ा हुआ था.

इसलिए हमने सोचा कि आज आपको यह बताया जाए कि इसका पूरा नाम क्या होता है (What is the full form of FEMA in Hindi) और इसका अर्थ क्या है.

FEMA का पूरा नाम क्या है – What is the full form of FEMA in Hindi?

FEMA का फुल फॉर्म Foreign Exchange Management Act है.

हिंदी में पूरा नाम फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट होता है जिस का हिंदी अर्थ है विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम.

इससे पहले जो विदेशी मुद्रा के लिए रेगुलेशन एक्ट चल रहा था जिससे हम पहले FERA के नाम से जानते थे, उसी की जगह पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम को लाया गया.

1999 की सर्दियों के सदन सत्र में इस एक्ट को पास किया गया.

फिर इसे अधिनियम के रूप में 1 जून 2000 से लागू कर दिया गया.

इस अधिनियम के अनुसार विदेशी मुद्रा से जुड़े हुए सभी अपराध FERA के अनुसार सिविल अपराधों के ठीक उल्टा नागरिक अपराध है.

इसके हेडक्वार्टर को निदेशालय के रूप में जाना जाता है जो कि नई दिल्ली में स्थित है.

इसके हेडक्वार्टर के अलावा भी पांच अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालय हैं जोकि दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, और पंजाब के जालंधर में स्थित है.

इन कार्यालयों का संचालन एक उपनिदेशक के द्वारा किया जाता है. इसके हर 1 जोन को 7 क्षेत्रीय कार्यालयोंऔर 5 क्षेत्रीय इकाइयों में बांटा गया है.

इसके जो क्षेत्रीय कार्यालय होते हैं उनका संचालन सहायक निदेशक करता है और जो फील्ड यूनिट होते हैं उनका मुख्य मुख्य प्रवर्तन अधिकारी होता है.

एफडीएमए का मुख्य विदेशी मुद्रा से जुड़े हुए कानूनों को संशोधित और कंसोलिडेट करना है ताकि बाहरी व्यापार और भुगतान की सुविधा मिल सके.

इसका दूसरा उद्देश्य जो इसके लिए बनाया गया है कि भारत में विदेशी मुद्रा बाजार के लगातार विकास और रखरखाव को बढ़ावा देना.

हेमा पूरे भारत में लागू किया गया है यह उन सभी कार्यालयों और एजेंसियों पर भी लागू होता है जो भारत से बाहर काम करते हैं लेकिन भारत के नागरिक हैं और किसी के नियंत्रण में नहीं है.

इसकी मुख्य विशेषताएं

यह आपको अनुमति देता है कि आप बिना आरबीआई के अनुमति के ही विदेशी मुद्रा को बेच सकते हैं या फिर अब बाद में आरबीआई को सूचित कर सकते हैं.

करंट अकाउंट के बदलने के अनुसार ही है और पूंजी खाता लेनदेन के प्रगतिशील उदारीकरण के लिए प्रोविजन भी देता है.

यह उन क्षेत्रों में काम नहीं करता है छोड़ देता है जिन पर सरकार और आरबीआई से अनुमति लेने की जरूरत पड़ती है.

इसके विदेशी विनिमय लेनदेन को दो भागों में बांटा गया है:

  • पूंजी खाता लेनदेन और
  • चालू खाता लेन दे

FEMA के अंतर्गत शामिल मुद्राएं डेबिट कार्ड एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड है.

नेपाल और भूटान के साथ पैसों की लेनदेन के तहत नहीं होगा क्योंकि यह देश रुपए स्वीकार नहीं करते.

इंसान के लिए मान्य है जो अभी तो भारत में रहते हैं लेकिन पहले भारत के बाहर के निवासी थे भारत के बाहर स्थित किसी भी विदेशी सुरक्षा या संपत्ति को रखने या उसे ट्रांसफर करने के लिए जिसे उसने प्राप्त किया था वह उस देश का एक निवासी था.

निष्कर्ष

हमारे देश से काफी सारी चीजें दूसरे देशों में निर्यात की जाती हैं और साथ ही आयात भी की जाती हैं. पैसों की लेनदेन का मामला महत्वपूर्ण होता है इसीलिए हमारे देश में विदेशी मुद्रा अधिनियम का गठन किया गया.

इस अधिनियम की कई विशेषताएं हैं जो हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से देने की कोशिश की है. इसमें हमने आपको बताया है कि FEMA का फुल फॉर्म क्या है (full form of FEMA in Hindi) और इसका मतलब क्या होता है.

हम उम्मीद करते हैं कि यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी.

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