जनसंख्या पर निबंध – population essay in hindi

हमारा देश काफी विशाल है और यहां की जनसंख्या भीड़ बहुत ज्यादा है इसीलिए जाना जरूरी है कि बढ़ती आबादी को नियंत्रित किया जाए इसलिए आज के इस पोस्ट में हमें जनसंख्या पर निबंध (population essay in hindi) तैयार किया है.

आज की युवा अगर इस समस्या को भलीभांति समझ लेते हैं तो भविष्य में वे जनसंख्या नियंत्रण पर जरूर जुड़ेंगे और तब जाकर इस देश में भी एक नियंत्रित आबादी रहेगी और जनसंख्या विस्फोट होने से देश बचा रहेगा.

लोगों की आबादी तेजी से वृद्धि होना कई प्रकार की समस्याओं को पैदा कर सकता है. घनी आबादी के कारण जो प्राकृतिक संपदा होते हैं वह पूरे नहीं हो पाते और प्राकृतिक संपदा का अधिक उपयोग होने की वजह से उनका खत्म होने का जो अनुपात होता है वह भी काफी अधिक होता है.

जनसंख्या पर छोटे एवं बड़े निबंध – Long & Sort population essay in hindi

जनसंख्या पर निबंध

निबंध -1 (200 शब्द)

परिचय

किसी देश में रह रहे लोगों की कुल संख्या को जनसंख्या कहा जाता है. एक निश्चित समय अंतराल के बाद में पूरे देश की लोगों की आबादी को गिना जाता है जिसे जनगणना भी कहा जाता है.

जनसंख्या वृद्धि के कारण

पूरी दुनिया में क्षेत्रफल का विस्तार नहीं हो सकता लेकिन जनसंख्या का विस्तार होता रहता है.आबादी में हो रही वृद्धि से काफी समस्याएं खड़ी होती हैं. इस वृद्धि के कई कारण हैं जो निम्नलिखित हैं

बाल-विवाह

आज भी कई ऐसे राज्य हैं जिनमें गांव में बचपन में ही शादी करा दी जाती है. इसकी वजह से लोगों का परिवार बड़ा हो जाता है

अशिक्षा

बढ़ती आबादी का सबसे मुख्य कारण का शिक्षा को ही माना जाएगा क्योंकि लोगों में जागरूकता तभी आएगी जब वह शिक्षित होंगे

बेरोजगारी

अधीक्षक की वजह से लोग बेरोजगारी की चपेट में आ जाते हैं और उनके पास कुछ काम ना होने के कारण घर में रहना पड़ता है. लोगों का यही सोचता है कि जितनी अधिक लोग होंगे उतना अधिक काम होगा और खाने को उतना मिलेगा.

निष्कर्ष

जनसंख्या वृद्धि एक गंभीर समस्या है जिसकी रोकथाम करना बहुत जरूरी है अगर समय पर इस पर काबू पा लिया गया तो देश के विकास में वृद्धि होगी अन्यथा देश का विकास कम गति से होगा.

निबंध -1 (300 शब्द)

परिचय

जनसंख्या का अर्थ है लोगों की संख्या किसी एक खास क्षेत्र में. बड़ी आबादी इ क बहुत बड़ा मुद्दा बन चुका है और यह विश्व भर में लोगों का ध्यान आकर्षित कर चुका है. प्रत्येक देश अपने देश की आबादी को नियंत्रण में रखना चाहता है.

इसकी वजह यह है कि देश को विकसित बनाना तभी संभव है जब देश की जनसंख्या नियंत्रण में होगी. एक नियंत्रित आबादी में जॉब के अवसर प्रदान करना और प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करना आसान होता है.

जनसंख्या विस्फोट – एक बड़ी समस्या

आप यह भी जानना चाहते होंगे कि आखिर यह जनसंख्या विस्फोट है क्या तो साधारण शब्दों में अगर कहा जाए तो जब किसी देश की आबादी की मृत्यु दर कम हो जाती है और जन्म दर बहुत अधिक बढ़ जाती है तो इसके कारण आबादी में काफी वृद्धि होती है जिसे जनसंख्या विस्फोट कहां जाता है

जनसंख्या विस्फोट के कारण


अशिक्षा

भारत की जनसंख्या में अभी भी 74 परसेंट लोग ही शिक्षित है और गांव में यह आंकड़ा काफी कम है इस कारण जनसंख्या को लेकर लोगों का अवधारणा कुछ और है

गांव में लोग समझते हैं कि जितने अधिक लोग होंगे कमाई उतनी अधिक होगी.

परिवार नियोजन कार्यक्रम से दूर होना

गांव में अधिकतर आबादी को मालूम नहीं होता कि परिवार नियोजन क्या है और इसके अंतर्गत किन साधनों का उपयोग कर सकते हैं

यही वजह है कि लोग आबादी वृद्धि की समस्या के ऊपर भी ध्यान नहीं देते हैं.

सरकारी सेवाओं का गांव तक ना पहुंचना

जब सरकार अपने नागरिकों से दूर होगी तभी तो लोग भी सरकार से कटे हुए रहेंगे.

जब सरकार ही लोग निरंतर लोगों के संपर्क में होते हैं और उन्हें विभिन्न प्रकार की सेवाओं का लाभ उठाने का मौका देते हैं तभी तो लोग भी सरकार का सपोर्ट करते हैं.

निष्कर्ष

दुनिया के कुछ देशों में जनसंख्या का घनत्व काफी कम है लेकिन कुछ ऐसे देश भी है जहां पर जनसंख्या विस्फोट की समस्या है.

निबंध -3 (600 शब्द)

परिचय

हर क्षेत्र में इंसान रहते हैं और उस क्षेत्र के अनुसार इंसानों की कुल गन्ना को जनसंख्या कहा जाता है. आबादी किसी की भी हो सकती है मनुष्य और जीव-जंतुओं की. लेकिन हम यहां मुख्य तौर पर इंसानों की जनसंख्या की ही बात कर रहे हैं.

पृथ्वी कई महाद्वीपों में बटा हुआ है और प्रत्येक महादीप कई देशों में बटा हुआ है

प्रत्येक देशों की आबादी एक निश्चित अवधि के बाद गणना की जाती है जिससे पता चलता है कि जनसंख्या की वृद्धि दर ज्यादा है या फिर कम है.

जनसंख्या नियंत्रण क्यों जरूरी है

पूरी पृथ्वी पर प्राकृतिक संसाधन और दूसरे स्रोत सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं इसमें से कुछ नवीकरणीय और कुछ और अनवीकरणीय संसाधन होते हैं.

जो नवीकरणीय संसाधन है वह तो प्रीत प्राकृतिक रूप से खुद-ब-खुद नियंत्रित होते हैं लेकिन और नवीकरणीय संसाधन अगर एक बार पृथ्वी पर समाप्त हो जाए तो फिर यह दोबारा उत्पन्न होने में करोड़ों साल लगते हैं

संसाधनों की कमी

पेट्रोलियम, कोयले, प्राकृतिक गैस इत्यादि और नवीकरणीय संसाधन है यानी कि यह पृथ्वी पर करोड़ों वर्षों के बाद बने हैं अगर यह एक बार खत्म हो गए तो फिर इनको दोबारा बनने में करोड़ों वर्ष गुजर जाएंगे

इन संसाधनों का नियंत्रित रूप से तभी उपयोग हो सकता है जब एक नियंत्रित जनसंख्या पृथ्वी पर हो. इनके अनियंत्रित इस्तेमाल से इनके समाप्त होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी.

बेरोजगारी

इसके अलावा बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ती आबादी की ही देन है. जनसंख्या विस्फोट होने के कारण लोगों की साक्षरता दर कम हो जाती है इसके अलावा नए उद्योग भी जनसंख्या के अनुसार उत्पन्न नहीं होते जो बेरोजगारी का मुख्य कारण बनते हैं

गरीबी की मार

गरीबी बहुत बढ़ जाती है जिससे लोगों को पोषक तत्वों से युक्त भोजन भी नहीं मिल पाता. बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं.

अपराध के बढ़ते स्तर

खाने की कमी और बेरोजगारी लोगों को अपराध करने पर विवश कर देती है.

जंगलों की कटाई

लोगों की जनसंख्या में वृद्धि होने के कारण उनके रहने के लिए आवाज बनाना जरूरी हो जाता है जो तभी संभव है जब जंगलों से पेड़ों को काटकर हटाया जाए.

इस प्रकार हमारी प्रकृति को भी काफी नुकसान होता है और हम अपने स्वास्थ्य पर भी खुद से हमला करते हैं. प्रकृति में पर्यावरण और वातावरण का संतुलन भी बिगड़ जाता है.

जनसंख्या नियंत्रण के उपाय

परिवार नियोजन

इस योजना के बारे में आपने जरूर सुना होगा क्योंकि देश में बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए छोटा परिवार का होना काफी जरूरी है
जब लोग इस बात को समझेंगे कि छोटा परिवार रखना ही सुखी परिवार की निशानी है तभी वह इस कथन की और आगे बढ़ सकेंगे

शिक्षा

जनसंख्या वृद्धि होने से क्या क्या नुकसान है यह तभी लोग जान सकेंगे जब वह शिक्षा ग्रहण करेंगे. पर्यावरण का संतुलन बनाने में इंसान सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. अगर इंसान चाहेंगे तो पर्यावरण को नुकसान होने से बचा सकते हैं या फिर खुद ही इसे नुकसान करके प्रकृति का विनाश कर सकते हैं.

बड़े परिवार पर पाबंदी

एक सबसे बेहतर उपाय यही है कि हर पूरे देश में यह नियम लागू कर दिया जाए कि 2 से अधिक बच्चे पैदा करना कानूनन अपराध है तभी ब्लॉक डर से अधिक बच्चे पैदा नहीं करेंगे.

जब लोगों को पैसा देना पड़ेगा तो खुद परिवार नियोजन के बारे में सोचेंगे.

विशेष लाभ

जो छोटे परिवार हैं और जिनके सिर्फ एक या दो बच्चे हैं सरकार उन्हें कुछ राष्ट्रीय योजनाओं में छूट दे सकती है. इससे दूसरे लोगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा कि अगर वह भी छोटा परिवार रखेंगे तो सरकार की तरफ से उन्हें भी छूट और विशेष अधिकार दिया जाएगा.

निष्कर्ष

हर इंसान का यह कर्तव्य है कि वह अपने देश के बारे में जरूर सोचे. बढ़ती जनसंख्या के कारण पर्यावरण पर भी इसका प्रभाव पड़ता है और पर्यावरण को सुरक्षित नहीं रखने से इंसान खुद अपना नुकसान करेगा.

जनसंख्या को नियंत्रित करके पर्यावरण का संतुलन बनाया जा सकता है और लोगों को इस और भी अपने कदम बढ़ाने चाहिए ताकि कम जनसंख्या होने से देश की तरक्की भी हो सके.

निबंध – 4 (700 शब्द)

परिचय

क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोगों की संख्या को ही जनसंख्या कहा जाता है. दुनिया में बहुत सारे देश है और प्रत्येक देश के अपनी एक जनसंख्या होती है. जनसंख्या को नियंत्रित रखने के लिए अनेक अभियान चलाए जाते हैं.

किसी देश का जितना क्षेत्रफल होता है जनसंख्या उसी के आधार पर रखना जरूरी होता है. छोटे देशों की जनसंख्या इतनी कम हो उतना ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि उनके पास प्राकृतिक संपदा है क्षेत्रफल के हिसाब से कम होता है और रोजगार के अवसर भी उसी के अनुसार उत्पन्न होते हैं.

भारत की बात करें तो यह क्षेत्रफल में भी विशाल है लेकिन जनसंख्या विस्फोट होने के कारण लोगों के अधिक होने की वजह बेरोजगारी जैसे समस्या आम हो जाती हैं. इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देना शुरू कर दिया है.

जनसंख्या का वितरण

दुनिया बहुत बड़ी है और कई महाद्वीपों में विभाजित हैं जहां पर लोग जनसंख्या के असमान वितरण के रूप से रहते हैं. कई देश ऐसे हैं जहां पर जनसंख्या विस्फोट हो चुका है पर कई ऐसे देश है जहां पर जनसंख्या बहुत ही कम है.

जैसा कि आप इस टेबल में देख सकते हैं कि जो सबसे अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों की लिस्ट देशों की लिस्ट है उसमें चीन सबसे पहले स्थान पर है और भारत दूसरे स्थान पर.

वही मुख्य बात यह है कि भारत का जो क्षेत्रफल है वह चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका से कम है लेकिन जनसंख्या इनसे ज्यादा या फिर बराबर ही है.

इस प्रकार आप समझ सकते हैं कि भारत एक घनी आबादी वाला देश है जहां पर जनसंख्या का वितरण काफी विस्तृत.

  1. China 1,439,323,776
  2. India 1,380,004,385
  3. USA 331,002,651
  4. Indonesia 273,523,615
  5. Pakistan 220,892,340
  6. Brazil 212,559,417
  7. Nigeria 206,139,589
  8. Bangladesh 164,689,383
  9. Russia 145,934,462
  10. Mexico 128,932,753

वही अगर बात करें सबसे कम जनसंख्या वाले देशों की तो इसमें जो देश है वह इस प्रकार है:

  1. Holy See 801
  2. Tokelau 1,357
  3. Niue 1,626
  4. Falkland Islands 3,480
  5. Montserrat 4,992
  6. Saint Pierre & Miquelon 5,794
  7. Saint Helena 6,077
  8. Saint Barthelemy 9,877
  9. Nauru 10,824
  10. Wallis & Futuna 11,239

जनसंख्या विस्फोट के नुकसान

अधिक जनसंख्या होने के कारण किसी भी देश में अनेक प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं

जिस प्रकार एक बड़े परिवार में अगर काम आने वाला इंसान सिर्फ एक और खाने वाले 10 लोग हैं तो उनमें काफी समस्या होती हैं

ठीक उसी प्रकार एक बड़े देश में संसाधनों की कमी होती है और ऐसे देश में अगर जनसंख्या हद से ज्यादा हो तो फिर ना तो रोजगार मिलते हैं और ना ही इतने संसाधन

देश के संसाधनों पर दबाव

जब किसी भी देश की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ती है तो उस देश में जितने भी प्राकृतिक संसाधन होते हैं उनकी खपत भी बढ़ जाती है जिससे देश के विकास को काफी नुकसान होता है और इस प्रकार देश गरीबी में फंसता चला जाता है

जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे

जब घर में ज्यादा बच्चे पैदा हो जाते हैं तो उनके माता-पिता हर नहीं दिला पाते आने वाली पीढ़ियां इस लायक नहीं होती है कि वह एक अच्छा जीवन यापन कर सकें

जीवन स्तर में गिरावट

जब लोगों की संख्या ज्यादा होती है और कमाने वाले लोग कम होते हैं तो इससे जो शारीरिक जरूरतें होती हैं जिसमें भोजन इत्यादि वह ठीक मात्रा में नहीं हासिल होता है इससे पोषक तत्वों की कमी होने के कारण जीवन स्तर में भी गिरावट आ जाती है

देश के विकास में गिरावट

जिस देश की जनसंख्या अधिक होगी वहां पर लोग सिर्फ अपने खाने-पीने के जुटाने में ही रात लगे रहते हैं और ऐसे में किसी खास क्षेत्र में विकास कर पाना एक मुश्किल काम लगता है जब तक देश की जनसंख्या ठीक से खाना-पीना भी हासिल नहीं कर पाती

निष्कर्ष

भारत में जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा चुके हैं और आज भी चलाए जा रहे हैं

जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए हम दो हमारे दो कार्यक्रम चलाए गए और जो क्षेत्र बहुत ही पिछड़े हैं वहां पर जाकर लोगों को जागरूक किया गया. ऐसे क्षेत्रों में पुरुषों की नसबंदी भी कराई जाती है. जब तक हर इंसान जागरूक नहीं होगा तब तक देश की जनसंख्या की वृद्धि को रोकना संभव नहीं हो सकें गा

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