अनुशासन पर निबंध – Essay on Discipline in Hindi For Class 6, 7, 8, 9 & 10

नमस्कार दोस्तों और मेरे प्यारे बच्चों जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कोई जादू की नहीं बल्कि एक बेहतर अनुशासन की जरूरत होती है, एक इंसान अपने जीवन में तब कुछ हासिल कर सकता है, जब वह अपने जीवन में अनुशासन को अपनाता है. आज हमने भी अनुशासन पर निबंध लिखा है जो आपके काफी काम आने वाले है. 

सफल व्यक्ति कुछ अलग नहीं करते बल्कि वह अपने जीवन में अनुशासन को अपनाते हैं, तभी वह अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर पाते हैं. बड़ा महान कोई भी बन सकता है एक बेहतर अनुशासन के साथ.

 तो आइए जानते हैं कि अनुशासन होता क्या है? इसका हमारे जीवन में क्या उपयोग है?, क्या महत्व है?, इसकी क्या आवश्यकता है 3और अनुशासन कितने प्रकार के होते हैं? हमने आपके लिए 200 से 600 शब्दों में निबंध लिखा है कक्षा 6 से कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए.

अनुशासन पर छोटे एवं बड़े निबंध – Long & Short Essay on Discipline in hindi?

निबंध 1 (200 शब्दों में)

बच्चों अगर आपको सिर्फ 200 शब्दों में निबंध लिखने बोला जाए तो आप इस भाग को पढ़ सकते हैं हमने अनुशासन पर निबंध(essay on Discipline) आपके परीक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लिखा है.

प्रस्तावना

”अनुशासन” शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, अनु+शासन जिसका मतलब नियमों का पालन करना है. अनु’ का अर्थ ‘पालन’ तथा ‘शासन’ का अर्थ ‘नियम’ होता है. एक व्यक्ति को सही तरीके से जीने के लिए तथा समाज में रहने के लिए नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक होता है. अर्थात अनुशासन को अपनाना अति आवश्यक होता है.

अनुशासन हमारी सफलता की सीढ़ी है जिसके सहारे हम कोई भी मंजिल को हासिल कर सकते हैं. जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन का होना जरूरी है, क्योंकि अनुशासन से ही धैर्य और समझदारी का विकास होता है, इससे कार्य क्षमता का वृद्धि होती है, समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है तथा नेतृत्व करने में भी सक्षम होते हैं.

अनुशासन किसी भी प्राणी को अपने लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता करता है तथा उसे लक्ष्य से भटकने नहीं देता है यही कारण है कि आज के इस आधुनिक युग में भी अनुशासन को अति महत्व दिया जाता है!

 उपसंहार

“बिना अनुशासन की चाबी 

के सफलता का ताला

खोलना असंभव है.”

हम  कह सकते हैं कि अनुशासन के बिना कोई भी सुखी जीवन नहीं किया जा सकता है. यह हमें हमारे लक्ष्य तक लेकर जाता है, हमें हर समय इसका पालन करना चाहिए. चाहे वह विद्यालय हो, घर हो,कार्यालय हो, फैक्ट्री, खेल का मैदान, युद्ध का मैदान या अन्य स्थान हो सभी जगह हमें अनुशासन का पालन करना चाहिए.

 निबंध 2 (350 शब्द)

बच्चों यदि आपको 200 से अधिक शब्दों के निबंध की आवश्यकता है, तो आप हमारे इस लेख को पढ़ सकते हैं जो कि दूसरे शब्दों में लिखा है.

प्रस्तावना

अनुशासन का अर्थ ‘स्वशासन’ अर्थात स्वयं पर हर प्रकार के नियंत्रण को अनुशासन कहते हैं. अनुशासन किसी भी व्यक्ति का सबसे महत्वपूर्ण गुण होता है. जो व्यक्ति अपने जीवन को अनुशासन पूर्वक जीता है, उसके जीवन में कोई भी कठिनाई नहीं आती है. अनुशासन सबसे अधिक विद्यार्थी के लिए जरूरी होता है जो बचपन से ही उन्हें अनुशासन सिखाया जाता है .इसलिए विद्यालयों में कक्षा 5 से तथा कक्षा 12 तक अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है ताकि बच्चे आगे चलकर अनुशासित व्यक्ति बने.

अनुशासन के महत्व

अनुशासन का हमारे जीवन में बहुत महत्व है. क्योंकि अनुशासन की आवश्यकता जीवन के हर क्षेत्र में होता है. इसके बिना जीवन बेकार हो जाता है, कोई भी कार्य योजनाबद्ध पूर्ण नहीं पाता है.अगर हमें किसी भी कार्य को पूरा करने के बारे में सही तरीके की रणनीति लागू करना है तो सबसे पहले हमें अनुशासन में रहना होगा. क्योंकि अनुशासन ही एकमात्र ऐसा मंत्र है जिससे हम हमारे जीवन के लक्ष्य और हर कार्य को आसानी से हासिल कर सकते हैं. अनुशासन का महत्व जीवन के हर क्षेत्र में है, खास करके विद्यालयों में, कार्यालय में,समाज में तथा परिवार में आदि  और भी ऐसे कई क्षेत्र है जहां हम अनुशासन को लागू करके जीत हासिल की जाती है!

 ‘अनुशासन समाज की रीढ़ की हड्डी है’ जिस प्रकार रीढ़ की हड्डी के बिना हमारा शरीर खड़ा नहीं रह सकता है सही तरीके से कार्य नहीं कर सकता है, ठीक उसी प्रकार अनुशासन के बिना हमारा समाज अस्त-व्यस्त हो जाएगा. जिससे कोई भी कार्य सही समय पर तथा फसलें आदि नहीं हो पाएगी. जिसका सीधा प्रभाव समाज के एवं देश के आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा. यदि कोई व्यक्ति अनुशासित नहीं रहता है तो  समाज के ऊपर एक बोझ बनकर रह जाएगा.

उपसंहार

संक्षेप में हम कह सकते हैं कि अनुशासन वह सीढ़ी है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सफलता की ऊंचाई को छू सकता है. यह हमें अपने लक्ष्य की ओर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है और उसे अपने लक्ष्य से भटकने नहीं देता है.अनुशासन व्यक्ति के मन में साकारात्मक विचारों को प्रकट करता है तथा उसे समाज में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में स्थापित करता है.

निबंध – 3 (450 शब्द)

कभी-कभी परीक्षा में आपसे 400 शब्दों में या उससे अधिक शब्दों में निबंध लिखने को बोला जाता जा सकता है तो क्यों ना उसके लिए पहले से ही तैयार रहे. बच्चों हमने आपके लिए 450 शब्दों में निबंध लिखा है.

प्रस्तावना

‘अनुशासन’ (Discipline)का मतलब है अनुशासन में रहना तथा नियमों का पालन करना है. एक प्राणी को अनुशासन में रहना बहुत जरूरी होता है तभी वह अपने कर्तव्यों को बिल्कुल ईमानदारी से,वफादारी से,  शालीनता से और सही ढंग से कर पाएगा. इसके लिए जरूरी है कि हम अपने बच्चों को आज से ही अनुशासन का पाठ पढ़ाये. क्योंकि “अनुशासन अपनाकर एक साधारण व्यक्ति भी महान बन सकता है”.

अनुशासन के प्रकार (Types of Discipline)

वैसे तो अनुशासन कई प्रकार के होते हैं जिनमें से कुछ के बारे में विस्तार से हम जानेंगे.

  1. प्राकृति अनुशासन
  2. व्यक्तित्व अनुशासन
  3. सामाजिक  अनुशासन
  4. व्यावसायिक अनुशासन

प्राकृति अनुशासन

ईश्वर द्वारा निर्मित सृष्टि जो सदियों से ही अपने नियम से चलती आ रही है प्राकृति अनुशासन कहलाता है. जैसे सूर्य,चंद्र, तारे,नदियां, सागर, वायु, पेड़-पौधे आदि सभी अपने नियमों का पालन सही तरीके से तथा सही समय पर करते आ रहे है. जबकि सब अनुशासन में होता है. यदि प्रकृति अपने अनुशासन का पालन नहीं करेगी तो पृथ्वी में जीव-जंतुओं का जीना असंभव हो जाएगा.यदि सूर्य अपने समय पर ना निकले तो पूरा अंधेरा छा जाएगा,यदि वर्षा समय पर ना हो तो अकाल पड़ जाएगा, यदि पेड़-पौधे ऑक्सीजन समय पर सृजन न करे तो सांस लेना मुश्किल हो जाएगा .इस तरह जीवन नष्ट हो जाएगा. इसलिए अनुशासन का सबसे अच्छा उदाहरण प्रकृति है जो हर हाल में अपने अनुशासन का पालन करती है.

व्यक्तित्व अनुशासन

जब व्यक्ति का पूर्ण मानसिक विकास हो जाता है  वह अच्छे बुरे में अंतर समझने लगता है तथा वह सारे कार्य अपने विवेक से करता है तो व्यक्तित्व अनुशासन कहलाता है.अनुशासन एक व्यक्ति को बुरे कार्य करने से रोकता है तथा आत्म नियंत्रण का भाव उत्पन्न करता है. एक अनुशासित व्यक्ति आज्ञाकारी व्यक्ति होता है तथा वह अपने से बड़ों का,अपने शिक्षकों का आज्ञा का पालन करता है. किसी भी व्यक्ति में  सबसे महत्वपूर्ण गुण अनुशासन का होना चाहिए.

सामाजिक अनुशासन

सामाजिक अनुशासन भी अनुशासन का एक प्रकार है. जिसका होना समाज में अति आवश्यक है.जितना अच्छा अनुशासन होगा, उतना ही शांति एवं सुख होगा.अनुशासन के बिना पूरी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है. जिस समाज तथा देश के लोग अनुशासित होंगे वहां की सेना अनुशासित होगी और वह समाज निरंतर प्रगति करेगा.अनुशासन हर एक व्यक्ति की पहली और प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.

व्यवसायिक अनुशासन

जीवन में सफलता पाने के लिए व्यवसाय में अनुशासन का होना आवश्यक होता है. एक सफल व्यक्ति को ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ता सफल होने के लिए बल्कि अनुशासन को अपने जीवन में अपनाकर वह दूसरों से आगे बढ़ जाता है.व्यवसाय में अनुशासन को अपनाकर व्यक्ति निपुण,परिश्रमी ,दूरदर्शी ,अधिक सूझबूझ वाला, नियम से चलने वाला तथा समय का पाबंद बन जाता है. जिससे कोई भी कार्य को आसानी से तथा समय पर पूरा कर सकता है.

उपसंहार

अतः हम कह सकते हैं कि अनुशासन का हमारे जीवन में होना बहुत जरूरी है यह हमारे हर कार्यों को आसानी से पूरा करने में मदद करता है. अनुशासन एक गुण है जिसको हर क्षेत्रों में अपनाया जाता है.

                               सुविचार

“बहानो से बचकर अपना,काम समय पर पूरा करना ही अनुशासन कहलाता है.”

निबंध – 4 (600 शब्द)

यह उच्च कक्षा के बच्चों के लिए अनुशासन पर आखिरी निबंध है जो 600 शब्दों में लिखा है.

भूमिका

अनुशासन को मानना तथा अनुसरण करना ही अनुशासन कहलाता है.जब एक व्यक्ति शासन को मानता है तो उ सका जीवन व्यवस्थित तथा सरल बन जाता है.अनुशासन किसी भी कार्य को सही ढंग से करने का एक तरीका है. शरीर और दिमाग में एक नियंत्रण की आवश्यकता होती है जिसे अनुशासन से पूरा किया जा सकता है. कुछ लोगों के पास स्व-अनुशासन गुण बचपन से ही संपत्ति के रूप में मिलता है,तो कुछ को अपने अंदर विकसित करना पड़ता है. अनुशासन एक व्यक्ति के भावनाओं को नियंत्रित करता कर मुश्किलों को पार करने के साथ ही उचित कार्य तथा उचित समय पर पूरा करने में मदद करता है. बिना अनुशासन के, जीवन अधूरा और असफल  होता है. इसलिए विद्यालय में शुरू से अनुशासन सिखाया जाता है.ताकि बड़ा होकर वह बच्चा एक अनुशासित व्यक्ति बन सके.

                     वैसे तो जीवन में अनुशासन को अपनाने के बहुत सारे फायदे हैं तो कहीं  अनुशासन ना अपनाने के नुकसान भी हैं. आज हम दोनों के बारे में जानें विस्तार से. तो आइए शुरू करते हैं इसके फायदे से.

अनुशासन के फायदे अर्थात अनुशासित जीवन (Benefits of Discipline)

एक विद्यार्थी को अनुशासन से बहुत फायदे होते हैं.

  •  वह अनुशासित रहकर अपनी परीक्षा के लिए अध्ययन कर उच्च अंको से पास हो सकते हैं. अपने सभी पाठ्यक्रमों को सही समय पर पूरा कर उनका अध्ययन कर सकते हैं.एक विद्यार्थी अनुशासित रहकर अपने रोज की दिनचर्या के कामों को भी अच्छे तरीके से तथा समय पर पूरा कर सकते हैं.
  • अनुशासन का दूसरा फायदा हमारे जीवन में यह भी है कि यदि एक व्यक्ति अनुशासित रहता है,तो वह तनाव मुक्त रहेगा. वह अपने सारे कार्य निर्धारित समय पर पूरा कर लेगा.
  • अनुशासन से दिनचर्या में सुधार आती है, मानवीय गुणों में विकास होता है, कार्य करने की क्षमता में वृद्धि होती है, दूसरों को प्रेरणा मिलती है तथा नेतृत्व करने की क्षमता में विकास होता है. अनुशासन ही एक व्यक्ति को सफल एवं आदर्श नागरिक बनाता है.
  • अनुशासन से एक राष्ट्र तथा समाज को भी फायदा होता है. किसी भी राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है जब उसके नागरिक अनुशासित होंगे.यदि हम चाहते हैं कि एक समाज एवं राष्ट्र निरंतर प्रगति करें तो हमें सबसे पहले अनुशासित रहना होगा. क्योंकि अनुशासन ही देश को महान बनाता है.
  • एक व्यवसायिक जीवन में तथा प्रतिदिन के दिनचर्या में अनुशासन की अहम भूमिका होती है.जिससे एक व्यवसायी अपने सभी कार्य निर्धारित समय पर आसानी से पूरा कर आगे बढ़ जाता है और एक सफल व्यक्ति के रूप में उदाहरण पेश करता है.

अनुशासनहीनता

जहां अनुशासन को अपनाने के कई फायदे हैं वही न

अपनाने के कई नुकसान भी हैं.

  • अनुशासनहीन व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यर्थ के कार्यों में गवा देता है जिससे कोई भी कार्य सही समय पर सही तरीके से नहीं हो पाती है.
  • एक अनुशासनहीन व्यक्ति का जीवन पूरा अस्त व्यस्त होता है और कोई भी लक्ष्य निर्धारित नहीं रहता बस जैसे-तैसे जीवन कटता चला जाता है.
  • आजकल स्कूलों तथा कॉलेजों में  अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है जिससे विद्यार्थी असभ्य होते जा रहे हैं.
  • जो व्यक्ति अनुशासनहीन होता है उसके जीवन में असफलता आलस्य और हार ही  हार होता है.
  • समाज में भी आजकल अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है जिससे नकारात्मकता को बढ़ावा मिल रहा है.जैसे लड़ाई झगड़ा,चोरी , आलस आदि पनप रहे हैं. जिसका सीधा प्रभाव हमारे समाज में और राष्ट्र में पड़ रहा है.

  अनुशासन कैसे सीखें?

अनुशासन सीखने के लिए हमें अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा अपने से बड़े-बुजुर्गों की आज्ञा का पालन करना चाहिए. उनकी बातों को मानना चाहिए,हमें वक़्त का पाबंद होना चाहिए तथा  हमें उनके अनुभवों के बारे में जानना चाहिए और उनकी जीत एवं असफलताओं से सीख लेना चाहिए.जब हम किसी चीज को गहराई से देखते हैं,सुनते हैं ,समझते हैं तब हमें जीवन का महत्वपूर्ण सबक सीखने को मिलता है.अनुशासन का पालन करने का सबसे अच्छा एक उदाहरण प्रकृति है जो  हर हाल में अपने  अनुशासन का पालन करती है.

 निष्कर्ष

अंतिम रूप से कह सकते हैं कि “मन के आवारा घोड़ों को अनुशासन की लगाम से ही काबू किया जा सकता है.”

अनुशासन को आरंभ में पालन करने में कठिनाई तो आती है. परंतु उसका फल मधुर होता है. अनुशासन प्रिय छात्र या व्यक्ति ही अपने देश के गौरव को बढ़ाते हैं परंतु कुछ ऐसे भी हैं  छात्र या व्यक्ति जो अपने अनुशासनहीनता से देश के भविष्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर रहे हैं. अपनी लापरवाही से जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं.

अंतिम शब्द

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