मेरा विद्यालय पर निबंध – My school essay in hindi

विद्या ग्रहण करना हर इंसान के लिए आवश्यक है क्योंकि इससे इंसान के सोचने और समझने की क्षमता बढ़ जाती है. इसीलिए मानव जीवन में विद्यालय का काफी महत्व है और इस पोस्ट के माध्यम से हम आपके लिए मेरा विद्यालय पर निबंध (Essay on My School in Hindi) लेकर आए हैं जो निश्चित रूप से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है.

समाज को सभ्य बनाने के लिए शिक्षित करना जरूरी है इसीलिए बचपन से ही इंसान शिक्षा ग्रहण करना शुरू कर देता है. शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक लंबे समय अंतराल से गुजरना पड़ता है जिसके बाद एक शिक्षित मनुष्य में कई प्रकार के गुण उत्पन्न होते हैं.

विद्यालय दो शब्दों से मिलकर बना हुआ विद्या+आलय अर्थात विद्या का घर ऐसा स्थान जहां पर विद्या दी जाती हो. विद्यालय को ज्ञान का मंदिर भी कहा जाता है. एक इंसान का भविष्य हमेशा से उसकी विद्या पर निर्भर करता है. इसी से यह निर्णय होता है कि भविष्य में एक इंसान क्या करेगा.

विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को विशेषकर प्रारंभिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए निबंध लेखन के रूप में मेरा स्कूल पर निबंध अक्सर पूछा जाता है. इस लेख पर उपलब्ध निबंध का अपने पढ़ाई के लिए उपयोग करें.

मेरा स्कूल पर निबंध – Long and short essay on my school in hindi

मेरा स्कूल पर निबंध - My school essay in hindi

निबंध – 1

मेरा विद्यालय पर 10 वाक्य में निबंध

  1. मैं शिशु विद्या मंदिर स्कूल में पढ़ता हूं और यह विद्या का सर्वश्रेष्ठ संस्थान है.
  2. मैं प्रतिदिन विद्यालय जाता हूं.
  3. इस में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाया जाता है.
  4. यहां प्रत्येक विषय की पढ़ाई के लिए निपुण और योग्य शिक्षक रखे गए हैं.
  5. मेरे विद्यालय के सभी शिक्षक बहुत अच्छी तरह पढ़ाते हैं.
  6. यहां के प्रधानाध्यापक सभी को अनुशासन में रखते हैं.
  7. यहाँ कंप्यूटर की शिक्षा भी दी जाती है.
  8. विद्यालय में बहुत बड़ा खेल का मैदान भी है जहां सभी बच्चे क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल इत्यादि खेलते हैं.
  9. हर साल इसमें कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं और नए साल के मौके पर पिकनिक जाने का भी आयोजन किया जाता है.
  10. मुझे अपने स्कूल पर गर्व है.

निबंध – 2 (300 words)

परिचय

विद्यालय कई प्रकार के होते हैं लेकिन मैं जिस विद्यालय में पढ़ता हूं वह एक सरकारी विद्यालय है. इस विद्यालय में 400 बच्चे पढ़ते हैं. मेरे विद्यालय का नाम ज्ञान निकेतन है और इस क्षेत्र में इस विद्यालय का नाम काफी ज्यादा है. इसमें कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाया जाता है

यहां पर काफी दूर-दूर से बच्चे पढ़ाई करने के लिए आते हैं. यहां पर पड़ने वाले प्रत्येक बच्चे पर हर शिक्षक बहुत ध्यान देता है हर जिसकी वजह से इसका नाम दूर-दूर तक फैला हुआ है.

विद्यालय का स्थान

मेरा स्कूल दो मंजिला है और इसमें बहुत सारे क्लासरूम है. विद्यालय के सामने एक बहुत बड़ा खेल का मैदान है. यह एक फूलों का बगीचा भी है. इसके आसपास का वातावरण काफी हरा-भरा और शांत है. जिसकी वजह से पढ़ने में बच्चों को काफी शांत माहौल मिलता है.

शिक्षण प्रणाली

सभी शिक्षक अच्छी तरह शिक्षित और डिग्री धारक हैं इसके अलावा सभी अपने विषय में काफी निपुण है. बच्चों को काफी अच्छे ढंग से पढ़ाते हैं एवं उनके भविष्य को बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.

कंप्यूटर के महत्व को समझते हुए यहां पर इसकी पढ़ाई को भी अनिवार्य कर दिया गया है.

प्रतियोगिताओं का आयोजन

बच्चों में अलग-अलग प्रकार के गुण होते हैं जय पहचाना काफी जरूरी है. हर बच्चा पढ़ाई में ही अपना जीवन बनाएं यह जरूरी नहीं बल्कि कई बच्चे खेलकूद में भी बहुत नाम करते हैं और देश का नाम को विश्व स्तर पर ऊंचा करते हैं.

यहाँ बच्चों के खेल कूद को भी खासा महत्व दिया जाता है.

निष्कर्ष

जहां आज सभी स्कूलों में काफी अधिक फीस ली जाती है मेरे विद्यालय में शिक्षा बिल्कुल मुफ्त में प्रदान की जाती है क्योंकि यह एक राज्यस्तरीय सरकारी स्कूल है. फिर भी यहां की पढ़ाई उच्च क्वालिटी की है. यहां पर पढ़े बच्चों ने आज दुनिया भर में अपना नाम रोशन किया है. इसीलिए मैं गर्व से कहता हूं कि मैं इस विद्यालय का छात्र हूं.

निबंध – 3 (400 words)

परिचय

मैं प्रतिदिन अपने विद्यालय जाता हूं और मेरे विद्यालय का नाम विद्या निकेतन हैं. मुझे मेरा विद्यालय काफी पसंद है. यहां पर सभी शिक्षक बहुत अच्छे ढंग से बच्चों को पढ़ाते हैं. इसके अलावा खेलकूद में जो बच्चे अच्छे हैं उन्हें उसी में ट्रेनिंग दी जाती है. खेलकूद करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करके आगे बढ़ाने के लिए भी सभी कार्यरत हैं.

विद्यालय का भवन

मेरा विद्यालय काफी विशाल है. इसमें 15 क्लासरूम हैं जिनमें बच्चों को पढ़ाया जाता है. बच्चों के खेलने के लिए एक मैदान भी है जहां पर बच्चे कई प्रकार के खेल खेलते हैं जैसे कबड्डी, फुटबॉल, बैडमिंटन इत्यादि.

विद्यालय और मैदान बीच में है एवं इसके चारों ओर विशाल वृक्ष लगाए गए हैं जो वातावरण को शुद्ध करने में महत्वपूर्ण होते हैं. इसके अलावा एक छोटा सा फूलों का भाग है जिसमें फूलों की कई क्यारियां लगी हुई है और छोटे-छोटे सुंदर पौधे भी हैं. पढ़ाई के बीच में जब ब्रेक होते हैं तो इसके छांव में बैठने का मजा ही कुछ और है.

विद्यालय का महत्व

हमारा बचपन विद्यालय में पढ़ते हुए व्यतीत होता है. इस दौरान हमें ज्ञान का भंडार प्राप्त करने का मौका मिलता है. पढ़ते हुए हम एक-एक क 1 वर्ग में पढ़ाई करते हैं और सीढ़ी की तरह ऊपर एक एक कदम चढ़ते जाते हैं.

यह हमारे अंदर छिपी प्रतिभा को बाहर निकालते हैं और इस दुनिया में कुछ हासिल करने के लिए प्रेरणा देते हैं. यह हमारे गुणों को निहारते हैं और भविष्य बेहतर बनाने की दिशा निर्देश भी देते हैं. हमारे प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षक अपने सभी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत मेहनत करते हैं.

उपसंहार

जब स्कूल में लंबी छुट्टियां होती हैं और घर में लंबे समय के लिए रहना पड़ता है तो भी हमें अच्छा नहीं लगता. उस वक्त लगता है कि काश पढाई जल्दी से शुरू हो जाती और हम अपने दोस्तों से मिल पाते. पढ़ाई करने वाला हर बच्चा अपने जीवन में यह पल हमेशा याद रखता है.

जब मैं अपने वर्ग परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करता हूं और मुझे कुछ उपहार मिलता है उस वक्त काफी खुशी होती है खासतौर पर जब वार्षिक उत्सव के दौरान स्टेज से नाम पुकारा जाता है और सम्मानित किया जाता है. उस दिन बहुत ही खास महसूस होता है क्योंकि हर कोई हमें जानता है और हमारी उपलब्धियों को पहचानता है. यह मेरे और मेरे विद्यालय के लिए काफी गर्व की बात होती है.

निबंध – 4 (500 Words)

परिचय

शिक्षा के बिना जिंदगी अधूरी है और हर इंसान को शिक्षा के लिए अपना प्रारंभिक जीवन जरूर व्यतीत करना चाहिए. बचपन से हम पढ़ने जाना शुरू कर देते हैं और ज्ञान का अर्जन करते हैं. बचपन एक ऐसा समय होता है जब कच्चे घड़े की तरह किसी भी आकृति में इंसान को ढाला जा सकता है.

एक सही रास्ते को अपनाने के लिए सही निर्णय का लेना जरूरी है जो अपने घर के संस्कार एवं विद्या के द्वारा प्राप्त होता है. विद्यालय सिर्फ एक विद्या का घर ही नहीं बल्कि बच्चों के जीवन का एक अहम हिस्सा है.

मेरे विद्यालय का भवन

मैं जिस विद्यालय में पढ़ता हूं उसका नाम केकेसी हाई स्कूल है. यह एक दो मंजिला इमारत है जिसमें 24 कमरे हैं. विद्यालय के सामने एक बहुत बड़ा खेल का मैदान है जिसमें विशेष तौर पर फुटबॉल एवं क्रिकेट के मैचों का आयोजन हर साल किया जाता है.

विद्यालय के चारों और ढेर सारे वृक्ष लगाए गए हैं एवं एक छोटा सा बगीचा भी है जिसमें ढेर सारे पौधे एवं फूल लगे हुए हैं.

शिक्षण प्रणाली

हमारे स्कूल में 20 शिक्षकगण हमें शिक्षा देने का कार्य करते हैं. प्रत्येक शिक्षक अपने विषय में कुशल एवं निपुण है. हर शिक्षक अपने प्रत्येक विद्यार्थी पर विशेष ध्यान देते हैं और सभी के अच्छे परीक्षा फल के लिए पूरी मेहनत करते हैं.

यहाँ कंप्यूटर शिक्षा पर भी काफी जोर दिया जाता है. प्रत्येक दिन कंप्यूटर के लिए एक पीरियड रखा जाता है जिसमें हमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों की पढ़ाई कराई जाती है.

यह एक सरकारी विद्यालय है जो राज्य स्तरीय बोर्ड के अंतर्गत पढ़ाई कराते हैं. फिर भी यहां के छात्र जी तोड़ मेहनत करके पढ़ाई करते हैं और यहां से 10वीं एवं 12वीं पढ़ाई करने के बाद में अच्छे महाविद्यालयों में जाकर यहां का नाम रोशन करते हैं.

अन्य क्रियाकलाप

विद्यालय में अच्छी पढ़ाई तो होती ही है इसके अलावा वार्षिक तौर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है. 26 जनवरी एवं 15 अगस्त दोनों में ही भव्य आयोजन किया जाता है जिसमें बच्चे कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करके लोगों के सामने प्रदर्शित करते हैं. बच्चों के द्वारा भाषण, नाटक, सांस्कृतिक नृत्य इत्यादि किया जाता है.

खेलकूद और कॉन्पिटिशन में भी हमारा स्कूल किसी से पीछे नहीं है. जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय खेलों में भी हमारा प्रदर्शन काफी बेहतरीन होता है. यहां से कई बच्चे प्रतियोगिता में भाग लेकर पुरस्कार जीतकर आते हैं.

उप संहार

मुझे अपने विद्यालय पर गर्व है क्योंकि यह मुझे बहुत अच्छे ढंग से शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिलता है. इसके अलावा कई ऐसी चीजें सीखने को मिलती हैं जो मैंने कभी जिंदगी में नहीं सोची थी. बच्चों में जो भी गुण होता है उसे पहचाना जाता है और उसे दिशा में उसे निर्देशित करके आगे बढ़ाया जाता है.

हमारे योग्य शिक्षक इसमें भरपूर योगदान देते हैं और प्रधानाध्यापक महोदय भी प्रत्येक बच्चे के व्यक्तित्व और शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान देते हैं. यह विद्या के साथ साथ मेरे लिए ऊर्जा स्रोत भी है.

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