ड्राइविंग लाइसेंस क्या है और इसे बनाने में कितना पैसा लगता है?

जब किसी नवयुवक की उम्र 18 साल हो जाती है तो उसे एक लाइसेंस की जरुरत पड़ती है जिसके बिना वो वाहन नहीं चला सकता है इसीलिए उसे ये जानने की उत्सुकता होती है की ड्राइविंग लाइसेंस क्या है (What is driving license in hindi) और इसे बनाने में कितना पैसा लगता है? मुझे नहीं लगता है की आपको ये बताने की जरुरत है एक ड्राइविंग लाइसेंस क्यूँ जरुरी होता है. लगभग हर कोई जनता है की किसी भी तरह की two wheeler और four wheeler गाडी चलाने के  लिए लाइसेंस की जरुरत होती है. किसी भी युवा को बाइक चलाने का बहुत शौक होता है और उन्हें इंतज़ार होता है की वो भी इस लायक हो जाये की बाइक रोड में चला सके. अब यहाँ सबसे जरुरी बात जो लोग जानना चाहते हैं वो ये है की आखिर ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बनवाए?

जमाना काफी तेजी से बदल रहा है और लोग जल्द से जल्द विकसित होना चाहते हैं. अगर आप देखेंगे कि नवयुवक जो 14-15 साल के होते हैं वह बाइक वगैरह चलाना सीख लेते हैं लेकिन रोड पर बाइक चलाने के लिए अनुमति तभी मिलेगी जब उनके पास लाइसेंस होगा और इसके लिए उन्हें 18 साल तक इंतजार करना पड़ेगा. 18  साल से कम उम्र के युवक के लिए रोड पर गाड़ी चलाना एक कानूनन अपराध है. इसलिए जो अभिभावक होते हैं उन्हें इस बात का ध्यान देना चाहिए कि बच्चों को ड्राइविंग सुरक्षित जगह जैसे मैदान पर सिखाएं लेकिन ध्यान रखें की इसके लिए भी learning लाइसेंस प्राप्त कर ले. और उन्हें कभी भी सड़क पर गाड़ी ना चलाने दे जब तक की उनकी उम्र 18 साल से ज्यादा ना हो और उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त ना हो.

जो भी लोग ड्राइविंग लाइसेंस लेने के योग्य हो चुके हैं उन्हें यह जानने की काफी ज्यादा इच्छा होती है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते कैसे हैं तो इस पोस्ट में हम इन चीजों के बारे में चर्चा करेंगे और यह भी जानेंगे कि ड्राइविंग लाइसेंस कितने तरह के होते हैं और कब-कब किन का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा एक ड्राइविंग लाइसेंस के अंदर में क्या-क्या होता है. ड्राइविंग लाइसेंस कितने दिन में बनता है यह सारी बातें जानने के पहले हम लोग यह जान लेते हैं ड्राइविंग लाइसेंस क्या होता है (What is Driving License in Hindi).

ड्राइविंग लाइसेंस क्या है – What is Driving License in hindi

driving license kya hai hindi

हमारे देश भारत में ड्राइविंग लाइसेंस एक सरकारी डॉक्यूमेंट होता है जो प्रमाणित करता है कि इसको रखने वाला कई तरह के मोटर हाईवे और दूसरे अन्य सड़कों पर चला सकता है जो कि आम लोगों के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है.
भारत के सभी अलग-अलग राज्यों में Regional Transport Authority/ Regional Transport Office इस काम को संचालित करती है.  RTO ही योग्य व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेंस इशू करके देती है. जिसके लिए वो ड्राइविंग टेस्ट लेती है और इस टेस्ट में जो पास होता है उनके लिए ये संस्था ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर उन्हें प्रदान कर देती है. मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत हर उस व्यक्ति को होती है जो हाईवे या किसी भी अन्य सड़क पर गाड़ी चलाता है.

आज के समय में अगर हम देखें तो इसका काफी महत्वपूर्ण होता है और यह हमारे कई कार्यो में तो महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सबसे पहला तो यह हमें गाड़ी चलाने के लिए अनुमति देता है. इसके साथ ही यह एक तरीके का हमारा प्रूफ ऑफ आईडेंटिटी के तौर पर भी काम आ जाता है यानी कि इस को हम पहचान पत्र के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं जैसे कि मान लीजिए हमें बैंक में अकाउंट खोलना हो या फिर हमें किसी मोबाइल कनेक्शन या फिर किसी अन्य प्रकार के सेवा लेनी हो. यह कई जगह पर हमारे पहचान पत्र के रूप में काम आ जाता है.

लाइसेंस के लिए डॉक्यूमेंट कौन से चाहिए – इसे बनाने में क्या क्या लगता है

अगर आप चाहते हैं की ड्राइविंग लाइसेंस बनने और उसे प्राप्त करने में आपको ज्यादा समय ना लगे तो आप को नीचे बताये गए जरुरी डॉक्यूमेंट के साथ ही लाइसेंस अप्लाई करना होगा. आप ये सुनिश्चित कर लें की नीचे बताये गए डाक्यूमेंट्स में से ही कोई डॉक्यूमेंट आपके पास हों.

DL के लिए जरुरी प्रूफ ऑफ़ एड्रेस

स्थायी पता के लिए इनमे से कोई एक डॉक्यूमेंट (Proof of address):

  1. आधार कार्ड
  2. अपने घर का दस्तावेज़
  3. पासपोर्ट
  4. राशन कार्ड
  5. वोटर आईडी
  6. बिजली बिल

वर्तमान पता के लिए इनमे से कोई एक डॉक्यूमेंट (Proof of correspondance address):

  1. बिजली बिल के साथ घर का रेंट एग्रीमेंट
  2. LPG बिल के साथ घर का रेंट एग्रीमेंट

उम्र प्रमाण (Age Proof)

  1. आधार कार्ड (Aadhar Card) (बायोमेट्रिक प्रमाण लिया जाता है)
  2. जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  3. TC (Transfer certificate) जिसमे जन्मतिथि उपलब्ध हो.
  4. दसवीं क्लास का मार्कशीट (Marksheet of 10th)
  5. CGHS कार्ड
  6. पैन कार्ड (PAN Card)
  7. पासपोर्ट

इसके अलावा आपके पास पासपोर्ट साइज फोटो भी होना चाहिए जो हाल ही में लिया गया हो. इसके अलावा खुद का पता लिखा हुआ खाली रजिस्टर्ड लिफाफा. फिजिकल फिटनेस का सेल्फ डिक्लेरेशन प्रमाण

ड्राइविंग लाइसेंस के प्रकार – types of driving license in India

किसी भी सार्वजनिक स्थान पर गाडी चलाने के लिए भारत सरकार द्वारा इशू किया गया इफेक्टिव ड्राइविंग लाइसेंस का होना अनिवार्य है. यहाँ इफेक्टिव कहने का मतलब ये है की व्यक्ति को उसी वाहन के केटेगरी के अनुसार ही लाइसेंस मिल गया हो जिसे वो चला रहा है.RTO कार्यालयों द्वारा अलग अलग प्रकार के लाइसेंस जरी किये जाते हैं. हम यहाँ उन अलग अलग के प्रकार के बारे में चर्चा करेंगे.

Learner Driving License

ये एक temporary लाइसेंस होता है जो इशू करने के बाद से 6 महीने तक ही valid होता है. ये मूल रूप से ड्राइविंग सिखने के लिए जरी किया जाता है.

Permanent Driving License

परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस उनलोगों को जारी किया जाता है जो learner लाइसेंस जारी करने के 30 दिनों के बाद इसके योग्य हो जाते हैं. इसका मतलब ये है की वो learner लाइसेंस जारी होने के बाद से 180 दिनों के भीतर वो permanent लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं.जिसे भी permanent लाइसेंस मिलता है उसे व्हीकल सिस्टम, ड्राइविंग, यातायात के नियम और शर्तों की भी जानकारी होनी चाहिए.

Duplicate Driving License

Original लाइसेंस के खो जाने, चोरी हो जाने या फिर ख़राब हो जाने के मामले में डुप्लीकेट लाइसेंस जरी किया जाता है. इस लाइसेंस को बनवाने के लिए आपके पास ओरिजिनल लाइसेंस के खो जाने का FIR, RTA ऑफिस से चालान क्लीयरेंस रिपोर्ट, (अगर लाइसेंस का वाणिज्यिक रिन्यूअल करना है) और LLD के रूप में एक एप्लीकेशन का होना जरुरी है. साथ ही इन सभी को आधिकारिक वेरिफिकेशन भी जरुरी है. डुप्लीकेट लाइसेंस में ओरिजिनल लाइसेंस में दी हुई वैधता ही शामिल रहेगी. यदि लाइसेंस खो जाता है या फिर expire हो जाता है तो इसके लिए परिवहन विभाग के हेड क्वार्टर से अनुमति की आवश्यकता होती है.

ये निर्देश दिया जाता है की आप अपने ओरिजिनल लाइसेंस की फोटोकॉपी या फिर लाइसेंस के विवरण को जरुर रखें ताकि इसे जरी करने वाले issuing authority को रिकॉर्ड से पता लगाने में आसानी होती है.

International Driving License

गाड़ियों के लिए लाइसेंस प्रदान करने वाली अथॉरिटी इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस भी बनाती हैं. इस लाइसेंस की वैलिडिटी सिर्फ 1 साल की होती है. देश का दौरा करने वाले व्यक्ति को 1 साल की अवधि के भीतर वहां से लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक है. ऐड्रेस प्रूफ और जन्म प्रमाण पत्र के अलावा आवेदन करने के समय एक वैलिड पासपोर्ट और वैलिड वीजा का होना भी जरूरी है.

Motor Cycle/ Two wheeler License

रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी द्वारा बाइक, स्कूटर और मोपेड जैसे दो पहिया वाहनों की ड्राइविंग की अनुमति के लिए टू व्हीलर लाइसेंस जारी किया जाता है.

Light Motor Vehicle License 

लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस को हल्के वाहनों जैसे ऑटो रिक्शा, मोटर कार, टैक्सी, जीप और बाकी तीन पहिया डिलीवरी वाहनों की ड्राइविंग के लिए जारी किया जाता है.

Heavy Motor Vehicle License

भारी मोटर सेंस, बस, टूरिस्ट कोच, क्रेन, मालगाड़ी आदि जैसे हेवी व्हीकल्स को चलाने के लिए जारी किया जाता है. HMV डांस वाला आदमी हल्के वाहन भी चला सकता है, लेकिन लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस के लिए हेवी व्हीकल चलाने की अनुमति नहीं देता है.

ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बनवाए

जब इंटरनेट का जमाना नहीं था उस वक्त ड्राइविंग लाइसेंस काफी कठिन काम हुआ करता था लेकिन अब जब से ऑनलाइन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है तब से इसे बनवाने काफी आसान हो चुका है. ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए आपको सारथी वेबसाइट में जाना है और वहां पर नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना है. ऐसे तो आपको समझ में नहीं आएगा तो चलिए हम इस प्रोसेस को स्टेप बाय स्टेप देखते हैं.

ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें

यहां पर हम New Learner License के आवेदन की प्रोसेस को बताने जा रहे हैं.

  • इसके लिए आपको parivahan sarthi वेबसाइट में जाना होगा और आपको अपने राज्य का चुनाव करना है. जिसके बाद आप अगले पेज में चले जाएंगे.
  • यहां पर आपको Apply Online में जाकर New Learners License पर क्लिक करना है. इसके बाद आपको अपने जो भी डिटेल्स और डाक्यूमेंट्स अपलोड करने हैं इसकी जानकारी यहां पर दी गई होगी. अब यहां पर Continue पर क्लिक करके आगे बढ़े.
  • अब आपको अगले पेज में ले जाया जाएगा जहां आपको अपना राज्य, आरटीओ ऑफिस, पिन कोड, आधार नंबर, आपका नाम, जन्मतिथि और बाकी सभी डिटेल्स मांगी जाएंगी जिसे आपको पूरा भर लेना है और सबमिट कर देना.
  • इसके बाद आपको अपने मोबाइल नंबर में SMS के रूप में एक Application number दे दिया जाएगा इसे आप अपने एप्लीकेशन स्टेटस की जानकारी ले सकते हैं और जान सकते हैं कि आपका लाइसेंस अभी तैयार हुआ है या नहीं हुआ है.

लाइसेंस बनाने में कितना पैसा लगता है

कई लोगों को लाइसेंस के लिए अप्लाई करने के पहले कुछ बातों का टेंशन लगा होता है जिन में एक ये है की आखिर लाइसेंस बनवाने में कितना पैसा लगता है. इसके बारे में भी हम आपको जानकारी देंगे.

License के प्रकार फीस रूपये में
Learners License200
Learners License renewal200
Driving License Fee200
Driver License test300
Driving license renewal200
Issue and renewal of driving license school10,000
International Driving license1000
Issue of renewed driving license200
Issue of duplicate license for driving school5000
Appeal fee against RTO500

संक्षेप में

आज के पोस्ट में हमने जाना की ड्राइविंग लाइसेंस क्या है (What is driving license in hindi). इसके अलावा हमने ये भी जाना की ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बनवाए? इसका होना उस हर इंसान के लिए जरुरी है जो two wheeler या फिर four wheeler चलाना चाहता है. लगभग हर इन्सान ड्राइविंग का शौक़ीन होता है लेकिन जिन्हें शौक नहीं होता है वो भी गाडी चलाना सीखना पड़ता है क्यूंकि हर इन्सान को एक जगह से दूसरी जगह जाना होता है. घर के कई काम को करने के लिए ये काफी जरुरी है. यही वजह है की हर कोई जानना चाहता है की इसे बनाने में कितना पैसा लगता है और इसके लिए डॉक्यूमेंट क्या चाहिए.

इसके बिना सड़क में जाकर वाहन की ड्राइविंग नहीं की जा सकती है क्यूंकि ये एक बहुत बड़ा कानूनन अपराध कहलाता है और इसके लिए जुरमाना और सजा भी हो सकती है. इसीलिए इसका ज्ञान होना driving licence information in hindi काफी जरुरी है. तो अगर आपको ये पोस्ट अच लगा हो तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम में अधिक से अधिक शेयर करें.

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