गणतंत्र दिवस पर निबंध 2021 – Republic day essay in hindi

26 जनवरी 1950 ईस्वी को हमारे देश का संविधान लागू किया गया. तब से हर साल 30 दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसीलिए आज की लेख में हमने आपके लिए गणतंत्र दिवस पर निबंध 2021 (Republic day essay in hindi) तैयार की है.  यह गणतंत्र दिवस एक दिन की मेहनत से नहीं बल्कि जब ब्रिटिश शासन लागू था तो भारत को आजाद कराने के लिए यहां के वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी.

बहुत ही लंबे समय के संघर्ष के बाद में भारत को आजादी मिली और इस आजादी के बाद भारत को एक शक्तिशाली देश बनाने के लिए संविधान की जरूरत पड़ी जहां पर सभी नागरिकों को एक समान अधिकार मिल सके.

यही वजह है कि 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिनों के मेहनत करने के बाद में भारत का संविधान तैयार किया गया और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया. तब से लेकर आज तक हर साल 26 जनवरी हमारे देश में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है.

गणतंत्र दिवस पर छोटे एवं बड़े निबंध 2021 – Short & Long Republic day essay in hindi

गणतंत्र दिवस पर निबंध 2020 - Republic day essay in hindi
गणतंत्र दिवस पर निबंध

निबंध – 1 (250 शब्द)

प्रस्तावना

भारत में हर साल 26 जनवरी का दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसका कारण यह है कि इस दिन भारत का संविधान लागू किया गया था. यह दिन हमारे देश में एक राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मनाया जाता है और पूरे देश में 30 दिन छुट्टी होता है.

वैसे तो भारत में और भी राष्ट्र त्यौहार हैं जैसे स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती लेकिन इस दिन की अपनी अलग ही पहचान है. आज हमारे देश में जो कानून व्यवस्था बनी है वह संविधान के अंतर्गत ही तैयार की गई है.

गणतंत्र दिवस का महत्व

26 जनवरी 1950 ईस्वी को हमारे देश का संविधान लागू किया गया. तब से लेकर आज तक हड़ताल 26 जनवरी का दिन पूरे धूमधाम से समूचे देश में मनाया जाता है. इस अवसर पर स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, आदि जगहों में राष्ट्रीय झंडे को फहराया जाता है और सलामी दी जाती है.

यह दिन भारत के लोकतांत्रिक देश के रूप में उभर कर आने की पहचान है. किस दिन लागू किए गए संविधान की वजह से ही सभी भारतवासी पूरी स्वतंत्रता से भारत में रहते हैं और कानून उनके अधिकारों की रक्षा करता है.

निष्कर्ष

आज समस्त विश्व में हमारे देश की पहचान एक विशाल लोकतांत्रिक देश के रूप में है. यह के लोकतंत्र की वजह से रहने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है. विभिन्न धर्मों के लोग पूरी स्वतंत्रता के साथ रहते हैं. यह इसलिए संभव है क्योंकि यहां का संविधान लोगों की अधिकारों की रक्षा करता है एवं यह बहुत मजबूत है और लोग उसी का पालन करते हैं.

निबंध – 2 (300 शब्द)

परिचय

भारत बहुत लंबे समय तक अंग्रेजों का गुलाम बना रहा और 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली. आजादी मिलने के बाद भी भारत में अपना खुद का शासन स्थापित करना और एक संविधान बनाने की जरूरत पड़ी.

जब संविधान बनकर तैयार हुआ तो 26 जनवरी 1950 ईस्वी को इसे लागू कर दिया गया. संविधान के अनुसार यह एक लोकतांत्रिक देश बनकर उभरा और यहां पर हर प्रकार के लोगों चाहे वो किसी भी धर्म का हो सबको समान अधिकार दिया गया.

इसी उपलक्ष में हर साल 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भारत का संविधान लागू किया गया.

राष्ट्रीय त्योहार के रूप में पहचान

भारत को स्वतंत्रता 1947 ईस्वी में 15 अगस्त के दिन मिली थी इसीलिए उस दिन को आजादी दिवस स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है इस देश का भविष्य एक संविधान के ऊपर टिका है और इसका निर्माण काफी लंबे समय में किया गया एवं 1950 ईस्वी को लागू कर दिया गया.

यही वजह है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा और इस दिन को राष्ट्रीय त्यौहार की भी पहचान मिलेगी.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

क्योंकि यह एक राष्ट्रीय त्योहार है इसीलिए पूरे देश के साथ-साथ दिल्ली में मैं भी इसे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन लाल किले पर झंडोत्तोलन का कार्यक्रम रखा जाता है, राष्ट्रगान गाया जाता है एवं झांकियां भी निकाली जाती है.

इंडिया गेट पर भी खास कार्यक्रम और एक परेड निकाली जाती है. इन कार्यक्रमों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हुई होती है.

निष्कर्ष

भारत एक ऐसा देश है जिस को विविधता में एकता की पहचान माना जाता है. है कि इसका मुख्य कारण यह है कि यहां पर विभिन्न जातियों के लोग रहते हैं तथा विभिन्न संप्रदाय के होने के बावजूद सभी एकता के साथ रहते हैं क्योंकि यहां का संविधान सबको समान अधिकार देता है.

निबंध – 3 (500 शब्द)

परिचय

भारत काफी लंबे समय से ब्रिटिश शासन के अधीन था और बहुत ही लंबी लड़ाई के बाद 15 अगस्त 1947 ईस्वी को भारत आजाद हुआ. भारत को कब आजादी मिली तब किस का खुद का कोई कानून और नियम नहीं था पर इसीलिए यहां के महान नेताओं ने संविधान बनाने की उत्तरदायित्व डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को दिया.

पूरे 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन के बाद हमारे देश का संविधान बनकर तैयार हुआ. 26 जनवरी 1950 का दिन संविधान लागू करने के लिए चुना गया. तब से लेकर आज तक हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह भारत के दूसरे राष्ट्रपति उतारो की तरह एक राष्ट्र त्यौहार है जिसे पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है.

26 जनवरी के दिन भारत को संप्रभु, लोकतांत्रिक एवं दौरान गौरवान्वित देश के तौर पर पहचान मिली. जहां पर सभी धर्मों, जातियों, एवं संप्रदाय को समान अधिकार दिया गया.

सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

इस त्यौहार को पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है और लाल किले एवं इंडिया गेट पर तो इसकी रौनक देखते ही बनती है. विभिन्न राज्य की झांकियां निकाली जाती हैं एवं परेड का आयोजन भी किया जाता है. जन गण मन यानी कि राष्ट्रगान भी गाया जाता है.

बहादुरी के कारनामे करने वाले देश के जवानों एवं आम लोगों को भी सम्मानित करने के लिए पुरस्कार दिया जाता है. देश के तीनों प्रकार की सेना जल एवं वायु सेना विभिन्न प्रकार के खतरनाक कारनामों का प्रदर्शन करती है. इसके अलावा अस्त्र और शस्त्र का भी प्रदर्शन बड़े ही उत्साह के साथ किया जाता है. सेना के तीनों होगा द्वारा विभिन्न प्रकार के और भी कार्यक्रम प्रस्तुत होते हैं जैसे मार्च पास्ट, परेड इत्यादि।

भारत के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाते हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राज्यों के सभ्यता एवं संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है.

गणतंत्र दिवस। इस दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के प्रत्येक कोने में इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है इस दिन देश के सभी स्कूल, कॉलेज,, सारी एवं प्राइवेट दफ्तर, कारखाने इत्यादि जगहों में झंडा फहराया जाता है और. कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाते हैं.

स्कूल और कॉलेजों में इस त्यौहार की बात ही निराली होती है. विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे नाटक, भाषण, देश भक्ति गीत, नृत्य इत्यादि प्रस्तुत किए जाते हैं. बच्चों के लिए यह त्यौहार बहुत विशेष होते हैं. क्योंकि इन सभी कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए काफी दिनों से इसका अभ्यास करते हैं.

विभिन्न स्कूलों में इस उपलक्ष में खेल की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है. जिसके बाद बच्चों के बीच में पुरस्कार वितरण भी किया जाता है. इसके अलावा उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया जाता है जिसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

निष्कर्ष

हमारे देश के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस दिन से हम सभी के दिलों में ऐसा लगता है कि हमारा देश एक संप्रभुता एकता और अखंडता प्रदर्शित करने वाला देश है. जो पूरे विश्व में एक अनोखी लोकतांत्रिक देश के रूप में अपनी पहचान बनाता है.

निबंध – 4 (600 शब्द)

प्रस्तावना

गणतंत्र दिवस भारत के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय त्योहारों में से एक राष्ट्रीय त्योहार है. भारत में कई राष्ट्रीय त्योहार है जिनमें स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और गणतंत्र दिवस सबसे प्रमुख हैं. हर साल 26 जनवरी के दिन पूरे देश में गणतंत्र दिवस बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.

इस दिन पूरे देश में तिरंगे यानी कि राष्ट्रध्वज फहराया जाता है और इसे सलामी दी जाती है. इसके अलावा राष्ट्रगान दिखाए जाते हैं. किसी भी देश के निर्माण के लिए एक संविधान का होना जरूरी है जो वहां के नागरिकों को विशेष अधिकार एवं कानून से अवगत कराता है.

भारत का संविधान इस दिन देश के लिए लागू किया गया था और इसी के अवसर पर गणतंत्र दिवस त्योहार के रूप में हर पल मनाया जाता है.

गणतंत्र दिवस का इतिहास

भारत काफी लंबे समय से अंग्रेजों का गुलाम था और ब्रिटिश शासन के अधीन भारतीयों को किसी भी प्रकार के अधिकार नहीं थे. भारत ने अपनी स्वतंत्रता के लिए काफी संघर्ष किए और यहां के वीरों ने भी कर दी कुर्बानियां दी.

बहुत ही कड़े और लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ और स्वतंत्रता मिली. पहले हमारे देश में भारत सरकार अधिनियम लागू था लेकिन जब स्वतंत्रता मिली और नया संविधान तैयार किया गया जिसे बनाने में 2 वर्ष के 11 महीने और 18 दिन लगे थे फिर नए संविधान को 26 जनवरी 1950 ईस्वी को लागू कर दिया गया.

भारत में अपने संविधान के लागू होने की खुशी में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र हार के रूप में मनाया जाता है.

हमारे संविधान के बनने की शुरुआत तब मान सकते हैं जो जब 1929 ईस्वी में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाहौर के अधिवेशन में कांग्रेस की तरफ से अध्यक्षता करते हुए इसे पारित किया था.

उन्होंने इस अधिवेशन के दौरान घोषणा की कि अगर भारत को ब्रिटिश शासन 26 जनवरी 1930 तक 2 मिनट के रूप में घोषित नहीं करता है तो वह खुद ही पूर्ण स्वतंत्रता घोषित कर लेंगे लेकिन उनके इस अधिवेशन के घोषणा का कोई जवाब नहीं दिया तो कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता का निश्चय कर लिया और आंदोलन शुरू कर दिए.

15 अगस्त को आजादी मिली 26 जनवरी दिन चुना गया जिस दिन संविधान लागू किया गया.

गणतंत्र दिवस का महत्व

26 जनवरी का दिन हमारे देश के लिए एक ऐसा दिन है जो पूरे देश को गौरवान्वित महसूस कराती है.

भारत को 15 अगस्त 1947 ईस्वी को आजादी तो मिल गई लेकिन देश को चलाना वह भी बिना संविधान के आसान नहीं होता इसीलिए संविधान को तैयार किया गया एवं इसे लागू किया गया.

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि भारत को पूरी आजादी और यहां के देशवासियों को सारे अधिकार संविधान लागू होने के बाद भी मिला हमारे देश में प्रत्येक नियम कानून इसी के आधार पर बनाए गए यह संविधान हमारे देश की रीढ़ है.

हमारे देश का संविधान यहां के समस्त नागरिकों को एक समान अधिकार देता है जिसकी वजह से लोग यहां स्वतंत्रता से अपना जीवन यापन करते हैं.

यही वजह है कि प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को हमारे देश में इस त्यौहार को हर भारतवासी बड़े ही उत्साह के साथ मनाता है.

निष्कर्ष

विश्व में अनेकों देश है जहां पर अलग-अलग पर नीतियां लागू होती है लेकिन भारत एक ऐसा देश है जिसमें दुनिया के सबसे अधिक जातियों की विविधता देखी जाती है.

यहां पर प्रत्येक नागरिक को एक समान अधिकार प्राप्त होता है चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों ना हो.

यही बात भारत एवं इसके संविधान को खास बनाती है पर इसकी पहचान एक विशाल लोकतांत्रिक देश के रूप में कराती है.
गणतंत्र दिवस पूरे देश को यह संदेश देता है कि संविधान देश के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here