ESI Full Form – ESI का पूरा नाम क्या है?

अगर आप एक नौकरीपेशा इंसान है जो किसी सरकारी या फिर प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं तो इसकी जानकारी जरूर होगी की ESI का पूरा नाम क्या है (ESI Full Form).

ये एक ऐसा शब्द है जो उनके द्वारा किये गए बीमा से जुड़ा है. इसीलिए हर नौकरीपेशा इंसान को इसका ज्ञान होना जरुरी है.

इसीलिए आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की इस शब्द का हिंदी में पूरा नाम क्या है और इसका क्या अर्थ है?

ESI का पूरा नाम क्या है – What is the full form of ESI in Hindi?

ESI का फुल फॉर्म “Employees State Insurance” होता है.

इसे हिंदी में “एम्पलाइज स्टेट इंश्योरेंस कहते” हैं. इसका अर्थ “ कर्मचारी राज्य बीमा” होता है.

ESI एक स्वास्थ्य बीमा योजना है जिसके तहत सभी प्रकार के कर्मचारियों को, चाहे वह किसी भी संस्था में काम करते हो सभी को फायदा होता है, जैसे: – निजी कंपनियों, कारखानों एवं फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारी इत्यादि. उन्हें चिकित्सा एवं नगद जैसे लाभ प्रदान किए जाते हैं. नई दिल्ली में इसका मुख्यालय स्थित है.

केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने वैसे कर्मचारियों को जिनकी आय कम हो उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए बीमा योजना उपलब्ध करा रखी है. इसे कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) योजना कहते हैं.

कर्मचारियों को मुफ्त इलाज का लाभ लेने के लिए ईएसआई डिस्पेंसरी एवं हॉस्पिटल जाना होता है. इसके लिए उन्हें ईएसआई कार्ड की आवश्यकता होती है. वे स्कीम का फायदा कंपनी से लाए गए दस्तावेज के आधार पर भी उठा सकते हैं.

भारत देश में ईएसआई के कुल 151 अस्पताल हैं. इन अस्पतालों में सामान्य बीमारी से लेकर गंभीर बीमारियों तक का इलाज किया जाता है. अब इस अस्पताल में ईएसआई के कवरेज में शामिल लोगों के इलाज के साथ ही आम लोगों के लिए भी इसे खोल दिया गया है.

कर्मचारी राज्य बीमा निगम पर इस स्कीम को संचालित करने की जिम्मेदारी होती है. जिस कंपनी में 10 या इससे ज्यादा कर्मचारी होते हैं, वे सभी कंपनी और प्रतिष्ठान इसके दायरे में आते हैं. जबकि महाराष्ट्र एवं चंडीगढ़ में 20 या इससे ज्यादा कर्मचारी होते हुए भी  यह प्रतिष्ठान इस योजना के दायरे में आते हैं.

ऐसे कर्मचारी जिनकी मासिक आय 21 हजार रुपए या इससे कम होती है उन्हें इसका लाभ उपलब्ध होता है. जबकि दिव्यांगजनों की आय सीमा 25 हजार रुपए है.

इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की जिम्मेदारी होती है. इसमें कर्मचारी की सैलरी से 0.75 फिसदी का योगदान होता है जबकि नियोक्ता की सैलरी  से 3.25 फिसदी का योगदान होता है. वैसे कर्मचारी जिनका प्रतिदिन औसत वेतन ₹137 हैं, उन्हें इसमें योगदान नहीं देना होता है.

निष्कर्ष

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको ये जानकारी दी की ESI का पूरा नाम क्या है (What is the full form of ESI in Hindi)?

हम उम्मीद करते हैं की आप समझ गए होंगे की इस शब्द का हिंदी में पूरा नाम क्या है.

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