इंदिरा गांधी पर निबंध – Essay on Indira Gandhi in Hindi

इंदिरा गांधी भारत की एक साहसी राजनीतिक महिला थी जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण कार्यों से देश को प्रभावित की. इंदिरा गांधी भारत की राजनीति से जुड़ी थी जिसमें वे  देश की सफलता में अपना योगदान बहुत ही महत्वपूर्ण तरीके से दिया.

इंदिरा गांधी एक साहसी महिला के साथ साथ गौरवशाली  महिला थी, इंदिरा गांधी भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी थी, जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण कार्यों के अनुसार भारत देश को आगे बढ़ाया और विकसित से विकास की ओर ले गई.

इंदिरा गांधी पर छोटे एवं बड़े निबंध – Long and Short Essay on Indira Gandhi in Hindi For Class 6, 7, 8, 9, 10 Students

बच्चों आज हम आपके लिए चार निबंध इंदिरा गांधी पर लाने है जो आपके लिए पढ़ने में बहुत ही आसानी होगी. इसे आप अपने क्लास के अनुसार पढ़ सकते हैं.

निबंध 1 (250 शब्द) 

प्रस्तावना 

इंदिरा गांधी भारत की एक  सर्वश्रेष्ठ राजनीति महिला थी जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण कार्यों से देश को आगे बढ़ाया. भारत की इस साहसी महिला का जन्म 19 नवंबर 1917 ईस्वी को इलाहाबाद नामक स्थान पर हुआ. इनके पिता का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा माता का नाम कमला नेहरू था. इंदिरा गांधी जी उच्च विचार रखने वाले  परिवार से बिलॉन्ग करती थी.

इंदिरा गांधी का नाम

इंदिरा गांधी नेहरू परिवार से थी जिनकी सोच उच्च कोटि की रहती थी, इनके परिवार में सभी लोगों का विचार सकारात्मक रहता था. इंदिरा गांधी का नाम उनके दादाजी जिनका नाम मोतीलाल नेहरू था उनके द्वारा रखा गया था. इनके दादा जी के द्वारा इनका नाम इंदिरा रखा गया जिसका अर्थ होता है शोभा ,लक्ष्मी एवं कांति. इनका नामकरण करने के पीछे एक कारण यह था कि जब इनका जन्म हुआ तब उनके दादाजी को लगता था कि उनके घर में पोती के रूप में मां लक्ष्मी और दुर्गा मां प्रवेश ली है. इनका पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शनी था इनके पिता इन्हें प्रियदर्शनी से बुलाया करते थे क्योंकि इंदिरा गांधी बहुत ही सुंदर दिखते थी.

निष्कर्ष

इंदिरा गांधी दिखने में बहुत ही प्रिय लगती थी जिस वजह से इनके पिता इनको प्रियदर्शनी बुलाया करते थे. इंदिरा गांधी सकारात्मक सोच रखने वाले परिवार से बिलॉन्ग करती थी  जिससे इंदिरा गांधी के मन में भी हमेशा सकारात्मक विचार दौड़ता रहता था.

निबंध – 2 (300 शब्द) 

प्रस्तावना

इंदिरा गांधी हमारे देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी थी जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण कार्यों को कर हमारे देश की स्वतंत्रता में बहुत बड़ा योगदान दी. इनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे, पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत की स्वतंत्रता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यों को कर देश को आगे बढ़ाया है. इंदिरा गांधी अपने बलबूते पर अनेक प्रकार के सर्वोच्च कार्यों को कर हमारे देश और देश की जनता के लिए अहम भूमिका निभाई हैं.

इंदिरा गांधी का परिवार  

इंदिरा गांधी नेहरू परिवार से थी जिनके परिवार में हर लोगों की सोच सच्ची और निष्ठा पूर्वक रहती थी. इनके पिता का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू था जो भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने थे जिन्होंने अपने महत्वपूर्ण कार्यों को कर अपने भारत जनता के लिए बहुत कुछ किया. इनकी माता कमला नेहरू थी. इनके दादा जी का नाम मोतीलाल नेहरू था जो इनको बहुत ही ज्यादा प्यार करते थे.

इनका परिवार एक संपन्न परिवार था जिस परिवार में आर्थिक और बौद्धिक दोनों गुण  थे. इनके परिवार के हर सदस्यों की सोच उच्च कोटि की रहती थी जिससे इंदिरा गांधी को भी प्रेरणा मिली और इनकी भी सोच हमेशा सकारात्मक और ऊंचे स्तर का  रहता था. इनके पिता तथा दादा पहले दोनों वकालत किया करते थे, यह दोनों देश की स्वाधीनता में अपना योगदान देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाए. इंदिरा गांधी बहुत ही प्रिय दिखते थे क्योंकि इनके पिता और उनकी माता की सुंदरता का असर उन पर हुआ था.

इंदिरा गांधी की शिक्षा 

इंदिरा गांधी की प्राथमिक शिक्षा पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा उनके घर में ही इन्हें दी गई. प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के दौरान इनको एक स्कूल में एडमिशन करवाया गया जहां पर उन्होंने 1934 से 35 ईसवी में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. स्कूली शिक्षा पूरी होने के दौरान रविंद्र नाथ टैगोर के द्वारा बनाए गए भारतीय विश्वविद्यालय में इनका नामांकन हुआ. यहां इन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की और अच्छे मार्क्स से उत्तीर्ण हुई.

इसके पश्चात उन्होंने ऑक्सफोर्ड में 1937 ईस्वी में नामांकन करवाया. इंदिरा गांधी की एक खास बात यह है की इनको अंग्रेजी का बहुत ही अच्छा नॉलेज था यह अंग्रेजी भाषा को बहुत ही क्लियर तरीके से बोला करती थी क्योंकि इनको अंग्रेजी भाषा में जितना पकड़ था उतना पकड़ अन्य भाषाओं में नहीं था. इसके साथ-साथ इन्हें बचपन से ही बुक्स पढ़ने की आदत थी जिसकी वजह से यह अनेक प्रकार के पुस्तकों को पड़ा करती थी और इन सभी पुस्तकों को पढ़ने के कारण इनकी जनरल नॉलेज में काफी पकड़ बन गई थी. इंदिरा गांधी कि इतनी अच्छी अंग्रेजी आने के पीछे इनके पिताजी पंडित जवाहरलाल नेहरू का हाथ है क्योंकि पंडित जवाहरलाल नेहरू को इंग्लिश इतनी अच्छी आती थी कि वह इंग्लिश मैन को भी इंग्लिश में पीछे कर देते थे. इन्होंने अत्यधिक पत्र इंग्लिश भाषा में लिखा था जिसे प्राया इंदिरा गांधी पढ़ा करती थी क्योंकि इंदिरा गांधी को पत्र पत्रिकाएं के साथ-साथ किताबें पढ़ने का शौक था इन पत्रों को पढ़कर इंदिरा गांधी की इंग्लिश और भी मजबूत होती गई.

निष्कर्ष

इंदिरा गांधी उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त की हुई थी इन्हें शिक्षित करने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू बहुत सपोर्ट किया. इंदिरा गांधी की फैमिली शिक्षित और समझदार थी इसलिए उन्होंने इंदिरा गांधी को भी शिक्षित बनाया और अच्छा कौशल प्रदान किया.

निबंध – 3 (400 शब्द) 

प्रस्तावना

इंदिरा गांधी अपने समय में सभी नेताओं में से सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली नेता रही थी जिन्होंने अपने दम पर आतंकवादियों के विरुद्ध लड़ाई छेड़ कर भारत को आतंकवादियों से सुरक्षा दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. इंदिरा गांधी बचपन से ही उत्तीर्ण छात्र रही थी और जब यह राजनीति में उतरी तो अपने प्रभावशाली विचारों से सभी दुश्मनों का छक्का छुड़ा दिया.

इंदिरा गांधी ने बनाई थी वानर सेना 

इंदिरा गांधी स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से थी जिसमें उनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने थे इसके साथ वे भारत को स्वतंत्र करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिए. इंदिरा गांधी भी स्वतंत्रता सेनानी की बेटी थी जो 12 साल की उम्र में बच्चों के साथ स्वतंत्रता के लिए वानर सेना बनाई थी और उनका नोकझोंक संभाली थी. जिस प्रकार श्री राम और रावण के के बीच में हुए युद्ध में वानर सेना अपना योगदान दे थे ठीक उसी प्रकार इंदिरा गांधी भी उन्हीं वानर सेना से प्रेरित होकर भारत की स्वतंत्रता के लिए बच्चों के साथ वानर सेना बनाई. इंदिरा गांधी के द्वारा बनाई गई इस वानर सेना में कुछ युवाओं भी शामिल हुए और इन सभी के साथ इंदिरा गांधी ने भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया.

जिस समय वानर सेना की तैयारी हो रही थी उस समय ब्रिटिश शासन चल रहा था, इंदिरा गांधी अपना प्रभावशाली प्रदर्शन ब्रिटिश शासन में किया जिसमें उन्होंने जनता तक अपना प्रदर्शन पहुंचाया और उन्हें जानकारी प्रदान की.

विवाह और पारिवारिक जीवन 

इंदिरा गांधी अपने समय में बहुत ही काबिल महिला थी जिन्होंने हर तरह के मुश्किल कार्यों को अपने उच्च विचारों से आसान किया था, इन्होंने अनेक प्रकार के महत्वपूर्ण कार्यों को कर भारत की स्वतंत्रता में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया.

जिस समय इंदिरा गांधी नेशनल कांग्रेस की सदस्य बनी थी उस समय उनकी मुलाकात फिरोज गांधी से हुई जो एक पत्रकार के साथ साथ यूथ कांग्रेस के सदस्य थे. इंदिरा गांधी अपने पिता की बिना सहमति के फिरोज गांधी से विवाह रचा ली. इंदिरा गांधी फिरोज गांधी के साथ विवाह तो कर ली लेकिन फिरोज गांधी का रिश्ता महात्मा गांधी के साथ कुछ नहीं था फिरोज गांधी सिर्फ स्वतंत्रता के संघर्ष में महात्मा गांधी के साथ दे रहे थे. फिरोज गांधी एक फारसी थे जिनसे इंदिरा गांधी का विवाह 1941 में हुआ था. जिस समय इनका विवाह हुआ था उस समय अन्य जातियों के साथ विवाह करना अमान्य था. लेकिन स्वतंत्रता के समय महात्मा गांधी ने उनके विवाह को अपना सहमति दिए और सब मिलकर भारत के स्वतंत्रता में अपने अहम भूमिका निभाई.

भारत की स्वतंत्रता के लिए हर एक वीरों ने अपना बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा अन्य कठिन कठिन कार्यों को कर भारत को आजादी दिलाई. भारत की स्वतंत्रता के बाद प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु बने इसके साथ साथ इन्होंने भारत की जनता के लिए हर एक नेक कार्य किए जिनसे भारत की जनता का और भारत का उद्धार हो.

इंदिरा गांधी के दो बेटे हुए थे दिन में पहला बेटा का नाम राहुल गांधी तथा दूसरे बेटे का नाम संजय गांधी था. स्वतंत्रता के बाद इंदिरा गांधी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ दिल्ली में रहने लगी और इनके पति कुछ काम से इलाहाबाद में रुक गए.

कांग्रेस प्रेसिडेंट के रूप में इंदिरा

इंदिरा गांधी एक  संघर्षपूर्ण और साहसी महिला थी जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्य को किया. 1959 ईस्वी में पंडित जवाहरलाल नेहरु की लाडली बेटी इंदिरा गांधी को इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रपति घोषित किया गया.

इंदिरा गांधी अपने पिता के प्रमुख एडवरटाइजर टीम में अपना योगदान दे रही थी. कुछ सालों के बाद  27 मई 1964 ईस्वी में पंडित जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु हो गई, इसके दौरान इंदिरा गांधी ने चुनाव लड़ने का फैसला लिया और वह चुनाव लड़ी और जीत भी हासिल की, जिसने उन्हें इनफॉरमेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग का मंत्रालय प्रदान किया गया.

इस तरह वे अपने प्रमुख कार्यों को कर जनता की मदद की और अपने देश को आगे बढ़ाया. इंदिरा गांधी बहुत ही प्रमुख कार्यों को किया है जिसके लिए आज भी हम उन्हें याद करते हैं.

प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार

इंदिरा गांधी एक महान नेताओं में से एक थी जो अपनी शक्ति और प्रभावशाली विचारों से दुश्मनों का खात्मा किया था. 11 जनवरी 1966 ईस्वी में लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु हो गई और इसके दौरान इंदिरा गांधी ने चुनाव को लड़ा और भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी.

इंदिरा गांधी भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बन देश की बहुत ही अच्छी तरीके से सेवा की. सभी आवश्यकता अनुसार चीजों को जनता तक पहुंचाएं जिससे जनता को राहत मिली. बहुत से महत्वपूर्ण कार्यों को इंदिरा गांधी ने किया जिससे भारत आगे बढ़ा है. भारत को उन्नति कराने में इंदिरा गांधी का बहुत बड़ा योगदान रहा है. यह प्रधानमंत्री बन देश के लिए हर एक महत्वपूर्ण कार्य को की जो अनिवार्य था.

निष्कर्ष

इंदिरा गांधी भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी थी. इंदिरा गांधी हमारे देश के साथ-साथ भारत देश की जनता के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यों को किया थी जिससे हमारा देश आगे हैं. बच्चों की पढ़ाई के साथ साथ किसानों की हर सुविधाओं को पूरा की थी. 

निबंध – 4 (600 शब्द)

प्रस्तावना

इंदिरा गांधी एक महान और संघर्षी महिला थी जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए वानर सेना जैसे क्रांतिकारियों को तैयार किया इसके साथ-साथ इसमें कई युवाओं को भी शामिल कर भारत की स्वतंत्रता में अपना बहुत ही बड़ा योगदान दिया. स्वतंत्रता के बाद जब यह प्रधानमंत्री के पद पर बैठी तब इन्होंने अपने जनता की हर दुखों को सुना और उनका निवारण कर उनके चेहरे में खुशी लाई.

भारत पाकिस्तान युद्ध 1971 में इंदिरा गांधी की भूमिका

इंदिरा गांधी भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे युद्ध में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिस समय युद्ध चल रहा था उस दौरान बहुत ही बड़ी संकट सामने आए जिसमें इंदिरा गांधी ने संभालते हुए अपनी सेनानियों की रक्षा की.

युद्ध के दौरान पाकिस्तान की सेना ने पूर्वी पाकिस्तान में प्रवेश कर पूर्वी पाकिस्तान की जनता ओं को हानि पहुंचाने के साथ-साथ उनके साथ अत्याचार करना शुरू कर दिए तभी पूरी पाकिस्तान के लगभग 10 मिलियन नागरिक भारत में रहने के लिए शरण मांगी तभी इंदिरा गांधी ने लोगों को स्वतंत्रता के लिए लड़ने को प्रेरित किया पश्चिम पाकिस्तान के विरुद्ध लड़ाई की.

30 दिसंबर को जब पाकिस्तान ने भारत के ऊपर बमबारी करना शुरू किया तभी भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध का आरंभ हुआ आरंभ में इंदिरा गांधी ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन दिखाया और बहुत से सेनाओं को युद्ध में तैयार करने के प्रेरित किया. युद्ध की प्रक्रिया चरम पर थी, सभी सैनिकों के साथ साथ हर एक नेता अपने उच्च विचारों और बल पर पाकिस्तान से जीत हासिल की, जब भारत का पाकिस्तान के विरुद्ध जीत हुआ तब एक नया देश का निर्माण किया गया जिसे बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है.

सत्ता का छीनना और विपक्ष की भूमिका में आना

इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र संजय गांधी द्वारा लोगों के जोर पतियों को हटाने का  प्रयास किया गया और इसके साथ साथ वे अपने पूर्ण अधिकारों के साथ देश को चलाने की कोशिश की जिस कारण इंदिरा गांधी को विपक्ष दल से जुड़ना पड़ा, वहीं दूसरी ओर इंदिरा गांधी बयान दे रही थी कि उन्होंने विपक्षी दल को छोड़ दिया है और वह फिर से चुनाव लड़ना चाहती है जिसमें कुछ जनता है इनके साथ रहे और कुछ जनता इनके विरोध खड़े रहे.

हालांकि इंदिरा गांधी विपक्षी दल से जुड़े लेकिन स्वतंत्रता दिलाने के लिए इंदिरा गांधी जो योगदान दिए हैं वह हम नहीं भूल सकते हैं. सभी वीरों के साथ-साथ इन्होंने अपना प्रभावशाली संघर्ष प्रदर्शित करते हुए ब्रिटिश सरकारों के विरुद्ध स्वतंत्रता के लिए डटी रही और हमारे भारत देश को सभी महापुरुषों के साथ-साथ इस महान संघर्ष करने वाली देवी भी आजाद कराने में अपना बहुत बड़ा योगदान दी .

इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री बनी थी उस समय जनता के हर आवश्यकता की पूर्ति की और उन्हें जीवन जीने योग्य बनाया. देश की आर्थिक स्थिति की बात हो या अन्य अतिथियों की सभी की सुधार करने में इंदिरा गांधी ने अपना बहुत बड़ा योगदान दिया और हमारे देश को आगे बढ़ाया.

प्रधानमंत्री के रूप में दूसरा कार्यालय

इंदिरा गांधी ने भारतीय जनता पार्टी के लोगों के द्वारा किए गए संघर्ष में अपना फायदा निकाल रही थी जिस कारण इनको सांसद से निकाला गया था और जनता पार्टी के द्वारा इन्हें गिरफ्तार करने के की घोषणा की गई थी. इन सभी चीजों से जनता पार्टी हो को इंदिरा गांधी के द्वारा किए गए रणनीति से नुकसान पहुंचा लेकिन दूसरी तरफ इंदिरा गांधी को बल मिला और 1980 को चुनाव लड़ा और अत्यधिक बहुमत के साथ फिर से एक बार भारत के प्रधानमंत्री बनी .

जब वे दूसरी बार प्रधानमंत्री बनी थी उस समय सब कुछ ठीक चल रहा था सभी जनता खुश हैं हर तरह की व्यवस्था अच्छी चल रही थी लेकिन एक दिन 1971 ईस्वी में दिसंबर माह के दिन आतंकवादियों ने स्वर्ण मंदिर में हमला बोल दिया. तभी जनता के बारे में बिना सोचे ही इंदिरा गांधी ने सैनिकों को स्वर्ण मंदिर भेज दिया जिससे सैनिकों को देखने के बाद आतंकवादियों ने अपना आक्रमण दिखाना शुरू कर दिया जिससे कई निर्दोष प्राणियों की जान चली गई और यह हादसा आज भी सबको दुखी कर देता है.

इंदिरा गांधी ने जनता की चिंता किए बिना आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सैनिकों को भेज दिया जिससे आतंकवादियों के द्वारा कई जान चले गए इससे उनका नाम खराब हुआ और लगभग सभी मंत्रालयों के लोग इस्तीफा देना स्टार्ट करने लगे क्योंकि उनका कहना था कि जिस सरकार ने हमारी जनता के बारे में नहीं सोचा वह हमारे बारे में क्या सोचेगी. जिन लोगों को पुरस्कार दिया गया था उन लोगों ने भी अपनी पुरस्कार वापस लौटा दिए . इंदिरा गांधी बिना सोचे समझे आतंकवादियों के विरुद्ध किए गए इस फैसले के वजह से उनकी सत्ता पर भी असर पड़ा और उन्हें हर कोई हिन दृष्टि से देखने लगा.

इस तरह इंदिरा गांधी कई प्रकार के अच्छे कामों के साथ-साथ कुछ जनता के लिए बुरा भी की जिससे जनता उनसे बहुत ही नाराज हो गए और सत्ता में दूसरे सरकार की मांग करने लगी इनसे इंदिरा गांधी के सत्ता पर भी असर हुआ 

इंदिरा गांधी की देहांत

इंदिरा गांधी भारत की स्वतंत्रता के समय अपने पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ सात अन्य महापुरुषों के साथ इस लड़ाई में अहम भूमिका निभाई. देश की स्वतंत्रता के लिए हर एक कार्य किए जो अनिवार्य था. अनेक प्रकार के महत्वपूर्ण कार्यों को कर देश को आजादी दिलाने में इंदिरा गांधी भी अपनी भूमिका निभाई. इसके साथ स्वतंत्रता के बाद जब यह प्रधानमंत्री बने तब अपने देश के लिए बहुत कुछ किया लेकिन अमृतसर में आए आतंकवादियों को पकड़ने के लिए जनता के बारे में ना सोच कर डायरेक्ट फैसला लेना इनको भारी पड़ गया.

इंदिरा गांधी के बिना सोचे समझे लिए फैसले ने कई निर्दोष लोगों की जान ले ली जिससे भारत के बहुत लोग इंदिरा गांधी से नफरत करने लगे और इनकी सत्ता हटाने के लिए तैयार हो गए क्योंकि उस मंदिर में जितना की जान गई वह किसी ना किसी से परिवार के हिस्सा थे जो लोग भी या घटना को सुनते थे उनके मन में एक उदासी बना जाता था और आंखों से आंसू छलक आती थी. लोगों का कहना था कि इंदिरा गांधी बिना सोचे समझे जनता की बिना सुरक्षा किए एक्शन कैसे ले ली. इन के फैसले को हर कोई गलत में लेकर इनके लिए गलत नारे लगाने लगे.

एक दिन इंदिरा गांधी के बॉडीगार्ड सतवंत सिंह तथा बीत सिंह द्वारा 31 अक्टूबर 1984 ईस्वी को इंदिरा गांधी के शरीर में लगभग 130 बुलेट मार्कर इनकी हत्या कर दी गई.

निष्कर्ष

इंदिरा गांधी ने हमारे देश की स्वतंत्रता के लिए अनेक जटिल कार्यों को कर अपना योगदान दिया. हमारे भारत जनता के लिए इंदिरा गांधी बहुत ही अच्छे अच्छे कार्यों को कर उनकी जिंदगी सफल बनाएं थे तथा कुछ इंदिरा गांधी से गलती हुई जिनकी वजह से लोग इनसे नाराज हो गए. इनके द्वारा किए गए सर्वोच्च कार्यों की वजह से आज भी लोग इन्हें याद करते हैं लेकिन कुछ गलतियों के कारण कुछ लोग इन से नाराज भी हैं.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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