पुस्तकालय के महत्व पर निबंध

हर विद्यार्थी को मालूम होता है कि हमारी जिंदगी में और हमारी पढ़ाई लिखाई करने में पुस्तकालय का महत्व कितना अधिक है और इसीलिए आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए पुस्तकालय के महत्व पर निबंध “(essay on importance of library in Hindi) लेकर आए हैं.

पुस्तकालय का अर्थ होता है पुस्तक रखने की जगह. पुस्तकालय दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है पुस्तक+आलय. पुस्तकालय एक ऐसा स्थान है जहां पर पढ़ने वाले छात्र छात्राएं चुपचाप बैठ कर पढ़ाई करते हैं. शोरगुल करना यहां पर वर्जित होता है.

अब यह तो जानते होंगे कि एक विषय को पढ़ने के लिए कई किताबों की जरूरत पड़ती है. स्कूल के समय में भले ही एक किताब काफी होता है लेकिन जैसे-जैसे आप उच्च स्तर पर पढ़ाई करते हैं आपको अधिक से अधिक किताबों की आवश्यकता पड़ती है ताकि आप विस्तृत जानकारी हासिल कर सके.

इसीलिए आज की पोस्ट में हम आपके लिए साले के महत्व पर निबंध लेकर आए हैं जिससे आपको यह भी समझ में आएगा कि पुस्तकालय का उद्देश्य क्या होता है और यह पढ़ने वाले छात्रों के लिए किस प्रकार से उपयोगी है.

पुस्तकालय के महत्व पर निबंध - library ka mahatv par nibandh

पुस्तकालय का महत्व (निबंध 1)

पुस्तकालय एक ऐसा स्थान होता है जहां पर विभिन्न किताबों का संग्रह होता है और दुनिया भर के विभिन्न लेखकों द्वारा लिखी गई किताबों को एक ही स्थान पर रखा जाता है.

पुस्तकालय दो शब्दों से मिलकर बना होता है पुस्तक + आलय जिसका शाब्दिक अर्थ होता है पुस्तक का स्थान. पुस्तकालय को अंग्रेजी में लाइब्रेरी भी कहा जाता है.

पुस्तकालय भी कई प्रकार के होते हैं. कुछ लोग जो किताबों को पढ़ना बहुत पसंद करते हैं वह अपने घरों में ही किताबों की कलेक्शन बनाकर रखते हैं तो यह एक व्यक्तिगत पुस्तकालय होता है.

दूसरे जो प्रकार का पुस्तकालय होता है वह स्कूल और कॉलेज के द्वारा छात्रों के लिए पढ़ने के लिए बनाया हुआ होता है जिसमें सिर्फ स्कूल या कॉलेज के छात्र ही जाकर पढ़ाई कर सकते हैं.

वहां से वह कुछ पैसे देकर किताबों को इशू करा कर घर भी ले जा सकते हैं.

तीसरा जो प्रकार होता है वह सरकार द्वारा स्थापित किया हुआ होता है जिससे राष्ट्रीय पुस्तकालय कहा जाता है. इस प्रकार के पुस्तकालय में देश विदेश की किताबें उपलब्ध होती हैं. यहां पर दुनिया भर के महान लेखकों की किताबों और पांडुलिपियों को उपलब्ध कराया जाता है.

चौथा जो पुस्तकालय होता है वह सार्वजनिक पुस्तकालय होता है. यह विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा चलाया जाता है जहां पर विभिन्न प्रकार की किताबों को उपलब्ध कराया जाता है.

पुस्तकालय का महत्व (निबंध 2)

पुस्तकालय का परिचय

पुस्तकालय को अंग्रेजी में लाइब्रेरी कहते हैं और यह एक ऐसा स्थान होता है जहां पर जानकारी हासिल करने के लिए हर प्रकार की किताबें होती हैं.

लोगों के लिए हर प्रकार की जानकारी प्राप्त करना बहुत ही आसान हो जाता है क्योंकि एक ही जगह पर उन्हें दुनिया भर की किताबें प्राप्त हो जाती हैं. पुस्तकालय बहुत उपयोगी होती है और यह किफायती भी होती हैं इनमें हमें किताबें मैगज़ीन समाचार पत्र डीवीडी पांडुलिपि या भी मिलती है दूसरे शब्दों में कहें तो यह सूचना एवं जानकारी की बहुत बड़ी स्रोत होती हैं.

पुस्तकालय लोगों को सही जानकारी मुहैया कराने के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. यह लोगों को अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करने के लिए भी प्रेरित करती है. जिन्हें किताबें पढ़ना पसंद है उनके लिए पुस्तकालय एक स्वर्ग से कम नहीं होता.

भले ही आज का समय आधुनिक हो चुका है और टेक्नोलॉजी ने लोगों के हाथों में स्मार्टफोन दे दिए हैं लेकिन फिर भी पुराने समय से ही सबसे अच्छा दोस्त किताबों को ही माना जाता रहा है. आज भी किताबों का उतना ही महत्व है जितना पहले था.

भले ही लोगों को आज इसके महत्व के बारे में ज्यादा जानकारी ना हो लेकिन जिन्हें शिक्षा प्राप्त करना होता है वह किताबों से जरूर जोड़ते हैं और फिर इसके महत्व को पहचान लेते हैं.

पुस्तकालय के महत्व को विभिन्न बिंदुओं के द्वारा समझते हैं:

1. गरीब विद्यार्थियों को लाभ

हमारे देश में काफी जनसंख्या ऐसी है जिनके पास खाने के लिए पैसे नहीं हैं तो वह पढ़ाई भी बहुत मुश्किल से कर पाते हैं. जिन्हें पढ़ाई करनी होती है उनके पास इतने पैसे नहीं होते हैं कि वह हर प्रकार की किताबों को खरीद सके.

ऐसे विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय बहुत ही फायदेमंद साबित होती है. यहां पर छात्रों को पढ़ने की पूरी छूट मिलती है और इस प्रकार वह आसानी से हर प्रकार की किताबों से अपनी जानकारी हासिल कर लेते हैं.

जिनके पास किताबें खरीदने के लिए पैसे नहीं होते हैं उन्हें पुस्तकालय दुनिया भर की किताबों को मुफ्त में उपलब्ध करा देती है.

घर में पढ़ाई करने के लिए भी विद्यार्थी किताबों को इशू करा कर अपने घर पर ले जाकर पढ़ाई कर सकते हैं. कहीं-कहीं पर किताबों के लिए कुछ रुपए देने होते हैं लेकिन यह राशि काफी कम होती है जो कोई भी दे सकता है.

2. विश्व के हर हिस्से की किताबों का उपलब्ध होना

भारत में हर प्रकार की भाषा का ज्ञान रखने वाले लोग हैं. विभिन्न भाषाओं की किताब को पढ़ने का शौक काफी लोग रखते हैं. लाइब्रेरी में हर प्रकार की किताबें उपलब्ध होती है चाहे वह विश्व के किसी भी हिस्से की हो

इस तरह जिन लोगों को विदेशी किताबों का अध्ययन करना होता है लेकिन आम जगहों पर जब किताबें उपलब्ध नहीं होती हैं तो पुस्तकालय ही एकमात्र आस्थान बसता है जहां पर यह संभव होता है.

पढ़ने वाले छात्र भारतीय लेखक के साथ-साथ विदेशी लेखकों की लिखी हुई विज्ञान, गणित आदि की किताबों को पढ़ना पसंद करते हैं.

3. दुर्लभ किताबों की उपलब्धता

पुस्तकालय नई पुस्तक के तो उपलब्ध कराती ही है लेकिन इनमें ऐसे भी किताबें उपलब्ध होती हैं जो बहुत पुरानी होती हैं.

पुरानी किताबों को बाजार में खरीदना संभव नहीं है. संभवत आपको किसी भी बाजार में इस तरह की दुर्लभ किताबें उपलब्ध नहीं मिलेंगी जो पुस्तकालय में आसानी से मिल जाती हैं.

4. किसी भी विषय की विस्तृत जानकारी

विद्यार्थियों को अपने टेक्स्ट बुक से उतना ही सीखने को मिलता है जितना उसमें उपलब्ध होता है. अगर हम विज्ञान की ही बात करें तो सिर्फ एक किताब से हर विषय के बारे में और हर टॉपिक के बारे में पूरी जानकारी मिलनी मुश्किल है.

किसी भी टॉपिक को अच्छी तरह से समझने के लिए कई किताबों को पढ़ना पड़ता है और जो पढ़ाई लिखाई को गंभीरता से लेते हैं वह यही कोशिश करते हैं कि उन्हें टॉपिक के बारे में ज्यादा से ज्यादा और गहराई से जानकारी हासिल हो सके.

पुस्तकालय में एक ही विषय पर लिखे हुए अलग-अलग लेखकों द्वारा लिखी हुई किताबें पढ़ने को मिलती हैं.

5. पढ़ाई करने का शांत स्थान

पढ़ाई कैसे करें यह सभी को मालूम है लेकिन भले ही बच्चे घर पर पढ़ाई करने का टाइम टेबल बनाकर पढ़ते हो जिसमें सबसे उचित समय सुबह का माना जाता है जिस वक्त शोरगुल कम होता है. इसके अलावा जितने भी समय होते हैं उनमें घर पर शांत वातावरण मिलना काफी मुश्किल होता है.

पुस्तकालय ही एक ऐसा स्थान होता है जहां पर बहुत लोग को के उपस्थित होने के बावजूद शांत वातावरण होता है और पढ़ाई करना आसान हो जाता है.

शांत वातावरण में पढ़ाई करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि जो भी चीजें पढ़ी जाती हैं दिमाग में आसानी से याद हो जाती हैं और किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं होता है.

6. इतिहास का रक्षक

आज इंसानों को जो भी इतिहास के बारे में जानने को मिलता है बस सिर्फ और सिर्फ पुस्तकों की वजह से ही संभव हो पाया है.

पुरानी सभ्यताओं और संस्कृतियों के बारे में हमें किताबों के जरिए ही जानने को मिलता है. इतने लंबे वक्त से हर प्रकार की जानकारी को संजोकर रखने की श्रेय सिर्फ और सिर्फ पुस्तकों को ही दिया जाएगा.

क्योंकि इतिहास को बताने के लिए कोई भी इंसान इतने लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता है. इस प्रकार अगर हम कहें कि किताबें हैं इतिहास का रक्षक तो यह किसी भी तरह से गलत नहीं होगा.

दुनिया के हर कोने की सभ्यता और संस्कृति को किताबों में लिख कर रखा गया है और इस प्रकार हम सैकड़ों साल या फिर हजारों साल की जानकारी आज भी प्राप्त हो जाती है.

इनकी ढेर सारी प्रतियां होती हैं जिसकी वजह से अगर एक किताब गुम हो जाता है या फिर नष्ट हो जाता है तो दूसरी प्रतियों में यह दर्ज होती हैं और इस प्रकार के संरक्षित रहते हैं.

संक्षेप में

पढ़ाई लिखाई करने वाले छात्रों को काफी लगाव होता है. ऐसे विद्यार्थियों को जब भी समय मिलता है वह अपना समय किताबों को पढ़ने में ही देते हैं.

आर्थिक रूप से जो कमजोर होते हैं उनके पास किताबें खरीदने के लिए पैसे ना होते हुए भी वह हर प्रकार की किताबों को पढ़ लेते हैं इसका श्रेय सिर्फ पुस्तकालय को भी जाता है.

इसीलिए आज के पोस्ट में हमने आपको पुस्तकालय के महत्व पर निबंध (essay on importance of library in Hindi) प्रदान किया और हम उम्मीद करते हैं कि यह निबंध आपको अच्छे लगे होंगे . अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो इसे अपने साथ में पढ़ने वाले छात्रों के साथ जरूर शेयर करें.

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