मछली पालन बिजनेस कैसे शुरू करें? इस बिजनेस के लाभ तथा इसमें लगने वाली पूंजी

मछली पालन बहुत लाभदायक बिजनेस है जिसमें कम लागत में अधिक फायदा मिलता हैं. बहुत से लोग मत्स्य पालन की जानकारी गूगल से सर्च करके पढ़ते हैं या तो अन्य लोगों से इसकी सलाह लेते हैं. यही वजह है की आज हमने सोचा की आपको बताया जाए की मछली पालन बिजनेस कैसे शुरू करें?

हमारे भारत देश में मछली का सेवन करने वाले लोग अधिक मात्रा में पाए जाते हैं वही दूसरी ओर मछली का उत्पादन करने वाले लोगों की संख्या बहुत ही कम है. 

मछली का सेवन लोग इस उद्देश्य से करते हैं की मछली में प्रोटीन होती है जिसे खाने से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है. 

भारत देश के साथ-साथ अन्य देशों में भी मछली का सेवन करने वाले लोगों की संख्या बहुत ही अधिक है इसलिए मछली का बिजनेस करना लोगों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है.

मछली पालन क्या है – Whatis Fish farming in Hindi? 

Fish farming उच्च कोटि का बिजनेस है जिसे करने से अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है क्योंकि फिश फार्मिंग के कार्यों में मछलियों का पालन किया जाता है और मछलियों का सेवन करने वाले लोगों की संख्या अत्यधिक है जिस कारण से मछलियों की बिक्री अत्यधिक तेज गति से होती है.

फिश फार्मिंग का हिंदी मत्स्य पालन होता है, जिसमें जल के बड़े-बड़े स्रोतों में मछलियों को पाला जाता है. जो लोग मत्स्य पालन करते हैं वह मछलियों की देखरेख, उनके खाने-पीने का ध्यान रखने के लिए कई कामगारों को रखते हैं. कुछ ऐसे लोग होते हैं जो खुद मत्स्य पालन करते हैं जिसमें उन्हें किसी कामगार को रखने की आवश्यकता नहीं होती और मछलियों की देखरेख स्वयं करते हैं.

छोटे जल के स्रोतों में कुछ लोगों के द्वारा कम मात्रा में मछलियों का उत्पादन किया जाता है जो सिर्फ अपने परिवार के लिए करते हैं. वहीं दूसरी ओर ऐसे बहुत से लोग हैं जो मछली पालन को एक बड़ा बिजनेस का नाम देते हुए इसे अत्यधिक बड़े जल के स्रोतों में मछलियों का पालन करके अपने बिजनेस को बढ़ाते हैं.

मछली पालन क्यों करें?

यदि आप मछली पालन करते हैं तो आपका यह बिज़नस दिन प्रतिदिन विस्तार होता रहेगा. क्योंकि मछली पालन करने के बहुत से कारण है जिसके अनुसार मत्स्य पालन का बिजनेस बहुत ही तेज गति से विस्तार होता है. 

हमारे देश के लोगों के साथ-साथ अन्य देशों के लोगों के बीच भी मछली बहुत लोकप्रिय है इसीलिए इसका सेवन बहुत ही अधिक मात्रा में किया जाता है. मछली में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाई जाती है और यह बहुत ही स्वादिष्ट लगता है.

हमारे देश में मत्स्य पालन बहुत कम लोगों द्वारा की जाती है, इसलिए यदि मछली पालन का बिजनेस शुरू किया जाए तो इस बिजनेस सफलता का प्रतिशत ज्यादा रहेगा क्योंकि मैंने ही पहले ही बताया है की भारत में मछली पालन की संख्या बहुत कम है.

हमारे देश में मछलियों के पालन के लिए समुद्र और नदियां घटती जा रही है. इस प्रकार मत्स्य पालन की प्रक्रिया में कमी देखने को मिली है. वहीं दूसरी ओर मछली का सेवन करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है ऐसे में यदि मत्स्य पालन का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो यह एक अच्छा निर्णय साबित होगा.

प्राकृतिक स्रोतों में मत्स्य पालन की प्रक्रिया घटती जा रही है वही लोग अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए कृत्रिम उपाय कर रहे हैं पानी के स्रोत खुद से बना कर उसने मत्स्य पालन की प्रक्रिया करते हैं जिससे अधिक मात्रा में मछलियों का उत्पादन किया जा रहा है. 

आप चाहे तो आप भी कृत्रिम उपायों से मत्स्य पालन कर सकते हैं क्योंकि इस बिजनेस में कभी कमी नहीं आएगी क्योंकि इसका सेवन आधा से ज्यादा लोग करते हैं.

मछली बिजनेस (Fish Farming) बिज़नेस कैसे शुरू करें?

फिश फार्मिंग जिसे हिंदी में मत्स्य पालन कहा जाता है यह  बिजनेस लोगों के द्वारा करने पर प्रॉफिट बहुत ही अधिक मायने में मिलती है क्योंकि भारत देश में 60% से अधिक लोग मछली का सेवन करना पसंद करते हैं इसलिए मछलियों का उत्पादन जितना तेज गति से होता है उतना तेज गति से मछलियों की बिक्री भी होती है.

यदि आप मत्स्य पालन करने के लिए सोच रहे हैं इसके लिए आपको मत्स्य पालन करने के लिए आवश्यक क्रियाकलापों की जानकारी होना आवश्यक है जैसे मत्स्य पालन के लिए तालाब बनाना, मछलियों के प्रजातियों का चयन करना.

मछलियों का भोजन इन सभी प्रक्रियाओं की जानकारी आपको होना आवश्यक है तभी आप मत्स्य पालन अच्छी पूर्वक कर पाएंगे.

1. मछली पालन के लिए उपयुक्त स्थान का चुनाव:-

यदि आप मत्स्य पालन करना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको मछली पालने के लिए उपयुक्त स्थान का चुनाव करना होगा जो बेहद ही आवश्यक है.

मछलियों के पालने के लिए चुने गए स्थान के वातावरण और जलवायु मछलियों के रहने के लिए अनुकूलित होने चाहिए तभी मछलियों का विकास अच्छे तरीके से हो पाएगा जब तक मछलियां अनुकूलित स्थान पर नहीं रहेंगे तब तक उनका उत्पादन अच्छी तरीके से नहीं किया जा सकता.

सर्दियों के मौसम में मछलियों का साइज बहुत ही धीमी गति से बढ़ता है क्योंकि सर्दी का मौसम मछलियों के लिए उतना अनुकूलित नहीं माना जाता इसलिए यदि आपको मत्स्य पालन का बिजनेस शुरू करना है तो इसके लिए आप तालाब सर्दियों के दिनों में खुदवा कर रख ले.

जब गर्मी का मौसम आने वाला रहेगा उस समय आप मछलियों को तालाब में डाल दें इस प्रकार मछली का उत्पादन बहुत ही अच्छी तरीके से हो पाएगा.

2. तालाब निर्माण:-

पहले लोगों के द्वारा मछलि पालन नदियों और पुराने तालाबों में किया जाता था लेकिन अब लोग कृत्रिम रूप से तलाब बनाते हैं, कई लोग तो समय बचाने के लिए प्लास्टिक के पानी टैंकों में मछलियों का पालन करते हैं.

जो लोग जमीन में मदद से पालन करना चाहते हैं वह बुलडोजर या फिर किसी अन्य इंस्ट्रूमेंट से तालाबों का निर्माण करते हैं और फिर उसमें मछलियों को डालकर उनका पालन पोषण करते हैं.

आपके द्वारा बनाए गए तालाबों में उपस्थित पानी में ब्लीचिंग पाउडर डाल दे ब्लीचिंग पाउडर डालने से पानी की गुणवत्ता अच्छी होती है अर्थात दूसरे शब्दों में कहा जाए तो पानी में उपस्थित कीटाणु ब्लीचिंग पाउडर के डालने से नष्ट होती है जिससे जल मछलियों के लिए शुद्ध होता है. 

मछलियों का पालन जिस तालाब में होता है उस तालाब के पानी को शुद्ध रखना आवश्यक है क्योंकि मछली को लोग सेवन करते हैं जिससे मानव का स्वास्थ्य भी जुड़ा हुआ है.

3. मछली की प्रजाति का चुनाव:-

मछली पालन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सबसे आवश्यक चीज है मछलियों की प्रजाति का चयन करना . 

मत्स्य पालन करने वाले लोग यही चाहते हैं कि उनके द्वारा चयन की गई मछलियां हर एक मौसम में तेज गति से बड़े और वे इसी प्रकार की प्रजातियों वाली मछलियों को मत्स्य पालन के लिए तालाब में डालकर इनका पालन-पोषण करता है.

हमारे देश में इस प्रकार की मछलियां पाई जाती है जो अपने आपको हर मौसम में रहने के लिए अनुकूलित बना लेती है जिससे वे हर एक परिस्थिति में अपने आप को बजाती हैं और तेज गति से विकसित भी होती हैं. जैसे कटला ,रोहू ,टूना कटला, मुरैल, ग्रास हिस्ला तथा सार्प इत्यादि.

यदि आप मत्स्य पालन करने के लिए सोच रहे हैं तो आपको इन सभी मछलियां भारत देश में आसानी पूर्वक कम दाम में मिल जाएंगे जिसका आप पालन कर सकते हैं.

4. मछली का खाना व भोजन:-

मछलियों का विकास उनके भोजन पर निर्भर करता है जिस प्रकार के भोजन मछलियों को प्रदान की जाती है उनका विकास उसी तरीके से होता है इसलिए मछलियों के भोजन पर ज्यादा ध्यान देते हुए उनको उनकी प्रजातियों के अनुसार अनुकूलित भोजन प्रदान करें 

विभिन्न प्रकार के जाति वाले मछलियों का भोजन अलग अलग होता है इसलिए मछलियों को उनके प्रजातियों के अनुसार उन्हें भोजन दे.

मछलियों के पालन के लिए बनाए गए तालाब ऐसी जगह होना चाहिए जिसके नीचे मछलियों के लिए भोजन उपस्थित हो और इसके साथ साथ बाहर से भी मछलियों को अच्छी भोजन देनी चाहिए तभी मछलियां तेज गति से विकसित होंगी. 

जो लोग मछलियों का व्यवसाय करते हैं उन्हें मछलियों को अतिरिक्त भोजन प्रदान करना होता है तभी उनकी मछलियां अच्छे पूर्वक विकसित होंगी.

5. मछली फार्म का रखरखाव:-

यदि आप  मत्स्य पालन करते हैं तो मछलियों की देखरेख करना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यदि आप मछलियों की देख भाल अच्छे तरीके से करते हैं आपके द्वारा पाली जाने वाली मछलियां स्वस्थ और सुरक्षित रहेगी.

मछलियों की देखरेख के लिए उद्यमी को मजदूर रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि मजदूरों द्वारा मछलियों की देखरेख बहुत ही अच्छे तरीके से की जाती है मछलियों के भोजन उन्हें प्रदान करते हैं और उनके पानी की भी जांच करते हैं ताकि मछली जिस पानी में रह रहे हैं वह पानी स्वच्छ रहे.

मजदूरों के द्वारा यह भी देखा जाता है कि कौन-कौन सी मछलियां बीमारी से ग्रसित है यदि कोई मछली बीमारी से ग्रसित होती है तो उसका वह प्रभाव पूरी मछलियों पर पड़ता है.

इसलिए उसकी बीमारी को कम करने के लिए तुरंत पोटेशियम परमैग्नेट और सोडियम का छिड़काव पानी में कर दिया जाता है ताकि बीमारी मछली बीमारी से मुक्त हो सके और इस प्रकार एक मछली को बीमारी से बचाने से पूरी मछलियां सुरक्षित रहती है. 

इस प्रकार हर तरीके से मछलियों का देखभाल करने के लिए मजदूरों को रखना बहुत ही जरूरी है.

6. मछली पालन के लिए ट्रेनिंग करें?

मत्स्य पालन के लिए ट्रेनिंग समय-समय पर भारत सरकार द्वारा आयोजित की जाती है जिसमें योग्य उम्मीदवार इस ट्रेनिंग में भाग लेते हैं जिसमें उन्हें मत्स्य पालन से संबंधित सारी प्रक्रियाएं 10 से 15 दिन के अंदर सिखाई जाती है.

जैसे कौन-कौन से मछलियों की प्रजातियां मत्स्य पालन के लिए अच्छी रहती है इन्हें कैसे पानी में डाला जाता है, मछली जो पानी में रहती है उस पानी को स्वच्छ कैसे रखा जाए इन सभी जानकारियों को ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को बताया जाता है.

कृषि मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्य पालन पशुपालन डेयरी विभाग  आते हैं. इसमें सरकार के द्वारा बहुत सारी सुविधाएं भी प्रदान की जाती है क्योंकि इन सभी विभागों के द्वारा हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है.

मत्स्य पालन की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से जब आप जुड़ेंगे तो आपको इसकी ट्रेनिंग की सारी जानकारी मिलेगी जिससे आप अपनी योग्यता अनुसार इस ट्रेनिंग को कर सकते हैं. 

भारत सरकार मत्स्य पालन में अधिक सुविधाएं प्रदान करती है क्योंकि मछली का सेवन करने वाले लोगों की संख्या हमारे देश में बहुत ही ज्यादा है और अन्य देशों में भी कई लोग मछलियों को खाना पसंद करते हैं क्योंकि इसमें प्रोटीन के साथ-साथ इन का टेस्ट बहुत ही स्वादिष्ट होता है.\

इस प्रकार यदि भारत में अधिक मात्रा में मत्स्य पालन किया जाए तो भारत के आर्थिक व्यवस्था में बढ़ोतरी हो सकती है.

7. मछली पालन की लागत और प्रॉफिट:-

मछली पालन के बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको शुरुआती में 4 से ₹500000 निवेश करने होंगे जिसमें मछलियों को पालने के लिए बनाए गए तालाब में काफी पैसा लग जाता है.

उसके बाद उस तालाब के पानी को स्वच्छ करने के लिए उस में मिलाए जाने वाले पदार्थों का भी रेट अत्यधिक है इसके साथ साथ किस प्रजाति की मछलियों का पालन करना चाहते हैं उनकी खरीदारी भी बहुत ज्यादा लग जाती है इस प्रकार मत्स्य पालन करने में अधिक पैसे निवेश करने होते हैं.

लेकिन जितना पैसा स्टार्टिंग में निवेश करना होता है उससे कई गुना ज्यादा इस बिजनेस के द्वारा प्रॉफिट भी मिलता है क्योंकि यदि आप स्टार्टिंग में छोटी मछलियों को खरीदकर उन्हें पालते हैं और जब यह मछलियां एक Kg की हो जाती है तो उन्हें आप अधिक पैसे में निर्यात करते हैं.

इस प्रकार उस छोटी सी मछली का एक केजी का होना आपके लिए बहुत ही फायदेमंद सिद्ध होता है.

यदि आप स्टार्टिंग में 4 से 500000 निवेश करते हैं तो आपको लगभग इसका 10 गुना प्रॉफिट मिलता है. इसलिए यह बिजनेस बहुत ही फायदेमंद साबित होता है.

मछली पालन के स्कोप

मछली का पालन करना लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक साबित होता है इसके अनेक कारण हैं जो निम्नलिखित हैं:-

मछली एक ऐसी मांस है जिसमें प्रोटीन अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध रहती है इसलिए लोग जब अपने बीमारियों को लेकर डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर उन्हें मछली का सेवन करने के लिए सलाह देते हैं.

मछलियों के सेवन से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और लोग बीमारी से मुक्त रहते हैं. हर सीजन में लोगों को कुछ ना कुछ बीमारी होती है जिस कारण से वह डॉक्टर के पास जाते हैं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लोग मछलियों का सेवन अत्यधिक मात्रा में करते हैं.

भारत तथा अन्य देशों में ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें मछली खाना बेहद पसंद है अधिक संख्या में लोग मछली का सेवन करते हैं, यदि आप मछली पालन का बिजनेस करे  तो यह बिजनेस बहुत ही जोर शोर से चलेगी क्योंकि इसके सेवन कर्ता की संख्या अधिक है जिससे मछली की बिक्री बहुत ही तेजी से होगी.

मत्स्य पालन करना लोगों के लिए आसान होता है क्योंकि भारत देश में बहुत सारे तालाब नदियां झील उपलब्ध है जिसमें मछली का पालन आसानी पूर्वक किया जा सकता है इसके लिए लोगों को किसी प्रकार की पूंजी नहीं लगानी पड़ती.

मछली को पालने के लिए अनुकूलित वातावरण ढूंढने की आवश्यकता नहीं पड़ती क्योंकि  हमारे भारत देश में मछलियों के उत्पादन के लिए वातावरण अनुकूलित रहते हैं जिसमें मत्स्य पालन बहुत ही साधारण तरीके से किया जा सकता है.

मत्स्य पालन करने के लिए मछलियों की प्रजातियों को देखना और परखना पड़ता है तभी जाकर मत्स्य पालन किया जाता है और इसके लिए हमारे भारत देश में अनेक प्रकार की मछलियां उपलब्ध है जिसे मत्स्य पालन कर्ता आसानी पूर्वक अपने इच्छा अनुसार मछलियों का सिलेक्शन करके अपने मत्स्य पालन की बिजनेस शुरू कर सकते हैं.

जैसा कि मछली में अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन पाई जाती है इसलिए इसके सेवन करने वाले लोगों की संख्या बहुत ही ज्यादा है और ना सिर्फ हमारे देश में बल्कि दूसरे देशों में भी मछलियों का सेवन अधिक मात्रा में किया जाता है इसलिए यदि बिजनेस शुरू किया जाए तो यह बिजनेस हमारे देश के आर्थिक व्यवस्था में बहुत ही अच्छा योगदान देगा.

मत्स्य पालन किसानों के कार्यों से संबंधित है इसलिए सरकार इसके लिए अनेक प्रकार की सुविधाएं प्रदान करती है जिससे मत्स्य पालन की प्रक्रिया अच्छे से हो सके.

कम समय में भी यह  बिजनेस बहुत ही अच्छे तरीके से चलाया जा सकता है क्योंकि यदि आप दूसरे काम में बिजी रहते हैं इसके लिए आप अधिक संख्या में मजदूरों को लगाकर अपने मत्स्य पालन के बिजनेस को बढ़ा सकते हैं.

यदि आप मछली  पालन करने के लिए विचार विमर्श कर रहे हैं तो ऊपर बताए गए तथ्यों के अनुसार आपको अनुमान लग गया होगा  की यह बिजनेस आपके लिए बहुत ही लाभदायक साबित हो सकता है. तो आप इसे अपनी इच्छा अनुसार शुरू कर सकते हैं.

मछली पालन के लिए लोन:-

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके पास मत्स्य पालन का बिजनेस स्टार्ट करने के लिए पहले से पैसे उपलब्ध होते हैं वह आसानी पूर्वक अपने इस बिजनेस को शुरू कर लेते हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनके पास इस बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए पैसे उपलब्ध नहीं होते और वह इस बिजनेस को शुरू करने के लिए लोन लेते हैं.

जैसा कि मत्स्य पालन कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक विभाग है जिसके लिए लोन क्रेडिट कार्ड के मदद से दिया जाता है. इसके साथ-साथ सरकार इस बिजनेस के लिए अनेक प्रकार की सुविधाएं उद्यमी को प्रदान करते हैं ताकि अधिक मात्रा में मछलियों का उत्पादन हो सके.

सरकार द्वारा इस कार्य के लिए 75 परसेंट लोन दिए जाते हैं यदि आप इस बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं और आपके पास निवेश के लिए पैसे नहीं है तो आप अपने क्रेडिट कार्ड के मदद से लोन लेकर मत्स्य पालन का बिजनेस शुरू कर सकते हैं क्योंकि इसमें कम ब्याज दर में किस्ती आसानी पूर्वक भरी जा सकती है.

मछलियों की मार्केटिंग और सेलिंग कैसे करें?

हमारे देश में मछलियों को आधा से ज्यादा आबादी लोग खाना पसंद करते हैं इसलिए इसकी मार्केटिंग करना उतना मुश्किल काम नहीं है यदि आप अपने गांव के साधारण बाजार में भी जाकर मछली बेचे तो अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं.

वैसे तो भारत के हर एक शहर में मछली मंडी लगी हुई होती है जिसमें विभिन्न प्रकार की मछलियां बेची जाती है उस मंडी में आप अपने मछलियों की मार्केटिंग कर सकते हैं क्योंकि अधिकतर मात्रा में मछलियां उस मंडी में बेचने वाले शख्स खरीदते हैं और वहां पर बेचकर पैसे कमाते हैं.

यदि आपका मछली पालन अधिक मात्रा में होती है तो आप इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भेज सकते हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय मछली का डिमांड बहुत ही उचित चरम पर रहता है और सिर्फ भारत के लोग नहीं बल्कि विदेश के भी लोग मछली खाना बहुत पसंद करते हैं.

मछली पालन एक ऐसा बिजनेस है जिस की डिमांड कभी मार्केट में कम नहीं होगी क्योंकि जिस प्रकार जनसंख्या बढ़ती जा रही है उसके अनुसार मछली को पसंद करने वाले लोगों की भी संख्या बढ़ रही है इसलिए जितना ज्यादा इसका उत्पादन होता है उतना ही ज्यादा इसकी बिक्री होती है.

आप इस बिजनेस को करना चाह रहे हैं तो आपके लिए यह बिजनेस बहुत ही लाभकारी साबित होगा और इससे आपका भविष्य बहुत ही उज्जवल होगा.

निष्कर्ष

मत्स्य पालन का बिजनेस करना लोगों के लिए लाभदायक साबित होता है क्योंकि मछली में प्रोटीन पाई जाने की वजह से आधा से ज्यादा प्रतिशत लोग इसे खाना पसंद करते हैं इसलिए इसका डिमांड मार्केट में हमेशा बड़ी ही रहती है.

कामयाबी के लिए कई बिज़नेस करने की सलाह दी जाती है लेकिन सही बिज़नेस का चुनाव करन जरुरी है. इसी तरह के एक बिज़नेस के बारे जानकारी दी और बताया की मछली पालन कैसे शुरू करें?

आशा है आपको हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से मछली बिजनेस प्लान की सारी जानकारी मिली होगी.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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