भारतीय किसान पर निबंध – Essay On Indian Farmer in Hindi

आज इस आर्टिकल के माध्यम से आपके लिए भारतीय किसान पर निबंध (short and long essay on Indian farmer in Hindi) लेकर आए हैं जो स्कूल में पढ़ने वाले विभिन्न वर्गों के बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

जैसा की आप सभी को पता होगा कि हमारा भारत देश कृषि प्रधान देश माना जाता है जिसमें किसान अन्नदाता के रूप में हमें अनाज प्रदान करते हैं इससे पता चलता है कि देवता किसान के रूप में धरती पर खेती कर अपने बच्चों यानी हमें अनाज प्रदान कर, हमें इस धरती पर जीने योग्य बनाए हैं.

भारतीय किसान पर छोटे तथा बड़े निबंध – Short and Long essay on Indian farmer in Hindi For Class 7, 8, 9 & 10 Students

बच्चों अब आपके लिए चार तरह के निबंध लिखे गए है, उन्हें आप ध्यान से पढ़े.यह सारे निबंध भारतीय किसान पर लिखे गए है, जो आने वाले परीक्षा में सफलता दिला सकते है.

निबंध 1 – ( 250 शब्द )

प्रस्तावना

भारतीय किसान हमारे देश के सभी लोगों के जिंदगी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.भारतीय किसान अपना कर्म यानी खेती कर सभी जनता का पेट भरते हैं.किसान कड़ी मेहनत करके फसलों को उप जाते हैं उसके बाद बाजार में निर्यात करते हैं तत्पश्चात हम तक अनाज पहुंचता है.

किसान खेती कर सभी को अनाज प्रदान करने के साथ-साथ लोगों के जीवन सुखमय बनाते हैं, क्योंकि हर एक इंसान जो इस धरती पर रह रहा है उसे जीवित रहने के लिए अन्न की आवश्यकता है.जो भारतीय किसान द्वारा संभव हो पाता है, भारतीय किसान हमारे जीवन का अमूल्य हिस्सा है जो मरते दम तक हमें अन्न प्रदान करते हैं.

भारतीय किसान

हमें इस धरती पर जीवित रहने के लिए जल, वायु के साथ-साथ अन्य प्रकार के भोजन की आवश्यकता होती है.जिसे भारतीय किसान अपने कठिन परिश्रम से हमारे तक पहुंचाती है, इसलिए किसान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

भारतीय किसान वह है जो कड़े धूप, आंधी तथा मूसलाधार बारिश को झेलते हुए खेतों में काम कर उगते हुए अनाज को हर प्रकार से ध्यान देकर फसल उपजाते है, इसके दौरान है इनकी मेहनत रंग लाती है. और वह फसल अनाज के रूप में हम तक पहुंचाई जाती है.जिससे देश के साथ-साथ पूरे राज्य के जनता का पेट भरता है.

प्राचीन काल में,फसल उप जाते वक्त भारतीय किसान कई प्रकार के सुविधाओं जैसे- बैलगाड़ी यानी बैलों के द्वारा खेतों की जुताई की जाती थी.पर अब आधुनिक तकनीकों जैसे ट्रैक्टर का उपयोग किया जाता है, इसके साथ-साथ भारतीय किसान की कठिन मेहनत के द्वारा ही अनाज को उप जाना संभव हो पाता है.

निष्कर्ष

भारतीय किसान हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो खेती कर हमारे तक अनाज पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. हमें भारतीय किसान की इज्जत करनी चाहिए तथा सरकार को इनके अनुसार काम आने वाली सुविधाओं को उन्हें प्रदान कर उनकी सहायता करनी चाहिए. किसान खेती करेगी तभी हमें अनाज मिल पाना संभव है अन्यथा असंभव है.

निबंध 2 – (350 शब्द)

प्रस्तावना:

हमारे देश में अगर देखा जाए तो इतिहास गवाह है, भारतीय किसान से ज्यादा मेहनती कोई नहीं है. किसान जितना परिश्रम खेती करने के दौरान करते हैं, उतना हमारे देश के किसी जनता का कर पाना संभव नहीं है. कड़ी से कड़ी धूप में तप कर किसान अनेक प्रकार के फसल को उपजा कर हमारा पेट भरते हैं.अन्न को प्रदान करने वाला किसान अन्नदाता कहलाते हैं.

भारतीय किसान की छवि तथा महत्व:

हमारे देश के भारतीय किसान ही है जो कड़ी परिश्रम के दौरान हमारे अन्न की पूर्ति करते हैं.अगर किसान खेती ना करें तो हमारे पूरे देश में भुखमरी की स्थिति आने में तनिक भी देर नहीं लगेगी.किसान द्वारा आज तक हमारे देश में अनाज की कमी नहीं हुई. लेकिन, किसानों की मेहनत को नजरअंदाज करते हुए अनाज को कई प्रकार से बर्बाद करते हैं जो हमें नहीं करना चाहिए.

अनाज को बचाना बहुत ही आवश्यक है, अनाज को बर्बाद करना मतलब किसान की बेज्जती करने के बराबर है. इसलिए किसान के मेहनत को ध्यान में रखते हुए हमें अनाज को आवश्यकतापूर्ण ही उपयोग में लाना चाहिए. अनाज की बर्बादी कई स्थानों में देखी जाती है जैसे, शादी समारोह में, स्कूल के कई प्रकार के प्रोग्राम में तथा अन्य ग्रामीण और अन्य स्थानों के प्रोग्राम में, अतिरिक्त अनाज को बनाया जाता है, जिससे अनाज की बर्बादी होती है.

इसलिए सभी लोगों का फर्ज बनता है, किसी भी तरह अनाज की बर्बादी ना करें और न करने दें.जो अनाज फेंका जाता है कहीं ना कहीं उस अनाज की जरूरत किसी गरीब को होती है. उस अनाज की कीमत उस गरीब को पता होगी, जिसे एक वक्त की रोटी मिल पाना मुश्किल होती है.

और दूसरी और देखे तो हमारे देश के कई लोग ऐसे हैं,जो किसान को ग्वार बोलते हैं, उनकी निंदा करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसा बोलकर हम उनका अपमान करते हैं. हमें उनकी इज्जत के साथ-साथ उनका आदर भी करनी चाहिए क्योंकि हमारे भी पिछले पीढ़ी के दादा परदादा भी किसान ही होंगे. लेकिन उन्हें इस बात की कोई खबर नहीं है और दूसरा भारतीय किसानों द्वारा अनाज मिलना संभव है.

अगर किसान भी अमीर हो जैसे रहने लगे तो किसानी कौन करेगा फिर तो पूरा देश अनाज के बिना भूखा ही रह जाएगा. भारतीय किसान अपना कर्म खेती कर लोगों तक अनाज पहुंचा कर पूरा करते हैं , हमें उनका आदर सम्मान करना चाहिए ना कि अनादर.

किसान और हमारा जीवन व्यापम समानुपाती है. लोगों को जीवन जीने के लिए जलवायु के साथ-साथ अनाज की भी आवश्यकता होती है, जो सिर्फ भारतीय किसान द्वारा ही संभव हो पाता है.

हमारे जीवन की आवश्यकता

हमारे जीवन को जीने के लिए किसान की अति आवश्यकता है क्योंकि, लोगों को अपना जीवन व्यतीत करने के लिए भोजन के साथ-साथ अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ की आवश्यकता होती है.जो किसान ही प्रदान कर सकते हैं.

भारतीय किसान को देश भर में महत्वपूर्ण व्यक्ति का पद दिया गया है, जो हमारे जीवन को खुश में बनाते हैं. क्योंकि लोग तभी काम कर पाते हैं, जब-जब भरपेट खाना ग्रहण करते हैं. खाना ग्रहण करने से ही उनका शारीरिक अंग संतुलित रूप से काम करता है, जिस तरह अन्य कई प्रकार के चीज होते हैं. जो जीने योग्य बनाते हैं, उसी प्रकार हमें जीवन को जीने के लिए किसान की आवश्यकता होती है.

निष्कर्ष

भारतीय किसान अन्नदाता के भाती है, जो हमें जीवन को जीने के लिए भोजन प्रदान करते हैं. इन्हें आदर के साथ साथ उसकी इज्जत करना हमारा फर्ज है. इनके हर चीज जो उन्हें अनाज उपजाने में उपयोगी होते हैं,उन्हें सरकार को प्रदान करनी चाहिए, क्योंकि जब किसान फसल उप जाएंगे तब जाकर लोगों को फसल मिल पाएगी. हमें जहां तक संभव हो भारतीय किसान को हर तरह से उनकी सहायता करनी चाहिए.

निबंध 3 – (400 शब्द )

प्रस्तावना

हमारा देश “भारत”स्वतंत्र के साथ-साथ किसान प्रधान देश है, जिसमें किसान ईमानदारी तथा कठिन परिश्रम के साथ खेती करते हैं. वे खेतों में फसलों को अनेक प्रकार से ध्यान देकर अधिक मात्रा में उप जाते हैं, जिससे हमारे देश का पेट भर सके.

भारतीय किसान कठिन मेहनत कर अनाज हमारे तक पहुंचाता है, जिससे हमें भोजन मिल पाता है. अनेक प्रकार के फसल उप जाकर हमें हर प्रकार के फसल का स्वाद ग्रहण करवाते हैं, इसमें धरती मां भी अपना बहुत बड़ा योगदान निभाती है, जिससे हर फसल पूर्णरूपेण प्रफुल्लित रूप से फलते है.

भारतीय किसान पर निर्भरता

भारतीय किसान वह व्यक्ति होते हैं, जो पूरे देश को अनाज प्रदान कर उनकी जीवन सुखमय बनाते हैं.स्पष्ट रूप से कहा जाए तो, भारत देश की पूरी जनता भारतीय किसान पर निर्भर है.क्योंकि उनको भोजन वही व्यक्ति दे सकता है, जो खेती करता है.

अत: भारतीय किसान की पद भारत के सभी महान लोगों के लिस्ट में प्रथम स्थान पर होती है, क्योंकि इनके द्वारा ही लोगों को अनाज की पूर्ति होती है.किसान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

देश की अर्थव्यवस्था में योगदान

भारतीय किसान भारत देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, किसान अपनी उपज आए हुए फसलों से बहुत बड़ा योगदान देश को प्रदान करती है.हमारे देश में स्वयं अनाज की पूर्ति होती है, अर्थात अन्नदाता हमारे देश में हैं. हमारा देश अनाज स्वयं उत्पन्न करता है, जिससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था में बचत होती है.इससे हमारे सरकार को जनता के लिए किसी अन्य देश से अनाज का आयात करना नहीं पड़ता.

हमारे देश के लोग देश की मिट्टी में उपजे अनाज को ही खाते हैं. कहा जाता है हमारे देश की मिट्टी में वह शक्ति है जो किसी भी बड़े से बड़े काम को अंजाम तक जाने में अहम भूमिका निभाती है.

जो व्यक्ति इस मिट्टी से उपजे अनाज खाता है, वह पूर्ण रूपेण शक्तिशाली होता है. उसे कठिन काम भी आसान लगता है. भारतीय किसान इतना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं की जाती.सरकार को उनकी हर आवश्यकता की पूर्ति करनी चाहिए.

भारतीय किसानों की हालत

भारतीय किसान पूरे देश की जनता के लिए अनाज को उप जाते हैं, ताकि लोग एक समय भी भूखे ना रहे लेकिन भारतीय किसान की ओर किसी की नजर नहीं जाती.जो पूरा समय किसानी करने में लगा कर पूरे देश का पेट भरता है उसे ही उचित दाम नहीं मिलता.

जो किसान भारत देश की अर्थव्यवस्था की बचत करता है, उसे ही नजरअंदाज कर दिया जाता है. हमारे देश में किसानों की बहुत ही गंभीर स्थिति है. उचित दाम न मिलने से वे अपना घर नहीं चला पाते, उनके मेहनत का 5 प्रतिशत भी उन्हें लाभ नहीं मिलता.

भारतीय किसान अपने घर की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकते, सही दाम ना मिलने से वे गरीब ही रह जाते हैं. अपने जीवन में ऊपर नहीं उठ पाते और यहां तक कि वह अपने बच्चों को स्कूल की शिक्षा भी ग्रहण कराने में असक्षम रहते हैं.

इन सभी समस्याओं से बहुत किसान आत्महत्या कर लेते हैं और बहुत आत्महत्या करने का प्रयास करते हैं, जो हमारे देश के लिए बहुत ही दुख की बात है.

निष्कर्ष

भारतीय किसान सिर्फ जनता के लिए ही अनाज प्रदान कर अहम भूमिका नहीं निभाती बल्कि, देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देकर अहम भूमिका निभाती है.सरकार को उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ उनको उचित दाम भी प्रदान करनी चाहिए. ताकि सभी किसान खुशी पूर्वक जीवन व्यतीत करें क्योंकि, अगर किसान खुश है तो पूरा देश खुश रहेगा.

निबंध 4 – (600 शब्द )

प्रस्तावना

भारत देश में किसानों की जनसंख्या बहुत है जिससे खेती बहुत बड़े पैमाने में की जाती है.इससे हमारे देश में अनाज बहुत बड़े मात्रा में उगाए जाते हैं, जिस वजह से सभी लोगों को उनके अनुसार हर प्रकार के अनाज को खरीद पाना मुमकिन हो पाता है.

भारतीय किसान हमारे देश की जनता को भोजन की आवश्यकता को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. इसलिए इन्हें महत्वपूर्ण व्यक्ति का दर्जा दिया गया है, और इनके खेती करने में की गई मेहनत अत्यधिक प्रभावपूर्ण होता है, इसलिए हमारा देश कृषि प्रधान देश कहलाता है.

भारतीय किसान की मुश्किल है

भारतीय किसान बहुत मुश्किलों का सामना कर अनाज को उठ जाते हैं. किसान को खेती करने में आवश्यक सुविधाएं जो सरकार द्वारा भेजी जाती है, उन्हें कई सरकारी लोग भ्रष्टाचार के जरिए इधर-उधर कर देते हैं .और वह किसान सुविधा का लाभ को हासिल नहीं कर पाते हैं.यह बहुत दुख की बात है क्योंकि जब किसानों को उनकी सुविधा नहीं दी जाएगी तो किसान खेती करेगा कैसे?

सरकार तो कई सारी सुविधाएं किसानों के लिए लाते हैं, लेकिन उन्हें यह ध्यान भी देनी चाहिए कि किसान उस सुविधा का लाभ उठा पा रहा है या नहीं.

भारतीय किसान को प्रकृति के द्वारा भी बहुत हानि होती है जैसे, अचानक प्राकृतिक आपदा आ जाने से तथा मूसलाधार बारिश इत्यादि. इनसे किसान की फसल पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है तथा इससे किसानों की बहुत मात्रा में फसलों की क्षति होती है. जिस कारण किसानों का बहुत बड़े पैमाने में नुकसान होता है.हालांकि, किसानों को मुआवजा भी दिया जाता है लेकिन, लोगों द्वारा घोटाला बाजी से किसानों तक नहीं पहुंचता.

भारत के लोग किसान को बहुत छोटे समझते हैं, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि कोई काम बड़ा या छोटा नहीं होता और किसान तो हमारी पेट भरते हैं.पत्रकार मीडिया वाले भी बस अमीर लोगों की ही चर्चा में लगे रहते हैं. पत्रकार बस अमीर लोगों और अतिरिक्त विचारों पर लेख छापते हैं और मीडिया वाले इन्हीं छोटे-छोटे विषयों को लेकर न्यूज़ बनाते रहते हैं. लेकिन उनकी नजर कभी किसानों की ओर नहीं पड़ती यह कभी किसानों की चर्चा नहीं करते हैं.

भारतीय किसानों के प्रकार

हमारे भारत देश में अनेक प्रकार की फसल उगाई जाती है जिसमें कुछ खरीफ फसल, कुछ रवि फसल तथा अन्य फसलें भी होती है.

कुछ किसान खरीफ फसल ही उपजाते हैं जैसे, चावल, मक्का, गेहूं इत्यादि, जो बारिश के मौसम में उगाए जाते हैं. कुछ किसान रवि फसल उपजाते हैं जैसे, चना, मटर इत्यादि और कुछ किसान फल, सब्जियां उप जाते हैं.

इस प्रकार, हमारे देश में अनेक प्रकार के किसान मौजूद हैं जो हर प्रकार के अनाज को उपजाते ही है.

भारत में किसानों की वर्तमान स्थिति

भारत देश एक कृषि प्रधान देश कहा जाता है लेकिन, उनकी वर्तमान स्थिति तथा प्राचीन स्थिति में बहुत ही कम अंतर देखने को मिलता है. हमारे देश के किसानों की दशा अभी भी चिंताजनक है .उनको अपने जीवन यापन करने के लिए पर्याप्त धन नहीं मिल पाता जिससे पता चलता है की किसान की स्थिति आज भी बहुत गंभीर है.किसान जो खून पसीना एक कर, कठिन मेहनत के दौरान अनाज हम तक पहुंचता है उन्हें ही लाभ नहीं मिल पाता. किसान को अन्नदाता माना जाता है, लेकिन बहुत दुख की बात है की उन्हें ही आवश्यकतानुसार धन नहीं मिलता.

देश के किसान को पर्याप्त धन नहीं मिल पाता है, जिससे वे नाही अपने परिवार को अच्छे भोजन प्रदान कर पाता नाही वस्त्र और यहां तक की वह अपने बच्चों को शिक्षा प्रदान नहीं करवा पाते.यह है आज की किसान की स्थिति.जो हमारे योग्य भोजन हम तक पहुंचाते हैं उन्हें ही लाभ नहीं मिलता.कहां का न्याय है यह?

किसान की कठिनाइयों का उपाय

किसानों की मदद के लिए निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए.इससे आने वाले समय में हमारे देश की अनाज उत्पादन में काफी मदद होगी.

किसानों को शिक्षा प्रदान करना

किसान अगर शिक्षित रहे तो वह सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं का लाभ उठा सकता है लेकिन, अभी भी बहुत से किसान अशिक्षित हैं तथा अशिक्षित रहने से वह सुविधाओं को प्राप्त करने में आ सक्षम होते हैं. यहां तक कि उनके बच्चे अगर पढ़ रहे हैं तो वह खेती करना छोटा काम समझते हैं और वे ऑफिस में काम करना चाहते हैं. जब दुख की बात है.अगर किसान शिक्षित रहे तो उनको खेती करने का तार तरीका अच्छे से पता होगा जिससे वह आसानी से खेती कर सकते हैं इसलिए जहां तक संभव हो किसानों को शिक्षित बनाना चाहिए.

आसान किस्तों में ऋण तथा अच्छी ब्याज की दर

भारतीय किसानों को आसान किस्तों में रहने तथा अच्छी ब्याज की दर मिलनी चाहिए. जिससे वे कर्ज से मुक्त रहकर आसानी से खेती कर अपना अच्छा योगदान देश को प्रदान कर सकें.

सिंचाई के साधन

सरकार को खेतों में सिंचाई के लिए सुविधा देनी चाहिए. सिंचाई के अनेक प्रकार की सुविधा प्रदान करने चाहिए जिससे किसानों को सिंचाई करने में कोई दुविधा ना हो. इससे किसान सूखे से बचेंगे.

अच्छे खाद और अच्छे बीज

भारतीय किसानों को अच्छे खाद के साथ-साथ अच्छे बीज मिलनी चाहिए.जिससे अधिक मात्रा में फसल को उपजा सके.अच्छे बीज होने से फसल की उपज में कोई रुकावट नहीं होती तथा अच्छे खाद्य से फसल पूर्णरूपेण प्रफुल्लित होते हैं इससे देश को अधिक पैमाने में फसल मिलेगी.

सरकारी कर्मचारी: –

सरकार को किसान से संबंधित जितने भी सरकारी काम है, उसमें उन लोगों का चयन करना चाहिए. जो लोग खेती से लगाव रखते हैं, क्योंकि वह किसानों की हालत समझते हुए उनकी सुविधाओं की पूर्ति करेंगे.

अगर सरकार उन लोगों की चयन करें जो खेती में लगाओ रखते ही नहीं है, तो उससे किसान लाभ से परे रह जाता है. वे कर्मचारी घोटाले बाजी से सारे सुविधाओं को इधर-उधर कर लोगों तक नहीं पहुंचता. इसलिए सरकार को खेतों से संबंधित सरकारी कामों के लिए खेती से लगाव रखने वाले युवाओं को ही चयन करना चाहिए.

निष्कर्ष

भारतीय किसान भारत के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है.वे सारी जनता की कदर करते हैं, कड़ी मेहनत कर हमें अनाज प्रदान करते हैं. सरकार के साथ साथ हमें भी उनकी कदर, इज्जत तथा आदर करनी चाहिए. सरकार को उनकी हर सुविधाओं को प्रदान करनी चाहिए और उनकी ओर ध्यान देनी चाहिए.

अंतिम शब्द

प्यारे पाठको, उम्मीद करता हूं आपको आज का पोस्ट काफी मददगार लगा होगा. हमने आपको आज भारतीय किसान पर निबंध की रूपरेखा दिखाई है, अगर आपको ऐसे ही लेख पढ़ना चाहते है तो आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें. अब आपसे फिर मुलाकात होगी हमारे अगले पोस्ट में, तब तक आप अपना विचार इस निबंध के संबंध में रख सकते है और अपने मित्रों के बीच भी इसे साझा कर सकते है.

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