वायु प्रदूषण पर निबंध – Air pollution essay in hindi

वायु हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण नहीं है किसी को बताने की जरूरत नहीं है आज की पोस्ट में हम आपके लिए वायु प्रदूषण पर निबंध (Air pollution essay in hindi) लेकर आए हैं जो आपकी काफी जानकारी बढ़ाएगी.

वायु प्रदूषण का अर्थ है वायुमंडलीय हवा में बाहरी तत्वों का सम्मिलित होना. यातायात के साधनों एवं कारखानों से निकलने वाली हानिकारक कैसे हवा को करती हैं इसके अलावा यह हमारे मौसम को भी प्रभावित करती हैं. यही नहीं इंसानों और पेड़-पौधों बहुत नुकसान होता है.

इस लेख के माध्यम से स्कूल एवं कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए हमने वायु प्रदूषण पर विभिन्न शब्दों के साथ संग्रह तैयार किया है जो उनके परीक्षा एवं स्कूल से जुड़े कार्यों में लाभदायक साबित होंगे.

वायु प्रदूषण पर छोटे एवं बड़े निबंध – Short & Long Esssay on air pollution in Hindi

वायु प्रदूषण पर छोटे एवं बड़े निबंध - Air pollution essay in hindi

निबंध – 1 (200 शब्द)

परिचय

वायुमंडल में उपस्थित हवा में जब विभिन्न प्रकार के तत्व एवं विषैली गैस घुल जाती हैं तो इससे वायु प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है. मनुष्य के जीवन का आधार ही हवा है जिसके बिना 1 मिनट भी रहना असंभव है.

सांस लेने के लिए ही नहीं बल्कि कई तरह से इंसानों की जिंदगी में महत्वपूर्ण है. मौसम में होने वाले बदलाव, बारिश के बादलों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना एवं गर्मी और ठंडी के मौसम में राहत इसी की वजह से संभव है.

वायु प्रदूषण के मुख्य कारण

  • वायु प्रदूषित होने के कई कारण है जिनमें सबसे प्रमुख यह है:
  • यातायात के साधन
  • कारखाने से निकलने वाली जहरीली गैस
  • रासायनिक पदार्थों का अवशेष
  • वृक्षों की कटाई
  • कूड़े कचरे को बाहर खुले वातावरण में फेंकना

वायु प्रदूषण के प्रभाव

हवा दूषित होने की वजह से कई दुष्परिणाम भी है जिनमें सबसे प्रमुख सांस लेने में होने वाली समस्याएं हैं. यह पूरी तरह से जीवन को प्रभावित करती है. जीव जंतु और मनुष्य के जीने और मरने की वजह होती है.

दूषित हवा सांस के रूप में लेने से इंसान गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. इसके अलावा कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, बहुत ही जहरीली गैस हैं जो हवा में मिल जाने से सभी जीव जंतुओं के लिए बहुत हानिकारक है.

निष्कर्ष

जिस प्रकार जल ही जीवन है उसी प्रकार वायु भी जीवन है. जल के बिना 2 दिन 3 दिन रह सकते हैं लेकिन हवा के बिना 1 मिनट से ज्यादा नहीं जी सकते. इसीलिए हवा को दूषित होने से बचाने के लिए जितने भी उपाय हैं हमें जरूर अपनाने चाहिए.

निबंध – 2 (300 शब्द)

परिचय

हमारी धरती पर स्थित वायु दिन प्रतिदिन गंदी होती जा रही है वायु प्रदूषण के नाम से जानते हैं. प्राकृतिक रूप से नहीं बल्कि मानव का इसमें सबसे बड़ा हाथ है.

इंसानों ने अपने उद्योगों को बढ़ाने के लिए नए कारखानों फैक्ट्रियों इत्यादि का निर्माण किया जहां से जहरीली गैस से लगातार निकलती है. यह जहरीली गैस से हमारे वायुमंडल में उपस्थित हवा में मिलकर इसे इतना प्रदूषित कर देती हैं यह जीवन देने की सेहत खराब कर देते हैं.

कारखानों से उत्सर्जित हानिकारक गैस

तेज गति से बढ़ रहे उद्योगों की वजह से नए कारखानों और फैक्ट्रियों का निर्माण भी बहुत तेज गति से किया जा रहा है. इन कारखानों की चिमनीयों से कई प्रकार गैसें निकलती है जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड एवं ठोस पदार्थ किस वायु में उपस्थित होते हैं.

हर दिन हर से कूड़े कचरे बाहर से जाते हैं जो खुली हवा में कहीं भी फैला दिए जाते हैं इंसानों एवं पेड़ पौधों के साथ-साथ वातावरण को भी नुकसान होता है.

इसके अलावा यातायात के वाहन सड़कों पर दौड़ते हुए नजर आते हैं जिनकी संख्या बहुत अधिक है यही वजह है कि वायु प्रदूषण में 69 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है. जमीन में जो कचरे के लिए जाते हैं उनके चढ़ने और जलने की वजह से भी वहां की वायु प्रदूषित होती है.

निष्कर्ष

जनसंख्या वृद्धि काफी तेज गति से हो रही है और इस जनसंख्या की खाने-पीने और उपयोग की जाने वाली वस्तुओं की पूर्ति के लिए अनेक उद्योग शुरू किए जा रहे हैं. इसके अलावा एक जगह से दूसरी जाने के लिए वाहनों का भी आवश्यकता से अधिक उपयोग होता है. जो वायु प्रदूषण के सबसे प्रमुख कारण है. उनकी रोकथाम करने का एक ही उपाय है कि अधिक से अधिक पेड़ लगाया जाए जिससे प्रदूषित वायु को शुद्ध किया जा सके.

निबंध – 3 (400 शब्द)

परिचय

हमारे वातावरण में चारों तरफ हवा है और जब इसमें कुछ दूसरे पदार्थ शामिल हो जाते हैं तो यह पूरी तरह से शुद्ध नहीं होता और प्रदूषित हो जाता है वायु प्रदूषण के नाम से जानते हैं. बाहरी पदार्थों में कई प्रकार के तत्व हो सकते हैं जो हानिकारक के साथ साथ जीवन के लिए भी खतरनाक साबित होते हैं.

सभी जीव जंतु जिंदा रहने के लिए वायु को सांस के रूप में लेते हैं. प्रदूषित होने की वजह से हवा में हानिकारक गैस से सांस के साथ-साथ शरीर के अंदर चली जाती मुझे बीमारियां पैदा करती हैं.

वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है जिसे समय रहते हैं रोकना जरूरी है अन्यथा इसके निरंतर बढ़ते रहने से वायुमंडल एवं प्रकृति में मौजूद हवा का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाएगा और फिर जीवन के बने रहने की संभावना कम हो जाएगी.

वायु प्रदूषण का अर्थ

वायुमंडल में उपस्थित हवा में जब अनावश्यक रूप से ऐसे तत्व मिल जाते हैं जिनमें हानिकारक रसायन एवं जहरीली गैसों शामिल है इसे वायु को प्रदूषित हो जाना कहते हैं. यह हानिकारक पदार्थ काफी सूचना आकार के होते हैं एवं जैविक पदार्थों के वातावरण में मिलने से वायु इतनी हानिकारक हो सकती है कि इस पर मनुष्य एवं जंतुओं के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

वायु प्रदूषण के कारण

हवा के दूषित होने के कारण हैं जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं:

जंगलों की कटाई की पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है. हम सभी जानते हैं कि पेड़ों द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड गैस लेकर आ जाता है के उत्पादन में पेड़ों की बहुत ही अहम भूमिका होती है.

एक तरह से पेड़-पौधे एयर फिल्टर की तरह काम करते हैं हमारे पर्यावरण में उपस्थित हवा को साफ करते हैं. लगातार पेड़ों की कटाई की वजह से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है और ऑक्सीजन घटता चला जा रहा है.

मनुष्य की खपत के लिए अनेक प्रकार के उत्पाद का निर्माण करता ना ही किया जाता है मुख्य रूप से कपड़े के कारखाने, प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाले कारखाने, दवाइयां बनाने वाली कंपनियां काफी मात्रा में हानिकारक पदार्थों का उत्सर्जन करते हैं और उनके अवशेषों को खुले वातावरण में भी बाहर फेंक दिया जाता है जिससे प्रदूषित होती है.

इनकी चिमनी से भी ऐसे गैस निकलती हैं जो बहुत ही जहरीली होती है. जिनमें सबसे प्रमुख कार्बन डाई ऑक्साइड सल्फर डाइऑक्साइड कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन गैस है.

प्रदूषण रोकने के उपाय

वायु प्रदूषण को अगर समय रहते अनियंत्रित ना किया गया तो यह पूरी मानव सभ्यता के लिए घातक साबित हो जाएगी हम जो इंधन इस्तेमाल करते हैं अगर उससे प्रदूषित गैस निकलती है तो इसे कम से कम जलाने की कोशिश करनी चाहिए.

कचरे को जलाने से अच्छा है कि उसे जमीन में किसी जगह में दफना दिया जाए.

निजी वाहनों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिससे नियंत्रण करना जरूरी है. इसकी जगह अगर लोग पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल करें वह ज्यादा बेहतर होगा.

इसके अलावा कानून व्यवस्था का भी वाहनों को बिना पीयूसी के चलाने के रोक लगाना जरूरी है.

डीजल और पेट्रोल का इस्तेमाल करने की वजह अगर इलेक्ट्रिक और सोलर पावर से चलने वाली या वाहन की संख्या बढ़ती है तो यह वातावरण एवं वायु प्रदूषण को रोकने में सफल साबित हो सकती है.

बिजली का प्रयोग जितना हो सके कम करें. सूखे पत्ते को बिना वजह ना जलाएं बल्कि इनका प्रयोग खेतों में इस्तेमाल होने वाले खाद पदार्थ के रूप में कर सकते हैं.

निष्कर्ष

हवा में मौजूद विषैले गैसों की वजह से इंसान के साथ-साथ जीव जंतुओं को भी सांस लेने में समस्या आती है. सही समय पर प्रदेश प्रदूषण की गति को कम ना किया जाए तो पूरे पृथ्वी पर संकट बढ़ता चला जाएगा.

इसको नियंत्रण करने के उपायों पर संपूर्ण मनुष्य जाति को अनुसरण करना चाहिए.

निबंध – 4 (600 शब्द)

परिचय

इंसान की जिंदगी में कुछ ऐसे तत्व हैं जरूरतें हैं जो इतनी अधिक महत्वपूर्ण है कि उनके बिना 1 मिनट रहना नामुमकिन है जिसमें वायु सर्वप्रथम है. अगर हम अपनी नाक और मुंह बंद कर ले तो कुछ सेकंड ही अपने सांस को रोक कर रख सकते हैं. इसी से पता चलता है कि वायु के बिना इंसानों की जिंदगी असंभव है.

हमारे वायुमंडल में उपस्थित हवा में जहरीली गैस से और दूसरे तत्व शामिल हो जाते हैं और उसमें भूल जाते हैं इसी को वायु प्रदूषण कहा जाता है. इस प्रदूषित वायु को जब हम सांस के जरिए अपने शरीर के अंदर ले जाते हैं तो हमें कई प्रकार के समस्याओं से जूझना पड़ता है.

लेकिन हम मनुष्यों ने इसके महत्व को जानते और समझते हुए भी सही नहीं किया और अपने ही वातावरण को प्रदूषित करने में दिन रात लगे रहते हैं. वायु प्रदूषण प्रकृति और मनुष्य दोनों ही तरीके से होती है. लेकिन इसमें मनुष्यों का योगदान सबसे अधिक है.

वायु प्रदूषण के विभिन्न कारण

जिन लोगों की सेहत अच्छी नहीं होती है वह अगर शहर चले जाएं तो वहां के प्रदूषित वायु से उनकी सेहत और खराब हो सकती है.

हवा के दूषित होने के कई कारण हैं जो लगातार वायु को इतना प्रदूषित कर रहे हैं कि यह इंसानों द्वारा साधारण तौर पर भी नुकसानदेह साबित हो सकता है.

कारखानों से निकलने वाला धुंआ

मनुष्य के उपयोग होने वाली कई प्रकार की चीजों का निर्माण कारखानों एवं फैक्ट्रियों में किया जाता है. इनके उत्पादन की वजह से ऐसे इंधन का उपयोग किया जाता है जिन से रासायनिक पदार्थों एवं हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है.

इन गैसों को चिमनी के द्वारा निकाला जाता है. जो सीधे तौर पर हमारे वायुमंडल में मौजूद हवा में मिल जाती है. अनेक प्रकार के होते हैं जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन इत्यादि।

वायुमंडल में गैसों के संतुलन से ही प्रकृति सामान्य रूप से काम करती है और इस संतुलन के खराब होने से समस्त प्राणियों पर प्रभाव पड़ता है.

यातायात के साधन

वर्तमान समय में सड़कों पर विभिन्न प्रकार के गाड़ियों का जाम नजर आता है. वह लगातार गैसों का उत्सर्जन करते हैं जो मानव जीवन के लिए जहरीली है.

हमारे वायुमंडल में घुल जाती हैं और इससे बुरी तरह से प्रदूषित कर देती है. ग्लोबल वार्मिंग होने की सबसे बड़ी वजह में से एक कारण यातायात से निकलने वाले धुएं भी हैं.

जितना भी धुआं निकलता हैं वह सभी ओजोन परत को प्रभावित करते हैं जो एक तरह से कवच के रूप में हमारे पृथ्वी को एवं इसके वातावरण को सुरक्षा प्रदान करके रखता है.

रासायनिक पदार्थों का उत्पादन

इस प्रकार के कारखाने वायु प्रदूषण में सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इनमें उत्पादन होने वाले रासायनिक पदार्थ एवं उसके अवशेष जिन्हें बाहर खुले हवा फेंक दिया जाता है उससे वातावरण को काफी नुकसान पहुंचता है.

इनकी मात्रा कम होने के बावजूद इनका प्रभाव बहुत शक्तिशाली होता है.

देश की बढ़ती जनसंख्या

वायु प्रदूषण में एक और मुख्य बात यह है कि जनसंख्या कि जैसे-जैसे वृद्धि पेड़ों की कटाई तेज गति से कर के जंगलों को साफ कर दिया जाता है. पेड़ पौधे ऑक्सीजन का उत्पादन करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनकी संख्या कम होने से कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलने की प्रक्रिया भी एक तरह से देनी होती चली जाती है.

इस प्रकार वातावरण का संतुलन भी पूरी तरह से बिगड़ता जा रहा है. इंसानों की संख्या बढ़ती जा रही है जो वातावरण से ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ देते हैं. दूसरी तरफ पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है जो हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं.

निष्कर्ष

आज इंसान अपनी जिंदगी खुद बर्बाद कर रहा है. सभी लोगों को पता है कि हवा कितना महत्वपूर्ण है फिर भी इसे गंदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते. जब तक हवा शुद्ध है तब तक मानव जीवन संभव है इसके बाद नहीं.

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